TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी ने सीधा निशाना साधा है।

    पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

    पीएम मोदी और विकसित भारत पर पुस्तक का अनावरण

    नमो बुक फेस्ट का आज आखिरी दिन: छात्रों की कलम से विकसित भारत का सपना, पीएम मोदी पर लिखी पुस्तक का विमोचन

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव

    दिल्ली में शुरू हुआ नमो जनवी पुस्तक महोत्सव, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता रहीं मुख्य अतिथि

    लोक कल्याण मार्ग पर चार छोटी-छोटी गायों को चारा खिलाया.

    पीएम मोदी ने गायों के साथ मनाया संक्राति का त्योहार, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान से लौटें भारतीय नागरिकों के आंखों में साफ दिखा डर

    ईरान से लौटे भारतीय नागरिकों ने जताया अभार ,आंखों में दिखा डर और चिंता

    अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस विवादित कदम को बेझिझक अपनाया

    माचाडो ने ट्रंप को ‘वापस जीतने’ के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया , अमेरिकी राष्ट्रपति ने बेझिझक अपनाया

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ

    ईरान से कारोबार करने वाले देशों पर अमेरिका का 25% टैरिफ , भारत पर क्या पड़ेगा असर?

    चीन में 10 जनवरी 2026 को छठा पुलिस दिवस

    10 जनवरी छठा चीनी पुलिस दिवस: विदेशों तक फैल रहा चीन का दमन, तिब्बत के बाद ताइवान पर नया निशाना

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जिनेवा से परमाणु परीक्षण तक: कहानी पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी के मित्रता की

और इस तरह देश परमाणु संपन्न बना

Abhinav Kumar द्वारा Abhinav Kumar
29 June 2019
in इतिहास
पीवी नरसिम्हा राव अटल बिहारी वाजपेयी

PC: news18.

Share on FacebookShare on X

बात मई 1996 की है, देश में चुनाव हो चुका था और 5 वर्षो के सफल कार्यकाल के बाद पीवी नरसिम्हा राव की सरकार चुनाव हार गयी थी। भाजपा उस समय सबसे बड़ी पार्टी थी और सरकार बनाने जा रही थी। अमेरिका यह नहीं चाहता था कि अटल जी सरकार बनाकर नेतृत्व करें क्योंकि वह अपने आक्रामक रक्षा नीति के लिए पहले ही चर्चित हो चुके थे। वाशिंगटन को अपनी रिपोर्ट में, तत्कालीन अमेरिकी राजदूत फ्रैंक विस्नर ने वाजपेयी के अगले भारतीय प्रधानमंत्री बनने पर चिंता जाहीर की थी। आखिर अमेरिका को अटल बिहारी वाजपाई कैसा डर था ?

इस बात का जवाब एस.एम. खान की किताब “The People’s President” में मिलता है जो उन्होंने राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम पर लिखी है। इस किताब में उन्होंने लिखा है कि प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के कार्यकाल में ही भारत परमाणु परीक्षण के लिए तैयार था लेकिन अमेरिकी दबाव में कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका था। 1996 के आम चुनावों में हार के बाद, पीवी नरसिम्हा राव ने डॉ. कलाम को अपने कार्यालय बुलाया जो उस समय प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार थे। कार्यालय में उस समय आम चुनाव जीतने वाले अटल बिहारी वाजपेयी भी उपस्थिति थे जो अगले प्रधानमंत्री बनने जा रहे थे। इस किताब के अनुसार पीवी नरसिम्हा राव ने इस बैठक को भारत के परमाणु कार्यक्रम के बारे में जानकारी देने के लिए ने बुलाया था। यह बिल्कुल अमेरिकी राष्ट्रपति प्रणाली के परमाणु कोड पारित करने जैसा था।“ इससे राजनेता की परिपक्वता का पता चलता है, जो मानते थे कि “राष्ट्र” राजनीति से बड़ा है। बेशक, परमाणु परीक्षण के लिए देश को दो साल तक इंतजार करना पड़ा। जब वाजपेयी जी फिर से 1998 में बहुमत से लौटे तभी परीक्षण सफल हुआ। इस अवधि के दौरान डॉ. कलाम ने इस राज को अपने पास सुरक्षित रखा।”

संबंधितपोस्ट

संयुक्त राष्ट्र में हिंदी की गूंज: अटल बिहारी वाजपेयी का ऐतिहासिक संबोधन

मेरा भी आरएसएस से संबंध है, जानें गृह मंत्री अमित शाह में क्यों कही यह बात

सिंधु जल संधि: नेहरू के एकतरफा समझौते के कारण कैसे दशकों तक परेशान रहा देश

और लोड करें

अमेरिका पीवी नरसिम्हा राव, वाजपेयी और कलाम की इसी जुगलबंदी और प्रखर परमाणु नीति से डरता था। और अटल जी को प्रधानमंत्री बनने से रोकने के लिए भरपूर कोशिश की।

उस समय के नेता और नेता प्रतिपक्ष के बीच का यह “समन्वय” एक अविशवसनीय उदाहरण था। पीवी नरसिम्हा राव और अटल बिहारी वाजपेयी, दोनों के लिए राष्ट्र और राष्ट्रीय सुरक्षा, सुपर पावर अमेरिका के दबाव के बावजूद सबसे ऊपर थी। दोनों नेताओं के बीच लाख वैचारिक मतभेद रहे पर राष्ट्र सबसे ऊपर था। यही खासियत है किसी भी मूर्धन्य विद्वान की जो आचरण की सार्थकता पर विश्वास करता है। यही दो प्रधानमंत्री थे जिन्होंने वास्तव में देश की देखभाल की और इसके विकास के लिए काम किया। पीवी नरसिम्हा राव, जिन्होंने विदेशी निवेश के लिए भारतीय बाजारों को उदार बनाया। उसी तरह अटल बिहारी वाजपेयी वह थे जिन्होंने दूरसंचार क्रांति, राजमार्ग क्रांति और परमाणु कार्यक्रमों के साथ विकास में नए कीर्तिमान स्थापित किये। दोनों ही नेताओं को भारत भूमि से लगाव था और दोनों कई भाषाओ के ज्ञानी थे।

यह दोनों नेता दो अलग-अलग विचारधारा की पार्टियों के नेता थे फिर भी दोनों के बीच इस तरह के समन्वय के कई और उदाहरण भी हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब 1991 के चुनाव में जीत के बाद कांग्रेस ने पीवी नरसिम्हा राव को देश के प्रधानमंत्री पद के लिए चुना, तब हमारा देश पहले से ही आर्थिक दिवालियापन की कगार पर था, और कश्मीर, पाकिस्तान और आतंकवादियों के चंगुल में फंसता जा रहा था। लेकिन इन दोनों ही मामलों पर राव ने दो फैसले लिए जिसने भारत का भविष्य बदल कर रख दिया था। पहला बाजार उदारीकरण की नीति जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था न केवल पुनर्जीवित हुई, बल्कि नई संभावनाओं के लिए भी अवसर खुले। और दूसरा उनके द्वारा प्रदर्शित वह चतुर कूटनीति थी, जिसने भारत को कश्मीर मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में अपनी पहली राजनयिक जीत दिलाई। उस समय नई दिल्ली को महसूस हो गया था कि भारत सरकार को कश्मीर से अलग करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान और इस्लामिक संगठन ओआईसी की गुटबाजी हो चुकी है। चौतरफ़ा चुनौतियों का सामना करते हुए, तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने इस मामले को अपने हाथों में ले लिया।

उन्होंने खुद जिनेवा में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रतिनिधियों की एक टीम बनाई जिसमें उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी को चुना, याद रहे वाजपेयी उस समय सदन में विपक्ष पार्टी के नेता थे। यह पहली बार हो रहा था जब एक विपक्ष का नेता हिंदुस्तान का पक्ष रखने अंतर्राष्ट्रीय स्तर यानी संयुक्त राष्ट्र संघ में जा रहा था। यदि वहां पाकिस्तान सफल हो जाता तो भारत पर UNSC के आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए जाते और देश की आन बान और शान पर प्रश्नचिन्ह लग जाता। वहां बेनजीर भुट्टो की व्यक्तिगत उपस्थिति का मुकाबला करने के लिए, पीवी नरसिम्हा राव ने अपने वित्त मंत्री मनमोहन सिंह को भेजा जो संयुक्त राष्ट्र में एक जाने माने अर्थशास्त्री थे। इस तरह के मोड़ पर, यह महत्वपूर्ण था कि कोई भी कदम गलत न हो। वो ऐसा समय था जब देश की रक्षा के लिए पार्टी की परवाह न करते हुए,पक्ष और विपक्ष के नेता एक साथ आए थे। राजनेताओं में आज भी ऐसी स्थिति और भावना कम ही देखी जाती है।

दोनों ही नेताओं के मन में एक दूसरे के लिए अगाध प्रेम था। जब 1996 में कांग्रेस की हार के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा ने भाजपा के अटल बिहारी वाजपेयी को प्रधानमंत्री नियुक्त किया और उन्हें सदन के पटल पर बहुमत साबित करने को कहा। पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव राष्ट्रपति के फैसले से निश्चित रूप से प्रसन्न थे। शपथ समारोह के दौरान वह चुपचाप वाजपेयी के पास गए,  और कहा था कि “अब मेरे अधूरे काम को पूरा करने का समय है”। इस बात को विनय सत्पथी ने अपनी पुस्तक ‘Half Lion’ में लिखा है। बता दें कि नरसिम्हा राव को हाफ lion भी कहा जाता था। इस बात को अटलजी ने भी स्वीकार किया था। 2004 में नरसिम्हा राव के शरीर का अंतिम संस्कार करने के दो दिन बाद, अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पुराने दोस्त को एक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि नरसिम्हा राव ही भारत के परमाणु कार्यक्रम के ‘true father’ थे। वाजपेयी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री बनने के कुछ दिनों बाद मई 1996 में, ‘राव ने मुझे बताया था कि बम तैयार है। मैंने बस इसे आगे बढ़ाते हुए इसका विस्फोट किया।‘

यह कथन एक स्टेटमेन के परिभाषा को परिपूर्ण करता है। आज के दौर में यह अकल्पनीय है एक दूसरे के ऊपर इतना भरोसा कि वह विदेश में हिंदुस्तान का सर नहीं झुकने देगा और दूसरे का पहले को परमाणु परीक्षण का श्रेय देना दिखाता है कि देश दल-गत राजनीति से ऊपर है। आज का विपक्ष तो वर्तमान प्रधानमंत्री को श्रेय देने के स्थान पर उनकी तुलना गंदी नाली से करता है। आज का विपक्ष तिनके भर भी उस 1991-96 के सकारात्मक विपक्ष की तरह नहीं है कि उस पर भरोसा किया जा सके और उसे अटलजी की तरह विश्व में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए भेजा जा सके। आज का विपक्ष टुकड़े-टुकड़े गुट का समर्थन करता नजर आता है जो इस मातृभूमि के टुकड़े करने का नारा लगाता है और संसद पर हमला करने वाले आतंकवादियों की जय-जय-कार करते है। आज का विपक्ष आतंकवादियों को ‘जी‘ कहकर संबोधित करता है। और तो और अपने ही सेना के शौर्य पर संदेह कर उससे सबूत की मांग करता है।

आज के नेताओं को अपने पुराने निष्ठावान नेताओं से राजनीति में किस तरह का आचरण करना चाहिए वो सीखना चाहिए। इन दोनों नेताओं ने देश के लिए अपनी पार्टी लाइन से ऊपर उठ कर काम किया और भारत को विश्व पटल पर एक महाशक्ति बनाने के लिए भरसक प्रयास किया।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: nuclear rich countryअटल बिहारी वाजपेयीपीवी नरसिम्हा
शेयर39ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एक रुके हुए शहर से दौड़ता हुआ महानगर – नोएडा 1 साल में बहुत बदल चुका है

अगली पोस्ट

पीएम मोदी ने एक बार फिर मनवाया अपनी विदेश नीति का लोहा

संबंधित पोस्ट

औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था
इतिहास

वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

26 December 2025

यह सप्ताह, वर्ष का अंतिम सप्ताह है। नए साल की दहलीज़ पर खड़े इस सप्ताह का इंतज़ार सबको ही रहता है, क्योंकि पहले क्रिसमस का...

गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया
इतिहास

वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

26 December 2025

यह सप्ताह वर्ष का अंतिम सप्ताह होता है, जिसका लोग बेसब्री से इंतज़ार करते हैं, क्योंकि इसी दौरान पहले क्रिसमस और फिर नए साल का...

23 दिसम्बर  बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द
इतिहास

23 दिसम्बर बलिदान-दिवस: परावर्तन के अग्रदूत — स्वामी श्रद्धानन्द

23 December 2025

भारत में परावर्तन आंदोलन के सबसे प्रभावशाली और निर्भीक अग्रदूत स्वामी श्रद्धानन्द थे। उनका दृढ़ विश्वास था कि भारत में निवास करने वाले मुसलमानों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited