केंद्रीय बजट 2026 से पहले देशभर में बजट को लेकर उम्मीदें तेज़ हो गई हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी 2026 को अपना नौवां लगातार बजट भाषण पेश करेंगी। खास बात यह है कि करीब 10 साल बाद पहली बार केंद्रीय बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा।
बजट सत्र की शुरुआत 28 जनवरी 2026 को होगी। इस दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) को संयुक्त रूप से संबोधित करेंगी। इसके बाद संसद की बैठक 29 जनवरी को भी होगी। उसी दिन सुबह 11 बजे, मुख्य आर्थिक सलाहकार वी. अनंथा नागेश्वरन आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश करेंगे।
आर्थिक सर्वेक्षण देश की आर्थिक स्थिति का पूरा विवरण देता है और परंपरा के अनुसार यह बजट से एक दिन पहले प्रस्तुत किया जाता है।
बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी को समाप्त होगा। दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद संसद के दोनों सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिए जाएंगे।
बजट 2026 में किन बातों पर रहेगा फोकस
केंद्रीय बजट 2026 का मुख्य उद्देश्य भारत की आर्थिक विकास दर को और तेज़ करना है। इसके लिए सरकार कई क्षेत्रों में निवेश बढ़ा सकती है।
मुख्य क्षेत्रों में शामिल हैं —
रेलवे, इंफ्रास्ट्रक्चर, शहरी विकास, मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स, MSME, नवीकरणीय ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि और लॉजिस्टिक्स।
पिछले बजट की झलक
बजट 2025 में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत दी गई थी।
12 लाख रुपये तक की आय पर इनकम टैक्स घटाया गया था।
वेतनभोगियों के लिए नई कर व्यवस्था में 12.75 लाख रुपये तक की आय टैक्स-फ्री की गई थी।
साथ ही नया आयकर कानून 2025 लागू किया गया, जो 1 अप्रैल से प्रभावी हुआ।
बजट 2026 से उम्मीदें
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, रक्षा और निर्यात पर ज़्यादा ध्यान दिया जाएगा। डिजिटल पेमेंट, साइबर सुरक्षा और फाइनेंशियल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मज़बूती मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा नेशनल क्वांटम मिशन, किसानों की समस्याएं, जलवायु जोखिम और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी सरकार के कदम देखने को मिल सकते हैं।
बजट तैयार करने वाली टीम
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को बजट तैयार करने में वित्त मंत्रालय के अनुभवी अधिकारी मदद कर रहे हैं। यह मोदी सरकार 3.0 का तीसरा पूर्ण बजट होगा, जो 7.4% आर्थिक वृद्धि और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच पेश किया जाएगा।
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026 देश की अर्थव्यवस्था, करदाताओं, उद्योगों और किसानों के लिए एक अहम दिशा तय करने वाला बजट माना जा रहा है।




























