TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी अवरोध को “करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात” बताया; चेतावनी दी कि 2026 के बाद परिसीमन भारत के संघीय संतुलन को नया आकार दे सकता है

    नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी अवरोध को “करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात” बताया; चेतावनी दी कि 2026 के बाद परिसीमन भारत के संघीय संतुलन को नया आकार दे सकता है

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    महिला आरक्षण विधेयक बिल पास न होने पर मचा बवाल, विपक्ष को बेनकाब करेगी सरकार

    महिला आरक्षण विधेयक बिल पास न होने पर मचा बवाल, विपक्ष को बेनकाब करेगी सरकार

    नरसिम्हा राव: वो प्रधानमंत्री जिसकी लाश के लिए कांग्रेस ने दरवाजा नहीं खोला, अमित शाह ने संसद में कुरेदा इतिहास का सबसे गहरा जख्म

    नरसिम्हा राव: वो प्रधानमंत्री जिसकी लाश के लिए कांग्रेस ने दरवाजा नहीं खोला, अमित शाह ने संसद में कुरेदा इतिहास का सबसे गहरा जख्म

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी अवरोध को “करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात” बताया; चेतावनी दी कि 2026 के बाद परिसीमन भारत के संघीय संतुलन को नया आकार दे सकता है

    नायडू ने महिला आरक्षण विधेयक पर विपक्षी अवरोध को “करोड़ों महिलाओं के साथ विश्वासघात” बताया; चेतावनी दी कि 2026 के बाद परिसीमन भारत के संघीय संतुलन को नया आकार दे सकता है

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    महिला आरक्षण विधेयक बिल पास न होने पर मचा बवाल, विपक्ष को बेनकाब करेगी सरकार

    महिला आरक्षण विधेयक बिल पास न होने पर मचा बवाल, विपक्ष को बेनकाब करेगी सरकार

    नरसिम्हा राव: वो प्रधानमंत्री जिसकी लाश के लिए कांग्रेस ने दरवाजा नहीं खोला, अमित शाह ने संसद में कुरेदा इतिहास का सबसे गहरा जख्म

    नरसिम्हा राव: वो प्रधानमंत्री जिसकी लाश के लिए कांग्रेस ने दरवाजा नहीं खोला, अमित शाह ने संसद में कुरेदा इतिहास का सबसे गहरा जख्म

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    महिलाओं की आर्थिक ताकत का बड़ा उछाल: भारत में ₹76 लाख करोड़ का क्रेडिट पोर्टफोलियो, नई रिपोर्ट का खुलासा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    भारत के परमाणु कार्यक्रम का दूसरा चरण शुरू, कल्पक्कम ब्रीडर रिएक्टर ने हासिल की ‘क्रिटिकलिटी’

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम

    ‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारतेंदु हरिश्चंद्र: अंग्रेजी शासन को आइना दिखाने वाले राष्ट्रवादी साहित्यकार जिन्होंने लेखनी से क्रांति की अलख जगाई

बाल्यकाल में ही भारतेंदु ने कविता लिखना शुरू कर दिया था और सिर्फ 15 वर्ष की आयु में अपनी पहली काव्य रचना की

architsingh द्वारा architsingh
25 November 2024
in इतिहास, ज्ञान
भारतेंदु हरिश्चंद्र: अंग्रेजी शासन को आइना दिखाने वाले राष्ट्रवादी साहित्यकार जिन्होंने लेखनी से क्रांति की अलख जगाई
Share on FacebookShare on X

वर्षों तक गुलामी की बेड़ियों में जकड़े भारत को आजाद कराने में अनेक महापुरुषों ने अपना बलिदान दिया। मुगलों के बाद अंग्रेजों ने भी भारत को गुलाम बनाया। गुलामी के इस दौर से निकलने के लिए अनेक छोटी–बड़ी क्रांतियाँ एवं विद्रोह हुए। एक ओर इन क्रांतियों और विद्रोहों के नायक–नायिकाएं अपने प्राणों को बलिदान कर रहे थे तो दूसरी ओर तत्कालीन आधुनिक युगीन राष्ट्रवादी साहित्यकार अपनी लेखनी से जनमानस में क्रांति की चेतना जाग्रत कर रहे थे।

आज हम बात करेंगे एक ऐसे साहित्यकार की जिसने 19वीं सदी के प्रारंभ से ही साहित्य में नवजागरण के माध्यम से भारत की हताश जनता को जाग्रत करने का प्रयास किया। ये साहित्यकार हैं भारतेंदु हरिश्चंद्र। 9 सितंबर 1850 में वाराणसी के एक प्रतिष्ठित वैश्य परिवार में भारतेंदु का जन्म हुआ था।

संबंधितपोस्ट

राजा महेंद्र प्रताप सिंह: आजादी की लड़ाई का योद्धा, जिसने काबुल में बनाई थी स्वतंत्र भारत की पहली निर्वासित सरकार

आज़ाद हिंद फौज: भारत की वह बंदूक जिसने ब्रिटिश साम्राज्य की नींव हिला दी

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की रचनाओं का संकलन ‘रोचक बाल कहानियाँ’ बच्चों के लिए है उत्कृष्ट रचना

और लोड करें

भारतेंदु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी साहित्य के जनक के रूप में माने जाते हैं। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, जिन्होंने साहित्य, पत्रकारिता, नाटक और कविता के माध्यम से समाज में जागरूकता और नवजागरण की भावना पैदा की। बाल्यकाल से ही वे साहित्य और संस्कृति के प्रति आकर्षित थे। भारतेंदु का बचपन विलासिता और कला के वातावरण में बीता। उनके पिता, गोपालचंद्र, स्वयं एक कवि थे, और उनके परिवार में संगीत और साहित्य का माहौल था। बाल्यकाल में ही भारतेंदु ने कविता लिखना शुरू कर दिया था। मात्र 15 वर्ष की आयु में उन्होंने अपनी पहली काव्य रचना की। उनकी शिक्षा–दीक्षा बनारस में हुई, जहां उन्होंने अंग्रेजी और संस्कृत का गहन अध्ययन किया।

ये तो हुईं इनके बचपन की बातें लेकिन यहाँ एक तथ्य ध्यान देने योग्य है कि 1850 में इनका जन्म हुआ था और जन्म के महज 7 वर्ष बाद ही 1857 का संग्राम भी हुआ था। स्पष्ट है कि भारतेंदु हरिश्चंद्र का समय औपनिवेशिक भारत का दौर था, जब अंग्रेजों का शासन अपने चरम पर था। ब्रिटिश सरकार भारतीयों का शोषण कर रही थी, और समाज विभिन्न प्रकार की आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक समस्याओं से ग्रस्त था। 1857 के स्वतंत्रता संग्राम को सफलता न मिलने से भारतीयों में कहीं–न–कहीं निराशा का माहौल था। विदेशी शासन के कारण भारतीय संस्कृति, भाषा और परंपराओं पर संकट था। ऐसे समय में नवजागरण का उद्देश्य भारतीय समाज को आत्मचेतना, राष्ट्रीयता और सांस्कृतिक गर्व के प्रति प्रेरित करना था। वास्तव में जब अंग्रेजों की शोषणकारी नीतियों से परेशान जनता ने अत्याचार को ही अपना भाग्य समझ लिया उस समय भारतेंदु ने अपने काव्य के माध्यम से न केवल अतीत के गौरव का ज्ञान कराया बल्कि अंग्रेजी शासन की तीखी आलोचना करके जन चेतना भी जाग्रत की। भारतेंदु भारत के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए लिखते हैं– 

“जो भारत जग में रह्यो सब सों उत्तम देश

ताही भारत में रह्यो अब नहीं सुख को लेस।“

भारत के पौराणिक इतिहास को याद करते हुए उनकी लेखनी से ‘जहं भीमकरन अर्जुन की छटा दिखती, वहां रही मूढ़ता कलह अविद्या राती।‘ जैसी पंक्तियाँ निकल पड़ती हैं।

यहाँ बता दें कि अतीत का गौरव गान भारतेंदु यूँ ही नहीं करते अपितु भारतीय जनता की निराशा को दूर करने के लिए करते हैं। इस मनोवैज्ञानिक तथ्य से हम सभी परिचित हैं कि किसी हताश हो चुके व्यक्ति को ठीक करने के लिए कई बार उसकी शक्तियों का स्मरण उसे कराया जाता है यथा रामचरितमानस में भी जब हनुमान अपनी शक्तियों को भूल जाते हैं तो उन्हें यह याद दिलाया जाता है कि “कौन सो काज कठिन जग माहीं, जो नहिं होहि तात तुम पाहीं।” भारतेंदु भी अपनी रचनाओं के माध्यम से कहीं–न–कहीं यही कार्य कर रहे थे।

भारतेंदु ने अपनी काव्य रचनाओं के माध्यम से समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य किया। उनके साहित्य में आधुनिकता, राष्ट्रीयता और भारतीय संस्कृति के प्रति प्रेम का अनोखा समन्वय मिलता है। उनकी रचना ‘भारत दुर्दशा‘ में उन्होंने भारत की दयनीय स्थिति का मार्मिक वर्णन किया। इस नाटक के माध्यम से उन्होंने ब्रिटिश शासन के शोषण, भारतीयों की गरीबी और देशभक्ति की भावना को अभिव्यक्त किया। चूँकि इस समय ब्रिटिश शासन ने भारतीयों को लूटने के लिए तरह–तरह के कर लगाए थे, भारत का सारा कच्चा माल बेहद सस्ते दामों पर बाहर भेज दिया जाता था। भारतेंदु इस स्थिति को कुछ इस तरह अपनी रचनाओं में लिखते हैं– 

“अंग्रेज राज सुख साज सजे सब भारी 

पै धन विदेस  चलि जात यह अति ख्वारी 

ताहू पर महंगी काल रोग विस्तारी 

दिन दिन दुख  इस देत  हा हा री 

सब के ऊपर टिक्क्स  की आफत आई 

हा हा भारत दुर्दशा न देखी जाई।”

इतिहास के अध्ययन से भी हमें पता चलता है कि अंग्रेजों द्वारा बनाई गईं सभी नीतियाँ भारत के हित में बिल्कुल नहीं थीं बल्कि वे अंदर–ही–अंदर भारत को खोखला कर रही थीं। हालाँकि, उस समय अंग्रेजों की आलोचना करना बिल्कुल आसान नहीं था। अनेक पत्रिकाओं, पुस्तकों आदि को प्रतिबंधित कर दिया गया था किंतु भारतेंदु खुले शब्दों में अंग्रेजों की आलोचना करते हुए लिखते हैं– 

“भीतर भीतर सब रस चूसै

बाहर से तन मन धन मूसै

जाहिर बातन में अति तेज

क्यों सखि साजन? नहीं अंगरेज।“

किसी भी राष्ट्र की उन्नति के लिए ‘स्व‘ बेहद आवश्यक है। भारतेन्दु भी स्वदेशी के समर्थक थे। यही वजह है उन्होंने स्वदेशी भाषा के उत्थान के लिए व्यापक कार्य किया। जहाँ एक ओर अंग्रेजों द्वारा हमारी भाषाओं को हीन बताकर अंग्रेजी को बढ़ावा दिया जा रहा था तो भारतेन्दु ‘निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल‘ लिख रहे थे। हालाँकि अंग्रेजी के महत्व को भी वो समझते थे किंतु अंग्रेजी को निज भाषा के स्थान पर रखना उन्हें स्वीकार नहीं था– 

“अंगरेजी पढ़िकै जदपि सब गुन होत प्रवीन।

वै निज भाषा ज्ञान बिनु, रहत हीन के हीन।”

इतना ही नहीं भारतेंदु ने ‘नीलदेवी‘ और ‘अंधेर नगरी‘ जैसे नाटकों के माध्यम से सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। ‘अंधेर नगरी‘ में भ्रष्टाचार और न्याय प्रणाली की विफलता पर तीखा व्यंग्य किया गया है। इस नाटक का एक संवाद– “अंधेर नगरी, चौपट राजा। टके सेर भाजी, टके सेर खाजा।” तत्कालीन समाज की अनियमितताओं और शोषणकारी व्यवस्था को दर्शाता है।

तत्कालीन समय में अंग्रजों ने फूट डालो, राज करो की जो नीति अपनाई थी वह कामयाब भी हुई और वास्तव में ऐसी फूट पड़ी कि आजादी के इतने वर्षों तक भी उसके जख्मों को देखा जा सकता है। आज भी इस बात को नकारा नहीं जा सकता कि ‘बंटेंगे तो कटेंगे‘। भारतेंदु ने भी इस बात को रेखांकित किया है कि जब भी भारत में फूट पड़ी है उसका परिणाम बेहद भयानक हुआ है– 

“जग में घर की फूट बुरी,

घर की फूटहिं सों बिन साई सुबरन लंक पुरी,

फूटहिं सों सब कौरव नासै, भारत युद्ध भयो,

जाको घारो या भारत में अबलो नहिं पुज्यो,

फूटहिं सों जयचंद बुलायो, जबरन भारत धाम,

जाको फल अबलौं भोगता सब, आरज होई गुलाम।“

ये पंक्तियाँ भारतेंदु के समय में तो प्रासंगिक थीं, आज भी उतनी ही प्रासंगिक हैं। अंतर इतना है उस समय अंग्रेज बाँट रहे थे और वर्तमान में चर्च प्रायोजित आतंकवाद, इस्लामी कट्टरपन तथा कई विदेशी शक्तियाँ भारत को बाँटने में लगी हुई हैं।

चूँकि भारतेंदु एक पत्रकार भी थे अतः उन्होंने पत्रकारिता में निडरता, निष्पक्षता जैसे मूल्यों को शामिल करते हुए बिना किसी भय के जनता की आवाज उठाई। भारतेंदु ने ‘हरिश्चंद्र मैगजीन’, ‘कवि वचन सुधा’ और ‘बाल वोधिनी’ जैसी पत्रिकाओं के माध्यम से जनता को जागरूक किया। इन पत्रिकाओं ने भारतीय समाज के हर वर्ग को सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक विषयों पर जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कुल मिलाकर देखा जाए तो भारतेंदु हरिश्चंद्र ने अपनी कविताओं, नाटकों और लेखों से लोगों को आत्मनिर्भरता, स्वतंत्रता और समाज सुधार की ओर प्रेरित किया। उनके साहित्य ने ना केवल तत्कालीन भारतीय समाज में नवजागरण की चेतना को जगाया, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक मार्गदर्शन प्रस्तुत किया। भारतेंदु हरिश्चंद्र ने अपने समय की राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक चुनौतियों को समझते हुए साहित्य को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने ना केवल भारतीय नवजागरण का मार्ग प्रशस्त किया, बल्कि भारतीय समाज को नई दिशा और दृष्टिकोण प्रदान किया। आजीवन राष्ट्र के प्रति सोचने वाले भारतेंदु ने 6 जनवरी 1885 को इस भौतिक संसार को छोड़ दिया। उनका जीवन और कृतित्व आज भी प्रेरणा का स्रोत है और उनके योगदान को हमेशा सम्मानपूर्वक स्मरण किया जाएगा।

स्रोत: भारतेंदु हरिश्चंद्र, भारत का नवजागरण, हिंदी साहित्य, स्वदेशी आंदोलन, स्वतंत्रता संग्राम, आधुनिक हिंदी साहित्य, Bharatendu Harishchandra, Renaissance of India, Hindi Literature, Swadeshi Movement, Freedom Struggle, Modern Hindi Literature
Tags: Bharatendu HarishchandraFreedom struggleHindi literatureModern Hindi LiteratureRenaissance of IndiaSwadeshi Movementआधुनिक हिंदी साहित्यभारत का नवजागरणभारतेंदु हरिश्चंद्रस्वतंत्रता संग्रामस्वदेशी आंदोलनहिंदी साहित्य
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

पाकिस्तान के कुर्रम में शिया-सुन्नी के बीच हालिया हिंसा में 150 लोगों की हुई मौत; समझें इस विवाद का पूरा इतिहास?

अगली पोस्ट

सिकंदर लोदी की राजधानी, बाबर का फर्जी शिलालेख, मुगलों का कबूलनामा… सम्भल का वो इतिहास, जो आपसे अब तक छिपाया गया

संबंधित पोस्ट

बाबासाहब डॉ भीमराव आंबेडकर, इस्लाम, मुस्लिम
इतिहास

‘भारत पर इस्लामी आक्रमण होगा, तो किस तरफ होंगे सेना के मुस्लिम’? अंबेडकर को था संदेह, लिखा – इस्लाम के लिए हमारा देश दारुल हर्ब

14 April 2026

बाबासाहेब डॉ भीमराव अंबेडकर इस्लामिक कट्टरवाद के खिलाफ बेहद मुखर थे। वे मानते थे कि हिंदू और मुस्लिम ना ही स्वभाव में एक हैं, ना...

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास
इतिहास

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

7 April 2026

‘भारत’ दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यता, संस्कृति और चेतना का जीवंत प्रतीक है। इसकी भूमि पर हर संघर्ष, हर सपना और हर परंपरा हमें हमारी...

लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट
ज्ञान

लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

4 April 2026

भारत के महत्वाकांक्षी मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की तैयारी अब एक नए और बेहद चुनौतीपूर्ण चरण में पहुंच चुकी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ISRO...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited