TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पीएम मोदी बोले– विध्वंस नहीं, यह भारत की आत्मा का पुनर्जागरण

    सोमनाथ 1000 वर्ष: मोदी ने कहा– आस्था को नष्ट नहीं किया जा सकता

    बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

    भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

    मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

    राजनीतिक संकट और हिंसा के बीच बांग्लादेश की सड़कें तनावपूर्ण

    1971 कोई विकल्प नहीं: राष्ट्र की स्थापना की स्मृति और इतिहास के कमजोर पड़ने का खतरा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था

    ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

    16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था

    ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    संसद हमले की बरसी: आपको कॉन्स्टेबल कमलेश कुमारी याद हैं? 

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है

    वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

    अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा

    क्या अमेरिका में कानून का राज कमजोर पड़ रहा है? मिनियापोलिस ICE गोलीबारी से उठते सवाल

    लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क का खुलासा: लश्कर शिविर में दिखा हमास का नाजी ज़हीर

    ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है

    वेनेज़ुएला जैसा प्रयोग ईरान में? अमेरिका की रणनीति पर सवाल

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    भारतीय संविधान

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

    औरंगज़ेब ने जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार मे ज़िंदा चुनवाने का आदेश दिया था

    वीर बाल दिवस: क्रिसमस-नववर्ष का जश्न तो ठीक है लेकिन वीर साहिबजादों का बलिदान भी स्मरण रहे

    गुरु गोबिंद सिंह जी ने मुगल शासक औरंगज़ेब की अधीनता स्वीकार करने से इंकार कर दिया

    वीर बाल दिवस: उत्सवों के बीच साहिबज़ादों के अमर बलिदान को नमन

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ग्रेट निकोबार द्वीप को ‘हांगकांग’ में बदलने की तैयारी कर रहा भारत

भारत सरकार अब चीन की हिंद महासागर में बढ़ती धमक को करारा जवाब देने के लिए अपने ग्रेट निकोबार द्वीप को 'हांगकांग' में बदलने की तैयारी कर रही है।

Akash Gaur द्वारा Akash Gaur
29 February 2024
in अर्थव्यवस्था, भू-राजनीति, रक्षा
मलक्‍का स्‍ट्रेट, ग्रेट निकोबार द्वीप, भारत, चीन
Share on FacebookShare on X

मालदीव से लेकर म्‍यांमार तक हिंद महासागर में फुफकार रहे चीनी ड्रैगन पर लगाम लगाने के लिए भारत ने कमर कस ली है। भारत सरकार के निशाने पर चीन की दुखती रग है जिसे दुनिया मलक्‍का स्‍ट्रेट के नाम से जानती है। इंडोनेशिया से सटे इस संकरे समुद्री रास्‍ते से ही ‘दुनिया की फैक्‍ट्री’ कहा जाने वाला चीन पश्चिम एशिया, भारत और यूरोप के ज्‍यादातर देशों से व्‍यापार करता है। 

इसी मलक्‍का स्‍ट्रेट से ही जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान, दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ भी दुनिया का व्‍यापार होता है। मलक्‍का स्‍ट्रेट के इसी व्‍यापारिक मार्ग के पास भारत का अंडमान निकोबार द्वीप समूह स्थित है। 

संबंधितपोस्ट

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

अपाचे सौदे पर ट्रंप के दावे बनाम हकीकत: भारत ने दिखाया सच का आईना

चीन में गणतांत्रिक वादे की त्रासदी उसका घरेलू मामला भर नहीं है, इसका प्रभाव पूरी दुनिया महसूस कर रही है

और लोड करें

भारत सरकार अब चीन की हिंद महासागर में बढ़ती धमक को करारा जवाब देने के लिए अपने ग्रेट निकोबार द्वीप को ‘हांगकांग’ में बदलने की तैयारी कर रही है। भारत का यह हांगकांग जहां आर्थिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है, वहीं समुद्र के अंदर हिंदुस्‍तान की जोरदार सैन्‍य ताकत का प्रतीक भी होगा।

और पढ़ें:- दक्षिण चीन सागर में चीन को रोकने के लिए भारत का बढ़ता प्रभाव।

भारत के ग्रेट निकोबार को आर्थिक और सैन्‍य केंद्र के रूप में बदलने के प्‍लान पर रक्षा विश्‍लेषकों का कहना है कि जिस तरह से चीन हिंद महासागर में अपनी ताकत बढ़ा रहा है, उसको देखते हुए भारत को तत्‍काल इस बात की आवश्‍यकता है कि वह अंडमान के पास अपनी नौसैनिक उपस्थिति को जोरदार तरीके से बढ़ाए। 

भारत हिंद महासागर में चीन की बढ़ती उपस्थिति को लेकर चिंतित है, जिसमें पाकिस्‍तान, म्‍यांमार तथा श्रीलंका में उसके हंबनटोटा बंदरगाह और मालदीव में जासूसी जहाज की हाल की गतिविधियां शामिल हैं।

ग्रेट निकोबार में क्‍या है भारत का प्‍लान ?

इसी को देखते हुए अपने समुद्री हितों की रक्षा के लिए, भारत अपने रणनीतिक रूप से अहम ग्रेट निकोबार द्वीप के विकास में 9 बिलियन डॉलर का निवेश करने का इरादा बना चुका है। भारत इसे हांगकांग के दक्षिण एशियाई संस्करण के रूप में देखता है।

ग्रेट निकोबार की विकास योजनाओं में एक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, एक शिपिंग टर्मिनल, पर्यटन बुनियादी ढांचा, एक बिजली संयंत्र और एक औद्योगिक क्षेत्र शामिल है। सरकार की पहल आर्थिक क्षमता और पर्यटन लाभों पर प्रकाश डालती है।

वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की हालिया ग्रेट निकोबार द्वीप की यात्रा को इस क्षेत्र में विकास परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। अंडमान निकोबार द्वीप समूह भारत की मुख्‍यभूमि से 1800 किमी की दूरी पर है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। 

भारत और दुनिया में निकोबारी और शोमपेन जनजातियों को लेकर चिंता जताई गई है जो धरती पर पाई जाने वाली सबसे अलग-थलग जनजातियों में से हैं। आलोचकों का तर्क है कि सरकार ने इन जनजातियों के भविष्य पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी है। हालांकि, इन द्वीपों पर इस मेगाप्रोजेक्ट का उद्देश्य समुद्री विकास को बढ़ावा देना है और इसमें एक रणनीतिक बंदरगाह है जो बड़े कंटेनर जहाजों को समायोजित कर सकता है। इससे क्षेत्र में आर्थिक विकास की काफी संभावना है।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत के लिए विशेष महत्व रखते हैं, कई कारणों से:

  • सुरक्षा: ये द्वीप समूह भारतीय समुद्री सीमा के महत्वपूर्ण हिस्से में स्थित हैं और समुद्री सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनके माध्यम से भारतीय सैन्य और सुरक्षा बलों का प्रभाव विस्तार होता है। वहीं, जिस तरह हिंद महासागर में चीन अपनी मौजूदगी स्थापित करता जा रहा है उस हिसाब से भारत अपने इस क्षेत्र से चीन की आर्थिक कमर किसी भी समय तोड़ सकता है क्योंकि चीन का 80% व्यापार इसी रास्ते से होता है। 
  • रणनीति: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भू-राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण हैं। ये भारत के सागरीय रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  • संसाधन: ये द्वीप समूह अमूमन समृद्ध संसाधनों से भरपूर हैं, जैसे कि जलवायु, वन्य जीवन, और समुद्री संपदा। इसके साथ ही, यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है जो भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए उपयोगी हैं।
  • पर्यटन: अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह पर्यटन का एक महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनकी सुंदरता, समुद्री जीवन, और एकांत में स्थिति इन्हें एक आकर्षक और विश्वसनीय पर्यटन स्थल बनाती है।

इन सभी कारणों से, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा, आर्थिक विकास, और राजनीतिक महत्त्व रखते हैं।

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत की रक्षा और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, खासकर भारत के तट से निकटतम स्थित होने के कारण। इन द्वीपों की रणनीतिक महत्त्वपूर्णता को बढ़ावा देते हुए, भारत ने इसके माध्यम से अपनी सागरीय सुरक्षा को मजबूत किया है।

चीन के साथ भारत के संबंधों को लेकर, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। ये भारत को चीनी समुद्री गतिरोध के खिलाफ रणनीतिक उपाय अपनाने में मदद करते हैं। इन द्वीपों की रणनीतिक स्थिति और उनकी विशेषता के कारण, भारत अपने प्रतिरक्षा क्षमताओं को और भी प्रभावी बना सकता है, जिससे वह अपने क्षेत्रीय हितों की सुरक्षा और अपने मुद्दों की सुरक्षा कर सकता है।

साथ ही, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के महत्व को समझकर, भारत ने उसके विकास और पर्यटन को बढ़ावा दिया है, जिससे द्वीपों की सुरक्षा में और भी मजबूती आई है। इससे चीन को भारत के समुद्री प्रभाव को झेलना पड़ता है। संक्षेप में, अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह भारत की सुरक्षा को बढ़ावा देते हैं, जिससे भारत चीन के साथ रणनीतिक और वाणिज्यिक संघर्ष में अधिक प्रभावी हो सकता है।

और पढ़ें:- UN ने तुर्की और पाकिस्तान को भारत ने लगाई फटकार, कहा- कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा

Tags: ChinaGreat Nicobar IslandIndiamalacca straitग्रेट निकोबार द्वीपचीनभारतमलक्‍का स्‍ट्रेट
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

UN में तुर्की और पाकिस्तान को भारत ने लगाई फटकार, कहा- कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा

अगली पोस्ट

भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के साथ स्टील्थ पनडुब्बी बेचने को तैयार स्पेन

संबंधित पोस्ट

वेनेजुएला के मामले में भारत की नपी-तुली प्रतिक्रिया रही है
अमेरिकाज़

वेनेजुएला-अमेरिका संघर्ष पर भारत का संतुलित रुख क्या दर्शाता है ?

8 January 2026

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में पैदा होने वाले तनाव अक्सर वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय बन जाते हैं, खासकर जैसा कि अमेरिका और...

डॉ. जयतीर्थ आर. जोशी को ब्रह्मोस एयरोस्पेस का महानिदेशक नियुक्त किया था
चर्चित

ब्रह्मोस एयरोस्पेस के DG & CEO की नियुक्ति रद्द,  ट्रिब्यूनल ने DRDO की चयन प्रक्रिया को बताया मनमाना

29 December 2025

केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT), हैदराबाद पीठ ने ब्रह्मोस एयरोस्पेस के महानिदेशक (DG) की नियुक्ति को रद्द कर दिया है। अधिकरण ने पाया कि रक्षा अनुसंधान...

16 दिसंबर को पाकिस्तान के पूर्वी मोर्चे के कमांडर जनरल ए के नियाजी ने 93,000 सैनिकों के साथ सरेंडर किया था
इतिहास

ढाका सरेंडर: जब पाकिस्तान ने अपने लोगों की अनदेखी की और अपने देश का आधा हिस्सा गंवा दिया

16 December 2025

16 दिसंबर 1971 को ढाका में भारतीय और बांग्लादेशी कमांडरों की मौजूदगी में एक शांत लेकिन ऐतिहासिक दृश्य सामने आया, जब पाकिस्तान की ईस्टर्न कमांड...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

Trump makes false apache deal claims, runs down India US relations

00:05:44

Captured Turkish YIHA drone Showed by the Indian Army |Defence News| Operation Sindoor

00:00:58

A War Won From Above: The Air Campaign That Changed South Asia Forever

00:07:37

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited