TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नोएडा में सिस्टम की लापरवाही से 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत

    युवराज की मौत: लापरवाही, लाचारी और जवाबदेही का सवाल

    नितिन नबीन के ताजपोशी में पीएम मोदी ने खुद को बताया कार्यकर्ता , बीजेपी ऑफिस में जश्न का माहौल

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    PMAY U 2.0 और आवास फायनेंसियर्स: आसान EMI के साथ अपना घर कैसे बनाए?

    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    सिमरन बाला 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर क्या खास करने वाली है

    पाकिस्तानी गोलाबारी के बीच पली-बढ़ीं, अब गणतंंत्र दिवस परेड में CRPF की पुरुष टुकड़ी का करेंगी नेतृत्व, जानिए कौन हैं जम्मू-कश्मीर का नाम रौशन करने वालीं सिमरन बाला?

    चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है

    अमेरिकी दबाव के बीच भारत चाबहार बंदरगाह पर अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखने पर विचार कर रहा

    भारतीय नौसेना पानी और ज़मीन दोनों से उड़ान भर सकने वाले उभयचर विमानों को शामिल करने की योजना पर काम कर रही है।

    भारतीय नौसेना का नया प्लान, पानी पर नए रनवे बनाने की तैयारी

    भारत के लिए राफेल की डील होनी बड़ी सफलता है।

    भारत–फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों पर बड़ी सहमति, नागपुर में बनेगी असेंबली लाइन

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    कनाडा के बयान ने भारत की स्थिति को किया मजबूत

    आया ऊंट पहाड़ के नीचे: ट्रम्प की दादागीरी से त्रस्त कनाडा अब Order Based World को लेकर भारत के सुर में सुर क्यों मिला रहा है?

    ईरान की आंतरिक उथल-पुथल से आगे, अंतरराष्ट्रीय असर

    ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    विदेश मंत्रालय का स्पष्ट जवाब: 500% अमेरिकी टैरिफ के बावजूद भारत रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा

    ईरान पर ट्रंप का गुस्सा, देश तबाह करने की बात

    ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मिलिए भारत के असली फासीवादियों से, जिन्होंने लोकतंत्र के विध्वंस का बेड़ा उठाया है!

'तानाशाही' में हिटलर को भी मात देने में लगे हैं नेता!

Aniket Raj द्वारा Aniket Raj
25 April 2022
in समीक्षा
तानाशाही

Source- TFI

Share on FacebookShare on X

चाहे भारतीय मीडिया हो या फिर वैश्विक मीडिया द्वारा नरेंद्र मोदी को तानाशाह कहने की परंपरा लगभग 25 वर्ष पहले से चली आ रही है। पहले वो राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के प्रचारक थे, इसलिए उन्हें तानाशाह कहा गया। देश की सत्ता संभालने के बाद जब वह राष्ट्रहित की बातें करने लगे तो वो बड़े तानाशाह हो गये। गुजरात दंगे, राम मंदिर, अनुच्छेद 370 का निरस्तीकरण ने उन्हें सबसे बड़े तानाशाह के साथ-साथ राजनीतिक रूप से अछूत भी बना दिया। मोदी भाजपा को प्रखर राष्ट्रवाद की ओर ले गए। उनके इस प्रकार राष्ट्रवाद और विकास के मॉडल को सभी भाजपा शासित राज्यों ने अपनाया और इसी आधार पर विजय पाया। जनता के इस अपार समर्थन और विकास के इस अद्वितीय मॉडल से दुखी वामपंथी, लिबरल और छद्म बुद्धिजीवियों ने भाजपा शासित सभी राज्यों को तानाशाही व्यवस्था के रूप में घोषित करने का काम किया।

भाजपा शासित राज्यों में कानून और विधि व्यवस्था को बनाए रखने के लिए की गई प्रशासनिक कार्रवाईयों को सांप्रदायिक रंग दिया गया। सर्वधर्म समानता के हथियार से जब भाजपा ने मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति को काटा तो इसे इस्लाम विरोधी बताया गया। हिजाब, बुलडोजर और लाउडस्पीकर सभी को मुद्दा बनाया गया। पर, आज हम आपको बिल्कुल निष्पक्ष और संतुलित विश्लेषण करते हुए समझाएंगे कि असली तानाशाही भाजपा शासित राज्यों में नहीं, बल्कि गैर भाजपा शासित राज्यों में है। इन राज्यों की स्थिति और यहां के शासकों के तानाशाही रवैये से आपका अवगत होना महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी यह तानाशाही राजनीतिक हत्याओं और लोकतंत्र के विध्वंस तक पहुंच चुकी है।

संबंधितपोस्ट

बूथ स्तर तक होगा भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नबीन का स्वागत, पार्टी आलाकमान ने बनाई संगठन तक पहुँच बढ़ाने की रणनीतिs

पीएम मोदी ने टीएमसी पर साधा निशाना, कहा— जेन Z को बीजेपी के विकास मॉडल पर भरोसा**

पीएम मोदी का पश्चिम बंगाल दौरा, 3,200 करोड़ को लेकर सियासी हलचल

और लोड करें

और पढ़ें: मोदी सरकार के 8 साल बाद अंततः पूरा विपक्ष एक मुद्दे पर एकजुट हुआ और वह मुद्दा है “हिंदी से नफरत”

महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के उद्धव सरकार ने अपने पुराने मित्र और गठबंधन सहयोगी के खिलाफ जो तानाशाही रवैया दिखाया है, वह अचंभित और आश्चर्यचकित करने वाला है। शायद किसी भी राजनीतिक पंडित ने उद्धव सरकार से ऐसी क्रूरता की अपेक्षा नहीं की थी। सत्ता की सनक और पद की हनक में शासकों को जनता पर सख्त रवैया अपनाते हुए भारतीय राजनीति में बहुत बार देखा गया है, लेकिन कोई सरकार अपने पूर्व सहयोगी के जनप्रतिनिधियों पर इतनी बर्बरता और दुराग्रह पूर्ण कार्रवाई करे, इसका उदाहरण विरले ही देखने को मिला है। महाराष्ट्र में उद्धव की तानाशाही गुंडाशाही में परिवर्तित हो चुकी है! अगर कोई भी साधारण व्यक्ति अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग करते हुए उद्धव सरकार की आलोचना करता है, तो उसे शिवसेना के गुंडों द्वारा बर्बरतापूर्वक पीटा जाता है। इस पिटाई में वह किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करते चाहे कोई आम नागरिक हो या फिर नौसेना में काम कर चुका अधिकारी। शिवसेना के गुंडों का आतंक इतना बढ़ चुका है कि लोगों ने अपने विरोध और आलोचना करने के संवैधानिक अधिकार को ही त्याग दिया है।

अभी हाल ही में शिवसेना के गुंडों ने भाजपा के जनप्रतिनिधि किरीट सोमैया पर जानलेवा हमला किया। उनकी गाड़ी को घेर लिया गया और कार के शीशे तोड़कर उन्हें घायल कर दिया गया। इसी तरह के एक अन्य मामले में शिवसेना सुप्रीमो के निवास स्थान मातोश्री के पास हनुमान चालीसा पढ़ने की बात करने पर राणा दंपति को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया। इसी तरह का एक और वाकया भाजपा के एक अन्य जनप्रतिनिधि के साथ भी देखने को मिला, जब लाल बत्ती के पास रूकी उनकी गाड़ी को शिवसैनिकों ने घेर कर क्षतिग्रस्त कर दिया और उन्हें जान से मारने का प्रयास किया। कहते हैं राजनीति में दिल मिले न मिले, लेकिन हाथ जरूर मिलते रहना चाहिए। यह राजनीति में मर्यादा की महत्ता को प्रतिबिंबित करती है, परंतु पहली बार गैर-भाजपा शासित राज्यों ने तानाशाही का ऐसा उदाहरण पेश किया है जिसमें बर्बरता और क्रूरता की जांच स्वयं उनके साथ सदन में बैठने वाले जनप्रतिनिधियों तक पहुंच चुकी है।

और पढ़ें: महाराष्ट्र बनता जा रहा है इस्लामिक कट्टरपंथी की नर्सरी! जानिए आखिर कैसे?

पश्चिम बंगाल

भारतीय राजनीति में अगर कोई नेता निकृष्टता के नित नए आयाम स्थापित कर रहा है तो वो हैं- ममता बनर्जी! शायद, यह बात आपको सुनने में अटपटी लगे, परंतु भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता पर अगर कोई सबसे बड़ा खतरा है तो वो हैं- ममता बनर्जी! उनका बर्ताव करने का तरीका किसी राज्य के मुख्यमंत्री जैसा नहीं, बल्कि एक भावी देश के राष्ट्रध्यक्षा के समान है। बंगाल में होने वाली राजनीतिक हिंसा की कहानियां किसी से छिपी नहीं है। पंचायत चुनाव के दौरान राजनीतिक हिंसा का ऐसा चक्र चला कि लोकतंत्र का चीरहरण कर कई स्थानों पर टीएमसी को निर्विवाद रूप से विजेता घोषित कर दिया गया। इसी तरह की राजनीतिक हिंसा बंगाल चुनाव के समय भी दिखी। तृणमूल ने पहले जनता को डरा-धमका कर अपने पक्ष में मतदान करने के लिए हिंसा का सहारा लिया। चुनाव के दौरान भी उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा बलों पर हमले करवाए और चुनाव पश्चात जिन हिंदुओं ने तृणमूल को मत नहीं किया था, उन्हें दंडित किया गया।

हिंसा का ऐसा नंगा नाच चला कि अपने ही देशों में हिंदुओं को पलायन कर असम में शरण लेनी पड़ी। न्यायालय को भी इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई जांच के निर्देश देने पड़े। बंगाल चुनाव के दौरान तृणमूल ने अपने उन्मादी सनक में अपने साथी जनप्रतिनिधियों पर भी हमले करवाए, जिसमें कैलाश विजयवर्गीय और तेजस्वी सूर्या आदि महत्वपूर्ण हैं। अभी हाल ही में हुए आसनसोल उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्र पौल पर भी जानलेवा हमला करने की कोशिश की गई। क्षेत्रफल और आबादी दोनों की दृष्टि से उत्तर प्रदेश बंगाल से बहुत बड़ा और राजनीतिक रूप से एक विविध राज्य है, परंतु फिर भी वहां योगी की सरकार होने के बावजूद भी सारे चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुए। लेकिन, उदारवादी ममता के राज्य में आए दिन राजनीतिक हत्याओं की घटनाएं आम हो चुकी है। मीडिया उत्तर प्रदेश में हुई घटनाओं का मुद्दा तो बना देगा, लेकिन बंगाल में होने वाली बड़ी से बड़ी विभीषिका पर भी मौन साध लेगा।

और पढ़ें: ‘विज्ञापन मिलता है तो आलोचना मत करो’, मीडिया की आवाज दबाने में लग गई हैं ममता बनर्जी

केरल

कहते हैं साम्यवादी सत्ता की नींव ही लोकतंत्र के कब्र पर रखी जाती है और केरल के वामपंथी शासन में रोज ही लोकतंत्र की कब्र खुदती रहती है। यहां वामपंथ और कट्टर इस्लाम यह ऐसा गठजोड़ है जो आए दिन भगवा राजनीति के संवाहकों को मौत के घाट उतारता रहता है और तथाकथित बुद्धिजीवी तथा छद्म उदारवादी उन्हें ढकने का काम करते हैं। केरल की विजयन सरकार और पीएफआई के गठजोड़ ने देश में सबसे ज्यादा राजनीतिक हत्याएं की है। अभी हाल ही में हुए RSS कार्यकर्ता की मौत में पलक्कड़ के एक इमाम का हाथ बताया जा रहा है। केरल देश में होने वाले सबसे ज्यादा राजनीतिक हत्याओं का केंद्र बन चुका है। एक स्वतंत्र सर्वेक्षण के अनुमान के मुताबिक 1 साल में केरल में करीब 200-250 भाजपा और संघ के कार्यकर्ता मारे जा चुके हैं।

केरल में होने वाले राजनीतिक हत्याओं का आलम यह है कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जैसे संगठनों से जुड़ने वाले हर युवा और कार्यकर्ता को इसलिए मार दिया जाता है ताकि यह संगठन इस राज्य में पनप ही न पाए। भारत की राजनीति के लिए यह परिपाटी अत्यंत ही घातक सिद्ध हो सकती है। यह लोकतंत्र के लिए आने वाले समय में जानलेवा सिद्ध होगी और सबसे बड़ी विभीषिका तो मीडिया का मौन और आम जनता की अज्ञानता है। मीडिया इस बात को उठाती नहीं है और आम जनता इससे परिचित नहीं हो पाती। रही सही कसर तथाकथित उदारवादी बुद्धिजीवी और वामपंथी मिलकर पूरी कर देते हैं और पूरे देश में सिर्फ एक ही नैरेटिव फैलाया जाता है कि ‘भाजपा एक तानाशाह पार्टी है।’

और पढ़ें: क्या केरल की भांति आतंक की नई फैक्ट्री बन रहा है बंगाल ?

Tags: तानाशाहीपश्चिम बंगालममता बनर्जीमोदी सरकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

CJI रमन्ना को संस्कृत के मंत्रों को संदर्भित करने की आवश्यकता ही नहीं थी

अगली पोस्ट

राधाकिशन दमानी- एक साइलेंट बिलेनियर जिसने D Mart को बुलंदियों पर पहुंचा दिया

संबंधित पोस्ट

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा
समीक्षा

‘The journey within’: श्रीखंड कैलाश से आत्मबोध तक की यात्रा

20 December 2025

जीवन स्वयं एक यात्रा है, उतार-चढ़ाव से भरी, अनुभवों से सजी और निरंतर आगे बढ़ती हुई। किंतु यात्रा केवल स्थानों के बीच की भौतिक गति...

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars
समीक्षा

Luxury Sedan Showdown: Price and Maintenance Comparison of a Used Audi A4 vs. Other 2nd Hand Audi Cars

18 December 2025

In the high-stakes world of luxury sedans, the Audi A4 has long been the "thinking person’s choice." It doesn't scream for attention like a BMW...

जनसंख्या के बदलते संतुलन पर असहज विमर्श प्रस्तुत करती पुस्तक ‘सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े’
समीक्षा

जनसंख्या के बदलते संतुलन पर असहज विमर्श प्रस्तुत करती पुस्तक ‘सेकुलरवाद और बदलती जनगणना के आंकड़े’

15 December 2025

अंग्रेजी भाषा में कहा जाता है कि ‘डेमोग्राफी इज डेमोक्रेसी’। किसी भी देश में लोकतंत्र रहेगा या नहीं रहेगा ये इस बात पर निर्भर करता...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

French Media Exposes Pakistan and China on the Rafale lost

00:04:36

An Quiet Dialogue Between Nature and the City|Ft. Shashi Tripathi | Art| Indian Navy

00:03:24

Ramjet-Powered Shell: A Potential Game Changer for Indian Artillery| IIT Madra

00:06:25

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited