गांधी के परपोते का पलटवार: RSS कभी दोषी नहीं था, जैसे आज चुनाव आयोग नहीं है
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    कॉकरोच के पुतले

    दिल्ली में दशहरे पर रावण के साथ जलेगा कॉकरोच का पुतला, कॉकरोच के पुतले को लेकर चर्चा जारी

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गांधी के परपोते का पलटवार: RSS कभी दोषी नहीं था, जैसे आज चुनाव आयोग नहीं है

महात्मा गांधी के परपोते श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने राहुल गांधी को जारी किया एक तीखा और खुला पत्र।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
23 August 2025
in इतिहास, चर्चित, ज्ञान, भारत, मत, राजनीति, समीक्षा
गांधी के परपोते का पलटवार: RSS कभी दोषी नहीं था, जैसे आज चुनाव आयोग नहीं है

श्रीकृष्ण कुलकर्णी के पत्र से राहुल गांधी को लेनी चाहिए सीख।

Share on FacebookShare on X

महात्मा गांधी के परपोते श्रीकृष्ण कुलकर्णी ने बुधवार को राहुल गांधी को एक तीखा और खुला पत्र जारी किया। यह पत्र न केवल निजी टिप्पणी थी, बल्कि राहुल गांधी की निरंतर राजनीतिक लापरवाही और अपनी असफलताओं के लिए संस्थानों को दोष देने की उनकी आदत पर एक तीखी टिप्पणी थी।

संबंधितपोस्ट

नेहा बोरा की रात 11 बजे सफाई, रांका-दास को फटकार के बाद वीडियो जारी करने पर उठे सवाल

संघ की सौ वर्ष की यात्रा: नागपुर से देशव्यापी विस्तार तक

राष्ट्र सेविका समिति की शाखा – व्यक्ति निर्माण का केंद्र

और लोड करें

कुलकर्णी के प्रहार से हिली कांग्रेस

कुलकर्णी ने एक तीखे प्रहार में कांग्रेसी हलकों को हिलाकर रख दिया: “2014 में जब आपने आरएसएस पर आरोप लगाया था, तब आप गलत थे और अब जब आप चुनाव आयोग पर वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं, तब भी आप गलत हैं।”

यह कथन विशेष ध्यान देने योग्य है। यह किसी स्वयंसेवक या राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के वंश की आवाज़ है। फिर भी, यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और लाखों राष्ट्रवादियों की उस बात को सही साबित करता है, जो वे लंबे समय से मानते आए हैं कि आरएसएस और अब चुनाव आयोग की निंदा करना कांग्रेस की ऐतिहासिक विफलताओं को छिपाने का एक हताश प्रयास है, राजनीतिक दुष्प्रचार मात्र है।

कांग्रेस की राजनीति में आरएसएस का हौवा

2014 में राहुल गांधी ने महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस को घसीटने की कोशिश की थी। यह न केवल एक ऐतिहासिक विकृति थी, बल्कि नैतिक रूप से अक्षम्य बदनामी भी थी। अदालतें लंबे समय से संघ को ऐसी किसी भी संलिप्तता से मुक्त कर चुकी हैं और इतिहासकारों ने इस झूठ का पूरी तरह से पर्दाफाश कर दिया है। लेकिन, योग्यता के आधार पर वैचारिक लड़ाई लड़ने में असमर्थ, कांग्रेस ने बार-बार आरएसएस को अपना चिरकालिक हौवा बताया है। इसलिए, कुलकर्णी का यह कथन महत्वपूर्ण है। जब गांधीजी के परपोते भी सार्वजनिक रूप से घोषणा करते हैं कि बापू की हत्या में आरएसएस की कोई भूमिका नहीं थी, तो कांग्रेस का नैरेटिव ताश के पत्तों की तरह ढह जाता है।

वास्तव में 1925 में स्थापित आरएसएस ने ज़मीनी स्तर पर चुपचाप काम किया है-समाज में चरित्र, अनुशासन और सेवाभाव का निर्माण। इसका दृष्टिकोण हमेशा राष्ट्रीय एकता और हिंदू पुनर्जागरण का रहा है। ऐसे संगठन पर हत्या का आरोप लगाना न केवल ऐतिहासिक रूप से ग़लत था, बल्कि नैतिक रूप से भी घृणित था।

2014 से 2025 तक: हमला करने की राहुल की आदत

सबसे ज़्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि राहुल गांधी इतिहास से सबक नहीं ले पा रहे हैं। अगर 2014 में आरएसएस ज़िम्मेदार था, तो 2025 में चुनाव आयोग (ईसी) ज़िम्मेदार होगा। “वोट चोरी” का आरोप लगाकर उन्होंने एक बार फिर भारतीय लोकतंत्र की आधारभूत संस्था को निशाना बनाया है, ठीक उसी तरह जैसे एक दशक पहले उन्होंने आरएसएस पर बेपरवाह हमला किया था।

जैसा कि कुलकर्णी कहते हैं ये निराधार बयान जनता के विश्वास को कम करते हैं, कलह फैलाते हैं और भारत विरोधी ताकतों को बढ़ावा देते हैं। 2014 में आरएसएस और 2025 में चुनाव आयोग के बीच तुलना बहुत कुछ कहती है: यह उस मानसिकता को उजागर करती है जो वंशवादी अधिकार के आगे न झुकने वाली हर संस्था को अवैध ठहराने के लिए प्रशिक्षित है। राहुल गांधी के लिए जब लोग उन्हें अस्वीकार करते हैं तो यह कभी उनकी गलती नहीं होती। इसके लिए हमेशा आरएसएस, ईवीएम, चुनाव आयोग, न्यायपालिका या मीडिया ज़िम्मेदार होता है। दोष-स्थानांतरण के इस तंत्र में सबसे पहले सत्य ही शिकार होता है।

ऐतिहासिक समानताएं: असली “वोट चोरी”

कुलकर्णी का पत्र सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना—1946 के कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव का भी ज़िक्र करता है। 15 प्रदेश कांग्रेस समितियों में से 12 ने सरदार वल्लभभाई पटेल के लिए मतदान किया था। लेकिन महात्मा गांधी के दबाव में जवाहरलाल नेहरू को अध्यक्ष पद पर थोप दिया गया। इस एक फैसले ने इतिहास की दिशा बदल दी। भारत के लौह पुरुष पटेल, जिनके पास भारत को और मज़बूती से एकीकृत करने की दूरदर्शिता थी, को दरकिनार कर दिया गया। इसके बजाय नेहरू की दोषपूर्ण नीतियों ने आज़ादी के बाद के भारत को आकार दिया।

अगर भारत के राजनीतिक इतिहास में कभी “वोट चोरी” का कोई उदाहरण था, तो वह यही क्षण था। यह कितनी बड़ी विडंबना है कि उस वंश का उत्तराधिकारी अब वोट चोरी का रोना रो रहा है। यह सिर्फ़ पाखंड नहीं, ऐतिहासिक विस्मृति है।

आरएसएस: राष्ट्रीय एकता का संरक्षक

राहुल गांधी के झूठे आरोपों को कांग्रेस की वास्तविक ऐतिहासिक विकृतियों के साथ जोड़कर, कुलकर्णी अप्रत्यक्ष रूप से भारत के दो दृष्टिकोणों के बीच के अंतर को उजागर करते हैं: एक तरफ, एक वंशवादी कांग्रेस, जो संस्थाओं को बदनाम करके और षड्यंत्र रचकर अपना अस्तित्व बचाए हुए है। दूसरी तरफ आरएसएस, जिसने लगातार बदनामी के बावजूद सामाजिक एकता, अनुशासन और राष्ट्रवाद को मज़बूत करने के लिए चुपचाप काम किया है।

यहां तक कि महात्मा गांधी ने भी अपने मतभेदों के बावजूद स्वयंसेवकों की देशभक्ति को स्वीकार किया था।1934 में वर्धा में जब आरएसएस को बदनाम करने की कोशिश की गई, तो गांधीजी ने कहा कि मैं आरएसएस शिविर में गया था। मैं उनके अनुशासन, अस्पृश्यता के अभाव और एकता की भावना से बहुत प्रभावित हुआ। ये शब्द आज भी प्रासंगिक हैं। ये हमें याद दिलाते हैं कि आरएसएस को बदनाम करना न केवल राजनीति से प्रेरित है, बल्कि राष्ट्रीय एकता के लिए भी खतरनाक है।

राहुल गांधी के लिए आईना है यह पत्र

श्रीकृष्ण कुलकर्णी का खुला पत्र फटकार से कहीं बढ़कर है। यह राहुल गांधी के सामने एक आईना है। और यह आईना क्या दिखाता है? एक ऐसा राजनेता जिसे विरासत में अधिकार मिले हैं, लेकिन बुद्धि नहीं। एक ऐसा नेता जो अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए 2014 में आरएसएस से लेकर 2025 में चुनाव आयोग तक, हर संस्था को कमज़ोर करता है। एक ऐसा वंशवादी जो जनता द्वारा अस्वीकार किए जाने पर खुद को छोड़कर बाकी सभी को दोषी ठहराता है।

ऐसी राजनीति कांग्रेस को भले ही कुछ समय के लिए चर्चा का विषय बना दे, लेकिन भारत के लिए यह विनाशकारी है। संस्थाएं भरोसे पर टिकी रहती हैं और झूठ का कारोबार करने वाले नेता उस भरोसे को खत्म कर देते हैं। अगर महात्मा गांधी के परपोते ने खुद खड़े होकर कहा है कि “बस, बहुत हो गया”, तो अब समय आ गया है कि राहुल गांधी वही विनाशकारी गलतियां दोहराना बंद करें। आरएसएस चुपचाप और निस्वार्थ भाव से भारत की सेवा करता रहेगा, जैसा कि उसने एक सदी से किया है। वंशवादी इतिहास से सीखें या नहीं, राष्ट्र निर्माण में संघ का काम हर राजनीतिक दुष्प्रचार से ज़्यादा समय तक चलेगा।

Tags: CongressMahatma Gandhiopen letter to Rahul GandhiRahul GandhirssSardar PatelShrikrishna Kulkarniआरएसएसकांग्रेसमहात्मा गाँधीराहुल गाँधीराहुल गांधी को खुला पत्रश्रीकृष्ण कुलकर्णीसरदार पटेल
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

भारत का अगला लक्ष्य स्पेस स्टेशन, पीएम मोदी ने किया अंतरिक्ष यात्री पूल का ऐलान

अगली पोस्ट

किसी नेता को जेल से सरकार चलाने का हक नहीं, 130वें संशोधन पर बोले अमित शाह

संबंधित पोस्ट

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?
चर्चित

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?

23 October 2026

Haryana Power Crisis : हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली संकट ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है कि क्या एक ही इलाके में सरकारी...

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी
चर्चित

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी

23 October 2026

भारत में हर साल स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च अनुमानित छह करोड़ परिवारों को गरीबी रेखा के नीचे धकेल देता है। यह गंभीर चिंता 2020...

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी
चर्चित

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी, ₹50,000 करोड़ से बनेंगे 4 बड़े युद्धपोत, जानें इनकी खासियत

22 October 2026

भारतीय नौसेना ने चार बड़े युद्धपोत बनाने की लंबे समय से अटकी योजना को आगे बढ़ा दिया है। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited