TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अनिल अंबानी ने कैसे यस बैंक से सबसे ज्यादा कर्ज लेकर खुद का कब्र खोदा

Vikrant Thardak द्वारा Vikrant Thardak
17 March 2020
in Uncategorized
यस बैंक, अनिल अंबानी,
Share on FacebookShare on X

पिछले दिनों में हम यस बैंक की अर्श से फर्श तक पहुंचने की कहानी देख चुके हैं। यस बैंक की विफलता का सबसे बड़ा कारण उसकी कर्ज़ देने की बेहद घटिया और स्तरहीन नीति मानी गई। यस बैंक ने एस्सेल ग्रुप, CG पावर, दीवान हाउसिंग फाइनेंस और वीडियोकॉन जैसी कंपनियों को लोन दिया और ये सभी कंपनियां बाद में डूब गयी और इसका खामियाजा यस बैंक को भुगतना पड़ा। इन्हीं कंपनियों में से एक कंपनी थी अनिल अंबानी ग्रुप कंपनी, जिसने यस बैंक से भारी भरकम 14 हज़ार करोड़ का लोन लिया और इस प्रकार यह कंपनी यस बैंक की सबसे बड़ी borrower कंपनी बन गयी।

हालांकि, मुकेश अंबानी ग्रुप यह लोन चुकाने में असफल रहा जिसका सीधा असर यस बैंक की वित्तीय हालत पर पड़ा। और सिर्फ यस बैंक ही नहीं, अनिल अंबानी ग्रुप ने विदेशों में भी कई बैंकों से लोन लिया और वहां भी अनिल अंबानी ने अपने आप को defaulter घोषित कर दिया। यह दर्शाता है कि मुकेश अंबानी ने अपने असफल बिजनेस स्टाइल से ना सिर्फ अपने ग्रुप को बल्कि कई बैंकों समेत कई कंपनियों की वित्तीय हालत को खस्ता कर दिया।

संबंधितपोस्ट

अनिल अंबानी के अर्श से फर्श तक पहुंचने की कहानी।

भविष्य की रिलायंस का ‘अनिल अंबानी’ कौन होगा?

घर में कलह ना हो इसलिए ऐसे अपने साम्राज्य का बंटवारा कर रहे हैं भारतीय अरबपति मुकेश अंबानी

और लोड करें

ऐसा ही हमें तब देखने को मिला था जब इसी वर्ष फरवरी में अनिल अंबानी ने यूके की एक अदालत में जानकारी दी थी कि उनकी नेटवर्थ जीरो है, वे दिवालिया  हो चुके हैं इसलिए उनके पास चीनी बैंकों को कर्ज़ चुकाने के लिए पैसा नहीं है।

दरअसल, चीन के तीन बैंकों- इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, चाइना डेवलपमेंट बैंक और एग्जिम बैंक ऑफ चाइना ने अंबानी के खिलाफ लंदन की अदालत में केस किया था। इन बैंकों ने अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) को 2012 में 70 करोड़ डॉलर (5,000 करोड़ रुपए) का कर्ज दिया था, लेकिन आरकॉम भुगतान नहीं कर पाई। चीन के बैंकों ने UK में जब अनिल अंबानी पर केस किया तो अनिल अंबानी ने अपने आप को दिवालिया घोषित कर दिया।

इसी प्रकार अनिल अंबानी पर स्वीडन की कंपनी एरिक्सन का भी 458 करोड़ का कर्ज़ बकाया था और इस मामले में पिछले वर्ष उन पर जेल जाने तक की नौबत आ गई थी। पिछले वर्ष फरवरी में कोर्ट द्वारा अनिल अंबानी को साफ शब्दों में कह दिया गया था कि अगर वे इस कर्ज़ का भुगतान करने में असफल हो जाते हैं तो उन्हें जेल जाना होगा। उस स्थिति में अनिल अंबानी के भाई मुकेश अंबानी ने उनकी मदद की थी।

वर्ष 2007 में अनिल अम्बानी की कुल संपत्ति 45 बिलियन डॉलर थी और वे दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में छठे स्थान पर थे उनकी कुल संपत्ति बड़े भाई मुकेश अम्बानी से ज्यादा थी। आज आलम यह है कि अनिल अम्बानी को यूके की कोर्ट में जाकर अपने आप को दिवालिया घोषित करना पड़ रहा है। रिलायंस समूह के बुरे प्रदर्शन के पीछे सबसे बड़ा हाथ आरकॉम का ही था।

शुरुआती सालों में तो आरकॉम के मार्केट शेयर में 20 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली थी, लेकिन जल्द ही तकनीक के मामले में यह कंपनी बाकी कंपनियों से पिछड़ गयी। बाकी कंपनियां जीएसएम तकनीक का उपयोग कर रही थी, तो वहीं आरकॉम तब भी पुरानी सीडीएमए तकनीक का इस्तेमाल कर रही थी।

हालांकि, तब अनिल अंबानी ने आक्रामक रुख दिखाते हुए 12 महीनों के अंदर-अंदर जीएसएम तकनीक का उपयोग करना शुरू कर दिया। उसके बाद कंपनी द्वारा एक आक्रामक मूल्य नीति अपनाई गई देश के 11 केन्द्रों में 3जी स्पेक्ट्रम के लिए 8500 करोड़ रुपये के निवेश की मंजूरी दे दी गई।

इसका यह नतीजा निकला कि वर्ष 2010 के अंत तक कंपनी के साथ 10 लाख से ज़्यादा ग्राहक जुड़ गए थे। टेलीकॉम मार्केट में अचानक आई नई कंपनियों की बाढ़ ने कंपीटीशन को और ज़्यादा कड़ा कर दिया जिसका सभी टेलिकॉम कंपनियों के लाभ पर बहुत बुरा असर पड़ा। नतीजतन, आरकॉम ने 2012 में वोडाफोन के हाथों अपना नंबर 2 का स्थान खो दिया और वर्ष 2016 में तो आरकॉम नंबर 4 से भी नीचे खिसक गया।

स्पेक्ट्रम अधिग्रहण में बड़े पैमाने पर निवेश से बढ़ते कर्ज-बोझ के कारण कंपनी को 4जी की नई तकनीक में निवेश करने में बड़ी मुश्किलें पेश आईं। फर्म का कर्ज़ 2010 में 25,000 करोड़ रुपये से दोगुना हो गया, और पिछले वर्ष ही आर कॉम ने भारत में दिवालिया घोषित होने के लिए फाइल किया था।

लेकिन जब यह कंपनी डूबी तो उसने अपने साथ उन बैंकों को भी गर्त में धकेल दिया जिन्होंने अनिल अंबानी की कंपनी को कर्ज़ दिया था और आज यस बैंक की हालत देखकर इसका अनुमान भी लगाया जा सकता है। अनिल अंबानी की गलत व्यापार नीतियों की वजह से यस बैंक, IDBI समेत इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना, चाइना डेवलपमेंट बैंक और एग्जिम बैंक ऑफ चाइना जैसे चीनी बैंकों को भी भारी खामियाजा उठाना पड़ा है।

इन बैंकों में आम जनता का पैसा होता है, जो इन बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ ही डूब जाता है। लेकिन कुल मिलाकर इतना तो साफ है कि इस मामले से हमारे देश का बैंकिंग सिस्टम और व्यापार करने वाली कंपनियाँ कई बड़ी सीख ले सकती हैं, ताकि भविष्य में किसी बैंक की हालत यस बैंक जैसी ना बन सके।

Tags: अनिल अंबानीयस बैंक
शेयर12ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

“CAA-NRC हटाओ, वरना वुहान वायरस फैल जाएगा”, केंद्र सरकार को बुद्धू शेहला की फर्जी चेतावनी

अगली पोस्ट

50 से 500 वाले गणित पर अनुराग ठाकुर ने महान गणितज्ञ राहुल गांधी की धज्जियां उड़ा दी

संबंधित पोस्ट

मनरेगा
Uncategorized

मनरेगा: 1 जुलाई से बदलेगा योजना का नाम, अब ‘जी-राम-जी’ के तहत मिलेगा ग्रामीणों को रोजगार

1 July 2026

देश की सबसे बड़ी ग्रामीण रोजगार योजना मनरेगा (MGNREGA) अब नए नाम और नए स्वरूप में लागू होने जा रही है। केंद्र सरकार ने इस...

वेनेजुएला भूकंप
Uncategorized

वेनेजुएला भूकंप: रिक्टर स्केल पर महज दशमलव 3 के अंतर ने तबाही का दायरा कई गुना कैसे बढ़ा दिया?

25 June 2026

वेनेजुएला में आए 7.2 और 7.5 मैग्नीट्यूड के दो शक्तिशाली भूकंपों ने वहां कई इलाकों में भारी तबाही मचाई है। इसे वेनेजुएला में बीते 126...

डोकलाम पठार (Doklam Plateau) और सिलीगुड़ी कॉरिडोर
Uncategorized

डोकलाम टू सिलीगुड़ी कॉरिडोर : 2017 का स्टैंड ऑफ कैसे साबित हुआ भारत के लिए स्ट्रीटजिक वेक-अप कॉल ?

18 June 2026

साल 2017 में भारत, चीन और भूटान के ट्राई जंक्शन क्षेत्र के पास स्थित डोकलाम पठार अचानक ग्लोबल हेडलाइंस में दिखाई देने लगा। दरअसल पहली...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited