प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह समझौता वैश्विक जीडीपी का 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार का एक तिहाई हिस्सा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इसे “सबसे अहम समझौता” या ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता 140 करोड़ भारतीयों और यूरोप के लोगों के लिए कई नए अवसर लेकर आएगा।
मोदी ने ‘भारतीय ऊर्जा सप्ताह’ के कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं – भारत और यूरोपीय संघ – के बीच सहयोग का शानदार उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यह समझौता ब्रिटेन और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) के साथ हुए समझौतों को भी पूरा करेगा और इससे वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन मजबूत होगी।
प्रधानमंत्री ने वस्त्र, रत्न और आभूषण, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे क्षेत्रों से जुड़े युवाओं और कारोबारियों को भी बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देगा, बल्कि सेवा क्षेत्र के विस्तार में भी मदद करेगा।
मोदी ने जोर देकर कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता दुनिया भर के व्यवसाय और निवेशकों का भारत पर भरोसा बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि भारत हर क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा दे रहा है और यह समझौता इसके लिए एक बड़ा कदम है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे भारत और यूरोप के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी का प्रतीक बताया और सभी को इसके महत्व के लिए बधाई दी।






























