TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना

    वैष्णा रॉय पर उठी आलोचना: फ्रंटलाइन की रिपोर्ट ने भारतीय मीडिया में गरमागरम बहस को जन्म दिया

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    भारत में एआई की नई शुरुआत

    भारत में एआई की नई शुरुआत: अपने मॉडल्स से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    तालिबान द्वारा मूर्तियों के विनाश के समय

    आज से ही के दिन तालिबान ने तोड़ी थीं बुद्ध की 2 हजार वर्ष पुरानी प्रतिमाएं, लेकिन भीम-मीम एकता के अनुयायी इस कृत्य पर 25 वर्ष बाद भी कुछ लिख बोल नहीं सकते

    मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी

    मार्च 1993 के मुंबई धमाकों ने शहर की सुरक्षा को चुनौती दी और नई व्यवस्थाएँ तैयार कीं

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

विमुद्रीकरण और भारत के फलते फूलते डिजिटल अर्थव्यवस्था के 5 वर्षों की आँखों देखी!

अर्थव्यवस्था का डिजिटलीकरण, कारण विमुद्रीकरण!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
8 November 2021
in अर्थव्यवस्था
डिजिटल भुगतान

Source- Google

Share on FacebookShare on X

पांच साल पहले 8 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1,000 रुपये और 500 रुपये के पुराने नोटों के विमुद्रीकरण की घोषणा की थी और इस अभूतपूर्व निर्णय का एक प्रमुख उद्देश्य डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देना और काले धन के प्रवाह को रोकना था। विमुद्रीकरण के पांच साल बाद लोग कैशलेस भुगतान मोड और डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में लोगों की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि देखी गई है। आधिकारिक डेटा के अनुसार कार्ड, नेट बैंकिंग और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस सहित विभिन्न तरीकों से डिजिटल यूपीआई देश में भुगतान के एक प्रमुख माध्यम के रूप में तेजी से उभर रहा है।

डिजिटल भुगतान के तरीकों की बढ़ती लोकप्रियता के पीछे विमुद्रीकरण ही कारण रहा है। साल 2020-21 के दौरान प्रचलन में बैंक नोटों में जो भी थोड़ी बहुत वृद्धि हुई थी, वह मुख्य रूप से महामारी के कारण लोगों द्वारा नकदी के एहतियाती प्रयोग के कारण था। UPI को 2016 में लॉन्च किया गया था और कुछ अपवादों और कारणों को छोड़कर इसके माध्यम से लेन-देन महीने-दर-महीने बढ़ ही रहा है। मूल्य के संदर्भ में अक्टूबर 2021 में इस माध्यम से लेनदेन 7.71 लाख करोड़ रुपये या 100 बिलियन अमेरिकी डालर से अधिक था। अक्टूबर में UPI के जरिए कुल 421 करोड़ ट्रांजेक्शन किए गए। इस लेख के माध्यम से हम इसी तथ्य का अवलोकन और मूल्यांकन  करेंगे कि क्या विमुद्रीकरण ने नकद रहित डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया है।

संबंधितपोस्ट

युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

SHANTI बिल: नरेन्द्र मोदी सरकार की परमाणु ऊर्जा नीति, विकसित भारत की भविष्य दृष्टि

संघ के 100 वर्ष: डॉ. हेडगेवार को भारत रत्न से सम्मानित कर शताब्दी समारोह को ख़ास बनाएगी मोदी सरकार ?

और लोड करें

और पढ़ें: कैसे मोदी सरकार ने US की धमकियों को भाव न देते हुए मास्टरकार्ड पर बैन लगा दिया

विमुद्रीकरण, इंटरनेट की कनेक्टिविटी और डिजिटलीकरण में प्रगति 

Google और द बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट “डिजिटल पेमेंट्स 2020” के अनुसार भारत में डिजिटल भुगतान साधनों के माध्यम से किए गए कुल भुगतान 2020 तक लगभग 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर पहुंच गए थे। रिपोर्ट में यह भी अनुमान लगाया गया है कि गैर-नकद लेनदेन, जो वर्तमान में सभी उपभोक्ता भुगतानों का लगभग 22% है, 2023 तक नकद लेनदेन से आगे निकल जाएगा। साथ ही जैसे-जैसे 3जी और 4जी इंटरनेट कनेक्शन की संख्या बढ़ेगी और मोबाइल उपकरणों की कीमत घटेगी, वैसे ही इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की संख्या में भी तेजी से इजाफा देखने को मिल सकता है।

एक डेलॉइट और एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) के अध्ययन में अनुमान लगाया गया था कि भारत में साल 2020 तक 600 मिलियन इंटरनेट उपयोगकर्ता होंगे और यह लक्ष्य सफलतापूर्वक प्राप्त भी किया जा चुका है। परन्तु, अभी भी नकद भुगतान का एक आकर्षक साधन बना हुआ है, क्योंकि भुगतानकर्ता और प्राप्तकर्ता को कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ता है।

और पढ़ें: ‘कोई नहीं है दूर-दूर तक’, कैसे पीएम मोदी ने ई-पेमेंट के क्षेत्र में भारत को बनाया नंबर वन

मोदी सरकार और नीति आयोग के सामूहिक प्रयास

2014 में पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया अर्थात नीति आयोग ने डिजिटल भुगतान पर जागरूकता पैदा करने के लिए एक देशव्यापी अभियान शुरू किया। यह विभिन्न मंत्रालयों और प्रशासनिक सेवाओं में सरकारी कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन कर रहा है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, “हम डिजिटल भुगतान को एक जन आंदोलन बनाना चाहते हैं। यह केवल मंत्रालयों और राज्यों के बारे में नहीं है, हम पंचायत और तालुका स्तर (जमीनी स्तर की प्रशासनिक इकाइयों) तक जाएंगे।  हमारे पास लोगों की पूरी टीम है जो लोगों को डिजिटल तकनीक सिखाएगी। यह एक संपूर्ण अभियान है, जिसमें हम डिजिटल होने में गर्व की भावना पैदा करना चाहते हैं।”

विमुद्रीकरण के कारण वित्तीय व्यवस्था तक आमजन की पहुंच

विमुद्रीकरण ने नकद के प्रभाव को खत्म किया, इस कारण लोगों ने वित्तीय संस्था तक अपनी पहुंच को सुनिश्चित किया, इसके अभ्यस्त बनें। सरकार ने भी आधार और पैन का प्रयोग कर इसे सरल बनाया। क्रेडिट सुइस ग्रुप एजी की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत का 72% उपभोक्ता लेनदेन नकद में होता है, जो चीन की तुलना में दोगुना है। डिजिटलीकरण को विकसित करने और देश के सभी क्षेत्रों में लोगों के सभी वर्गों को शामिल करने के लिए अधिक मूल्य वर्धित सेवाओं, बेहतर इंटरनेट कनेक्टिविटी, नियामक समर्थन और बाजार शिक्षा की आवश्यकता है।

मोदी सरकार ने इसे लेकर वाणिज्यिक स्तर पर काफी सराहनीय प्रयास किया है। मार्च 2019 के अंत तक जमा खातों की संख्या बढ़कर 217.40 करोड़ हो गई है। इनमें स्थानीय क्षेत्र के बैंक, भुगतान बैंक, लघु वित्त बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों सहित सभी वाणिज्यिक बैंकों के जमा खाते शामिल हैं। 30 अक्टूबर, 2019 तक 37.36 करोड़ मूल बचत जमा (BSBD) खाते थे। ऐसे खातों से डिजिटल भुगतान शुरू करने में बैंक खातों की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

और पढ़ें: विमुद्रीकरण और जीएसटी पर आख़िरकार एक ग़ैर भाजपा नेता ने की समझदारी वाली बात

डिजिटलीकरण में प्रगति के दिखते परिणाम

देश में नकद भुगतान का कोई सटीक माप नहीं है, परंतु विभिन्न डिजिटल भुगतानों की प्रगति को सटीक रूप से मापा जा सकता है। कुल मिलाकर पिछले 5 वर्षों में देश में डिजिटल भुगतानों में मात्रा और मूल्य के मामले में क्रमशः 61% और 19% की सीएजीआर देखी गई है, जो डिजिटल भुगतान की ओर एक तेज बदलाव को प्रदर्शित करता है।

डिजिटल भुगतान के भीतर खुदरा इलेक्ट्रॉनिक भुगतान, जिसमें क्रेडिट ट्रांसफर, एनईएफटी, फास्ट पेमेंट (आईएमपीएस और यूपीआई)} और डायरेक्ट डेबिट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इस कारण नकद रहित भुगतान के मामले में 65% और 42% की वृद्धि देखी गई है। कार्ड भुगतान को अपनाने से संपर्क रहित भुगतान और टोकन प्रौद्योगिकियों के रूप में नवाचारों का समर्थन किया गया है, जो विकास में योगदान कर रहे हैं।इसके अलावा भुगतान के लिए कार्ड का उपयोग नकद की उपयोग की तुलना में बढ़ रहा है।

देश में कई भुगतान प्रणालियां अब सप्ताह में सातों दिन 24 घंटे काम करती हैं, जो ग्राहकों को उनके द्वारा दी जाने वाली सुविधा के कारण डिजिटल भुगतान की ओर धकेल रही हैं। भारत में तत्काल भुगतान प्रणाली (आईएमपीएस) और एकीकृत भुगतान इंटरफेस (यूपीआई) तेजी से भुगतान के माध्यम के रूप में उभर रहे हैं। इसके अलाव 24x7x365 आधार पर (आधे घंटे के निपटान के साथ) ग्राहकों के समस्याओं का निवारण होता है।

और पढ़ें: नोबेल अर्थशास्त्री रिचर्ड एच थैलर का विमुद्रीकरण का आंकलन बेहद सटीक था

डेटा और एनालिटिक्स कंपनी GlobalData के अनुसार, भारत में डिजिटल कैश महत्वपूर्ण वृद्धि की ओर अग्रसर है। कंपनी द्वारा 2017 के कंज्यूमर पेमेंट्स इनसाइट सर्वे के अनुसार, भारत डिजिटल कैश अपनाने के मामले में वैश्विक स्तर पर शीर्ष बाजारों में से एक है, जिसमें 55.4% सर्वेक्षण उत्तरदाताओं ने संकेत दिया है कि वे इसका उपयोग करते हैं। भारत के बाद चीन और डेनमार्क का स्थान है।

सकल घरेलू उत्पाद में डिजिटल भुगतान का मूल्य 2014-15 में 660% से बढ़कर 2018-19 में 862% हो गया, जिससे भारत में डिजिटल भुगतान में बदलाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। अन्य सीपीएमआई देशों के साथ तुलना करने से पता चलता है कि भारत अर्जेंटीना, ब्राजील, चीन, दक्षिण कोरिया, तुर्की और यूके जैसे कुछ देशों में है, जहां जीडीपी के प्रतिशत के रूप में डिजिटल भुगतान का मूल्य बढ़ा है।

निष्कर्ष

विमुद्रीकरण वैश्विक और राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली कोई प्रथम और एकमात्र घटना नहीं थी। आपकी जागरूकता और ज्ञान के लिए बता दें कि अमेरिका, ब्रिटेन, नाइजीरिया और पाकिस्तान आदि देशों ने भी समय-समय पर विशेष आर्थिक उद्देश्यों की पूर्ति के लिए विमुद्रीकरण किया है। भारत में भी मोरारजी देसाई की सरकार में विमुद्रीकरण किया गया था। खास बात तो यह है कि मोदी सरकार के उलट, उस समय उन्हें आरबीआई के गवर्नर से सहमति भी प्राप्त नहीं थी। विमुद्रीकरण के 5 साल पूरे होने पर विभिन्न संस्थाएं और लोग अपने-अपने स्तर पर इसके सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव को चिन्हित करेंगे।

परंतु, आमजन को यह समझना होगा की विमुद्रीकरण एक पुनीत उद्देश्य और एक नवीन अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए किया गया एक सूचित और सराहनीय प्रयास था। हो सकता है इसमें कुछ त्रुटियां हों, जैसे कि संपूर्ण नकदी का वापस बैंकों में जमा हो जाना इत्यादि, परंतु इसमें कोई संदेह नहीं कि इसने अर्थव्यवस्था को डिजिटलीकरण की राह पर धकेला। आज एक सब्जीवाले से लेकर एक साइकिल वाले तक सभी इस माध्यम का उपयोग करते हैं। अगर आप सिर्फ अपने मोबाइल फोन के माध्यम से देश के दूसरे कोने में बैठे अपने प्रियजनों को या प्रियजनों के हेतुक राशि का आदान-प्रदान कर रहे हैं, तो निश्चित रूप से इसके पीछे सरकार के सराहनीय कदम ही हैं। एक नागरिक के तौर पर आपको इतना कृतज्ञ तो होना ही चाहिए।

Tags: मोदी सरकारविमुद्रीकरण
शेयर11ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जन धन योजना के रथ पर सवार होकर भारत ने financial inclusion में चीन को पीछे छोड़ दिया

अगली पोस्ट

आखिर इतने सारे भारतीय ब्रेट ली का सम्मान क्यों करते हैं?

संबंधित पोस्ट

एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म
अर्थव्यवस्था

एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

7 March 2026

एलपीजी की कीमतों ने  शनिवार को सरप्राइज दे दिया, बता दें कि  देशभर में घरेलू रसोई गैस (LPG) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई। तेल...

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग
व्यवसाय

Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

28 February 2026

Visakhapatnam Port Authority (VPA) अपने बेड़े को मजबूत बना रहा है। इसके लिए 60 टन बीपी (Bollard Pull) क्षमता वाले नए टग बनाए जा रहे...

सनातन दृष्टि से ए.आई.
अर्थव्यवस्था

भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

21 February 2026

भारतीय ज्ञान परंपरा (Indian Knowledge Systems – IKS) में किसी भी नवाचार का मूल्य केवल उसकी उपयोगिता से नहीं, बल्कि उसकेलोकसंग्रहऔरसर्वभूत कल्याणमें निहित योगदान से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited