TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

गांधी इरविन समझौता: जब महात्मा गांधी के एक निर्णय के विरुद्ध पूरा देश हो गया

महात्मा गांधी चाहते तो भगत सिंह को बचा सकते थे?

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
28 February 2023
in इतिहास
गांधी इरविन समझौता

Source: Prabhasakshi

Share on FacebookShare on X

गांधी इरविन समझौता: “क्यों, क्यों यकीन करें आपका, इतिहास आपसे यह प्रश्न सदैव पूछेगा!” “द लीजेंड ऑफ भगत सिंह” में इस प्रश्न ने गांधी के किरदार को यूं ही नहीं निरुत्तर किया था। एक निर्णय के पीछे करोड़ों भारतवासी आज भी गांधी को संदेह की दृष्टि से देखते हैं। अनजाने में हुई भूल को क्षमा किया जा सकता है, पर उसी भूल को बार बार दोहराना, भूल नहीं हो सकती।

इस लेख में पढ़िए कैसे गांधी इरविन समझौता निरर्थक सिद्ध हुआ, जिसके कारण कांग्रेस विशेषकर गांधी को संदेह की दृष्टि से देखा जाने लगा।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

कांग्रेस का लाहौर अधिवेशन

1930 का दशक था। लगभग सम्पूर्ण संसार आर्थिक मंदी से जूझ रहा था, परंतु इसका तनिक भी प्रभाव भारत पर नहीं पड़ा। पड़ता भी कैसे, भारतवासी अंग्रेज़ों से अपनी स्वतंत्रता हेतु जी तोड़ प्रयास करने में जो उद्यत थे।

प्रारंभ में भारत औपानिवेशिक स्वराज्य यानी डोमिनियन स्टेटस की ही माँग करता रहा था किंतु 26 जनवरी, 1929 को लाहौर में आयोजित कांग्रेस के विशेष अधिवेशन में प्रथमत्या “पूर्ण स्वराज” की घोषणा की गई और शपथ ली गई कि प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को “स्वराज दिवस” के रूप में मनाया जाएगा।

1930 का अंत आते-आते ब्रिटिश प्रशासन और कांग्रेस दो विपरीत धड़ों पर खड़े थे। एक ओर ब्रिटिश प्रशासन किसी भी तरह 1919 के गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट द्वारा सुझाए सुधारों को लागू करने को उद्यत था, तो वहीं कांग्रेस “सविनय अवज्ञा आंदोलन” पर अड़ी थी। इसी बीच क्रांतिकारियों ने एक के बाद एक अंग्रेज़ी संस्थानों पर धावा बोलते हुए उनकी रातों की नींद उड़ा रखी थी, और भगत सिंह की लोकप्रियता भी अब पूरे देश में छाने लगे थी।

और पढ़ें: महात्मा गांधी ने कस्तूरबा गांधी के ऊपर जो अत्याचार किए वो डरावने हैं

ऐसे में साइमन कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार 1930 में लॉर्ड इरविन की संस्तुति से संवैधानिक सुधारों की समस्या के समाधान के लिए लंदन में एक गोलमेज़ सम्मेलन का आयोजन हुआ। परंतु गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस ने इसका बहिष्कार किया। इसके अतिरिक्त नमक कानून तोड़ने के कारण गांधी समेत हज़ारों सत्याग्रहियों ने गिरफ़्तारी दी।

गांधी ने आंदोलन किया स्थगित

ऐसे में 1931 आते-आते ब्रिटिश प्रशासन का कांग्रेस को वार्ता की मेज़ पर लाना अवश्यंभावी बन गया था। तब सर तेज बहादुर सप्रू ने मध्यस्थता की पेशकश की और गांधी को वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया। 5 मार्च 1931 को दोनों में वार्ता हुई, जिसके अंतर्गत कई समझौतों पर हस्ताक्षर हुए, इसमें 21 धाराएँ थीं जिनके अनुसार गोलमेज कॉन्फ्रेंस में भाग लेने के लिए महात्मा गांधी तैयार हुए।

परंतु वह कौन-सी बातें थी, जिनके अंतर्गत गांधी अपने आंदोलन को स्थगित करने के लिए तैयार हुए और जिसके कारण आज भी अनेक भारतीय मोहनदास करमचंद गांधी को स्वतंत्रता की धार कुंद करने एवं भगत सिंह की मृत्यु का दोषी मानते हैं? वास्तव में वायसराय लार्ड इरविन और महात्मा गांधी के बीच 5 मार्च 1931 को जो गांधी इरविन समझौता सम्पन्न हुआ।

इस समझौते में लार्ड इरविन ने स्वीकार किया:

  • भारतीय शराब एवं विदेशी कपड़ों की दुकानों के सामने धरना दे सकते हैं।
  • आन्दोलन के दौरान त्यागपत्र देने वालों को उनके पदों पर पुनः बहाल किया जायेगा।
  • आन्दोलन के दौरान जब्त सम्पत्ति वापस की जाएगी।
  • भारतीयों को समुद्र किनारे नमक बनाने का अधिकार दिया जाएगा।

इसके अलावा समझौते के अंतर्गत गांधी ने इन बातों पर स्वीकृति जताई:

  • पुलिस के कारनामों की जाँच नहीं होगी।
  • सविनय अवज्ञा आन्दोलन स्थगित कर दिया जाएगा।
  • कांग्रेस द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में भाग लेगी।
  • कांग्रेस ब्रिटिश सामान का बहिष्कार नहीं करेगी।

गांधी इरविन समझौता के अंतर्गत 1931 के द्वितीय गोलमेज सम्मेलन में महात्मा गांधी ने मदनमोहन मालवीय एवं सरोजनी नायडू के साथ भाग लिया। परंतु इस निर्णय से जनता में जबरदस्त आक्रोश उमड़ पड़ा।

इसके पीछे का कारण समझने के लिए हमें फरवरी 1931 की ओर रुख करना होगा, जब लंदन के सुप्रीम कोर्ट माने जाने वाले प्रिवी काउन्सिल में एक विशेष मुकदमा चल रहा था। भगत सिंह की लोकप्रियता केवल भारत तक ही सीमित नहीं थी, देश-विदेश में भी उनके चर्चे होने लगे थे।

और पढ़ें: “इस बैठक के बाद स्वतंत्रता आंदोलन की तस्वीर बदल गई”, वीर सावरकर और नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने क्या बातचीत की थी?

ऐसे में ब्रिटिश अधिवक्ता डी एन प्रिट ने क्राउन vs सुखदेव एंड अदर्स के पक्षपाती मामले [जिसके अंतर्गत भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को बिना किसी ठोस सबूत के मृत्युदंड दिया गया था] और उसके खोंखलेपन को ब्रिटिश न्यायपालिका के समक्ष पेश करने का प्रयास किया। परंतु ब्रिटिश साम्राज्यवादी भगत सिंह के व्यक्तित्व से इतना भयभीत थे कि उन्होंने प्रिट की एक न सुनी और 14 फरवरी को यह अंतिम अपील भी रद्द कर दी।

गांधी ने भगत सिंह को नहीं बचाया!

भगत सिंह अपना सर्वस्व लुटाने को तैयार थे और वे अपने जीवन के प्रति मोहित भी नहीं थे। इसलिए चंद्रशेखर आज़ाद के अनेक प्रयासों के बाद भी वे जेल में ही रहना उचित समझते थे। परंतु इससे भगत सिंह के अनुयाइयों को कोई फर्क नहीं पड़ा और वे उन्हें छुड़ाने अथवा दंड को क्षमा कराने के लिए हरसंभव प्रयास करने लगे। इस अभियान में उन्हे मदन मोहन मालवीय से लेकर सुभाष चंद्र बोस तक का साथ मिला।

ऐसे में क्रांतिकारियों एवं आम जनता के मन में गांधी के लिए तब भी थोड़ा सम्मान था। भले ही उनके विचारों से वे सहमत नहीं थे, परंतु वे हिंसा के पक्ष में भी नहीं थे, और ऐसे में वे अपने प्रभाव से भगत सिंह, सुखदेव थापर एवं शिवराम हरी राजगुरु के दंड को कम करा सकते थे।

परंतु वर्तमान दस्तावेज़ों एवं गांधी के संस्मरणों से ये स्पष्ट होता है कि या तो गांधी इन तीनों को दिए दंड को क्षमा कराने के पक्ष में नहीं थे, और अगर थे भी, तो उन्होंने लॉर्ड इरविन पर कोई विशेष प्रभाव नहीं डाला।

और पढ़ें: जे बी कृपलानी, जो 1947 में कांग्रेस अध्यक्ष थे लेकिन नेहरू का विरोध किया तो…

विश्वास नहीं होता तो इन दो बातों पर ध्यान दीजिए। यदि गांधी इरविन समझौता भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के ‘हित’ में होता, तो उसमें इस बात पर ही क्यों जोर दिया गया कि केवल वही लोग रिहा होंगे, जिनका क्रांति के मार्ग से कोई संबंध नहीं?

इसके अतिरिक्त यदि गांधी और नेहरू क्रांतिकारियों के मातृभूमि के प्रति सम्मान का मान रखते थे, तो जवाहरलाल ने अपने संस्मरणों में इन्हे “फासीवादियों” के रूप में क्यों संबोधित किया?

ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि गांधी इरविन समझौता भारतीयों के हित में कम और कांग्रेस के हित में अधिक था। परंतु कांग्रेस को भी इसका कोई विशेष लाभ नहीं हुआ, क्योंकि द्वितीय गोलमेज़ सम्मेलन में अपनी मांगें पूरी न होते देख गांधी पुनः आंदोलन एवं सत्याग्रह का रास्ता अपनाने लगे और उनकी छवि पर भगत सिंह को न बचाने का जो कलंक लगा वे उसे जीवन भर नहीं धो पाए।

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Congress lahor session 1929Gandhi-Irwin PactMahatma Gandhi & Bhagat Singhमहात्मा गांधी और भगत सिंह
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

गृह युद्ध के विस्फोटक पर बैठा है पाकिस्तान, किसी भी समय हो सकता है तहस-नहस

अगली पोस्ट

भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की वो कहानी जो दरबारी इतिहासकारों ने आपको कभी नहीं बताई

संबंधित पोस्ट

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी
इतिहास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

26 March 2026

राम नवमी हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारत में भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाता है। लेकिन,...

इंक़लाब भगत सिंह
इतिहास

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

23 March 2026

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा। मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं...

Shahidi Diwas
इतिहास

भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

23 March 2026

लाहौर सेंट्रल जेल में दिनांक 23 मार्च 1931 के दिन का आरम्भ बड़ा ही सामान्य था लेकिन यह दिन तब तक ही सामान्य रहा जब...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited