‘माई लाई’ नरसंहार की बरसी और मीनाब की स्कूली बच्चियों की सामूहिक कब्रें: क्या नागरिक चेतना में धुंधलाते जा रहे हैं युद्ध अपराधों के सबक?
साल 1969 की बात है, वॉशिंगटन के एक फ्रीलांस खोजी पत्रकार सीमोर हर्श किसी ख़बर की तलाश में थे, जिसे अखबारों में छपवाया ...

























