TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India GDP DEBATE Q1 FY 2027

    India GDP DEBATE: जीडीपी की तेज रफ्तार या आंकड़ों का खेल? जानिए सच

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    RBI Purpose Codes in 2026: How Your Incoming Foreign Payment Gets Classified

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्या ईरान के साथ भी अमेरिका वही कर सकता है, जो उसने वेनेजुएला और मादुरो के साथ किया है ?

इज़राइल और अमेरिका ईरान की मौजूदा स्थितियों का फायदा उठाते हुए सीधा दख़ल दे सकते हैं? हालांकि, तीखी बयानबाज़ी और बढ़ते तनाव के बावजूद, अमेरिका या इज़राइल ईरान में कोई सीधा सैन्य हस्तक्षेप करेंगे- इसकी संभावना कम ही नज़र आ रही है।

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
6 January 2026
in विश्व
कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

कट्टर इस्लामी आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील

Share on FacebookShare on X

जैसे-जैसे ईरान में विरोध प्रदर्शन जारी हैं, मध्य-पूर्व में भू-राजनीतिक पारा एक बार फिर बढ़ता जा रहा है। विश्लेषकों का एक बड़ा वर्ग वेनेज़ुएला में की गई अमेरिकी कार्रवाई की ईरान से तुलना करते हुए ये सवाल पूछ रहा है कि क्या अमेरिका ने जो कुछ वेनेजुएला में किया, वैसा ही कुछ वो ईरान में भी कर सकता है ? क्या इज़राइल और अमेरिका ईरान की मौजूदा स्थितियों का फायदा उठाते हुए सीधा दख़ल दे सकते हैं? हालांकि, तीखी बयानबाज़ी और बढ़ते तनाव के बावजूद, अमेरिका या इज़राइल ईरान में कोई सीधा सैन्य हस्तक्षेप करेंगे- इसकी संभावना कम ही नज़र आ रही है।

ईरान के भीतर मौजूदा अशांति की जड़ें मुख्य रूप से घरेलू चुनौतियों और मुसीबतों में छिपी हैं। ईरान के अलग-अलग शहरों में कई दिनों से जारी ये प्रदर्शन गहरे आर्थिक असंतोष, महंगाई, बेरोज़गारी और शासन व जवाबदेही से जुड़े पुराने मुद्दों से प्रेरित हैं। इस्लामी शासन के ख़िलाफ़ हुए इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए ताक़त का इस्तेमाल किया गया और सुरक्षाबलों के साथ हुई झड़प में कई लोगों के मारे जाने की जानकारी है।

संबंधितपोस्ट

ट्रंप का बड़ा दावा: ईरान के रणनीतिक जलमार्गों पर अमेरिका का लगभग नियंत्रण, परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

ईरान का बड़ा जवाबी हमला, कुवैत में पैट्रियट सिस्टम और जॉर्डन में THAAD रडार नष्ट करने का दावा

और लोड करें

इन घटनाओं पर वाशिंगटन और तेल अवीव की भी तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। डोनॉल्ड ट्रम्प ने तेहरान की चेतावनी दी है कि अगर आम लोगों पर गोलियां चलाईं गईं तो अमेरिका इसका बदला लेगा। लेकिन ईरान में अमेरिका के लिए सीधे हस्तक्षेप की क़ीमत रणनीतिक और सैन्य लिहाज़ से इतनी ज्यादा है कि ट्रम्प फ़िलहाल ये क़ीमत चुकाने को शायद ही तैयार हों।ईरान के विरोध प्रदर्शनों की वजह घरेलू या फिर विदेशी साज़िश ?ईरान के खामनेई नेतृत्व ने इन प्रदर्शनों को बाहरी ताक़तों की साज़िश बताने की कोशिश की है और आरोप लगाया है कि विदेशी शक्तियाँ देश की समस्याओं का फायदा उठाकर ईरान को अस्थिर करना चाहती हैं। लेकिन अधिकांश विश्लेषकों का मानना है कि इन विरोधों की जड़ें देश के भीतर ही हैं।

वर्षों से लागू अमेरिकी प्रतिबंधों के चलते ईरान पर जबरदस्त आर्थिक दबाव है और ये लगातार गहराता जा रहा है। इससे आम लोगों की जेब और सरकार पर उनका भरोसा कमजोर हुआ है। ईरानी रियाल की क़ीमत एक डॉलर के मुकाबले 42,000 पहुँच चुकी है। खाने-पीने की चीज़ें बेतहाशा महंगी हैं और रोज़गार के अवसर लगातार घट रहे हैं। शासन में पारदर्शिता की कमी और मूलभूत नागरिक अधिकारों के दमन ने कोढ़ में खाज का काम किया, जिसकी वजह से सरकार और समाज के बीच की दूरियां और बढ़ गई हैं।इसके बावजूद, खामनेई के नेतृत्व वाली इस्लामी सत्ता का ईरान और वहां की संस्थाओं पर नियंत्रण अभी भी काफी मज़बूत है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स सहित सुरक्षा तंत्र अभी भी अपने शासकों के लिए वफ़ादार और पर्याप्त सक्षम हैं। यही वजह है कि केवल विरोध प्रदर्शनों के आधार पर शासन के गिरने या वेनेजुएला, लीबिया या अथवा इराक जैसे बाहरी सैन्य हस्तक्षेप की संभावना कम दिखाई देती है।

ईरान के प्रदर्शन और अमेरिका की रणनीतिक सावधानी
संयुक्त राज्य अमेरिका ने बयानबाज़ी के स्तर पर काफी तीखा रुख अपनाया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से ईरान को चेतावनी दी कि प्रदर्शनकारियों की हत्या न की जाए, और कहा कि यदि ऐसा हुआ तो अमेरिका “लॉक्ड एंड लोडेड” है। ऐसे बयान प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता और प्रतिबद्धता दिखाने के लिए तो ठीक हो सकते हैं। लेकिन ट्रम्प उनके लिए ईरान में सेना उतार देंगे- फ़िलहाल तो ऐसा नहीं लगता।इतिहास बताता है कि ईरान के प्रति अमेरिकी नीति हमले की बजाय दबाव पर आधारित रही है। अमरिका, ईरान को कमज़ोर करने के लिए अभी तक प्रतिबंध, कूटनीतिक अलगाव, साइबर ऑपरेशन और कोवर्ट मिशन को ही हथियार की तरह इस्तेमाल करता आया है।अमेरिका जानता है कि उसका सीधा सैन्य हमला पूरे क्षेत्र को युद्ध में झोंक सकता है—जिसकी आँच फ़ारस की खाड़ी, इराक, सीरिया और लेबनान तक भी पहुंचेगी।इसके अलावा, वेनेज़ुएला के विपरीत ईरान पूरी तरह कूटनीतिक रूप से अलग-थलग नहीं है। रूस और चीन के साथ उसके रणनीतिक रिश्ते हैं, जो किसी भी एकतरफ़ा अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का कड़ा विरोध करेंगे। यह वैश्विक संदर्भ वाशिंगटन के विकल्पों को काफी सीमित कर देता है।

तेहरान की प्रतिक्रिया: संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय क़ानून
ईरानी अधिकारियों ने अमेरिकी बयानों को सख़्ती से खारिज किया है। वरिष्ठ नेता अली लारीजानी ने इसे ईरान के आंतरिक मामलों में खुला हस्तक्षेप बताया और संप्रभुता व अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सिद्धांतों का हवाला दिया। तेहरान ने साफ कर दिया है कि विरोध प्रदर्शन उसका घरेलू मसला हैं और इसमें किसी भी प्रकार के बाहरी दख़ल को शत्रुतापूर्ण माना जाएगा। यही नहीं ईरान पर बाहरी (सैन्य) हस्तक्षेप के लिए किसी प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय वैधता को जुटाना भी मुश्किल है।

ईरान के प्रदर्शन और इज़राइल की भूमिका
इज़राइल की भूमिका अपेक्षाकृत अस्पष्ट बनी हुई है। तेल अवीव लंबे समय से ईरान को अपना सबसे बड़ा रणनीतिक ख़तरा मानता है, ख़ासकर उसके परमाणु कार्यक्रम और हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों को समर्थन के कारण। इज़राइली नेतृत्व ने ईरान पर अमेरिकी दबाव का समर्थन किया है और कहा है कि अगर उसकी सुरक्षा को सीधा ख़तरा हुआ तो वो एकतरफ़ा कार्रवाई से भी नहीं चूकेगा।
फिर भी, ईरान के आंतरिक संकट में इज़राइल की सीधी सैन्य भागीदारी अनिश्चित है। ऐसा कोई भी कदम इज़राइल को लेबनान से लेकर ग़ाज़ा, सीरिया और संभवतः रेड सी तक, यानी कई मोर्चों पर लड़ने के लिए मजबूर कर सकता है। पहले से ही युद्ध में फंसे इज़राइल के लिए सीधे सैन्य टकराव की जगह अमेरिकी प्रतिबंधों, खुफ़िया अभियानों और कूटनीतिक दबाव के साथ खड़ा रहना कहीं ज़्यादा सुरक्षित है।

ईरान पर अमेरिका और इज़राइल की अगली रणनीति क्या हो सकती है ?
इन तमाम तथ्यों को ध्यान में रखें तो अमेरिका के इस इलाके में किसी बड़े सैन्य अभियान को छेड़ने की आशंका काफी सीमित दिखाई देती है। ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए ट्रम्प पुराने पैंतरे आजमाते रहेंगे इसकी संभावना ज्यादा है।अमेरिका ईरान पर प्रतिबंधों का दायरा और बढ़ा सकता है, कोवर्ट ऑपरेशंस के जरिए ईरानी अधिकारियों और उसके प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सकता है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान को अवैध और अलग-थलग ठहराने वाली कूटनीतिक तो जारी रहेगी ही।यह रणनीति वाशिंगटन के लिए कहीं ज्यादा मुफीद है, जिसका लक्ष्य है- जंग की अनिश्चितता से बचते हुए ईरान को आर्थिक और राजनीतिक रूप से कमज़ोर करना। इज़राइल भी इसी राह पर चलते हुए अमेरिका के साथ क़रीबी तालमेल बनाए रखेगा, और तभी कोई आक्रामक कदम उठाएगा, जब ईरान की तरफ़ से कोई लक्ष्मण रेखा पार होगी।

ईरान की स्थिति निस्संदेह अस्थिर है। लेकिन अभी भी वह सीमा पार नहीं हुई है जहाँ अमेरिका या इज़राइल के लिए किसी प्रकार के सीधे हस्तक्षेप की स्थिति बन सके। फिर भी, ग़लत आकलन का ख़तरा बना हुआ है। अगर प्रदर्शनकारियों की बड़े पैमाने पर हत्याएँ होती हैं या अमेरिकी अथवा इज़राइली हितों पर हमला होता है, तो हालात बदल भी सकते हैं।

Tags: AmericadonaldIrantehranWashingtonईरानडोनॉल्ड ट्रम्पवाशिंगटन
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

ब्रिटिश सांसद बॉब ब्लैकमैन बोले- 1992 से ही अनुच्छेद 370 हटाने की मांग की

अगली पोस्ट

अरिहंत श्रेणी की नई परमाणु पनडुब्बी S4 को मिल सकता है ‘आईएनएस अरिसुदन’ नाम

संबंधित पोस्ट

मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था
मत

हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

3 September 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के वैश्विक संपर्क अभियान के तहत सरसंघचालक मोहन भागवत वैश्विक प्रवास पर हैं। इस अभियान के तहत उन्होंने अमेरिका...

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग
AMERIKA

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

6 August 2026

अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना राज्य के कैसवेल काउंटी में बुधवार सुबह एक घर में हुई गोलीबारी से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना में कई...

क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है
चर्चित

क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

31 July 2026

ज़रा कल्पना कीजिए...आप एक सुबह उठते हैं और देखते हैं कि हजारों लोग आपके शहर में प्रवेश कर चुके हैं। सड़कों पर भारी भीड़ है,...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32

QRSAM to Akash NG: India’s Massive Push to Build 2,000 Indigenous Air Defence Missiles | DRDO| IAF

00:04:05

MQ-9B SeaGuardian: Why India Needs More Eyes Over the Indian Ocean | NAVY | USA | Hormuz

00:03:51
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited