मणिपुर: घाव पर मरहम रखने लौटा भरोसे का कारवां
मणिपुर की पहाड़ियों और घाटियों में डेढ़ साल से पसरे तनाव का धुंधलका देश ने न सिर्फ़ महसूस किया था, बल्कि उसकी टीस को अपने भीतर भी जिया था। 2023 की हिंसा ने इस छोटे से राज्य को भीतर ...
मणिपुर की पहाड़ियों और घाटियों में डेढ़ साल से पसरे तनाव का धुंधलका देश ने न सिर्फ़ महसूस किया था, बल्कि उसकी टीस को अपने भीतर भी जिया था। 2023 की हिंसा ने इस छोटे से राज्य को भीतर ...
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के इतिहास के शायद सबसे विवादास्पद राष्ट्रपति रहे हैं। अपने चुनाव के पूर्व से अब तक उन्हें किसी न किसी विवाद में घसीटा गया है। ट्रंप की छवि ऐसी बनाई गई है जैसे वे शांति के ...
दुनिया में कुछ भी हो सकता है, पर जो एक चीज नहीं बदल सकती, या फिर बदलना चाहती है, वह है हमारे देश के वामपंथी पत्रकारों की घटिया मानसिकता। अभी द क्विंट वाले विवाद को ठंडा हुए एक दिन ...
पुलवामा में शहीद हुए जवानों को कारवां पत्रिका के जाति के आधार पर न सिर्फ बांटा बल्कि देश की एकजुटता पर भी हमला करने का प्रयास किया। लेफ्ट-लिबरल के मुखपत्र ने अपनी इस गंदी पत्रकारिता से एक बार फिर ...
भारत के एनएसए यानी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने अपने खिलाफ खबर छापने को लेकर ‘द कारवां’ के संपादक, रिपोर्टर व कांग्रेस नेता जयराम रमेश पर मानहानि का मामला दर्ज कराया है। अजीत डोभाल के ...
श्रवण कुमार विश्वकर्मा की कहानी किसी कॉरपोरेट बोर्डरूम या बिज़नेस स्कूल से शुरू नहीं होती। यह कहानी कानपुर की गलियों से शुरू होती है, एक मध्यमवर्गीय परिवार से, जहाँ जीवन तेज़ी से आगे बढ़ता है और फैसले योजनाओं से ...
सुनहरी रोशनी में नहाया एक मंच और उस पर रखा चमचमाता सिक्का। यह सिक्का और डाक टिकट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया। मंच की ठंडी सतह पर उकेरी हुई गरिमा-भारत माता की छवि और उनके सम्मुख खड़े स्वयंसेवक। ...
“Dare to think beyond IIMs”! निर्माता के रूप में तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के विजेता! शाहरुख खान और अमिताभ बच्चन जैसे सितारे जिसके ब्रांड का प्रोमोशन करने को तैयार हो जाये! भारत के लगभग हर जाने-माने अखबार के फ्रंट ...
ट्रेलर किसी फिल्म की रिलीज के लिए प्रत्याशा और उत्साह पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हालाँकि, कुछ मामलों में, उनका विपरीत प्रभाव भी हो सकता है, जिससे बहुप्रतीक्षित फिल्मों के प्रति उत्साह कम हो सकता है। यहां, ...
बचपन में सुने थे, “सूत न कपास, जुलाहे मा लट्ठम लट्ठ!” आज चंद्रयान 3 के प्रक्षेपण से पूर्व इसका जीता जागता उदाहरण देख भी लिए। अपने अपने कुर्सी की पेटी बांध लें, क्योंकि चंद्रयान चंद्रमा की ओर अग्रसर है, ...
भारतीय सिनेमा जगत में ऐसे अनगिनत अभिनेता हुए हैं जिन्होंने अपने असाधारण अभिनय से अमिट छाप छोड़ी है। इन अभिनेताओं ने अपनी प्रतिभा, समर्पण और बहुमुखी प्रतिभा से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। हालाँकि, यह निराशाजनक है कि ...
भारतीय सिनेमा अक्सर अपने लार्जर दैन लाइफ चित्रण एवं दमदार भूमिकाओं के लिए चर्चित है। एक फिल्म की उत्कृष्टता केवल उसके मुख्य अभिनेताओं से ही परिभाषित नहीं होती, अपितु उनसे भी होती है, जो सीमित स्क्रीन स्पेस में भी ...


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