TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    वैश्विक ‘जरासंध’ का छल-बल और ‘केशव’ का संघ

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात

    रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात, ई-बसों में मुफ्त सफर के साथ एक सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    jefferies Industrial revolution

    क्या है नया Industrial Revolution? 6 सेक्टर में बड़े बदलाव से बनेगा विकसित भारत 2047

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    Third Aircraft Carrier Indian Navy China Threat

    भारत को क्यों चाहिए तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर? Explainer

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    भारत पाकिस्तान का विभाजन

    15 अगस्त के बाद…80 वर्ष पहले भारत विभाजित होकर स्वतंत्र तो हो गया.. परन्तु अब आगे क्या..?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अमेरिकी ‘डॉलर’ एक मायाजाल है, अब दुनिया को वापस स्वर्ण मानक पर लौट जाना चाहिए

रूस डॉलर से निर्भरता खत्म करने की ओर कदम बढ़ा चुका है!

Shikhar Srivastava द्वारा Shikhar Srivastava
2 April 2022
in चर्चित, समीक्षा
डॉलर

Source- Google

Share on FacebookShare on X

रूस-यूक्रेन युद्ध दुनिया के लिए कई मायने में सबक है। कैसे अमेरिका और पश्चिमी देश किसी को भी बढ़ा-चढ़ाकर हलाल होने के लिए छोड़ देते हैं, मौजूदा समय में यूक्रेन से बेहतर इस बात को कोई नहीं समझ सकता। रूस से टकराने के बाद अब यूक्रेन की हालत डांवाडोल हो गई है, लेकिन इससे सिर्फ यूक्रेन की साख पर ही सवाल उठाना नासमझी होगी, क्योंकि अपने आप को महाशक्ति मानने वाला अमेरिका और दुनिया को हर मामले में फिजूल का ज्ञान देने वाले यूरोपीय यूनियन भी इस प्रकरण के बाद पूरी तरह से बेनकाब हो गए हैं। हालांकि, पश्चिमी देश भारत पर रूस विरोधी रवैया अपनाने के लिए दबाव बना रहे हैं, लेकिन भारत तो भई भारत है, उसे घंटा फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कह रहा है और किसके हिसाब से चलना है। भारत इस मामले पर अपना तटस्थ रूख अपनाये हुए है। ध्यान देने वाली बात है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के मध्य अब रूस डॉलर से अपनी निर्भरता समाप्त करने की ओर कदम बढ़ चुका है, जो अमेरिका की मुश्किलें बढ़ा सकता है।

और पढ़ें: रूस-यूक्रेन युद्ध से गहराये खाद्य संकट के बीच अब पश्चिमी देशों का अन्नदाता बनेगा भारत

संबंधितपोस्ट

12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

Explainer: अमेरिकी सांसद रिले मूर का बयान ही बताता है कि भारत को ज्यादा सख्त FCRA कानून की जरूरत क्यों है ?

मोदी सरकार के 12 वर्ष: भारत की रक्षा और कूटनीतिक रणनीति का नया अध्याय

और लोड करें

डॉलर का मायाजाल

दरअसल, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव इन दिनों भारत दौरे पर हैं। अमेरिका द्वारा भारत पर रूस विरोधी रवैया अपनाने का दबाव बनाया जा रहा है, किंतु भारत को अपने पक्ष में रखने के लिए रूस हर तरह की शर्ते मानने को तैयार है। रूसी विदेश मंत्री ने कहा कि “भारत कुछ भी खरीदना चाहता है तो हम चर्चा के लिए तैयार हैं।” इसके साथ ही दोनों देश रूसी करेंसी यानी रूबल में व्यापार की योजना बना रहे हैं, जिससे डॉलर पर निर्भरता समाप्त की जा सके। ध्यान देने वाली बात है कि डॉलर एक मायाजाल के समान है और इसे हाल ही में TFI समूह के संस्थापक अतुल मिश्रा ने अपने एक ट्वीट में समझाया है।

उन्होंने अपने ट्वीट थ्रेड में लिखा, “आज के समय में कोई भी देश पैसे (Money) का उपयोग नहीं करता है। वे जो उपयोग करते हैं वह मुद्रा (Currency) है। और मुद्रा एक झूठ है, एक जटिल झूठ है। पैसे का एक आंतरिक मूल्य होता है। मुद्रा एक वादा है और वादे बाजार के जोखिमों के अधीन हैं।” यह पूर्णतः सत्य है, आपने मुद्रा “मैं धारक को अमुक राशि देने का वचन देता हूँ” ऐसा पढ़ा होगा।

World works its ass off so that the US can spend – a thread

No country uses money these days. What they use is currency. And currency is a lie, a complicated lie.

— Atul Kumar Mishra (@TheAtulMishra) April 1, 2022

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “आइए अपनी घड़ियों को द्वितीय विश्व युद्ध के अंत तक वापस घुमाएँ। दुनिया दो सहस्राब्दियों से ‘स्वर्ण मानक’ का पालन कर रही थी, लेकिन बड़े पैमाने पर युद्ध के खर्च ने यूरोपीय राष्ट्रों की जेब में बड़ा छेद कर दिया था।” स्वर्ण मानक प्रणाली के अंतर्गत एक देश की मुद्रा का मूल्य सोने की निश्चित मात्रा के अनुसार तय होता है। यदि सोने की सबसे छोटी इकाई एक औंस है और उसका मूल्य 1 डॉलर, तो 5 डॉलर का मूल्य 5 औंस हुआ। इस प्रणाली में कोई देश जितनी मुद्रा जारी करता है, उतनी मुद्रा के मूल्य का सोना रिजर्व में रखना होता है। ऐसा करने पर ही मुद्रा से पैसे यानी currency to money में परिवर्तन होता है।

और पढ़ें: रूस-यूक्रेन टकराव से पता चलता है कि सांस्कृतिक पहचान नहीं राष्ट्रीय पहचान ही सर्वोपरि होना चाहिए

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद धनवान के रूप में उभरा अमेरिका

अतुल मिश्रा के ट्वीट के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित एक मौद्रिक और वित्तीय सम्मेलन में मित्र देशों के प्रतिनिधि एकत्र हुए। सम्मेलन का लक्ष्य: युद्ध के बाद वैश्विक वित्तीय स्थिरता लाना था। इस सम्मेलन के बाद ब्रेटन वुड्स प्रणाली सामने आई, जिसमें डॉलर को अंतरराष्ट्रीय व्यापार का माध्यम बना दिया गया। इस प्रणाली में देशों के बीच गोल्ड एक्सचेंज के स्थान पर डॉलर एक्सचेंज शुरू हुआ और इस डॉलर की कीमत सोने के मूल्य के अनुपात में रखी गई। अमेरिका इस महायुद्ध में शामिल होने वाला एकमात्र ऐसा देश था जिसने उतनी तबाही नहीं देखी जितनी यूरोप ने देखी थी, वह इस युद्ध के बाद धनवान बनकर सामने आया। सभी देशों ने अपनी अपनी मुद्रा को डॉलर से संबद्ध कर दिया और डॉलर को सोने से सम्बद्ध कर दिया गया। तब एक औंस का मूल्य 35 डॉलर था। अमेरिका को अपने द्वारा जारी डॉलर के मूल्य के बराबर सोना रिजर्व रखना पड़ता था।

US was the only country that came out of the war richer and mightier. Many countries owed massive amounts to it and the great American economy’s slowdown was nowhere in sight.

— Atul Kumar Mishra (@TheAtulMishra) April 1, 2022

उसके बाद अमेरिका ने अपनी शक्ति के मद में कई देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप शुरू किया। अमेरिका वियतनाम युद्ध में कूद पड़ा, उसे उम्मीद थी कि युद्ध जल्द समाप्त होगा लेकिन युद्ध लम्बा खिंच गया। जिससे अमेरिका की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव दिखने लगे। अमेरिका की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था से फ्रांसीसी घबरा गए और उन्होंने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूद डॉलर के अनुसार अमेरिका से सोने की मांग की, जिससे कल को डॉलर का मूल्य गिरे तो फ्रांस का पैसा सुरक्षित रहे और इस प्रक्रिया में धीरे-धीरे दूसरे देश भी कूद पड़े।

As the demand for for physical gold increased, the US panicked and on August 15, 1971, President Nixon turned the US Dollar into a Fiat currency which effectively suspended conversion of the US dollar into gold to circumvent the outflow of gold from the country.

— Atul Kumar Mishra (@TheAtulMishra) April 1, 2022

TFI के संस्थापक ने अपने ट्वीट में आगे बताय है कि जब अमेरिका पर दबाव बढ़ने लगा तो तत्कालीन राष्ट्रपति निक्सन ने 15 अगस्त 1971 को डॉलर को फिएट (FIAT) मुद्रा में बदल दिया। फिएट मुद्रा वह मुद्रा है, जिसका निर्धारण किसी भौतिक वस्तु के अनुसार नहीं होता। जैसे सोने चांदी के बदले में जो मुद्रा जारी नहीं की जाती हो वह फिएट मुद्रा है, इसका मूल्य सरकार के साख पर निर्भर करता है। पहले की प्रणाली में राष्ट्रों पर यह दबाव था कि वह जितनी मुद्रा जारी करेंगे, उतनी मात्रा में सोना रखना होगा। लेकिन फिएट मुद्रा ने इस संतुलन को समाप्त कर दिया। पहले ऐसा होता था कि यदि कोई अर्थव्यवस्था खराब प्रदर्शन करती थी, तो सोने का देश से बहिर्गमन होता था। जब अच्छा प्रदर्शन करती थी तो सोना देश में आता था। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब मुद्रा का निर्धारण दूसरे देशों की मुद्रा के अनुपात में होता है। डॉलर आज भी लेनदेन का आधार है और डॉलर के मामले में हुए बदलाव वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव डालते हैं।

अपनी साख पर डॉलर निकालता है अमेरिका

अगर डॉलर का मूल्य गिरता है, तो दूसरे देशों के सेंट्रल बैंक बाजार में हस्तक्षेप करते हैं कि उनके देश पर इसका प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। अगर अमेरिका को पैसों की जरूरत होती है, तो वह अपने फेडरल रिजर्व से लोन मांगता है। फेडरल रिजर्व को पैसे की आवश्यकता होती है तो वह डॉलर छापता है। अमेरिका की सरकार को यह डॉलर मिलते हैं तो वह गवर्नमेंट बांड जारी करती है। इनका वास्तविक मूल्य कुछ भी हो लेकिन दूसरे देश इसमें निवेश करते हैं। क्योंकि अमेरिका के बांड खरीदने का अर्थ हुआ उसे ऋण देना, जो दुनिया में निवेश के लिए सम्भवतः सबसे सुरक्षित कार्य है। अमेरिका को अपने बांड के बदले पैसे मिलते हैं, जिनका प्रयोग युद्धों में होता है और दूसरे देशों के आंतरिक मामलों को प्रभावित करने के लिए चलने वाले NGO आदि को अनुदान दिया जाता है।

अमेरिका अपनी साख पर डॉलर निकालता है, जब आवश्यक हो तब, जितना आवश्यक हो उतना। यह देखने में एक जालसाझी लगती है क्योंकि वास्तव में अमेरिकी डॉलर का मूल्य क्या है, यह कैसे निर्धारित होगा। ऐसे में दुनिया को अब इस पोंजी स्किम से हटना चाहिए और दोबारा गोल्ड स्टैंडर्ड वाली प्रणाली अपनानी चाहिए। दुनिया को पुनः अपने मुद्रा को सोने के अनुसार निर्धारित कर व्यापार अपनी मुद्रा में शुरू करना चाहिए। रूस ने यह निर्णय लिया है और अब दुनिया को भी इस पर आगे बढ़ना चाहिए।

और पढ़ें: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत को बदनाम करने में जुटे हैं मीडिया, विपक्ष और फिल्म स्टार्स

Tags: डॉलरमोदी सरकारस्वर्ण मानक
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘झूठ’ के पर्याय बन चुके शरद पवार ने द कश्मीर फाइल्स पर निकाली अपनी कुंठा!

अगली पोस्ट

भारत ने API प्रोडक्शन क्षेत्र में चीन के एकाधिकार को समाप्त कर दिया है!

संबंधित पोस्ट

चीन का BRICS AI प्रस्ताव: भारत के लिए साझेदारी का मौका या नई निर्भरता का खतरा?
चर्चित

चीन का BRICS AI प्रस्ताव: भारत के लिए साझेदारी का मौका या नई निर्भरता का खतरा?

15 September 2026

नई दिल्ली में हुए BRICS Summit में एक प्रस्ताव ऐसा आया जिस पर आने वाले सालों तक बहस चलती रहेगी। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग...

BRICS की उपलब्धि छोड़ ‘नाराज फूफा’ को स्नैकिंग पर एतराज, कांग्रेस प्रवक्ता के अजीब सवाल 
Uncategorized

BRICS की उपलब्धि छोड़ ‘नाराज फूफा’ को स्नैकिंग पर एतराज, कांग्रेस प्रवक्ता के अजीब सवाल 

14 September 2026

नई दिल्ली में हुए BRICS Summit के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के स्नैक्स खाते हुए...

मुंबई में गणेश उत्सव की धूम,
चर्चित

मुंबई में गणेश उत्सव की धूम, ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों से गूंजा शहर, PM मोदी ने दी शुभकामनाएं

14 September 2026

महाराष्ट्र में सोमवार से 11 दिवसीय गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। गणेश चतुर्थी के मौके पर मुंबई में घरों से लेकर बड़े-बड़े पंडालों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34

The Missing 54: What Happened to India’s Soldiers After the 1965 & 1971 Wars | POW | Indo-Pak

00:04:43

J-20 vs India: How Super Sukhoi, Rafale & AMCA Could Counter China’s Stealth Fleet | IAF | HAL

00:03:32
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited