TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    वह भेष बदलकर अंधेरे में निकले, और फिर कभी वापस नहीं आए: दलाई लामा का तिब्बत से पलायन

    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मोदी सरकार को अब धर्मनिरपेक्ष होना होगा, लेकिन रुकिए हम अलग धर्मनिरपेक्षता की बात कर रहे हैं

भारत को भी अन्य विकसित देशों की भांति धर्मनिरपेक्ष होने की आवश्यकता है!

Utkarsh Upadhyay द्वारा Utkarsh Upadhyay
22 February 2022
in Uncategorized, मत
मोदी सरकार को अब धर्मनिरपेक्ष होना होगा, लेकिन रुकिए हम अलग धर्मनिरपेक्षता की बात कर रहे हैं

source- google

Share on FacebookShare on X

तथाकथित सभी और विकसित धर्मनिरपेक्ष पश्चिम में ऐसे कई देश हैं, जहाँ एक धर्म के लोगों का प्रभुत्व है। ऐसे सभी देश अपने नागरिकों पर धर्म को थोपने का काम सेकुलरिज्म की आड़ में पूरा करते हैं। चौंकने की आवश्यकता नहीं है! हम आगे बतायेंगे कि कैसे यह कम किया जाता है। उससे बड़ा सवाल यह है कि यदि ऐसा ही कुछ सेकुलरिज्म भारत में होता है तो क्या प्रतिक्रियाएं होंगी उन सभी देशों की जो यह पहले से करती आ रही हैं?

निस्संदेह, आज धर्मनिरपेक्षता की आड़ में कई देश कट्टरपंथ को शह दे रहे हैं। उनका ध्येय मात्र एक विचार को पोषित कर उसका प्रभुत्व कायम करना है।  भारत इसके इतर आगे बढ़ने और कुरीतियों को कैसे धराशाई करे, उसपर एक योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ता है तो उसका वो हाल या भद्द नहीं पिटेगी जो इन सभी यूरोपीय देशों के साथ हो रहा है।

संबंधितपोस्ट

भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

तिरुवनंतपुरम रैली में मासूम बच्चे ने जीत लिया पीएम मोदी का दिल, पीएम ने भाषण रोक कहां-अपना एड्रेस लिख दो

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

और लोड करें

यदि भारत जैसा देश, इस्लामवाद के विरूद्ध उसके निदान के लिए प्रस्ताव रख दे तो इसपर प्रतिक्रिया की कल्पना की जा सकती है। एक छोटा सा बदलाव, दिल्ली में बैठी मोदी सरकार को कट्टरपंथियों पर लगाम लगाने और इस्लाम पर प्रतिबन्ध लगाने जैसे बड़े और तथाकथित आरोप जड़ दिए जाते लेकिन सभी यूरोपीय देश धर्मनिरपेक्ष हैं परंतु उनमें से कई के पास इस्लाम को विनियमित करने के लिए कानून हैं।

ऐसे में Secularism किताबी बातों में छूट गया है। असल में यह सभी देश अपने ही धर्म और संस्कृति को बढ़ाने के उपाय ढूंढ उन्हें अमल में लाने की नीति स्थापित कर चुके हैं, जिनका अनुपालन आराम से बिना किसी को भनक लगे डंके की चोट पर ऐसे किया जा रहा है जैसे उनके जैसा तटस्थ और निष्पक्ष शासन और कोई कर ही नहीं सकता है।

और पढ़ें- ‘Secularism का पाठ हमें न पढ़ाओ’, Jaishankar ने भारत के खिलाफ जहर उगलने वाली अमेरिकी और Swedishरिपोर्ट्स की धज्जियां उड़ा दीं

यूरोप में धर्मनिरपेक्षता का मतलब समझिये-

उदहारण के लिए 2015 में ऑस्ट्रिया ने धार्मिक संस्थानों के विदेशी फंडिंग पर प्रतिबंध लगा दिया। जर्मनी ने 2019 में इमामों को प्रशिक्षित करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया। इसने एक विशेष विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम बनाया। क्या हम भारत में ऐसी कल्पना कर सकते हैं? यदि हिन्दू धर्म के लिए ऐसा कुछ करने का सरकार सोचेगी भी न तो बवाल उठ जायेगा, अनुपालन करना तो दूर की बात है।

अत्यधिक विकसित देश डेनमार्क में कानून सटीक और तथ्यात्मक हैं। इसमें “Ghetto Neighbourhood” में रहने वाले बच्चों के लिए एक कानून है। यहूदी बस्ती आज की तारीख में मुस्लिम नागरिकों की एक बड़ी आबादी वाले एन्क्लेव हैं। इन मोहल्लों के बच्चों को हर हफ्ते अपने माता-पिता के अलावा कम से कम 25 घंटे बिताने चाहिए। इन 25 घंटों में इन बच्चों को ‘डेनिश मूल्यों’ की शिक्षा दी जाती है। उन्हें क्रिसमस और ईस्टर परंपराओं के बारे में सिखाया जाता है। डेनमार्क कहने को तो एक धर्मनिरपेक्ष देश है लेकिन सरकार मुस्लिम बच्चों को क्रिसमस और ईस्टर के बारे में जानने के लिए बाध्य करती है। वे डेनिश भाषा की कक्षाएं भी लेते हैं।

और पढ़ें-  केवल एक ही शक्ति Islamists को धरती से मिटा सकती है

इसपर सरकार के तर्क इस प्रकार हैं कि वह इन बच्चों का पश्चिमीकरण कर रहा है, उन्हें मॉडर्न और सभी का बातों की जानकारी देना चाह रही है और उन्हें देश की धर्मनिरपेक्ष संस्कृति के बारे में परिचित करा रही है। यह संवैधानिक रूप से अनिवार्य हस्तक्षेप है। सरकार का कहना है कि यह धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं है। यह कुछ ऐसा है जो उन्हें इस्लामवाद के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए करना चाहिए। यह एक वैश्विक पैटर्न का हिस्सा है।

भारत कैसे बदल सकता है तस्वीर-

वहीं, भारत ऐसे कुरीतियों को यदि सीधा निष्काषित करता है तो उसका प्रभाव वज्रपात की भांति देश पर पड़ेगा। इसलिए सरकार को योजनाबद्ध चरणों में फैसलों पर मुहर लगानी चाहिए। जिसमें पहले कट्टरपंथ फैला रहे मदरसों को चरणबद्ध करते हुए हर दिन कुछ संख्याओं में नित्त-प्रतिदिन बंद किया क्योंकि वहां पढ़ रहे बच्चों की नींव उनके भीतर कट्टरपंथ डालकर बर्बाद की जा रही है जिसको रोकना बेहद ज़रूरी है। यहाँ अपने ही देश में रह रहे लोगों जो उनके धर्म से विपरीत होते हैं, उनके विरुद्ध धीरे-धीरे जहर बोया जाता है जिससे वो एक दूसरे के प्रति हीन भावना पैदा कर लेते हैं।

दूसरा, मस्जिदों से तकरीरे और फतवे जारी करने वाले इमामों पर प्रतिबंध लगाने की आवश्यकता है, जिसे पुनः नित्त-प्रतिदिन प्रतिबंधित किया जाए ताकि विषैली बातों से सिर काट लाने वाले को इतना इनाम मिलेगा, ये कर लोगे तो 72 हूरें और जन्नत नसीब होगी। ऐसी बेतुकी बातों से सामाजिक स्तर पर एक दुसरे के प्रति वैमन्सयता का भाव उष्मित होता है जिसे ऐसे इमामों को प्रतिबंधित करने के बाद ही बंद किया जा सकता है।

और पढ़ें- यूरोप ने वर्ष 2021 में कैसे Islamism पर चलाया हथौड़ा

तीसरा और सबसे अहम हिस्सा जिसको चरणबद्ध तरीके से भारत के इतिहास से हटाने की आवश्यकता है वो है मुग़ल कालीन इतिहास। ऐसा नहीं है कि मुग़लों को पढाई से ही हटा दिया जाए, मूल बात यह है कि, भारत को केवल एक ही तरह की लिखित संस्कृति के बारे में अब तक पढ़ाया जाता रहा है और पढ़ाया जा रहा है। वो है मुगलों का भारत पर शासन, उन्हें हटा देना निश्चित रूप से सुलभ नहीं होगा क्योंकि मुगलों का बड़ा हस्तक्षेप भारतीय इतिहास में रहा है परन्तु उनके नकारात्मक पहलुओं को धीरे-धीरे इतिहास के पन्नों में शामिल करना बेहद आवश्यक है और हिन्दू नायकों के बारे में किताबों में भारतीय कुशल शासन का परिदृश्य पढ़ाने की एक नई रीत शुरू करने की आवश्यकता है ताकि आगामी भविष्य सकारात्मक भूतकाल को पढ़े न की नकारात्मक सोच से ग्रसित हो जाए।

इन सभी बिंदुओं पर यदि सरकार काम कर लेती है तो निश्चित रूप से प्रधामनंत्री मोदी उस सेक्युलर भारत का निर्माण कर जायेंगे जिसकी ज़रुरत वर्तमान में बेहद अहम है। ऐसा नहीं है कि भारत एक विचार को थोपने की ओर बढे, बात इतनी सी है कि अब तक पश्चिमी चश्मे से भारत को प्रदर्शित किया जाता रहा है, अब समय आया है भारत को भारत के चश्मे से देखने का। इसलिए भारत को भारतीय सेक्युलर राष्ट्र बनने की ओर आगे कदम बढ़ाने चाहिए और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार से बेहतर इसपर कोई और सरकार काम नहीं कर सकती है।

Tags: छद्म धर्मनिरपेक्षतानरेंद्र मोदीसेकुलरिज्म
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

जिस JNU में चलता था राष्ट्रविरोधी एजेंडा, उसे सुधारने में लग गई हैं नई VC शांतिश्री धूलिपुडी

अगली पोस्ट

वेंकटेश अय्यर में है भारत के अगले कपिल देव बनने की क्षमता

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

भारत-रूस का Su-57 संयुक्त निर्माण प्रोजेक्ट
Uncategorized

यात्री विमान से स्टेल्थ फाइटर: क्या SJ-100 की डील भारत में खोल सकती है Su-57 का रास्ता?

30 January 2026

भारत की सरकारी एयरोस्पेस कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूस की यूनाइटेड एयरक्राफ्ट कॉरपोरेशन (UAC) ने अपनी करीब तीन दशक पुरानी साझेदारी को और...

जीएसटी कम होने से सड़क पर कारों की लंबी लाइन
Uncategorized

GST कटौती से बढ़ी कार ब्रिकी, शहरों में बढ़ा जाम और प्रदूषण

20 January 2026

भारत में वाहनों पर जीएसटी को कम करने के बाद से पहले से ज्यादा वाहन सड़क पर नजर आने लगें हैं, जिससे रोड़ जाम कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited