दिल्ली पुलिस ने राजधानी को नशामुक्त बनाने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस कमिश्नर सतीश गोलछा ने कहा है कि साल 2026 में ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
क्या है योजना?
पुलिस खास तौर पर झुग्गी-झोपड़ी (JJ) बस्तियों पर ध्यान दे रही है, क्योंकि इन इलाकों में नशे का कारोबार ज्यादा फैलने का खतरा रहता है। अधिकारियों का कहना है कि यहां युवाओं को आसानी से नशे की लत लगाई जाती है।
तस्करों पर सख्ती
सभी जिलों के डीसीपी को आदेश दिया गया है कि वे अपने-अपने इलाके में सक्रिय ड्रग तस्करों की पूरी जानकारी जुटाएं। इसमें उनका आपराधिक रिकॉर्ड, गिरफ्तारी की स्थिति और जमानत जैसी जानकारी शामिल होगी।
पुलिस सिर्फ छोटे पेडलर्स पर ही नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई करेगी—यानी ड्रग्स कहां से आ रहे हैं और किसके जरिए सप्लाई हो रहे हैं, इसकी भी जांच होगी। जरूरत पड़ने पर सख्त कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जागरूकता पर भी जोर
पुलिस स्कूलों, बस्तियों और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता अभियान चलाएगी। युवाओं को बताया जाएगा कि नशा उनके स्वास्थ्य और भविष्य के लिए कितना खतरनाक है। पुलिस स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों की मदद से सूचना तंत्र भी मजबूत करेगी।
पिछले साल की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस ने 2025 में 6,144 किलो नशीले पदार्थ जब्त किए। ड्रग्स के कारोबार से जुड़ी 44 संपत्तियां जब्त की गईं, जिनमें से 29 को कानूनी प्रक्रिया के बाद गिरा दिया गया।
पुलिस का कहना है कि इस बार अभियान और ज्यादा सख्त और संगठित होगा, ताकि राजधानी में ड्रग्स के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।





























