TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पंजाब CM भगवंत मान की फिर बिगड़ी तबीयत

    भगवंत मान को ‘पोलोनियम’ से मारने की धमकी — कितना खतरनाक है यह ज़हर और क्यों बढ़ी चिंता?

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल: 17 फरवरी को कुतुब मीनार में होगा आयोजन

    पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को कहा “मेरे प्रिय मित्र, आपका स्वागत है

    पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पंजाब CM भगवंत मान की फिर बिगड़ी तबीयत

    भगवंत मान को ‘पोलोनियम’ से मारने की धमकी — कितना खतरनाक है यह ज़हर और क्यों बढ़ी चिंता?

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल

    भारत में पहला इंडिया AI फिल्म फेस्टिवल: 17 फरवरी को कुतुब मीनार में होगा आयोजन

    पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों को कहा “मेरे प्रिय मित्र, आपका स्वागत है

    पीएम मोदी ने मुंबई बैठक से पहले फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron का किया हार्दिक स्वागत

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई

    Supreme Court of India में 2023 डेटा कानून को लेकर सुनवाई, RTI कमजोर करने का आरोप

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल

    एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन

    भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे बनेगी सबसे लंबी रेल सुरंग

    ब्रह्मपुत्र के नीचे बनेगी देश की पहली रेल-रोड सुरंग, असम और पूर्वोत्तर को मिलेगा तेज़ और सीधा संपर्क

    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    Top Bonus Rounds in Ice Fishing Game Review: What Indian Players Love Most

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या ईरान के साथ भी अमेरिका वही कर सकता है, जो उसने वेनेजुएला और मादुरो के साथ किया है ?

इज़राइल और अमेरिका ईरान की मौजूदा स्थितियों का फायदा उठाते हुए सीधा दख़ल दे सकते हैं? हालांकि, तीखी बयानबाज़ी और बढ़ते तनाव के बावजूद, अमेरिका या इज़राइल ईरान में कोई सीधा सैन्य हस्तक्षेप करेंगे- इसकी संभावना कम ही नज़र आ रही है।

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
6 January 2026
in विश्व
कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

Share on FacebookShare on X

जैसे-जैसे ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक पारा एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। विश्लेषकों का एक बड़ा वर्ग वेनेज़ुएला में की गई अमेरिकी कार्रवाई की ईरान से तुलना करते हुए ये सवाल पूछ रहा है कि क्या अमेरिका ने जो कुछ वेनेजुएला में किया, वैसा ही कुछ वो ईरान में भी कर सकता है ? क्या इज़राइल और अमेरिका ईरान की मौजूदा स्थितियों का फायदा उठाते हुए सीधा दख़ल दे सकते हैं? हालांकि, तीखी बयानबाज़ी और बढ़ते तनाव के बावजूद, अमेरिका या इज़राइल ईरान में कोई सीधा सैन्य हस्तक्षेप करेंगे- इसकी संभावना कम ही नज़र आ रही है।

ईरान के भीतर मौजूदा अशांति की जड़ें मुख्य रूप से घरेलू चुनौतियों और मुसीबतों में छिपी हैं। ईरान के अलग-अलग शहरों में कई दिनों से जारी ये प्रदर्शन गहरे आर्थिक असंतोष, महंगाई, बेरोज़गारी और शासन व जवाबदेही से जुड़े पुराने मुद्दों से प्रेरित हैं। इस्लामी शासन के ख़िलाफ़ हुए इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए ताक़त का इस्तेमाल किया गया और सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में कई लोगों के मारे जाने की जानकारी है।

संबंधितपोस्ट

ईरान के करीब अमेरिका ने बढ़ाई सैन्य मौजूदगी, एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन तैनात

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

और लोड करें

इन घटनाओं पर वाशिंगटन और तेल अवीव की भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। डोनॉल्ड ट्रम्प ने तेहरान की चेतावनी दी है कि अगर आम लोगों पर गोलियां चलाईं गईं तो अमेरिका इसका बदला लेगा। लेकिन ईरान में अमेरिका के लिए सीधे हस्तक्षेप की क़ीमत रणनीतिक और सैन्य लिहाज़ से इतनी ज्यादा है कि ट्रम्प फ़िलहाल ये क़ीमत चुकाने को शायद ही तैयार हों।ईरान के विरोध प्रदर्शनों की वजह घरेलू या फिर विदेशी साज़िश ?ईरान के खामनेई नेतृत्व ने इन प्रदर्शनों को बाहरी ताक़तों की साज़िश बताने की कोशिश की है और आरोप लगाया है कि विदेशी शक्तियाँ देश की समस्याओं का फायदा उठाकर ईरान को अस्थिर करना चाहती हैं। लेकिन अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि इन विरोधों की जड़ें देश के भीतर ही हैं।

वर्षों से लागू अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान पर जबरदस्त आर्थिक दबाव है और ये लगातार गहराता जा रहा है। इससे आम लोगों की जेब और सरकार पर उनका भरोसा कमजोर हुआ है। ईरानी रियाल की क़ीमत एक डॉलर के मुकाबले 42,000 पहुँच चुकी है। खाने-पीने की चीज़ें बेतहाशा महंगी हैं और रोज़गार के अवसर लगातार घट रहे हैं। शासन में पारदर्शिता की कमी और मूलभूत नागरिक अधिकारों के दमन ने कोढ़ में खाज का काम किया, जिसकी वजह से सरकार और समाज के बीच की दूरियां और बढ़ गई हैं।इसके बावजूद, खामनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सत्ता का ईरान और वहां की संस्थाओं पर नियंत्रण अभी भी काफी मज़बूत है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स सहित सुरक्षा तंत्र अभी भी अपने शासकों के लिए वफ़ादार और पर्याप्त सक्षम हैं। यही वजह है कि केवल विरोध प्रदर्शनों के आधार पर शासन के गिरने या वेनेजुएला, लीबिया या अथवा इराक जैसे बाहरी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना कम दिखाई देती है।

ईरान के प्रदर्शन और अमेरिका की रणनीतिक सावधानी
संयुक्त राज्य अमेरिका ने बयानबाज़ी के स्तर पर काफी तीखा रुख अपनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ईरान को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों की हत्या न की जाए, और कहा कि यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका “लॉक्ड एंड लोडेड” है। ऐसे बयान प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए तो ठीक हो सकते हैं। लेकिन ट्रम्प उनके लिए ईरान में सेना उतार देंगे- फ़िलहाल तो ऐसा नहीं लगता।इतिहास बताता है कि ईरान के प्रति अमेरिकी नीति हमले की बजाय दबाव पर आधारित रही है। अमरिका, ईरान को कमज़ोर करने के लिए अभी तक प्रतिबंध, कूटनीतिक अलगाव, साइबर ऑपरेशन और कोवर्ट मिशन को ही हथियार की तरह इस्तेमाल करता आया है।अमेरिका जानता है कि उसका सीधा सैन्य हमला पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक सकता है—जिसकी आँच फ़ारस की खाड़ी, इराक, सीरिया और लेबनान तक भी पहुंचेगी।इसके अलावा, वेनेज़ुएला के विपरीत ईरान पूरी तरह कूटनीतिक रूप से अलग-थलग नहीं है। रूस और चीन के साथ उसके रणनीतिक रिश्ते हैं, जो किसी भी एकतरफ़ा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध करेंगे। यह वैश्विक संदर्भ वाशिंगटन के विकल्पों को काफी सीमित कर देता है।

तेहरान की प्रतिक्रिया: संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी बयानों को सख़्ती से खारिज किया है। वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने इसे ईरान के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप बताया और संप्रभुता व अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सिद्धांतों का हवाला दिया। तेहरान ने साफ कर दिया है कि विरोध प्रदर्शन उसका घरेलू मसला हैं और इसमें किसी भी प्रकार के बाहरी दख़ल को शत्रुतापूर्ण माना जाएगा। यही नहीं ईरान पर बाहरी (सैन्य) हस्तक्षेप के लिए किसी प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय वैधता को जुटाना भी मुश्किल है।

ईरान के प्रदर्शन और इज़राइल की भूमिका
इज़राइल की भूमिका अपेक्षाकृत अस्पष्ट बनी हुई है। तेल अवीव लंबे समय से ईरान को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक ख़तरा मानता है, ख़ासकर उसके परमाणु कार्यक्रम और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों को समर्थन के कारण। इज़राइली नेतृत्व ने ईरान पर अमेरिकी दबाव का समर्थन किया है और कहा है कि अगर उसकी सुरक्षा को सीधा ख़तरा हुआ तो वो एकतरफ़ा कार्रवाई से भी नहीं चूकेगा।
फिर भी, ईरान के आंतरिक संकट में इज़राइल की सीधी सैन्य भागीदारी अनिश्चित है। ऐसा कोई भी कदम इज़राइल को लेबनान से लेकर ग़ाज़ा, सीरिया और संभवतः रेड सी तक, यानी कई मोर्चों पर लड़ने के लिए मजबूर कर सकता है। पहले से ही युद्ध में फंसे इज़राइल के लिए सीधे सैन्य टकराव की जगह अमेरिकी प्रतिबंधों, खुफ़िया अभियानों और कूटनीतिक दबाव के साथ खड़ा रहना कहीं ज़्यादा सुरक्षित है।

ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की अगली रणनीति क्या हो सकती है ?
इन तमाम तथ्यों को ध्यान में रखें तो अमेरिका के इस इलाके में किसी बड़े सैन्य अभियान को छेड़ने की आशंका काफी सीमित दिखाई देती है। ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए ट्रम्प पुराने पैंतरे आजमाते रहेंगे इसकी संभावना ज्यादा है।अमेरिका ईरान पर प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ा सकता है, कोवर्ट ऑपरेशंस के जरिए ईरानी अधिकारियों और उसके प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान को अवैध और अलग-थलग ठहराने वाली कूटनीतिक तो जारी रहेगी ही।यह रणनीति वाशिंगटन के लिए कहीं ज्यादा मुफीद है, जिसका लक्ष्य है- जंग की अनिश्चितता से बचते हुए ईरान को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमज़ोर करना। इज़राइल भी इसी राह पर चलते हुए अमेरिका के साथ क़रीबी तालमेल बनाए रखेगा, और तभी कोई आक्रामक कदम उठाएगा, जब ईरान की तरफ़ से कोई लक्ष्मण रेखा पार होगी।

ईरान की स्थिति निस्संदेह अस्थिर है। लेकिन अभी भी वह सीमा पार नहीं हुई है जहाँ अमेरिका या इज़राइल के लिए किसी प्रकार के सीधे हस्तक्षेप की स्थिति बन सके। फिर भी, ग़लत आकलन का ख़तरा बना हुआ है। अगर प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर हत्याएँ होती हैं या अमेरिकी अथवा इज़राइली हितों पर हमला होता है, तो हालात बदल भी सकते हैं।

Tags: AmericadonaldIrantehranWashingtonईरानडोनॉल्ड ट्रम्पवाशिंगटन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन बोले- 1992 से ही अनुच्छेद 370 हटाने की मांग की

अगली पोस्ट

अरिहंत श्रेणी की नई परमाणु पनडुब्बी S4 को मिल सकता है ‘आईएनएस अरिसुदन’ नाम

संबंधित पोस्ट

20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल
भारत

एआई सम्मेलन: इमैनुएल मैक्रों, लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा के अलावा भी 20 से ज्यादा देशों के टॉप लीडर्स होंगे शामिल, एआइ के भविष्य पर करेंगे मंथन

16 February 2026

AI Impact Summit 2026 में दुनिया भर के कई बड़े नेता और गणमान्य हस्तियां भाग ले रहे हैं। नई दिल्ली में आयोजित इस महत्वपूर्ण शिखर...

भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन
भारत

भारत मंडपम में शुरू हुआ ग्लोबल एआई सम्मेलन, पीएम बोले– तकनीक में भारत बन रहा विश्व नेता

16 February 2026

भारत की राजधानी नई दिल्ली में ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की शानदार शुरुआत हो गई है। यह कार्यक्रम 16 से 20 फरवरी तक चलेगा।...

भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव
भारत

रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

10 February 2026

भारत पिछले कुछ वर्षों से रूसी कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) पर काफी निर्भर रहा है, क्योंकि रूस से तेल सस्ता और आसानी से उपलब्ध था।...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited