पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट में दी गई एक रिपोर्ट में पूर्व प्रधानमंत्री Imran Ahmed Khan Niazi की जेल में मिल रही चिकित्सा सुविधा, कानूनी पहुंच और रहने की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं। यह रिपोर्ट 10 फरवरी 2026 के कोर्ट आदेश के बाद अमिकस क्यूरी बैरिस्टर सलमान सफदर ने तैयार की। इसमें इमरान खान के बयान और जेल दौरे के दौरान की गई टिप्पणियां शामिल हैं।
आंखों की गंभीर बीमारी और इलाज में देरी
रिपोर्ट में सबसे बड़ी चिंता उनकी कमजोर होती नजर को लेकर जताई गई है। इस्लामाबाद के Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) के डॉक्टरों ने पाया कि उन्हें “राइट सेंट्रल रेटिनल वेन ऑक्लूजन (CRVO)” नाम की बीमारी है। यह तब होती है जब आंख की नस में खून का थक्का जम जाता है। इलाज के बावजूद उनकी दाहिनी आंख की रोशनी करीब 15 प्रतिशत रह गई है।
रिपोर्ट में इमरान खान के बयान के अनुसार, अक्टूबर 2025 तक उनकी दोनों आंखों की रोशनी सामान्य थी। उसके बाद उन्हें धुंधला दिखाई देने लगा। उन्होंने कई बार जेल अधीक्षक को इसकी शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में अचानक उनकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई। इसके बाद PIMS के डॉक्टर डॉ. मोहम्मद आरिफ ने जांच की और बताया कि खून का थक्का जमने से गंभीर नुकसान हुआ है। इंजेक्शन देने के बाद भी उनकी नजर बहुत कम सुधरी।
सलमान सफदर ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मुलाकात के दौरान इमरान खान बहुत परेशान और दुखी दिखाई दिए। उनकी आंखों से पानी आ रहा था और वे बार-बार टिश्यू से आंखें पोंछ रहे थे। रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि उनकी आंखों की जांच स्वतंत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों से तुरंत कराई जाए।
एकांत कारावास और रहने की स्थिति
रिपोर्ट में कहा गया है कि इमरान खान करीब चार साल चार महीने से अकेले बंद (एकांत कारावास) में रह रहे हैं। उन्हें सुरक्षित परिसर में एक अलग कोठरी में रखा गया है और वे दिन का बड़ा हिस्सा उसी में बिताते हैं।
गर्मी के मौसम में ज्यादा गर्मी, नमी और कीड़ों की वजह से उन्हें काफी परेशानी होती है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि फ्रिज न होने के कारण कई बार खाना खराब हो गया, जिससे उन्हें फूड पॉइजनिंग भी हुई।
कानूनी और पारिवारिक मुलाकात में दिक्कत
इमरान खान ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में उन्हें अपने मुख्य वकील और कानूनी टीम से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। इससे उन्हें अपने मामलों की जानकारी रखने और निर्देश देने में कठिनाई हो रही है।
परिवार से संपर्क भी सीमित है। पत्नी से साप्ताहिक मुलाकात की अनुमति है, लेकिन अन्य करीबी रिश्तेदारों को मिलने नहीं दिया गया। विदेश में रहने वाले उनके बेटों से फोन पर बात करने की सुविधा भी सीमित बताई गई है।
कोर्ट के लिए सिफारिशें
हालांकि इमरान खान ने कहा कि उन्हें जेल परिसर में व्यक्तिगत सुरक्षा का खतरा नहीं है, लेकिन अमिकस क्यूरी ने कोर्ट से कुछ कदम उठाने की सिफारिश की है। इनमें स्वतंत्र मेडिकल जांच, बेहतर सफाई व्यवस्था, वकीलों से मिलने की अनुमति और परिवार से ज्यादा संपर्क शामिल हैं।































