TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    उदयनिधि स्टालिन ने द्रविड़ विचारधारा को ईसाई और इस्लाम धर्म के समान बताया

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला

    काबुल अस्पताल पर पाकिस्तानी हमला: रमज़ान में मुसलमानों की हत्या पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    देहरादून में हाई-स्टेक्स MSME समिट का आयोजन, उत्तराखंड ने औद्योगिक गति को बढ़ाने पर दिया जोर

    एलपीजी गैस संकट हुआ खत्म

    एलपीजी की कीमतों में ₹60 की बढ़ोतरी, रसोई गैस महंगी होने से घरों पर पड़ेगा असर

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    22 मार्च को भगत सिंह ने अपने साथियों को पत्र लिखा था

    ‘मैं एक शर्त पर ज़िंदा रह सकता हूं…’: अपने आखिरी पत्र में भगत सिंह ने साथियों से क्या कहा?

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    21 मार्च: हिटलर को मारने की नाकाम आत्मघाती साज़िश, सिर्फ 2 मिनट का अंतर और पाँच करोड़ लोगों की जिन्दगियों का खात्मा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

नर्सों को विदेशों में भेज रही है केरल सरकार, राज्य के अस्पतालों में नर्सें नहीं हैं

पिनाराई विजयन के लिए कुछ सवाल हैं!

TFI Desk द्वारा TFI Desk
8 October 2022
in मत
केरल की नर्सों
Share on FacebookShare on X

अंग्रेजी में एक कहावत है ‘चैरिटी बीगिन्स एट होम’, यानी सेवादान की शुरुआत घर से। यह कहावत केरल की नर्सों पर सटीक बैठती है। दूसरी ओर ‘सेवा परमो धर्म:’ यह कथन तो भारत के मूल में है और इस तरह यह कथन देश के राज्य केरल के लिए भी बहुत अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि यहां के चिकित्सा कर्मचारी, विशेषकर नर्सों की मांग काफी अधिक है। परंतु क्या यह मांग उचित है या नहीं, इसका विश्लेषण बहुत आवश्यक और बहुत महत्वपूर्ण है।

क्या हैं बड़े कारण?

जिस राज्य में देश की जनसंख्या का केवल 3% है, वहां देश की 39% नर्सें हैं। भारतीय नर्स संघ के अनुसार, केरल में हर साल 8,500 से अधिक नर्सें स्नातक होती हैं। इस संख्या में से 70% से अधिक एक वर्ष के भीतर विदेश चली जाती हैं। हर साल इतनी सारी नर्सों को प्रशिक्षण देने का सबसे बड़ा कारण प्रवास है और प्रवास के पीछे कई कारण हैं।

संबंधितपोस्ट

कोरोना पर जिस ‘केरल मॉडल’ की हो रही थी जय-जयकार, वहाँ PPE किट घोटाला: 300% महँगे दामों पर खरीदा

The Hindu की माफ़ी में छिपा PR वाला खेल: इंटरव्यू देकर फँसे केरल CM, इस्लामी कट्टरपंथ पर बयान से पलटे

CM पिनराई विजयन, PR एजेंसी Kaizzen और The Hindu अख़बार… लेफ्ट के विरोधाभास की पूरी कहानी

और लोड करें

इतिहास को देखें तो मलयाली नर्सों की पहली पीढ़ी 1960 के दशक में जर्मनी चली गई। उन्हें वहां के मूल निवासी प्यार से ब्राउन एंजल्स कहकर बुलाते थे। जब जर्मनी एक आर्थिक दिग्गज बनने के लिए संघर्ष कर रहा था, तो उसे विदेशों से श्रमिकों की आवश्यकता थी।

जबकि कई ब्लू-कॉलर नौकरियां तुर्की और आसपास के लोगों द्वारा ली गईं, डॉक्टरों और नर्सों की आवश्यकता बनी रही। केरल की नर्सों ने इस कमी को पूरा किया। लगभग उसी समय, चर्च संचालित अस्पतालों में काम करने के लिए कनाडा और इटली में भी प्रवास शुरू हुआ।

अब अगर वर्तमान को देखें तो केरल की पांच लाख से अधिक नर्सें विदेशों में कार्यरत हैं। सऊदी अरब में करीब 21.5 फीसदी नर्स केरल से हैं। यूएई के लिए यह आंकड़ा 15 फीसदी, कुवैत के लिए 12 फीसदी, कतर के लिए 5.7 फीसदी, कनाडा के लिए 5.5 फीसदी और मालदीव के लिए 3.2 फीसदी से अधिक है।

नर्सिंग पाठ्यक्रम प्रदान करने वाले कॉलेज पूरे देश में पर्याप्त हैं। भारत में प्रशिक्षित नर्सों को विभाग प्रमुखों को छोड़कर, लगभग 10,000 रुपये से 30,000 रुपये का वेतन मिलता है। एक बार जब नर्स माइग्रेट हो जाती है, तो वह दो या तीन गुना अधिक राशि कमाती हैं और अपनी पारिवारिक स्थिति को सुरक्षित करती हैं।

और पढ़ें- 2029 तक कैसे दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा भारत?

केरल के नर्सों की मांग बढ़ी है

दूसरे तरफ देखें तो केरल के नर्सों की मांग केवल भारत के कोने-कोने में ही नहीं, देश के बाहर मिडिल ईस्ट और यूरोप में भी है। कोविड के बाद केरल की नर्सों की मांग दुनियाभर में बढ़ गई है। राज्य सरकार ने भी माइग्रेशन प्रोसेस को आसान बनाने के लिए कदम उठाए हैं। केरल से नर्सों के लिए अब गल्फ कंट्रीज (Gulf Countries) से ज्यादा आसान पश्चिमी देशों में जाना हो गया है। दीपा जोस दुबई में अपनी आठ साल की नर्सिंग जॉब (Nursing Job) को छोड़कर केरल लौटी हैं। उन्हें अब यूरोप (Europe) में जॉब मिल रही है। जोस ने कहा, ‘यह जीवन में एक बार मिलने वाला अवसर है, जो हमारे जीवन को स्थायी रूप से सुरक्षित कर सकता है। भारत में पहली बार विकसित देश एक राज्य सरकार के माध्यम से नर्सों की भर्ती कर रहे हैं।’

इन्हीं कुछ कारणों से पिछले कई वर्षों में केरल से भारी मात्रा में महिला नर्सों के आव्रजन की संख्या बढ़ी है। इसके अंतर्गत लाभ पाने वाली दीपा जोस ने कहा, “इसमें कोई एजेंट शामिल नहीं है, वेटिंग पीरियड न्यूनतम है और धोखेबाजी होने का कोई डर नहीं है।” जोस ने बताया कि कैसे नर्सों ने पहले यूरोप में नौकरी पाने के लिए एजेंटों को पैसा दिया और फिर वर्षों तक इंतजार किया था। इसके बाद उन्हें दूसरे देशों में नौकरी करनी पड़ी थी।

वैसे क्या बदलाव हुए हैं, जिसके कारण ऐसे दावे किए जा रहे हैं? इसके अनेक जवाब हो सकते हैं, जैसे  कोविड के बाद नर्सों की बढ़ती मांग के बीच यूरोपीय देशों ने अनुभव की आवश्यकता को एक वर्ष तक कम कर दिया है। साथ ही ऊपरी आयु सीमा को बढ़ाकर 45 वर्ष कर दिया गया है। अब पहले की तरह लैंग्वेज में बहुत बेहतर होने की शर्त भी नहीं है। वे शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों को विदेशी भाषा की ट्रेनिंग मुफ्त देते हैं। साथ ही उम्मीदवारों को उनकी पसंद और रुचि के विभाग में तैनात किया जाता है। सबसे महत्वपूर्ण बात भर्ती और ट्रेनिंग केरल सरकार के माध्यम से होती है, जिससे एजेंट द्वारा ठगे जाने का डर दूर हो जाता है।

और पढ़ें- गॉसिप और चुगलियों में भारत की जनता को इतना आनंद क्यों आता है?

विदेशों से फैली महामारी

अब एक और घटना पर ध्यान देते हैं जो विदेशों से फैली महामारी से संबंधित है। अब इसे संयोग कहें या कुछ और यह विचारणीय है लेकिन केरल ही वह जगह है जहां COVID-19 संक्रमण का पहला मामला दर्ज किया गया था। 27 जनवरी 2020 को एक 20 वर्षीय महिला सूखी खांसी और गले में खराश के कारण जब अस्पताल पहुंची तो उसे आपातकालीन वार्ड में ले जाया गया। बाद में यह बताया गया कि 20 वर्षीय केरल की रहने वाली लड़की चीन के वुहान विश्वविद्यालय में पढ़ने वाली छात्रा थी और चीन में संक्रमण फैलने के बाद जल्द ही भारत में आई थी।

केवल में यही दो बीमारियां नहीं बल्कि वेस्ट नाइल फीवर, निपाह जैसी महामारी भी सबसे पहले इसी राज्य में देखी गई है। तिरुवनंतपुरम जिला जीका वायरस के प्रकोप का केंद्र बन गया। प्रश्न है आखिर क्यों, क्यों यह राज्य वायरल हमलों का एक गर्म स्थान बनता जा रहा है? ध्यान देने वाली बात है कि केरल भारत का वह राज्य है जो साफ़-सफाई और मानव विकास सूची में सबसे ऊपर है। 94 प्रतिशत साक्षरता दर के साथ केरल देश के अन्य सभी राज्यों को छोड़ शीर्ष पर है। अब साफ-सफाई इतनी अधिक हो और लोग साक्षर हों तो ऐसे में उस राज्य का इस तरह से बीमारियों का गर्भ स्थान बन जाना बहुत ही चौंकाने वाली बात है।

अगर आपने ध्यान दिया हो तो निपाह, कोरोना और वेस्ट नाइल फीवर वे बीमारियां हैं जो विदेश में जन्मी हैं। इनका भारत से कोई लेना-देना नहीं, कम से कम तब तक तो बिल्कुल भी नहीं जब तक यह तूफ़ान तेजी से फैलने नहीं लगा। केरल के वायरल हमलों की चपेट में आने का एक मुख्य कारण इस बात को माना जा सकता है कि केरलवासी दुनिया भर में फैले हुए हैं। केरल से बार-बार ऐसी संक्रामक ‘विदेशी’ बीमारियों की शुरुआत की खबरें आती हैं, हाल का मामला मंकीपॉक्स से जुड़ा है परंतु तैयारी और समाधान निल बट्टे सन्नाटा है।

और पढ़ें- हिंदू पत्नियां सलाहकार और मार्गदर्शिका होती थीं फिर ‘मुगल’ आ गए

स्वास्थ्य संरचना लगभग नगण्य है

कहने को केरल में लगभग शत प्रतिशत साक्षरता है, लेकिन यहां स्वास्थ्य संरचना लगभग नगण्य है। कोरोना में इस राज्य का क्या हाल हुआ था, ये किसी से नहीं छुपा है। बहुप्रतीक्षित केरल स्वास्थ्य मॉडल को कोविड-19 महामारी ने अच्छी तरह से उजागर कर दिया है। जब भारत बड़े पैमाने पर टीकाकरण की राह पर चल रहा था, केरल अभी भी एक दिन में 7000 से अधिक कोविड मामले दर्ज कर रहा था। हां, एक दिन में।

केरल में अक्टूबर और नवंबर 2020 के दौरान आईसीयू बेड, एम्बुलेंस और उचित देखभाल की व्यापक कमी की सूचना मिली। ये तो कुछ भी नहीं है। कुछ ही माह पूर्व प्रकाशित टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार केरल वास्तव में लगभग 20 प्रतिशत वैक्सीन बर्बादी के लिए जिम्मेदार है। रिपोर्टों के अनुसार, केरल में विशेष रूप से निजी अस्पतालों में, टीकों के लिए कोई खरीदार नहीं हैं जिसके कारण टीकों की बर्बादी हो चुकी है। यहां तक ​​कि सरकार की ओर से मुहैया कराए जा रहे मुफ्त टीके भी खत्म हो गए।

समझने वाली बात है कि एक देश से दूसरे देश में काम करने जाना या अपनी सेवाएं देने जाना कोई नयी या बुरी बात नहीं हैं लेकिन जिन सेवाओं की पहले अपने घर में आवश्यकता हो उसको अनदेखाकर पड़ोस में सेवाएं देने चला जाना भी सही नहीं है। नर्सों के द्वारा अपने देश में सेवाएं न देने की जगह बाहर जाकर काम करना, क्या ऐसी स्थिति पर हम गर्व कर सकते हैं? जब गृह राज्य में स्वास्थ्य सुविधाएंं लगभग नगण्य हैं, केरल में आवश्यक स्वास्थ्य संरचना की कमी है, ऐसे में ये आंकड़े गर्व कम, उपहास ज्यादा सिद्ध होते हैं।

रिपोर्ट्स की माने तो भारत की 90% रजिस्टर्ड नर्सें हैं केरल में। 20 लाख नर्सों की संख्या में 18 लाख तो केवल केरल से हैं। पर जब अधिक से अधिक संख्या में केरल से नर्सें विदेश चली जाती है तो राज्य के निजी अस्पतालों में दिक्कतें होती है। यहां कई-कई अस्पतालों में 50 फीसदी पद रिक्त हैं जो कि स्नातक और अनुभवी स्टाफ नर्सों के हैं। आईसीयू हो या सीसीयू या फिर ऑपरेशन थिएटर ही क्यों न हो, ऐसे महत्वपूर्ण मोर्चों पर नर्सों की भारी कमी है। ऐसी स्थिति में निजी अस्पतालों ने दूसरे राज्यों से नर्सों को नियुक्त करना प्रारंभ किया है।

केरल की बर्बाद स्वास्थ्य व्यवस्था एक गंभीर सवाल खड़ा करता है कि क्या यह बेहतर नहीं होता कि पिनाराई विजयन सरकार नर्सों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करती ताकि ये नर्स विदेश जाने की जगह देश में ही अपनों की सेवा कर रही होतीं? इससे राज्य को तबाही से बचाया जा सकता था और अपने परिजनों से दूर होने का दुख इन नर्सों को नहीं झेलना पड़ता।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें.

Tags: Pinarayi Vijayanwest nile feverकेरल की नर्सेंविदेश में नर्सों की मांग
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

List of All president of India in Hindi with Tenure

अगली पोस्ट

बांग्लादेश: इस्लामिस्टों ने सदियों पुरानी मां काली की मूर्ति को तहस नहस कर दिया, शेख हसीना मौन हैं!

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited