सोचिये कि एक व्यक्ति को घर पीएम आवास योजना के तहत मिल जाता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत उसके घर में शौचालय बनवा दिया जाता है। परिवार को सरकार से मुफ्त राशन मिल रहा है और दिन का खाना उसके बच्चे मिड-डे मील योजना में स्कूल में खा रहे हैं, जहाँ शिक्षा के अलावा पोशाक आदि भी सरकार ही दे रही है।
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ

    UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ

    UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    1913 में दलाई लामा की घोषणा

    1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग

    बांग्लादेश में जल्द चुनाव की मांग: क्या जल्दीबाज़ी बढ़ाएगी अस्थिरता?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत अमेरिका डिल में जानें क्या है खास बात

    India US Trade Deal: अमेरिका के साथ खेती और डेयरी को लेकर क्या हुई डील? जानें भारत ने क्या लिया फैसला

    सिस्टम की लापरवाही से दिल्ली में एक और मौत

    जल बोर्ड की चूक बनी जानलेवा, जनकपुरी में गड्ढ़े में गिरकर बाइक सवार की मौत

    चिकन नेक भारत की एक पतली ज़मीन की पट्टी है

    चिकन नेक में अंडरग्राउंड रेल कनेक्टिविटी: हकीकत या सिर्फ योजना?

    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    तेजस Mk1-A: बन कर तैया

    तेजस Mk1-A: बन कर तैयार हैं तो फिर Air Force को सौंपे क्यों नहीं गए ? इंजन या HAL की लेट लतीफी- क्या है देरी की असली वजह ?

    भारत में बनाएं जाएंगे स्वदेशी विमान

    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    अग्नि-3 एक तैयार और मैच्योर मिसाइल सिस्टम है

    अग्नि -3 का एक और परीक्षण: भारत एक Active Nuclear Missile को बार-बार Test क्यों कर रहा है?

    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश

    हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

    भारत का ऊर्जा रणनीतिक बदलाव

    रूस पर निर्भरता घटाने की दिशा में भारत का कदम: वेनेजुएला से 20 लाख बैरल तेल की खरीद

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला

    रूसी मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में चाकू से हमला, 4 भारतीय छात्र घायल

    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    भारतीय यूट्यूबर्स की कमाई: करोड़पति बनने वाले टॉप 10 कंटेंट क्रिएटर्स

    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

स्वास्थ्य या शिक्षा नहीं, ‘एक के साथ एक फ्री’ चुनावों का मुद्दा: नागरिकों को नेता क्या समझते हैं – मतदाता या ग्राहक?

जब जनधन योजना के तहत लोगों के खाते खुलवाए गए और आगे भीम जैसे एप्प के जरिये ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा मिली तो अधिकांश छोटे व्यापार भी ऑनलाइन भुगतान की सुविधा ग्राहकों को भी देनी शुरू की।

Anand Kumar द्वारा Anand Kumar
14 November 2024
in मत, राजनीति
मुफ्त की राजनीति, Freebies

मुफ्त पाने के लोभ ने मतदाता को ऐसा उपभोक्ता बना दिया है कि वो स्कूल-कॉलेज की व्यवस्थाएं सुधरने की बातें चुनावी भाषणों में अपने नेताओं से सुनना ही नहीं चाहता

Share on FacebookShare on X

पिछली लोकसभा की बात करें तो मुंबई के चुनावों में हर बार जैसे करीब 50% मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पिछले तीस वर्षों से मुंबई क्षेत्र में ये आंकड़ा 50% या उससे कम ही रहा है। इसकी तुलना में देखें तो राजनेता बिलकुल उल्टा व्यवहार करते हैं। कई वीडियो इन चुनावों के दौर के ऐसे दिखाई दिए जिसमें पत्रकार/यू-ट्यूबर एक समुदाय विशेष के लोगों से बातें कर रहे थे और वो खुलकर स्वीकार रहे थे कि उनकी पत्नी ने ‘लाडली बहना’ में पैसे लिए हैं, उन्हें व्यापार में लोन मिला है, मगर इसके बाद भी वो वोट सत्ताधारी दल (यानी भाजपा) को नहीं देने जा रहे थे।

कांग्रेस की बात करें तो हाल ही में चुनावों में वो महिलाओं को एक लाख नकद ट्रान्सफर का लोभ देती दिखी है। वार्षिक एक लाख का अर्थ हर महीने 8500 रुपये अकाउंट में आ जाना होता है। इसके अलावा किसानों के लिए सब्सिडी और एमएसपी के वादे रहे। दूसरी पार्टियाँ भी पीछे नहीं हैं, चाहे मुफ्त इलाज हो या मुफ्त शिक्षा, कर्ज माफ़ी से लेकर लैपटॉप/टेबलेट तक मुफ्त देने के वादे चुनावों में किये जाते रहे हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि भारत में मतदाता हैं भी या केवल ग्राहक हैं? डिटर्जेंट के पैकेट पर साबुन फ्री, एक किलो चीनी पर चायपत्ती फ्री, कॉफ़ी पर मग फ्री, ऐसा तो ग्राहकों को लुभाने के लिए किया जाता है।

संबंधितपोस्ट

बांग्लादेश चुनाव 2026: दुनिया की नजरें, भारत के लिए क्या है महत्व?”

भाजपा में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत: नितिन नवीन की नियुक्ति क्या कहती है?t

एनडीए के नये नारे से बिहार में बढ़ी राजनीतिक हलचल, जानें क्या है इसका संदेश

और लोड करें

सरकारों का काम एक स्थायी सरकार देना होता है। इसमें सड़कें, बिजली, पानी, अस्पताल, स्कूल के भवन आदि मूलभूत सुविधाओं की बात हो सकती है। अगले पाँच या दस वर्षों के लिए शिक्षा की नीतियां क्या होंगी, कृषि सम्बन्धी कौन से सुधार होंगे, कानूनों में क्या बदलाव आने हैं, उनकी बात हो सकती है। नीतियां निर्धारित करना सरकार का काम है और जो सरकार बनाने निकला है उसे इन्हीं नीतियों पर बात करनी होगी। उदाहरण के तौर पर देखिये कि बैंकिंग से जुड़ा एक बड़ा बदलाव भारत में हुआ। भारत के अधिकांश लोगों के पास बैंक अकाउंट होते ही नहीं थे।

जब जनधन योजना के तहत लोगों के खाते खुलवाए गए और आगे भीम जैसे एप्प के जरिये ऑनलाइन लेन-देन की सुविधा मिली तो अधिकांश छोटे व्यापार भी ऑनलाइन भुगतान की सुविधा ग्राहकों को भी देनी शुरू की। ये एक बड़ा नीतिगत बदलाव था जिससे बैंक में लेन-देन की गिनती और रकम दोनों पर असर पड़ा होगा। जो काम नकद में होता था और आयकर के दायरे में लाना मुश्किल था, उसपर नजर बनाए रखने में भी इससे सुविधा हुई होगी। चुनावों के दौर में ऐसे नीतिगत बदलावों पर कोई बात नहीं होती। जिनपर चर्चा होती है, वो सिर्फ मुफ्त वाली योजनाएं होती हैं।

ऐसी योजनाओं का नुकसान दिखाई देना शुरू नहीं हुआ, ऐसा बिलकुल भी नहीं है। जब पड़ोसी देश श्रीलंका की अर्थव्यवस्था चौपट हुई और सरकार का तख्तापलट हो गया, उसी वक्त इनपर बात शुरू हो गयी थी। उसके बाद भी जब हिमाचल जैसे राज्यों में चुनाव हुए, तो मुद्दा वही मुफ्त योजनाएं रहीं। परिणाम ये हुआ कि हिमाचल सरकार अपने कर्मचारियों को पेंशन-सैलरी भी नहीं दे पा रही, इस स्थिति में पहुँचते राज्यों को हमने देखा। पश्चिम बंगाल में ऐसी ही स्थिति हो चली है, केंद्र से पैसे लेने के लिए केरल जैसे राज्य सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचे। इसमें एक अच्छी बात ये हुई कि सुप्रीम कोर्ट ने विधायिका के मामलों में हाथ डालने से साफ इनकार कर दिया और सर्वोच्च न्यायालय से राज्यों को अपनी मुफ्त बांटो योजनाएं जारी रखने में कोई छूट नहीं मिली। इससे चुनावी मुद्दों पर कोई असर पड़ा हो, ऐसा फिर भी दिखाई नहीं देता क्योंकि महाराष्ट्र जैसे संपन्न माने जाने वाले राज्यों में भी चुनाव ऐसी ही मुफ्त योजनाओं की घोषणाओं पर लड़े जा रहे हैं।

इस पूरे दौर में एक बदलाव ये भी हुआ है कि स्वतंत्रता के समय आम भारतीय लोगों की शिक्षा का जो स्तर था, वो बहुत कम था। शिक्षित लोगों की दर आज के भारत में 70 प्रतिशत के लगभग पहुँचने लगी है। इसके बाद भी शिक्षित मतदाता पुराने दौर के मतदाता से अधिक जागरूक हुआ है क्या? लोग बचत अपनी अगली पीढ़ियों के लिए करते हैं, मकान आने वाली पीढ़ियों के लिए बनवाते हैं, लेकिन जो नीतियां आने वाली पीढ़ियों पर असर डालेगी, उनकी बात नहीं करते। उदाहरण के तौर पर जब ऐसी सभी योजनाओं के साथ टैक्स नहीं बढ़ाया जाएगा, जो कि एक विपक्षी पार्टी का चुनावी वादा है, तो क्रेडिट मार्केट पर इसका असर होगा और इंटरेस्ट रेट बढ़ जाएगा। जब अर्थव्यवस्था धीमी गति से बढ़ रही हो और कर्ज का स्तर पहले ही जीडीपी के 81 प्रतिशत पर पहुँच रहा हो, उस समय ऐसी योजनाएं क्या असर करेंगी, ये सोचना मुश्किल नहीं है।

इनके अलावा अर्थव्यवस्था और देश पर जो एक और असर होगा (या हो रहा है) उसपर भी विचार करना होगा। सोचिये कि एक व्यक्ति को घर पीएम आवास योजना के तहत मिल जाता है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत उसके घर में शौचालय बनवा दिया जाता है। परिवार को सरकार से मुफ्त राशन मिल रहा है और दिन का खाना उसके बच्चे मिड-डे मील योजना में स्कूल में खा रहे हैं, जहाँ शिक्षा के अलावा पोशाक आदि भी सरकार ही दे रही है। उसकी पत्नी को भी लाडली बहन से लेकर अन्य योजनाओं में लाभ मिल रहा है। सौ दिन का काम उसे मनरेगा योजना में मिल जाता है। ऐसे में वो कौशल विकास योजनाओं का लाभ लेकर काम सीखेगा? उसे ज़रूरत क्या है काम करने की? ग्रामीण क्षत्रों में आपको किसान आराम से ये कहते मिल जायेंगे कि उन्हें मजदूर इसलिए नहीं मिलते क्योंकि सरकार सबको मुफ्त में सब दे रही है तो किसी को काम करने की ज़रूरत ही नहीं है। मोदी सरकार ही 80 करोड़ लोगों को मुफ्त भोजन दे रही है।

स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी मुद्दे चुनावों का विषय होने चाहिए थे। मुफ्त पाने के लोभ ने मतदाता को ऐसा उपभोक्ता बना दिया है कि वो स्कूल-कॉलेज की व्यवस्थाएं सुधरने की बातें चुनावी भाषणों में अपने नेताओं से सुनना ही नहीं चाहता। एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुना करने की बात कर रही है, और दूसरी तरफ उसे कर्ज माफी से लेकर भारी सब्सिडी भी दे रही है, तो ऐसे में आय दोगुना करने का न कोई प्रेरक तत्व बचा, न ही कोई लाभ।

जब उसे कर्ज वापस देना ही नहीं है तो आय पहले जितनी थी, या दोगुनी हो गयी क्या फर्क पड़ता है? भारत को बदलना है तो इस रेवड़ी संस्कृति से मुक्ति तो पानी होगी। उसके बिना 2047 में विकसित देश हो जाने का सपना एक सपना भर है। फिलहाल जैसा माहौल है, उसमें तो बस मध्यम-वर्गीय लोगों की गाढ़ी कमाई से वसूले गए टैक्स से सब्सिडी देने की सरकारी योजनाएं देखिये, और बदलावों का इन्तजार कीजिये।

स्रोत: Politics Of Freebies, मुफ्त की राजनीति, Election, चुनाव, Free, Voter, मतदाता
Tags: electionFreebies Politicsचुनावमुफ्त की रेवड़ी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

‘शादी कर जमीन हड़पना ही लक्ष्य’: झारखंड में गाय काट रहे बांग्लादेशी घुसपैठिए, स्थानीय लोग बोले- जहां पहले जंगल था अब सिर्फ मुस्लिमों के घर

अगली पोस्ट

ओवैसी बंधुओं का ’15 मिनट’ वाला प्रयोग: हिंदुओं को धमकाएंगे तभी मुस्लिम वोट पाएंगे!

संबंधित पोस्ट

लाल किले के पास हमले में जैश का हाथ
भारत

UNSC की रिपोर्ट में खुलासा : जैश-ए-मोहम्मद ने करवाया था लाल किले के पास धमाका

12 February 2026

संयुक्त राष्ट्र (UN) की आतंकवाद विरोधी निगरानी टीम ने हाल ही में लाल किले पर हुए हमले को लेकर एक अहम खुलासा किया है। यूएन...

राहुल गांधी का ट्रंप से संदेश
AMERIKA

हमसे बराबरी का दर्जा देकर बात करें’: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर राहुल गांधी का ट्रंप को संदेश

11 February 2026

संसद में कुछ हफ्तों तक हंगामे के बाद, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन में पूर्व सेना प्रमुख (सेवानिवृत्त) जनरल एमएम...

1913 में दलाई लामा की घोषणा
भारत

1913 में दलाई लामा की घोषणा: तिब्बत की स्वतंत्रता और चीन के दावे की चुनौती

11 February 2026

13 फरवरी, 1913 को दलाई लामा ने तिब्बती स्वतंत्रता की घोषणा की। इसने चीन के तिब्बत पर दावे को ध्वस्त कर दिया और तिब्बतियों के...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05

India’s Swadesi ‘Meteor’: World’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited