डॉ. मुखर्जी से मोदी तक: भारतीय जनसंघ का विचार भारत का स्वरूप कैसे गढ़ गया
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    दिमागी नक्सल

    बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला

    राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    बच्चे आपके, संस्कार किसके?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    Lalithaa Jewellery Mart IPO: A Look at India’s Gold and Jewellery Retail Boom

    1947 to 2026 Independence Day Nehru to Modi

    Independence Day 2026: सुई बनाने से स्पेस तक, 80 साल में कितना बदला भारत?

    GOBARdhan Scheme Gas Import Bill

    GOBARdhan Scheme: ₹23,731 करोड़ की योजना से कैसे घटेगा भारत का $5 Billion गैस Import Bill?

    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    Chinese CCTV RISK

    CCTV के अंदर छिपा चीन का ‘सिक्योरिटी रिस्क’: ब्रिटेन में खुलासा, भारत में कितनी बड़ी चुनौती?

    Territorial Army AI Cyber Security and Direct Entry

    टेरिटोरियल आर्मी में अब AI और साइबर एक्सपर्ट्स की सीधी एंट्री? रक्षा मंत्रालय की नई योजना से बदल जाएगा TA का रोल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    ट्रंप का बड़ा दावा

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    80 वां स्वतंत्रता दिवस: दक्षिण भारत के गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को सलाम

    Jawaharlal Nehru

    नेहरू की वो 3 गलतियां जिन्होंने विभाजन की विभीषिका को जन्म दिया

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    ‘विभाजन की विभीषिका स्मृति दिवस’ : भारत में कई ‘मिनी पाकिस्तान’ पैदा हो चुके हैं ?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

डॉ. मुखर्जी से मोदी तक: भारतीय जनसंघ का विचार भारत का स्वरूप कैसे गढ़ गया

21 अक्टूबर 1951 यही वह दिन था जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिल्ली के एक छोटे से सम्मेलन में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। आज़ादी के चार साल बाद उनका यह कदम केवल एक राजनीतिक संगठन की नींव नहीं था, बल्कि उस विचारधारा का औपचारिक अवतरण था।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
21 October 2025
in इतिहास, चर्चित, ज्ञान, धर्म, भारत, भू-राजनीति, मत, राजनीति, समीक्षा, संस्कृति
डॉ. मुखर्जी से मोदी तक: भारतीय जनसंघ का विचार भारत का स्वरूप कैसे गढ़ गया

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस एक भारत का सपना देखा था, वह आज साकार होता दिखता है।

Share on FacebookShare on X

भारत के राजनीतिक इतिहास में कुछ तारीखें ऐसी होती हैं जो केवल संगठन की नहीं, बल्कि एक विचार की जन्मतिथि होती हैं। 21 अक्टूबर 1951 यही वह दिन था जब डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने दिल्ली के एक छोटे से सम्मेलन में भारतीय जनसंघ की स्थापना की थी। आज़ादी के चार साल बाद उनका यह कदम केवल एक राजनीतिक संगठन की नींव नहीं था, बल्कि उस विचारधारा का औपचारिक अवतरण था जो राष्ट्रवाद को भारत की राजनीति का केंद्र बनाना चाहती थी। उस समय भारत में नेहरूवादी समाजवाद और कांग्रेस की एकछत्र सत्ता का युग था। लेकिन, जनसंघ ने एक वैकल्पिक आवाज़ दी, वह आवाज़ जो कहती है कि भारत को अपनी पहचान पश्चिम की विचारधाराओं से नहीं, बल्कि अपने सांस्कृतिक स्रोतों से मिलनी चाहिए।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी कोई साधारण नेता नहीं थे। वे एक शिक्षाविद, अर्थशास्त्री, प्रशासक और राष्ट्रवादी चिंतक थे। बंगाल विश्वविद्यालय के सबसे युवा कुलपति के रूप में उन्होंने शिक्षा को राष्ट्रनिर्माण से जोड़ा। आज़ादी के बाद जब नेहरू सरकार ने कश्मीर को विशेष दर्जा देने का निर्णय लिया, तो मुखर्जी ने उसे भारत की एकता पर प्रहार माना। उन्होंने मंत्री पद से इस्तीफा देकर जनसंघ की स्थापना की, और कहा एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे। यह केवल एक नारा नहीं था, बल्कि उस युग के लिए एक चेतना का सूत्रवाक्य था।

संबंधितपोस्ट

RSS की तीन दिवसीय बैठक में डेमोग्राफी, युवाओं, नशे और विकास पर चर्चा, आत्मनिर्भर भारत पर जोर

USCIRF की RSS पर बैन की सिफारिश, अमेरिका को आईना देखने की जरुरत

15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

और लोड करें

जनसंघ का उदय ऐसे समय में हुआ जब कांग्रेस ने स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को अपने राजनीतिक प्रभुत्व में बदल दिया था। देश में वामपंथी और सेकुलर विचारधाराएं तेजी से पैर पसार रही थीं। भारत का नेतृत्व पश्चिमी मॉडलों समाजवाद और धर्मनिरपेक्षता से प्रेरणा ले रहा था, जबकि जनसंघ इस धारणा को चुनौती देता था कि राष्ट्रवाद का अर्थ सांप्रदायिकता है। उनका मानना था कि भारत की आत्मा उसकी सभ्यता, संस्कृति और धर्मनिरपेक्षता के भारतीय रूप में बसती है, जो विभाजनकारी नहीं, समन्वयकारी है। जनसंघ का सांस्कृतिक राष्ट्रवाद इसी विचार पर टिका था कि भारत का राष्ट्रभाव वेदों, उपनिषदों और रामायण-महाभारत की उस चेतना से निर्मित हुआ है, जो सहिष्णुता और एकता में विश्वास करती है।

हालांकि, 1950 और 1960 के दशक में जनसंघ को राजनीतिक स्तर पर सीमित सफलता मिली, पर वैचारिक स्तर पर उसने भारतीय राजनीति की धारा बदलनी शुरू कर दी थी। जब दूसरे दल समाजवादी और वर्ग संघर्ष की भाषा बोल रहे थे, जनसंघ राष्ट्र-प्रेम और भारतीयता की भाषा बोल रहा था। इसकी लोकप्रियता का केंद्र उत्तर भारत में तेजी से बढ़ने लगा। स्वयंसेवक संगठन आरएसएस के साथ इसके वैचारिक संबंध ने इसे मजबूत ढांचा दिया। पार्टी का संगठन अनुशासन, त्याग और विचारनिष्ठा पर आधारित था, जो इसे अन्य दलों से अलग करता था।

1967 में देश की राजनीति ने करवट ली। पहली बार कांग्रेस की पकड़ ढीली पड़ी और जनसंघ ने कई राज्यों में सत्ता में साझेदारी की। इस दौर ने साबित किया कि जनसंघ अब केवल विचार का प्रतीक नहीं रहा, वह राजनीति की वास्तविक शक्ति बन रहा था। परंतु 1975 में जब इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया, तो जनसंघ के नेताओं को भी जेल में डाल दिया गया। यहीं से भारतीय लोकतंत्र की सबसे कठिन परीक्षा शुरू हुई और जनसंघ ने उस परीक्षा में अपने संघर्ष, संयम और समर्पण से भारतीय जनता के मन में जगह बना ली।

आपातकाल के बाद जब विपक्षी दल एकजुट हुए, तब जनसंघ ने अन्य दलों के साथ मिलकर जनता पार्टी बनाई। 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनी और डॉ. मुखर्जी के विचार पहली बार सत्ता में पहुंचने की स्थिति में आए। हालांकि, यह प्रयोग ज्यादा दिन नहीं चल सका, क्योंकि विचारधारात्मक मतभेदों ने जनता पार्टी को तोड़ दिया। लेकिन, यह टूटन भी एक नए जन्म का संकेत थी। 1980 में, इसी वैचारिक प्रवाह ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के रूप में पुनर्जन्म लिया और तब से आज तक यह धारा निरंतर प्रवाहित है।

डॉ. मुखर्जी के जनसंघ से लेकर अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की भाजपा तक, यह यात्रा विचार की स्थायित्व का प्रमाण है। भाजपा ने संगठनात्मक रूप से जनसंघ की मूल आत्मा को बनाए रखा। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, आर्थिक स्वावलंबन और राष्ट्रीय एकता। वाजपेयी के नेतृत्व में इस विचार ने समरसता और मध्यमार्ग अपनाया, जबकि नरेंद्र मोदी के दौर में इसने आत्मविश्वास और निर्णायकता का रूप लिया। मोदी का सबका साथ, सबका विकास उसी राष्ट्रवादी सोच का विस्तार है जो जनसंघ के समय में एकात्म मानववाद के रूप में प्रस्तुत हुई थी। पं. दीनदयाल उपाध्याय की वह विचारधारा जो राज्य और समाज को एकजुट इकाई मानती थी।

जनसंघ ने भारत को राजनीति की उस दिशा में मोड़ा, जहां राष्ट्रवाद अपराध नहीं बल्कि गौरव बन गया। उसने यह दिखाया कि धर्म और संस्कृति को राजनीति से बाहर नहीं किया जा सकता, बल्कि वही उसके मूल्य और नैतिकता की जड़ हैं। आज जब भारत की विदेश नीति में आत्मविश्वास है, जब सेना की क्षमता पर गर्व है, जब भारत अपनी सभ्यता की बात वैश्विक मंचों पर करता है तो यह सब उसी वैचारिक आधार की परिणति है, जो 1951 में रखी गई थी।

जनसंघ का योगदान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और बौद्धिक भी था। उसने भारतीय जनमानस को यह विश्वास दिया कि राष्ट्रवाद किसी विदेशी विचारधारा का विस्तार नहीं, बल्कि भारत की आत्मा की स्वाभाविक अभिव्यक्ति है। आज की भाजपा, चाहे वह सामाजिक योजनाओं में आत्मनिर्भरता की बात करे या अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की पहचान को दृढ़ता से रखे, यह सब जनसंघ के विचार का ही विकास है।

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने जिस एक भारत का सपना देखा था, वह आज साकार होता दिखता है। अनुच्छेद 370 का हटना, आतंकवाद पर सख्त नीति और वोकल फॉर लोकल की अवधारणा ये सभी जनसंघ के राष्ट्रवादी दर्शन की आधुनिक व्याख्या हैं। नरेंद्र मोदी की सरकार उसी विचार की परिणति है, जिसने जनसंघ के समय कहा था कि भारत को अपनी जड़ों से जुड़कर ही आधुनिक बनना होगा।

जनसंघ ने जो बीज बोया था, वह आज वटवृक्ष बन चुका है। उसका तना भाजपा है, उसकी जड़ें संघ की विचारधारा में हैं और उसकी शाखाएं राष्ट्र के कोने-कोने तक फैली हैं। आज जब भारत विश्व की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जब भारत का नेतृत्व वैश्विक मंचों पर निर्णायक भूमिका निभा रहा है, तो यह उसी आत्मविश्वास का विस्तार है जो 1951 के उस छोटे से सम्मेलन में अंकुरित हुआ था।

भारत की राजनीति में जनसंघ का योगदान इसलिए अमर है, क्योंकि उसने केवल सत्ता पाने के लिए राजनीति नहीं की, बल्कि उसने राजनीति को राष्ट्र सेवा का माध्यम बनाया। उसके लिए राष्ट्र भूगोल नहीं, संस्कार था। और यही विचार भारत के भविष्य का आधार बन गया। आज जब हम जनसंघ की स्थापना का दिवस मना रहे हैं, तो यह केवल एक ऐतिहासिक स्मृति नहीं, बल्कि उस विचार की पुनर्पुष्टि है जो कहता है कि भारत केवल एक देश नहीं, एक जीवंत सभ्यता है। इस सभ्यता को राजनीति में स्वर देने का श्रेय सदा के लिए भारतीय जनसंघ को रहेगा।

Tags: BJPDr. Syama Prasad MukherjeeIndiaJan SanghNationalismPM Modirssआरएसएसजनसंघडॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जीपीएम मोदीभाजपाभारतराष्ट्रवाद
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत की बढ़ी ताकत: जल्द ही सेना में शामिल होगी 800 किलोमीटर मारक क्षमता वाली ब्रह्मोस मिसाइल, अब कांपेंगे चीन और पाकिस्तानू

अगली पोस्ट

भारतीय वायुसेना को दुनिया की तीसरी वायुसेना का खिताब, तकनीक से ज़्यादा यह है राजनीतिक इच्छाशक्ति की जीत

संबंधित पोस्ट

दिमागी नक्सल
चर्चित

बंदूक से आगे की लड़ाई  ‘दिमागी नक्सल’ और राष्ट्र को दिग्भ्रमित करने वाले नैरेटिव का खेल

22 August 2026

स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन केवल सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा नहीं होता। वह देश की दिशा,...

राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला
राजनीति

राहुल गांधी के धरने पर जेपी नड्डा का हमला, बोले- ‘कैमराजीवी’ बनकर कर रहे हैं सस्ती राजनीति

21 August 2026

संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर राहुल गांधी के धरने को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी टकराव बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री और...

Muslim NATO
भू-राजनीति

पाकिस्तान की मुस्लिम NATO रणनीति फेल, लाल सागर में पाकिस्तानी नाविकों की मौत

20 August 2026

लाल सागर में एक कमर्शियल जहाज पर हुआ हमला पाकिस्तान के लिए सिर्फ एक समुद्री हादसा नहीं है। इस घटना ने उसकी विदेश नीति और...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

Why India Needs a Bigger Navy | More Ships, More Presence, More Maritime Power

00:05:33

India’s Fighter Force Needs More Than Jets | Here’s Why 150 Trainers Matter ? IAF | HAWK | HAL

00:04:44

RAW Chief’s Dhaka Visit: Is India Rebuilding Security Ties With Bangladesh? Reset or Routine?

00:03:30

Kargil From the Sky: Inside IAF’s Operation Safed Sagar

00:05:36

India Eyes Sixth-Generation Fighters: Why FCAS Matters Beyond AMCA

00:05:03
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited