India में सरकार 1 अप्रैल 2026 से देशभर के टोल प्लाज़ा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद करने जा रही है। सरकार ने फैसला किया है कि अब नेशनल हाईवे के टोल बूथ पर कैश या मैन्युअल पेमेंट स्वीकार नहीं किया जाएगा। इसकी जगह सभी वाहन चालकों को FASTag और UPI जैसे डिजिटल भुगतान माध्यमों का इस्तेमाल करना होगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे सफर आसान होगा, ट्रैफिक कम होगा और टोल वसूली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
इलेक्ट्रॉनिक टोल कनेक्शन
यह फैसला कई सालों से चल रही इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली को बढ़ावा देने के बाद लिया गया है। FASTag, जो एक RFID आधारित सिस्टम है और बैंक खाते या प्रीपेड खाते से जुड़ा होता है, अब ज्यादातर टोल प्लाज़ा पर इस्तेमाल हो रहा है। बताया जा रहा है कि 95% से ज्यादा टोल भुगतान पहले ही डिजिटल तरीके से हो रहे हैं। इसलिए सरकार को लगता है कि अब पूरी तरह डिजिटल व्यवस्था लागू करने का सही समय है।
नए नियमों के अनुसार, जिन वाहनों में FASTag या कोई डिजिटल पेमेंट सुविधा नहीं होगी, वे टोल प्लाज़ा पर नकद भुगतान नहीं कर सकेंगे। पहले कुछ जगहों पर कैश लेन मौजूद थी, लेकिन अब उसे पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। इसलिए सभी वाहन चालकों को समय रहते FASTag लगवाने या UPI की सुविधा तैयार रखने की सलाह दी गई है।
डिजिटल भुगतान को लेकर लंबी लाइन
सरकार का मानना है कि डिजिटल भुगतान से टोल प्लाज़ा पर लगने वाली लंबी कतारें कम होंगी। नकद लेन-देन में पैसे गिनने और छुट्टा देने में समय लगता है, जिससे जाम की स्थिति बनती है। डिजिटल पेमेंट तुरंत हो जाता है, जिससे वाहन बिना ज्यादा रुके आगे बढ़ सकते हैं। इससे खासकर व्यस्त हाईवे और त्योहारों के समय यात्रा समय कम होगा।
डिजिटल टोलिंग से टोल वसूली में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। FASTag या UPI से होने वाला हर भुगतान रिकॉर्ड में दर्ज होता है, जिससे गड़बड़ी और विवाद की संभावना कम हो जाती है। यह कदम देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की नीति का भी हिस्सा है।
UPI आसान विकल्प
जो लोग अभी तक FASTag का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं, उन्हें अप्रैल 2026 से पहले इसे लगवाने की सलाह दी गई है। FASTag बैंक या फिनटेक कंपनियों द्वारा जारी किया जाता है और इसे गाड़ी के शीशे पर लगाया जाता है। जैसे ही वाहन टोल प्लाज़ा से गुजरता है, पैसे अपने आप खाते से कट जाते हैं। UPI भी एक आसान विकल्प है, जिससे बिना नकद के भुगतान किया जा सकता है।
हाईवे और ट्रैफिक विभाग भी इस बदलाव की तैयारी कर रहे हैं। लोगों को जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। टोल सिस्टम को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि तकनीकी दिक्कतें कम से कम हों। साथ ही, किसी समस्या की स्थिति में मदद के लिए हेल्पलाइन भी शुरू की गई है।
कंपनिया डिजिटल भुगतान करा रही
इस बदलाव का सबसे ज्यादा असर ट्रक ड्राइवरों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों पर पड़ेगा, क्योंकि वे लंबी दूरी तय करते हैं और कई टोल प्लाज़ा से गुजरते हैं। हालांकि कई कंपनियां पहले से ही डिजिटल भुगतान अपना चुकी हैं, लेकिन छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने FASTag की लागत और बैलेंस बनाए रखने को लेकर चिंता जताई है।
लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही है। कई लोग तेज और आसान सफर का स्वागत कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग शुरुआत में तकनीकी समस्याओं को लेकर चिंतित हैं। फिर भी सरकार को भरोसा है कि मजबूत डिजिटल सिस्टम से इन समस्याओं को संभाला जा सकेगा।
सरकार का लक्ष्य पूरे देश में एक समान और आसान डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू करना है, ताकि किसी भी राज्य में यात्रा करते समय ड्राइवर को अलग-अलग व्यवस्था का सामना न करना पड़े।
1 अप्रैल 2026 से नकद भुगतान बंद
1 अप्रैल 2026 के बाद टोल प्लाज़ा पर नकद भुगतान पूरी तरह बंद हो जाएगा। जिन वाहनों के पास डिजिटल भुगतान की सुविधा नहीं होगी, उन्हें परेशानी हो सकती है। इसलिए सरकार ने सभी से समय रहते तैयारी करने की अपील की है।
अगर यह योजना सफल रही, तो India का पूरी तरह डिजिटल टोल सिस्टम दूसरे देशों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है। यह कदम देश में परिवहन व्यवस्था को तेज, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
































