जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस के साथ संयुक्त अभियान में पंजाब पुलिस ने गणतंत्र दिवस से पहले प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) की एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम कर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, होशियारपुर के गढ़शंकर इलाके से चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिलजोत सिंह सैनी, हरमन उर्फ हैरी, अजय उर्फ मेहरा और अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श कंडोला के रूप में हुई है। पंजाब पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन चारों के पास से एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद की गई है, जिसमें 2.5 किलो आरडीएक्स था। इसके अलावा दो पिस्तौल और कारतूस भी जब्त किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह आतंकी मॉड्यूल अमेरिका में बैठे बब्बर खालसा के हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि बरामद आईईडी का इस्तेमाल आगामी गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान किसी लक्षित आतंकी हमले में किया जाना था।
गढ़शंकर थाने में आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि मामले की आगे की जांच जारी है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक पोस्ट में पंजाब पुलिस के डीजीपी ने कहा कि पाकिस्तान की आईएसआई समर्थित आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की गई है। उन्होंने बताया कि होशियारपुर पुलिस और जालंधर काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त कार्रवाई में बब्बर खालसा इंटरनेशनल के एक आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया गया है और 2.5 किलो आरडीएक्स से भरी एक आईईडी तथा दो पिस्तौल बरामद की गई हैं।
डीजीपी ने आगे कहा कि यह मॉड्यूल अमेरिका में बैठे बब्बर खालसा के हैंडलरों द्वारा संचालित किया जा रहा था और शुरुआती जांच से पता चलता है कि गणतंत्र दिवस को ध्यान में रखते हुए आतंकी हमला करने की योजना थी।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब पुलिस पाकिस्तान की आईएसआई द्वारा समर्थित अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और संगठित अपराध नेटवर्क को खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सुरक्षा और सद्भाव बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रही है।
इससे पहले 21 जनवरी को खुफिया एजेंसियों ने गणतंत्र दिवस से पहले एक बड़े खुलासे में ‘ऑपरेशन 26-26’ नाम से संभावित आतंकी हमले की चेतावनी दी थी। इसके बाद दिल्ली और जम्मू-कश्मीर में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था।
खुफिया इनपुट के आधार पर आशंका जताई गई थी कि 26 जनवरी को या उससे पहले समन्वित आतंकी हमले किए जा सकते हैं। इसी को देखते हुए बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया।
सूत्रों के अनुसार, संभावित निशानों में अयोध्या का राम मंदिर, जम्मू का रघुनाथ मंदिर और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थल व शहर शामिल हैं।
एनडीटीवी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि इस साजिश को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के जरिए अंजाम देने की कोशिश कर रही है, जिसमें पंजाब के कुछ गैंगस्टरों का सहयोग बताया जा रहा है। जैश-ए-मोहम्मद नवंबर में लाल किले के बाहर हुए कार बम धमाके के लिए भी जिम्मेदार था, जिसमें 15 लोगों की मौत हुई थी।
स्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने एहतियाती कदम और कड़े कर दिए हैं। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वांछित आतंकियों के पोस्टर लगाए गए हैं, खासकर रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और शहर के प्रवेश व निकास मार्गों पर।































