TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा: धमाके में 8 मजदूरों की मौत, 6 घायल

    पीएम मोदी के 12 साल

    पीएम के 12 साल: यूपी की 403 विधानसभाओं के मंदिरों में माथा टेकेंगे BJP नेता, मोदी के दीर्घायु की करेंगे कामना

    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू को भी छोड़ा पीछे

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट, राज्य सरकार के फैसले से बदलेगी जांच एजेंसियों की भूमिका

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट

    विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में बड़ा हादसा: धमाके में 8 मजदूरों की मौत, 6 घायल

    पीएम मोदी के 12 साल

    पीएम के 12 साल: यूपी की 403 विधानसभाओं के मंदिरों में माथा टेकेंगे BJP नेता, मोदी के दीर्घायु की करेंगे कामना

    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

    पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बने,नहरू को भी छोड़ा पीछे

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट

    पश्चिम बंगाल ने CBI को दी जांच की छूट, राज्य सरकार के फैसले से बदलेगी जांच एजेंसियों की भूमिका

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

वो विग्रह जो विग्रह भी नहीं है!

जिनका आप पूजन  कर रहे हो, वह शायद पूजनीय भी न हो!

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
31 August 2023
in संस्कृति
वो विग्रह जो विग्रह भी नहीं है!
Share on FacebookShare on X

सनातन धर्म के अनुसार, देवत्व [Divinity] सर्वत्र है, अर्थात सृष्टि के कण कण में है. इसीलिए हम कुछ विशिष्ट आकृतियों की पूजा अर्चना करते हैं, जिन्हे हम विग्रह अथवा मूर्ति के नाम से भी जानते हैं. परन्तु आज के युग में लोग इतनी जल्दी में रहते हैं कि वे उन आकृतियों की भी पूजा करते हैं, जो विग्रह कहलाने योग्य भी नहीं. ये हमें सोचने पर विवश कर देता है कि क्या हम वास्तव में मूर्ति पूजन के पद्दतियों का अनुसरण कर रहे हैं, या फिर हम इंस्टेंट सोल्यूशन के लिए लालायित है, और आज हम इसी भेद पर प्रकाश डालेंगे.

मूर्ति पूजन का सनातन धर्म में महत्त्व

मूर्ति पूजा सनातन धर्म की एक मूल अवधारणा है। “मूर्ति” शब्द का अर्थ है भौतिक रूप। ये छवियां सिर्फ मूर्तियों से कहीं अधिक हैं – इन्हें परमात्मा से जुड़ने का एक तरीका माना जाता है।

संबंधितपोस्ट

तमिलनाडु में सनातन विरोध से भाषा के नाम पर बांटने तक सारे हथकंडे आज़मा रही DMK, फ्रंट फुट पर खेल रही BJP

पंडित राहुल शर्मा: सनातन धर्म के सच्चे प्रतीक!

प्रकाश राज कर्णाटक में “बैन”!

और लोड करें

जब सनातनी इन मूर्तियों की पूजा करते हैं, तो इससे उन्हें उन दिव्य प्राणियों के निकट आने की अनुभूति होती है, जिनका मूर्तियां प्रतिनिधित्व करते हैं। यह किसी मित्र से बात करने जैसा है, परन्तु यहाँ वे मूर्ति के माध्यम से ईश्वर से बात कर रहे हैं।

एक मूर्ति को महत्वपूर्ण बनाती है उसकी “प्राण प्रतिष्ठा” जो चीज़ किसी मूर्ति को इतना महत्वपूर्ण बनाती है वह है “प्राण प्रतिष्ठा।” यह एक ऐसी प्रक्रिया है जहां एक पंडित मूर्ति में एक विशेष प्रकार की ऊर्जा जोड़ता है। ऐसा माना जाता है कि यह ऊर्जा मूर्ति में भगवान की उपस्थिति लाती है। इसलिए, जब लोग किसी मूर्ति से प्रार्थना करते हैं, तो उनका मानना है कि वे वास्तव में उस भगवान या देवी से प्रार्थना कर रहे हैं जिसका वह प्रतिनिधित्व करता है।

सनातनियों का मानना है कि भगवान हर जगह मौजूद हैं – लोगों, पशुओं और यहां तक कि निर्जीव वस्तुओं में भी। लेकिन मूर्ति उस दिव्य उपस्थिति को अधिक स्पष्ट रूप से देखने और महसूस करने का एक तरीका है। यह उन्हें उस दिव्य ऊर्जा के लिए एक विशेष प्रतीक की भांति है जो हमेशा आसपास रहती है।

कोई भी मूर्ति चाहे किसी भी पदार्थ से बनी हो, हिन्दू उसे वैसे नहीं देखते. वे इसे परमात्मा के लिए एक पात्र के रूप में देखते हैं। जब वे किसी मूर्ति की पूजा करते हैं, तो वे केवल उस वस्तु की पूजा नहीं कर रहे होते हैं; वे इसके आध्यात्मिक सार से जुड़ रहे हैं।

मूर्ति पूजा “सगुण” पूजन के विचार का अनुसरण करती है, जिसका अर्थ है भगवान के स्वरूप पर ध्यान केंद्रित करना। यह हिंदू धर्म में पूजा करने के दो मुख्य पद्दतियों में से एक है। मूर्तियों का उपयोग करके, हिंदू ईश्वर से बेहतर जुड़ सकते हैं, क्योंकि उनके पास जुड़ने के लिए एक सदृश्य रूप उपलब्ध  है।

और पढ़ें: रक्षाबंधन के उत्पत्ति की वास्तविक कथा!

Polyresin, अन्य कृत्रिम पदार्थ एवं Engineered Wood का जंजाल

हमारी तेजी से भागती दुनिया में, अपने घरों के लिए सही विग्रह (पवित्र मूर्ति) ढूंढना चुनौती समान हो गया है। हम चीजों को तुरंत प्राप्त करने के आदी हैं, लेकिन इस प्रवृत्ति से बहुत हानि भी होती है!

आइए उन लोकलुभावन विग्रहों में से कुछ पर नज़र डालें जिन्हें हम अक्सर ऑनलाइन देखते हैं:

क्या आपने कभी सोचा है कि वे वास्तव में किस वस्तु से बने हैं? इनमें से अधिकतम आकृतियाँ पॉलीरेसिन से बनाई गई हैं। यह एक मजबूत सिंथेटिक रेज़िन है जिसे कुछ रसायनों को एक साथ मिलाकर बनाया जाता है। परन्तु यह न तो प्राकृतिक है और न ही पर्यावरण के अनुकूल है, जो विग्रह जैसी पवित्र चीज़ के लिए बिलकुल भी शुभ नहीं है।

मूल समस्या यह है कि पॉलीरेसिन या कोई अन्य कृत्रिम सामग्री वास्तव में विग्रहों के आध्यात्मिक प्रभाव से मेल नहीं खाती। यह लकड़ी अथवा पत्थर की तरह नहीं है जो प्रकृति से उत्पन्न हुआ हो। इसे ऐसी प्रक्रियाओं का उपयोग करके बनाया गया है जिनका ईको फ्रेंडली से दूर दूर तक कोई नाता नहीं!

लेकिन पॉलीरेसिन ही एकमात्र वस्तु नहीं, जिसके लिए हमें चिंता करनी चाहिए। यहां प्लास्टर ऑफ पेरिस और मार्बल डस्ट से बने विग्रह भी उपलब्ध हैं। इन सामग्रियों को ढालना भले ही सरल हो, लेकिन इन्हें बनाना एक अलग कहानी है। यह प्रक्रिया पर्यावरण और उस पर काम करने वाले लोगों दोनों के लिए हानिकारक है।

उदाहरण के लिए, आइए मार्बल डस्ट को समझें। इसे बनाने में संगमरमर को कुचलना शामिल है, जिससे बहुत अधिक धूल उत्पन्न होती है। यह धूल एक बड़ी समस्या है – यह न केवल पौधों को खराब करती है, अपितु मनुष्यों के लिए भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा कर सकती है। इसके छोटे छोटे कण हमारे शरीर के अंदर जाकर कैंसर जैसी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।

एक अन्य सामग्री इंजीनियर्ड लकड़ी है, जो निस्संदेह लुभावनी लगती है। यह किफायती है, हल्का है और पर्यावरण के अनुकूल लगता है। हालाँकि, वास्तविकता थोड़ी अलग है. वे न तो टिकाऊ हैं, न ही बनाए रखना आसान है, और निश्चित रूप से प्राकृतिक नहीं हैं, और निस्संदेह शास्त्रों द्वारा इसकी अनुमति नहीं है!

शास्त्रों का सुझाव क्या है?

सनातन शास्त्रों में  विग्रह (पवित्र मूर्तियाँ) तैयार करने में कुछ महत्वपूर्ण विकल्प शामिल होते हैं। शिल्पशास्त्र जैसी प्राचीन शिक्षाएँ इस कला का मार्गदर्शन करती हैं, जिनके अनुसार एक दिव्य मूर्ति पूर्ण और अक्षुण्ण होनी चाहिए। यदि यह किसी भी स्थिति में खंडित है, तो यह दिव्य उपस्थिति को आकर्षित नहीं करता है, अपितु नकारात्मक ऊर्जाओं को वहां घर मिल सकता है।

इन शिक्षाओं से, हिंदू प्रतिमा विज्ञान विशेषज्ञ इन पवित्र मूर्तियों को बनाने के लिए कुछ विशिष्ट सामग्रियों की सलाह देते हैं, जैसा कि आगे बताया गया है:

1) मिट्टी: 

जितने भी पदार्थ विग्रहों के लिए उचित माने जाने हैं, उनमें ये सर्वश्रेष्ठ है. इनका निर्माण न केवल सरल है, अपितु ये पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है! गणेश चतुर्थी एवं दुर्गा पूजा के लिए यही सर्वश्रेष्ठ मटेरियल थे, जब तक कृत्रिम पदार्थों ने इनका स्थान नहीं ले लिया.

2) काले और सफ़ेद पत्थर:

भारत में कई प्राचीन मूर्तियाँ काले या सफेद पत्थर से बनाई गई थीं, क्योंकि वे टिकाऊ, प्राकृतिक रूप से पाई जाने वाली और आकर्षक उपस्थिति वाली हैं। श्रीकृष्ण, श्रीराम और भगवान विष्णु जैसे देवताओं की मूर्तियाँ आमतौर पर काले पत्थर से बनाई जाती हैं, जबकि देवी-देवताओं की मूर्तियाँ अक्सर सफेद पत्थर से बनाई जाती हैं। नक्काशी की यह प्रक्रिया परंपरा और शिल्प कौशल में निहित है।

3) स्फटिक पत्थर:

स्फटिक रत्न, जिसे स्फटिक क्रिस्टल या क्रिस्टल क्वार्ट्ज भी कहा जाता है, को ऊर्जा और सकारात्मकता का “पावरहाउस” कहा जाता है। यह सकारात्मक तरंगों को अवशोषित, संग्रहीत, एवं संतुलित करता है और आसपास की नकारात्मकता को दूर करता है। इन पत्थरों का उपयोग मुख्य रूप से भगवान शिव, देवी सरस्वती और श्री गणेश जैसे देवी देवताओं के लिए किया जाता है।

4) मणि पत्थर:

कुछ विशिष्ट मणि पत्थर निम्नलिखित देवी देवताओं के लिए रिकमेंड किया जाता है:

a) मूंगा:

चूँकि लाल रंग देवी लक्ष्मी, पवनपुत्र हनुमान और मंगल देव का प्रिय रंग है, इसलिए यह पत्थर उनके लिए निर्धारित है।

b) माणिक:

इस मणि का उपयोग केवल सूर्यदेव के विग्रहों के निर्माण हेतु किया जाता है!

c) मौक्तिक:

इनका उपयोग केवल उन देवताओं के विग्रहों के निर्माण हेतु होता है, जो श्वेत रंग से सम्बंधित हैं, जैसे भगवान शिव, चंद्रदेव, एवं देवी सरस्वती।

d) धातु मूर्ति:

देवता की प्रकृति और अनुशंसित सामग्री के आधार पर धातु के विग्रह भी स्वीकार्य हैं। सोना, चांदी, तांबा जैसी धातुएं, पीतल, कांस्य (जिसे पंचलोहा भी कहा जाता है) जैसे एलॉय एवं पंचधातु और अष्टधातु जैसी मिक्स्ड एलॉय कुशल मूर्तिकारों द्वारा स्वीकार्य है, जिन्हें शिल्पी कहा जाता है। इन सामग्रियों को इसलिए चुना जाता है क्योंकि वे विग्रहों के आध्यात्मिक सार से मेल खाते हैं।

e) काष्ठ मूर्ति:

काष्ठ मूर्ति, यानी, लकड़ी की मूर्तियों का उपयोग कुछ देवताओं के लिए किया जाता है, जैसे भगवान शिव, श्री गणेश, राम दरबार इत्यादि। कुछ विशेष प्रकार की लकड़ी का उपयोग धार्मिक म्यूरल्स के रूप में भी किया जाता है।

और पढ़ें: अघोरी और नागा साधु अलग हैं: दोनों के रास्ते भिन्न हैं परंतु लक्ष्य एक ही हैं

विशिष्ट विग्रह!

हालाँकि, कुछ विशेष विग्रह भी हैं, जो अपनी अनूठी प्रकृति और गहरे सांस्कृतिक संबंध के लिए जाने जाते हैं। ऐसा ही एक मामला पवित्र शिवलिंग का है, जो सनातन पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। भगवान शिव का अवतार माने जाने वाले इन पत्थरों को मानव हाथों से आकार नहीं दिया गया है। एक गुरु उनकी पहचान करता है और फिर उनके लिए एक मंदिर बनाया जाता है। भारत में आप जितने भी भव्य शिव मंदिर देखते हैं उनमें से कई वास्तव में उसी स्थान के आसपास बनाए गए मंदिर हैं जहां शिवलिंग पाया गया था।

अब बात करते हैं नर्मदेश्वर महादेव की। इसके कई लाभ हैं: ये आसानी से मिल जाते हैं, इन विग्रहों को नर्मदा के पवित्र जल का आशीर्वाद प्राप्त है, और इनकी उत्पत्ति से यह सिद्ध होता है कि भगवान शिव पारलौकिक हैं, अर्थात भौतिकवाद से परे हैं। नर्मदेश्वर शिवलिंग का महत्व यह है कि यह भगवान शिव को दर्शाता है और प्राचीन काल से एक शक्तिशाली शिवलिंग के रूप में श्रद्धा के साथ पूजा जाता रहा है, एवं इसे पूजन हेतु सबसे अच्छा शिवलिंग माना जाता है, जो पारद (बुध), सोना, स्फटिक (क्वार्ट्ज क्रिस्टल) के शिवलिंग से भी बेहतर है। .

दूसरी ओर, शालिग्राम का पत्थर एक fossilized अम्मोनाइट है। यह हिमालय की पवित्र नदियों में पाया जाता है, मुख्य रूप से नेपाल में गंडकी नदी में। इस पत्थर को भगवान विष्णु के प्रतिनिधित्व के रूप में देखा जाता है और इसीलिए ये हमारे शास्त्रों में बहुत सम्मानित है। ऐसा कहा जाता है कि दैत्यराज हयग्रीव पर विजय पाने के लिए भगवान विष्णु शालिग्राम पत्थर में परिवर्तित हो गए थे। तब से, शालिग्राम को भगवान विष्णु की शक्ति के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है।

विग्रह के लिए पदार्थों को यूँ ही नहीं चुना जाता। इनका चुनाव पवित्र मूर्तियों के अर्थ और उद्देश्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। तुरंत समाधान की दौड़ में, इन पदार्थों का अपने पर्यावरण और आध्यात्मिकता पर पड़ने वाले प्रभाव को हम नहीं भूल सकते। विग्रह चुनना केवल इस बात पर निर्भर नहीं है कि वह कैसा दिखता है; यह इस बारे में भी है कि यह किस वस्तु से बना है और यह हमारी मान्यताओं और मूल्यों में कैसे फिट बैठता है।

ऐसे में हमें स्मरण रखना होगा की आज के तेज तर्रार युग में कुछ वस्तुएं ऐसी भी हैं, जिनके चुनाव में समय और सोच विचार की बहुत आवश्यकता है. तो अगली बार आप विग्रह लेने हेतु निकले, तो ये ध्यान में अवश्य रखें कि वह प्राकृतिक हो, न कि किसी प्रयोगशाला में निर्मित हो, और पर्यावरण के लिए हानिकारक तो कदापि न हो!

TFI का समर्थन करें:

सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की ‘राइट’ विचारधारा को मजबूती देने के लिए TFI-STORE.COM से बेहतरीन गुणवत्ता के वस्त्र क्रय कर हमारा समर्थन करें।

Tags: Ancientdivinityfake substitutesimportantmarketsMurti PoojanMurtisofflineonlinequick solutionsRealrespectSanatana Dharmaspiritual way of lifetraditionsVigrahasworshipping
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

रक्षाबंधन में प्रभावी है “बॉयकॉट चाइना!”

अगली पोस्ट

China New Map: फिर दिखाया चीन ने अपना असली रंग!

संबंधित पोस्ट

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद
धर्म

राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

8 June 2026

अयोध्या का राम मंदिर एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया है...

मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!
ज्ञान

मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

25 May 2026

मिथिलांचल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, भाषाई गौरव और सदियों पुरानी पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सम्मान मिला है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा...

भोजशाला
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, आस्था और साक्ष्यों के बीच उभरता सत्य

19 May 2026

हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर बेंच ने धार स्थित भोजशाला के विवाद को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। इस निर्णय में...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

12 YEARS OF MODI GOVERNMENT: INDIA'S DEFENCE & DIPLOMATIC RESET | PM Modi | Armed Forces

00:04:43

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited