आदिगुरू शंकराचार्य की कामरूप (असम) यात्रा, तांत्रिकों से शास्त्रार्थ और उन पर मारण मंत्र का प्रयोग
यह कथा संत श्री माधवाचार्य द्वारा रचित ‘श्री शंकर दिग्विजय’ नामक ग्रंथ से ली गई है। गुरुदेव श्री गोविंद भगवत्पाद जी के आश्रम में शिक्षा पूर्ण होने के बाद उन्होंने शंकराचार्य जी को काशी जाने का आदेश...






















