TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी की 21 मई को होगी अहम बैठक

    पीएम की 21 मई बैठक पर सबकी नजर, कैबिनेट फेरबदल और बड़े सुधारों के संकेत तेज

    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक पकड़ाया

    मुजफ्फरनगर में मुस्लिम युवक ने फर्जी पहचान छिपाकर नाबालिग लड़की का किया अपहरण, भागने की कोशिश में यूपी पुलिस मुठभेड़ में लगी गोली

    पेट्रोल-डीजल के बाद सीएनजी ने भी बढ़ाई टेंशन

    पेट्रोल-डीजल के साथ सीएनजी के दाम भी बढ़े, जनता पर महंगाई की मार

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    संजीव सान्याल

    संजीव सान्याल: क्या बंगाल को मिलने वाला है अपना ‘टेक्नोक्रेट’ वित्त मंत्री?

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    ‘संकटमोचक’ बना दोस्त UAE, भारत के रणनीतिक तेल भंडारों के लिए भरी झोली, जंग के बीच मोदी की बड़ी कूटनीतिक जीत

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को सीजफायर के लिए कैसे मजबूर किया

    ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को युद्धविराम के लिए कैसे मजबूर किया ?

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    भारत का सैन्य पुनर्गठन: सुब्रमण्यम होंगे नए CDS और स्वामीनाथन बनेंगे नौसेना प्रमुख, रक्षा क्षेत्र में एक रणनीतिक बदलाव

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।

    भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

    भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत

    धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    महाराणा प्रताप जयंती: भारत ने उस राजा की विरासत को पुनर्जीवित किया जिसने अधीनता के बजाय प्रतिरोध को चुना, पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा की बढ़ी मुश्किलें: NADA ने थमाया नोटिस, डोपिंग नियमों के उल्लंघन का खतरा!

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतीय चिंतन दृष्टि से संविधान: ज्ञान परंपरा में नागरिकता का इतिहास

इस सीरीज में हम अपने संविधान पर भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा के प्रभाव को समझने और उसे परिभाषित करने का प्रयास कर रहे हैं

Dr Alok Kumar Dwivedi द्वारा Dr Alok Kumar Dwivedi
2 December 2025
in इतिहास, ज्ञान, संस्कृति
भारतीय दर्शन और संविधान

भारतीय संविधान पर प्राचीन भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा का गहरा प्रभाव दिखता है

Share on FacebookShare on X

भारतीय ज्ञान परंपरा में नागरिकता (Citizenship) का विचार आधुनिक “राज्य–नागरिक” (State–Citizen) ढाँचे से भले अलग रहा हो, पर इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध और बहुआयामी है। भारतीय संविधान का भाग–2 (नागरिकता) मूलतः भारतीय ज्ञान परंपरा की उस व्यापक और नैतिक दृष्टि का आधुनिक संवैधानिक रूप है, जिसमें नागरिकता केवल कानूनी पहचान नहीं, बल्कि कर्तव्य, आचरण, सामूहिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र–हित से जुड़ी गहन सामाजिक व्यवस्था है। प्राचीन ग्रंथों में वर्णित एकात्म राजधर्म, अहिंसा एवं समता आधारित नागरिक जीवन, प्रजा–कल्याण का अर्थशास्त्रीय मॉडल, तथा कर्तव्य–प्रधान सामाजिक संरचना, ये सभी तत्व संविधान की एकल नागरिकता, समता, सुरक्षा और नैतिक दायित्व की अवधारणा में जीवित हैं। इस प्रकार संवैधानिक नागरिकता भारत की प्राचीन दार्शनिक परंपराओं को आधुनिक लोकतांत्रिक ढाँचे में प्रतिष्ठित करती है।

वैदिक युग और नागरिकता की अवधारणा

संबंधितपोस्ट

भारतीय सनातन दृष्टि से ए.आई. समिट की सार्थकता

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

और लोड करें

                वैदिक युग में ‘जन’ आधारित समुदायिक नागरिकता की अवधारणा दिखाई पड़ती है। वैदिक साहित्य में नागरिकता का विचार जन, जनपद, नर, विश, सभा, समिति जैसे शब्दों में मिलता है। व्यक्ति की पहचान राज्य की नागरिकता से ज़्यादा समुदाय, कुल, ऋत और धर्म के पालन से निर्धारित होती थी। ऋग्वेद में “जनस्य रक्षक” (जन के रक्षक) और “जनस्य गोप्ता” (समुदाय के संरक्षक) जैसे पद नागरिक राज्य संबंध को दर्शाते हैं। भारतीय नागरिकता की विशेषताएँ सामूहिक निर्णय–प्रक्रिया, कर्तव्य–प्रधान व्यवस्था, और प्राकृतिक न्याय व ऋत के अनुरूप जीवन पर आधारित हैं।
भारत के संविधान का भाग 2 भी नागरिकता के संबंध में इसी प्रकार का विचार रखता है। संविधान के अनुसार नागरिकता केवल कानूनी स्थिति  नहीं, बल्कि नैतिक उत्तरदायित्व  भी है।
राज्य और नागरिक दोनों “संवैधानिक धर्म” का पालन करते हैं जो भारतीय परंपरा में “राजधर्म” के रूप में मौजूद था। (ऋग्वेद 1.89.1, 10.191) इन ऋचाओं में समूहिक निर्णय एवं अनुशासन की अवधारणा को विस्तार से वर्णन किया गया है। उपनिषदों में नागरिकता राजनीतिक न होकर नैतिक  बन जाती है।
व्यक्ति को विश्व–नागर (Cosmic citizen) के रूप में देखा गया है। ईशावास्योपनिषद: “तेन त्यक्तेन भुञ्जीथा” के माध्यम से उपभोग में संयम का सिद्धांत, और इसे नागरिक – कर्तव्य का आधार माना गया। छांदोग्य उपनिषद में सत्य, अहिंसा, दान, स्वाध्याय को सामाजिक जिम्मेदारी कहा गया है और सभी से अपेक्षा की गयी है कि इसके अनुसार आचरण करते हुये समाज को आगे बढ़ाते रहे।                                                

प्रचीन भारत में नागरिकता का संदर्भ
महाकाव्य काल जैसे महाभारत और रामायण युग में नागरिकता केवल अधिकारों का संबंध नहीं थी, बल्कि राजा और प्रजा दोनों के परस्पर कर्तव्यों पर आधारित एक नैतिक सामाजिक व्यवस्था थी। महाभारत  के शांतिपर्व में राजा के सर्वोच्च गुण के रूप में “प्रजावत्सलता” का उल्लेख किया गया है, जिसमें शासक को अपनी प्रजा की रक्षा, पोषण और कल्याण उसी प्रकार करना चाहिए जैसे माता–पिता अपने बच्चों का ध्यान रखते हैं। इसी प्रकार रामायण  में “प्रजा सुखे सुखं राज्ञः”, यह सिद्धांत स्थापित किया गया है कि राजा का सच्चा सुख प्रजा के सुख में ही निहित है। इसी परंपरा का आधुनिक और कानूनी रूप भारतीय संविधान के भाग–2 (नागरिकता) में दिखाई देता है।

भाग–2 नागरिकता को केवल कानूनी स्थिति मानते हुए भी उसके केंद्र में राष्ट्र के प्रति निष्ठा, संवैधानिक कर्तव्यों और सार्वजनिक हित को रखता है। महाकाव्यकाल की तरह यहाँ भी नागरिकता का उद्देश्य यह है कि नागरिक और राज्य दोनों एक–दूसरे की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण में संलग्न रहें। इस प्रकार महाभारत और रामायण का “कर्तव्य–प्रधान नागरिकता” दृष्टिकोण, संविधान के भाग–2 में “कानूनी नागरिकता” के भीतर छुपी उस मूल भावना को उजागर करता है, जिसमें राष्ट्र, राज्य और नागरिक तीनों एक – दूसरे के कल्याण से अभिन्न रूप से जुड़े हुए हैं।

               बौद्ध संघ की वोटिंग, सभा और बहुमत–आधारित व्यवस्था नागरिकता में सहभागिता, अनुशासन और समानता की भावना है, जो आधुनिक संविधान में नागरिक के कर्तव्यों और उत्तरदायित्वों के अनुरूप है। विनय पिटक में वर्णित संघ की लोकतांत्रिक प्रक्रिया नागरिकता को केवल कानूनी पहचान नहीं, बल्कि सामूहिक निर्णय और नैतिक जीवन से जोड़ती है। जैन दर्शन के अहिंसा, अपरिग्रह और समता के सिद्धांत नागरिकता को नैतिक संयम, सामाजिक सद्भाव और सभी के प्रति न्यायपूर्ण दृष्टि प्रदान करते हैं। इस प्रकार संविधान का भाग 2 जहाँ नागरिकता का विधिक ढाँचा देता है, वहीं बौद्ध–जैन परंपराएँ उसकी नैतिक आत्मा को मजबूती देती हैं।

               कौटिल्य नागरिकता को केवल शासित और शासक के संबंध तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे राज्य–व्यवस्था के केंद्र में स्थापित करते हैं। वे स्पष्ट रूप से कहते हैं कि प्रजा “स्वामी के समान मूल्यवान” है, अर्थात् नागरिकों का हित और सुरक्षा सर्वोच्च शासन–धर्म है। अर्थशास्त्र  में नागरिकों की रक्षा, आजीविका का प्रबंध, व्यापार की स्वतंत्रता और निगरानी, शिक्षा की उपलब्धता तथा न्याय की सुलभता को राज्य की अनिवार्य जिम्मेदारियों में गिना गया है। कौटिल्य के अनुसार नागरिकता (प्रजा–स्थिति) पाने का आधार जन्म, राज्य की स्वीकृति, राज्य के नियम–पालन, कौशल या पेशे के आधार पर स्वीकार्यता, तथा कर और कर्तव्यों का पालन था अर्थात जो राज्य की सुरक्षा स्वीकार करे और उसके नियमों का पालन करे, वही नागरिक माना जाता था।

                गुप्त, मौर्य और अन्य प्राचीन भारतीय राज्यों में नागरिकता का स्वरूप औपचारिक कानून के बजाय सामाजिक स्वीकार्यता, स्थानीय संस्थाओं में सहभागिता और राज्य–सुरक्षा पर आधारित था। इन कालों में नागरिकता प्राप्त करने का प्रमुख आधार जन्म, स्थायी निवास और किसी नगर, ग्राम या गिल्ड (श्रेणी) का मान्य सदस्य बनना था। व्यापारी, कारीगर और शिल्पकार जब किसी गिल्ड में शामिल होते थे, तो उन्हें उस गिल्ड के संरक्षण, नियमों और न्याय–व्यवस्था के माध्यम से नागरिक अधिकार प्राप्त होते थे। जो व्यक्ति राज्य को कर देता, सामुदायिक दायित्व निभाता और राज्य के नियमों का पालन करता, उसे पूर्ण ‘प्रजा‘ यानी नागरिक माना जाता था। इस प्रकार प्राचीन भारत में नागरिकता जन्म, निवास, पेशागत समूह की सदस्यता और राज्य–सुरक्षा—चारों के सम्मिलित आधार पर स्थापित होती थी।

                मध्यकालीन भारत में नागरिकता का स्वरूप समुदाय आधारित, सहमति प्रधान और स्थानीय प्रशासन पर आधारित दिखाई देता है। इस समय गाँवों और नगरों में पंचायतें न्याय, प्रशासन, विवाद–निराकरण और सामाजिक व्यवस्था का संचालन करती थीं। पंचायतें केवल प्रशासनिक संस्थाएँ नहीं थीं, बल्कि वे नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों के निर्धारण का मुख्य आधार भी थीं। इनके निर्णय सामूहिक सहमति से लिए जाते थे, जिससे नागरिकता का स्वरूप स्थानीय सहभागिता और सामुदायिक जिम्मेदारी पर आधारित बनता था।

               आधुनिक भारत में नागरिकता औपनिवेशिक मन:स्थिति से निकलकर संविधान के भाग 2 (नागरिकता) के माध्यम से एक स्पष्ट, अधिकार–आधारित और लोकतांत्रिक स्वरूप धारण करती है। स्वतंत्रता आंदोलन द्वारा स्थापित स्वराज, स्वतंत्रता, समानता और सक्रिय सार्वजनिक सहभागिता के सिद्धांत अब संवैधानिक नागरिकता की नींव बनते हैं। संविधान के भाग 2 के अनुसार नागरिकता जन्म, वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण और क्षेत्र के शामिल होने के आधार पर निर्धारित होती है। यह वही विचार है जो स्वतंत्रता संग्राम की व्यापक एवं सहभागी नागरिकता–दृष्टि को कानूनी रूप देता है। इस प्रकार आधुनिक काल में भारतीय नागरिकता नैतिकता, भागीदारी और अधिकार के पारंपरिक मूल्यों को संवैधानिक ढाँचे में स्थापित करती है। ये सभी मूल्य भारतीय चिंतन परंपरा की ही अभिव्यक्ति हैं।

डा. आलोक कुमार द्विवेदी, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से दर्शनशास्ञ में पीएचडी हैं। वर्तमान में वह KSAS, लखनऊ में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। यह संस्थान अमेरिका स्थित INADS, USA का भारत स्थित शोध केंद्र है। डा. आलोक की रुचि दर्शन, संस्कृति, समाज और राजनीति के विषयों में हैं।

Tags: कौटिल्यगुप्त कालदर्शनभारतीय ज्ञान परंपराभारतीय संविधानमहाभारत कालवैदिक भारतसंविधान
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

अरुणाचल प्रदेश के वनवासियों को धर्मांतरण से बचाने वाले तालोम रुकबो: एक भूले-बिसरे नायक की कहानी

अगली पोस्ट

उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन बदलाव की तैयारी शुरू- 14 दिसंबर को होगा नए प्रदेश अध्यक्ष का ऐलान

संबंधित पोस्ट

कोर्ट ने भोजशाला को 'वाग्देवी मंदिर' माना है और हिंदू पक्ष को वहां पूजा-अर्चना का पूरा अधिकार देने की बात कही।
इतिहास

भोजशाला: इतिहास, संघर्ष और “विजेता भाव” की अनकही कहानी

16 May 2026

जब किसी आक्रांता ने किसी मंदिर को तोड़ा होगा, तब शायद उसे यह विश्वास रहा होगा कि उसने केवल पत्थर नहीं गिराए, बल्कि एक सभ्यता...

भोजशाला पर हिंदुओं की बड़ी जीत
इतिहास

धार की भोजशाला को इंदौर हाईकोर्ट ने माना वाग्देवी मंदिर माना, मुस्लिमों के नमाज़ के अधिकार का दावा ख़ारिज

15 May 2026

मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर वर्षों से चल रहे विवाद पर आज बड़ा न्यायिक फैसला आया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने...

नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी
चर्चित

नीट (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली में अहम बदलाव: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बड़े ऐलान और भविष्य की तैयारी

15 May 2026

नीट-यूजी पेपर लीक मामले ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। 22 लाख छात्रों के भविष्य और देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited