TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी संकट के बावजूद मोदी सरकार ने नियंत्रण रखा, जमाखोरी रोकने और जहाज सुरक्षित लाने की कार्रवाई

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग

    Visakhapatnam Port Authority को मिलेंगे नए 60 टन बीपी टग, बंदरगाह संचालन होगा और सुरक्षित व तेज

    सनातन दृष्टि से ए.आई.

    भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    सुखोई-30 विमान दुर्घटना

    सुखोई-30 विमान हादसा: स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर शहीद

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    भारत को मिली अहम ऊर्जा राहत,

    उड़ती मिसाइलों और आग उगलते ड्रोन के बीच एलपीजी लेकर आने वाले शिवालिक और नंदादेवी के क्रू की हो रही है जमकर तारीफ

    भारत का पाकिस्तान पर वार

    संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर वार: धर्म के राजनीतिक इस्तेमाल और झूठे आरोपों पर उठाए सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    हिंदू नववर्ष, हिंदू नव वर्ष का विज्ञान, चैत्र नववर्ष

    अंग्रेजी नववर्ष से कितना अलग है हिंदू नववर्ष? जानें इसके पीछे का विज्ञान।

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    सारा अली खान को केदारनाथ दौरे के लिए देना होगा एफिडेविट

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    जुंदिशापुर: ईरान का वो शहर जिसने भारतीय ज्ञान परंपरा को अरब और फिर यूरोप तक पहुंचाया, कभी वराहमिहिर ने स्थापित की थी वेधशाला

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    खानवा का वो युद्ध: अगर राणा सांगा बाबर के विरुद्ध विजयी होते, तो?

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    How India’s Growing Internet User Base Is Driving New Digital Entertainment Platforms

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    CroreBet India Review 2026: Sports Betting, Casino Games & Bonuses Explained

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भ्रम में मत रहिए, राजनीतिक लाभ के लिए इंदिरा गांधी ने किया था बैंकों का राष्ट्रीयकरण

बैंकों के राष्ट्रीयकरण से पूरी अर्थव्यवस्था बर्बाद हो गयी!

Deeksha Sharma द्वारा Deeksha Sharma
26 July 2022
in इतिहास, चर्चित
Indira Gandhi
Share on FacebookShare on X

इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) जब भारत की प्रधानमंत्री थीं तब देश में आपातकाल लगाया गया था। आज भी उस आपातकाल (emergency) के काले दिनों की चर्चा समय-समय पर होती रहती है। लेकिन क्या आपको पता है कि इंदिरा गांधी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान और भी ऐसी कई घटनाएं हुईं जिस पर खुलकर बात ही नहीं की जाती है लेकिन उन घटनाओं का प्रभाव आज भी देश पर है। उन्हीं घटनाओं या यह कहें कि इंदिरा गांधी के उन्हीं कृत्यों में से एक है बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर देना।

इंदिरा गांधी के एक कदम ने सब बिगाड़ दिया!

जहां कुछ लोगों का मानना था कि इंदिरा गांधी के इस कदम से भारत की अर्थव्यवस्था में चार चांद लग जाएंगे और वह तरक्की करेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसके ठीक उलट भारत उस तरह की तरक्की नहीं कर सका जिसका वह हकदार था। इंदिरा गांधी ने यह कदम भारतवर्ष के कल्याण के लिए नहीं बल्कि आत्महित को पूरा करने के लिए उठाया था जिसमें केवल और केवल उनका और उनकी आने वाली पीढ़ियों का ही भला हुआ।

संबंधितपोस्ट

Vijay Diwas 2025 : 16 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है विजय दिवस, जानें पूरा इतिहास

Explainer : पाकिस्तान का आतंकी शासन और भारत का जवाब—पूर्वी बंगाल के दमन और बांग्लादेश के जन्म की कहानी

कांग्रेस की डर की राजनीति: जिसने भारत के सैनिकों से उनका गौरव छीन लिया

और लोड करें

पांच दशक पहले इंदिरा गांधी के द्वारा लिए इस फैसले ने देश की अर्थव्यवस्था को कुंए में धकेल दिया। 1947 में आज़ादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था के साथ जो छेड़छाड़ इंदिरा गांधी ने की वह तो उनके पिता जवाहरलाल नेहरू ने भी नहीं की थी। उनके इस कदम के पीछे का राजनितिक कारण कुछ इस तरह से था कि 1967 के आम चुनावों में कांग्रेस पार्टी ने खराब प्रदर्शन किया जिससे कई राज्यों में पार्टी ने अपनी कमान खो दी। ऐसा होने के पीछे ‘स्वतंत्र पार्टी’ थी जो आजादी के बाद से कांग्रेस के आधिपत्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बनकर उभर रही थी।

‘स्वतंत्र पार्टी’ का गठन 1957 में सी राजगोपालाचारी, एन जी रंगा, के एम मुंशी और अन्य प्रतिष्ठित कांग्रेसियों द्वारा किया गया था जो जवाहरलाल नेहरू की समाजवादी नीतियों से असहमत थे। उस समय नेहरू ने कुछ ‘भूमि सुधार’ नीतियां भी चलायी थीं जिनके चलते बड़े ज़मींदारों और राजघरानों की भूमि खतरे में आ गयी थी। वे राजघराने और ज़मींदार भी स्वतंत्र पार्टी को अपना समर्थन देने लगे, साथ ही यह पार्टी बड़े व्यवसायियों को भी आकर्षित करने में सफल रही।

1962 के चुनाव में स्वतंत्र पार्टी ने 18 सीटें जीती थीं जो कि एक अच्छी शुरुआत थी। इन सीटों को जीतने के बाद यह पार्टी कांग्रेस (351 सीटों) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई, 29 सीटों) के बाद संसद में तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी।

फिर भारत चीन से युद्ध में हार गया जिसके बाद 1965 और 1966 के भयानक सूखे ने भारत को बड़े पैमाने पर भुखमरी का शिकार बना दिया। इसके चलते लोगों में सरकार के प्रति आक्रोश बढ़ने लगा और 1967 के चुनाव में यह विरोध साफ़ देखने को मिला जब कांग्रेस को 520 में से सिर्फ 283 सीटों पर जीत मिली थी। स्वतंत्र पार्टी 44 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच गयी और विपक्ष का अगुआ बन गयी। कांग्रेस के कई विधायक पार्टी छोड़कर विपक्ष में चले गए, कांग्रेस का आधिपत्य समाप्त होता दिख रहा था। अगले चुनाव में यह पूरी तरह से संभव लग रहा था कि बड़े व्यवसाय का पैसा और राजा महाराजाओं की सामंती पकड़ एक स्वतंत्र नेतृत्व वाले गठबंधन को सत्ता में लाएगी।

और पढ़ें- 1971 में इंदिरा गांधी POK को वापस ले सकती थीं, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया

इंदिरा गांधी ने कांग्रेस की जीत को आगे रखा

अब बात जब पार्टी के अस्तित्व की आयी तो देश को दरकिनार कर इंदिरा गांधी ने जीतने के लिए स्वतंत्र पार्टी के विरुद्ध युद्ध छेड़ दिया। स्वतंत्र पार्टी के दो मुख्य स्तंभों, राजा-महाराजाओं और बड़े व्यवसाइयों पर हमला हुआ। रजवाड़ों के भारत में विलय होने के बाद जो धनराशि राजा-महाराजाओं को हर माह मिलती थी उसे रोक दिया गया और उनकी सम्पत्ति पर कर लगाना शुरू कर दिया, जिसके चलते राजा-महाराजाओं और व्यवसाइयों के धनकोष खाली होने लगे। बैंकों का राष्ट्रीयकरण करने के बाद इंदिरा गांधी ने कर 97.75 % तक बढ़ा दिया था।

उन्होंने कोयला, सामान्य बीमा और तांबे जैसे कई और व्यवसायों का राष्ट्रीयकरण कर दिया और उद्योगपतियों को उनके घुटनों पर ला दिया, यह केवल इसलिए क्योंकि वे स्वतंत्र पार्टी के समर्थक थे, इससे स्वतंत्र पार्टी ऐसी टूटी कि फिर कभी उभर नहीं सकी। उस पार्टी का अस्तित्व ख़त्म करने की इंदिरा गांधी की योजना सफल हो गयी लेकिन उसकी कीमत देश को चुकानी पड़ी।

इसके तुरंत बाद 1975-77 का आपातकाल आया। गांधी ने सभी विपक्षी नेताओं को जेल में डाल दिया, इसका नतीजा यह हुआ कि सभी विपक्षी पार्टियां इंदिरा गाँधी के खिलाफ एकजुट हो गयीं और मिलकर कांग्रेस के खिलाफ एक नयी पार्टी का गठन किया, ‘जनता पार्टी’। जनता पार्टी बनाने के लिए कांग्रेस, स्वतंत्र पार्टी, जनसंघ और समाजवादी दलों का विलय हुआ। पार्टी ने 1977 का चुनाव जीता और मोरारजी देसाई के नेतृत्व में एक नयी सरकार बनी लेकिन पार्टी के अंदर फूट पड़ने से तीन साल से भी कम समय में पार्टी टूट गयी। स्वतंत्र पार्टी 1959 से 1974 तक के समय में ही सिमटकर रह गयी और वह दोबारा कभी अस्तित्व में नहीं आयी।

और पढ़ें- जब देशभक्त मनोज कुमार की फ़िल्मों को इंदिरा गांधी ने कर दिया था ‘बैन’

फिर जनता पार्टी का जन्म हुआ और जनता पार्टी के कई सदस्य भाजपा में शामिल हो गए। राजनीतिक दृष्टि से भले ही इंदिरा गांधी ने एक बड़ी सफलता पायी और स्वतंत्र पार्टी को इतने व्यापक रूप से तोड़ दिया कि आज शायद गिने चुने लोगों को ही उसका इतिहास याद है लेकिन इस राजनितिक सफलता के लिए भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद कर दिया गया। एक पार्टी की जीत की कीमत पूरे राष्ट्र ने उठायी और आज भी उठाता आ रहा है।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: आपातकालइंदिरा गाँधीइमरजेंसीसरकारी बैंक
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘द कश्मीर फाइल्स’ को नहीं मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फूल के कुप्पा हो गए वामपंथी

अगली पोस्ट

‘अहीर बेल्ट’ का यादव वोट अपनी ओर कैसे खींच रही है भाजपा?

संबंधित पोस्ट

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!
चर्चित

‘धुरंधर द रिवेंज’ का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा—प्रीव्यू में ही मचा बवाल!

19 March 2026

दिसंबर 2025 में स्पाई एक्शन थ्रिलर ‘धुरंधर’ से बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाने के बाद आदित्य थार और रणवीर सिंह एक बार फिर इसके सीक्वल...

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?
चर्चित

ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

19 March 2026

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल के बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में 100 साल पुराने जोन्स एक्ट में 60...

देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान
चर्चित

देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

18 March 2026

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मॉल ऑफ देहरादून में बहुचर्चित फिल्म ‘द केरला स्टोरी 2’ देखी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited