TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें

    समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    समीर दास की हत्या से उजागर हुई बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की मुश्किलें

    समीर दास की हत्या: बांग्लादेश में भीड़ की हिंसा और अल्पसंख्यक असुरक्षा

    14 जनवरी के बाद नए परिसर में जाएगा प्रधानमंत्री कार्यालय

    14 जनवरी के बाद नए कार्यालय में शिफ्ट होंगे पीएम मोदी, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत हो रहा तैयार

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीएम मोदी संग पतंगबाजी

    साबरमती रिवरफ्रंट पर पीेएम मोदी संग जर्मन चांसलर मर्ज ने की पतंगबाजी, लोगों ने कहा दोस्ती की पतंग

    शशि त्रिपाठी अपनी प्रदर्शनी में शहर और प्रकृति के सह-अस्तित्व को दर्शाती कला के साथ

    शशि त्रिपाठी की कला: शहर और प्रकृति के बीच का मौन संवाद

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    ईरान के ऐतिहासिक ध्वज का पुनरुत्थान: संस्कृति, बदलाव और राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक

    ईरान का ऐतिहासिक ध्वज: संस्कृति, बदलाव और गर्व का प्रतीक

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या के खिलाफ सिंध में हो रहे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन

    पाकिस्तान में हिंदू लड़के की हत्या पर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

क्यों 2019 के आम चुनाव पानीपत की तीसरी लड़ाई के समान हैं?

TFI Desk द्वारा TFI Desk
14 January 2019
in समीक्षा
पानीपत 2019

PC: India Today

Share on FacebookShare on X

आज ही के दिन पानीपत का युद्द हुआ था। भारत के इतिहास में, पानीपत की तीसरी लड़ाई बहुत महत्व रखती है। यह युद्ध 14 जनवरी, 1761 को अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली और हिंदू मराठाओं के बीच दिल्ली से लगभग 100 किलोमीटर दूर पानीपत में हुआ था। इसी युद्द ने 1761 के बाद के भारत के इतिहास को आकार दिया। आज इसलिए इस पानीपत के तीसरे युद्द की चर्चाएं प्रमुखता से की जा रही है, क्योंकि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने 2019 के लोकसभा चुनावों के संदर्भ में इस युद्द का जिक्र किया है।

1707 में मुगल शासक औरगंजेब की मौत के बाद भारत बहुत ही अस्थिर राजनीतिक स्थिति में फंस गया था। मुगल सल्तनत कमजोर पड़ रही थी। उसके साथी उसका साथ छोड़कर खुद को स्वायत्त घोषित कर रहे थे। जगह-जगह विद्रोह किये जा रहे थे। विद्रोह करने वालों में मराठा भी शामिल थे। मराठाओं ने खुद को बहुत मजबूत कर लिया था और दूसरे दक्कन से उत्तर भारत तक वो लगातार जीत हासिल कर रहे थे। सन् 1758 के करीब मराठाओं ने लाहौर और पेशावर तक अपनी पहुंच बना ली थी और अफगान शासक अहमद शाह अब्दाली के बेटे तिमुर शाह दुर्रानी को पंजाब और कश्मीर से बाहर धकेल दिया था, जिससे खफा होकर अहमद शाह अब्दाली मराठाओं से लोहा लेने के लिए अपनी बड़ी सेना के साथ पंजाब आ गया। यहां पहले छोटी लड़ाइयों में दोनों सेनाएं एक दूसरे को शह-मात देती रहीं। लेकिन अपने ही देश में अकेले पड़ने के कारण मराठाओं को धीरे-धीरे काफी नुकसान हुआ। दरअसल, मराठा राजपूतों, सिखों और जाटों को अपने साथ अब्दाली के खिलाफ लड़ने के लिए राजी नहीं कर पाए थे। वहीं, दूसरी ओर अहमद शाह को दो हिंदुस्तानी शासकों- दोआब के रोहिल्ला अफगान और अवध के शुजाउद्दौला नवाब की तरफ से मदद मिल रही थी और यही मराठाओं की हार का सबसे बड़ा कारण बना। पानीपत का तीसरा युद्ध होने तक मराठाओं की सेना इतनी कम और कमजोर हो चुकी थी कि यह युद्द एक ही दिन में खत्म हो गया था। युद्द के बाद अब्दाली की सेना ने अधिकतर मराठा लड़ाकों को या तो मार दिया था या बंदी बना लिया था।

संबंधितपोस्ट

जिनके नाम की खा रहे कमाई, उन्हीं का मजाक उड़ा रहे श्याम रंगीला: चुनाव में बेइज्जती के बाद वापस मिमिक्री पर लौटे, हरियाणा के इस कलाकार से सीखें

तिरंगा फाड़ा, PM मोदी की माँगी मौत, पोस्टरों पर मारे लात-चप्पल: कनाडा में खालिस्तानियों का उत्पात, जस्टिन ट्रूडो की शह पर हो रहा ये सब?

23 साल पहले क्या थी चुनौती, किस लक्ष्य तक नहीं करूंगा विश्राम? मोदी ने अपनी यात्रा पर कही ‘मन की बात’

और लोड करें

मराठों की हार ने उत्तर भारत में एक शून्य छोड़ दिया था जिसका परिणाम यह हुआ कि, यहां ब्रिटिश राज्य के रूप में एक ‘क्रूर शासन’ की स्थापना हो गई और इसके साथ ही भारतीयों के शोषण का दौर शुरू हो गया।

इस एक लड़ाई ने भारत को संयुक्त हिंदू साम्राज्य बनने से रोक लिया था और अगले 200 वर्षों तक भारतीयों को विदेशी शासकों की अधीनता स्वीकार करने के लिए मजबूर होना पड़ा। उस समय एकमात्र शक्ति जो भारत को गुलाम होने से रोक सकती थी वह मराठा थी। अगर मराठा अहमद शाह अब्दाली से युद्ध नहीं हारे होते तो आज का भारत निश्चित रूप से अलग होता। मराठाओं की इस हार ने भारत में ब्रिटिश ताकत के लिए रास्ते तय कर दिए थे।

मराठों की पराजय के पीछे कई कारण थे। जिसमें मुख्य कारण हिंदुओं का एकजुट नहीं होना था। इस लड़ाई के समय, हिंदुओं को विभाजित कर दिया गया था, जबकि दूसरी तरफ, मुस्लिम एक ही बैनर तले एकजुट थे। मराठों ने अकेले ही विदेशी आक्रमणकारी से लड़ाई लड़ी और उसे पानीपत की महत्वपूर्ण लड़ाई में हार का सामना करना पड़ा।  इस हार के साथ, एक नया मुहावरा मराठी भाषा में प्रचलित हो गया, “इसका तो पानीपत हो गया (वह तो हार गया)।”

साल 2019 भी, हिंदुओं के लिए कुछ ऐसा ही है। अमित शाह ने शुक्रवार को कहा है कि, बीजेपी कार्यकर्ताओं को खूब मेहनत करनी होगी। अगर बीजेपी नहीं जीती तो ये पानीपत के तीसरे युद्ध जैसा होगा, जब अफगानों ने मराठों को हरा दिया था और देश अगले दो सौ सालों के लिए विदेशी ताकतों के हाथों में चला गया था। अमित शाह ने कहा है कि मराठाओं की हार से ही देश दो सौ सालों के लिए औपनिवेशिक गुलामी के दौर में डूब गया था। अमित शाह ने कहा है, “2019 का चुनाव एक निर्णायक लड़ाई होगी।

बता दें कि, स्वतंत्रता के बाद से, हिंदू-विरोधी ताकतों ने हिंदू सभ्यता और उसकी पहचान को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने सांस्कृतिक उपनिवेशवाद को जारी रखा है और हमेशा विभिन्न माध्यमों से हिंदू विरोधी ताकतों को बढ़ावा दिया है। 2014 में, ऐसी हिंदू-विरोधी ताकतों को अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा, लेकिन वे फिर से सिर उठा रहे हैं और हिंदुओं के लिए चिंतित पार्टी को हराने के लिए अपने सहयोगियों के साथ आ रहे हैं। इस तरह की हिंदू-विरोधी ताकतें विदेशी तो नहीं हैं, लेकिन वे विदेशी आक्रमणकारियों की तुलना में हिंदू रीति-रिवाजों और भारतीय संस्कृती के अधिक विरोधी हैं। यदि हिंदुओं के दिमाग का उपनिवेशीकरण रोका जाना है, तो 2019 का साल सच्चे भारतीयों के लिए ऐसा करने का एकमात्र मौका प्रतीत होता है। यह कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि, पानीपत की चौथी लड़ाई भाजपा और महागठबंधन के बीच लड़ी जाने वाली है।

वामपंथी मीडिया पीएम मोदी को सत्ता से बाहर करने के लिए अपने स्तर पर पूरी कोशिश कर रहा है, अगर वे अपने मिशन में सफल होते हैं तो 26/11 जैसे आतंकवादी हमले हमारे दैनिक समाचार का हिस्सा होंगे, हम फिर से बड़े घोटाले और कट्टरपंथी इस्लामवादियों के बारे में सुनेंगे, ज़ाकिर नाइक को पदोन्नत किया जाएगा, हिन्दू आतंकी जैसे शब्दों को फिर से गढ़ा जाएगा, अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का दौर फिर से वापस आ जाएगा, अर्थव्यवस्था और विकास को एक गंभीर झटका लगेगा, सिर्फ एक ‘परिवार के हित’ को राष्ट्रीय हितों पर प्राथमिकता दी जाएगी। इन सब के साथ ही गठबंधन सहयोगियों के स्वार्थ की लड़ाई राजनीतिक अस्थिरता पैदा करेगी।

सिर्फ लुटियंस मीडिया ही नहीं, ऐसे और भी लोग हैं जो 2019 के लोकसभा चुनावों में पीएम मोदी को हराना चाहते हैं। उनमें से एक होंगे NOTA का प्रयोग करने वाले लोग। ज्यादातर लोग जो NOTA के लिए उत्साह से प्रचार कर रहे हैं, उनका दावा है कि, वे भाजपा समर्थक हैं और वे अब भाजपा से नाराज हैं, इसलिए वे NOTA विकल्प के लिए जा रहे हैं। अब यह तर्क सभी स्तरों पर बेतुका है। अगर आपको लगता है कि, हर कोई बुरा है, तो हमेशा कम बुरे को चुनना बेहतर है। जैसा कि ऐन रैंड ने कहा है: “हर मुद्दे के दो पक्ष हैं: एक पक्ष सही है और दूसरा गलत है, लेकिन मध्य हमेशा बुरा होता है।” वह आगे कहती है, “जो आदमी गलत है वह अभी भी सच्चाई के लिए कुछ सम्मान बरकरार रखता है।” इन नोटा वाले लोगों को यह याद दिलाने की जरूरत है कि, मराठा पानीपत की लड़ाई में इसलिए हारे क्योंकि अन्य हिंदू राजाओं ने मराठाओं का साथ देने से इनकार कर दिया था। उन हिंदू नेताओं की तटस्थता दो सदियों से भी अधिक समय तक हिंदुओं के लिए गुलामी का कारण बनी।

अमित शाह का बयान यही कहता है कि, 2019 के चुनावों में केंद्र में मजबूत और स्थिर सरकार के लिए वोट करें। जो व्यक्ति साढ़े चार साल से देश में अच्छे बदलाव ला रहा है और देश के विकास के लिए समर्पित है, उसे चुनें। यह भारत के मतदाताओं पर ही निर्भर है कि, वे इतिहास के किस पक्ष को तय करना चाहते हैं।

Tags: 2019 लोक सभा चुनावपीएम नरेंद्र मोदी
शेयर5237ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चिराग पासवान ने कहा, ‘पहले बिहार में तो खाता खोल लें फिर यूपी की सोचें’

अगली पोस्ट

शानदार नेतृत्व के लिए पीएम मोदी को मिला पहला फिलिप कोटलर अवॉर्ड

संबंधित पोस्ट

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
समीक्षा

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

20 December 2025

जीवन स्वयं एक यात्रा है, उतार-चढ़ाव से भरी, अनुभवों से सजी और निरंतर आगे बढ़ती हुई। किंतु यात्रा केवल स्थानों के बीच की भौतिक गति...

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars
समीक्षा

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars

18 December 2025

In the high-stakes world of luxury sedans, the Audi A4 has long been the "thinking person’s choice." It doesn't scream for attention like a BMW...

जनसंख्या के बदलते संतुलन पर असहज विमर्श प्रस्तुत करती पुस्तक ‘सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े’
समीक्षा

जनसंख्या के बदलते संतुलन पर असहज विमर्श प्रस्तुत करती पुस्तक ‘सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े’

15 December 2025

अंग्रेजी भाषा में कहा जाता है कि ‘डेमोग्राफी इज डेमोक्रेसी’। किसी भी देश में लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा ये इस बात पर निर्भर करता...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited