मां काली का अपमान और ममता का मौन: बंगाल में तुष्टीकरण राज की भयावह सच्चाई
जब मां काली की मूर्ति का सिर काट दिया जाए और सत्ता मौन रह जाए, तो यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सभ्यता और श्रद्धा के खिलाफ युद्ध बन जाता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना...
जब मां काली की मूर्ति का सिर काट दिया जाए और सत्ता मौन रह जाए, तो यह केवल एक अपराध नहीं, बल्कि सभ्यता और श्रद्धा के खिलाफ युद्ध बन जाता है। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना...
बिहार की राजनीति एक बार फिर चुनावी तापमान पर है। हर पार्टी जनता को रिझाने की कोशिश में है, लेकिन इस बार जो वर्ग सबसे निर्णायक बन गया है, वह है जीविका दीदियों का नेटवर्क, यानी वो...
भारतीय सेना में भर्ती की प्रकृति बदल रही है और शायद यह बदलाव केवल नीतिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा दर्शन का संकेत है। जिस अग्निपथ योजना को 2022 में पेश किया गया था, वह अब अपने निर्णायक...
भारत और अमेरिका के बीच बहु-प्रतीक्षित व्यापार समझौते की खबर पिछले दो दिनों से भारतीय मीडिया में चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस डील से भारतीय निर्यातकों को भारी राहत मिल...
जून 2025 में सऊदी अरब ने आधिकारिक रूप से अपने विवादित कफाला प्रणाली को समाप्त करने की घोषणा की। यह एक ऐसा कदम था, जिसे दुनिया ने मानवाधिकारों की ऐतिहासिक जीत कहा। लेकिन इस बदलाव के पीछे...
बिहार की राजनीति इस वक्त फिर उसी पुराने मोड़ पर लौटती दिखाई दे रही है, जहां गठबंधन एकता का ढोल तो पीट रहा है, लेकिन उसके भीतर अविश्वास का संगीत बज रहा है। 2025 के विधानसभा चुनाव...
दिवाली की अगली सुबह आए अख़बारों में जो ख़बर पहले पेज में सबसे प्रमुखता के साथ छपी है, उसके अनुसार दिल्ली देश का ही नहीं दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर है। वैसे ये आम ट्रेंड बन चुका है-...
गोरखपुर के पावन मंच से जब योगी आदित्यनाथ ने यह कहा कि राजनीतिक इस्लाम ने सनातन धर्म को सबसे बड़ा झटका दिया है, तो यह केवल एक राजनीतिक भाषण नहीं था, यह इतिहास के दबे हुए अध्यायों...
कतर की मध्यस्थता से जन्मा पाकिस्तान-अफगानिस्तान शांति समझौता इस वक्त एशियाई कूटनीति का सबसे नाजुक धागा बन चुका है। दस्तावेज़ों में लिखी बातें, प्रेस विज्ञप्तियों में दिए गए बयान और कैमरों के सामने किए गए हस्ताक्षर भले...
भारत की हर परंपरा की जड़ में कोई गहरी कथा होती है। कहीं विश्वास, कहीं भय, कहीं प्रेम और कहीं उन तीनों का सम्मिश्रण। भाई दूज, जो अधिकांश भारत में रक्षाबंधन की तरह भाई-बहन के स्नेह का...
भारत के राजनीतिक इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो केवल संगठन की नहीं, बल्कि एक विचार की जन्मतिथि होती हैं। 21 अक्टूबर 1951 यही वह दिन था जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिल्ली के...
1942 का वर्ष भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में केवल एक तारीख़ नहीं था, यह उस समय की गवाही थी, जब देश के भीतर और बाहर दोनों जगह स्वतंत्रता की आग प्रज्वलित हुई। यह वह दौर...


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