ट्रंप की मध्य-पूर्व शांति पहल: गाज़ा समझौते पर दबाव, नेतन्याहू अब भी संशय में
TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

ट्रंप की मध्य-पूर्व शांति पहल: गाज़ा समझौते पर दबाव, नेतन्याहू अब भी संशय में

इस बार चर्चा के केंद्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिन्होंने गाज़ा में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अचानक शांति योजना पेश कर दी है। ट्रंप ने खुले शब्दों में कहा है कि अगर दोनों पक्ष जल्द नहीं मानते, तो भयावह रक्तपात सामने होगा।

Vibhuti Ranjan द्वारा Vibhuti Ranjan
6 October 2025
in AMERIKA, भू-राजनीति, रक्षा, रणनीति, विश्व
'भारत एक महान देश है' ट्रंप ने शहबाज शरीफ के सामने ही पीएम मोदी की तारीफ में कह दी ये बात

ट्रंप ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान और भारत बहुत अच्छे से साथ रहेंगे।

Share on FacebookShare on X

मध्य-पूर्व की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। लेकिन इस बार चर्चा के केंद्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं, जिन्होंने गाज़ा में जारी युद्ध को खत्म करने के लिए अचानक फास्ट-ट्रैक शांति योजना पेश कर दी है। ट्रंप ने खुले शब्दों में कहा है कि अगर दोनों पक्ष जल्द नहीं मानते, तो भयावह रक्तपात सामने होगा। लेकिन, इस बार समीकरण पहले से कहीं अधिक पेचीदा हैं। एक ओर ट्रंप की जल्दबाज़ी और अंतरराष्ट्रीय छवि की चिंता है, दूसरी ओर इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक विवशता और सुरक्षा आशंकाएं।

ट्रंप की चेतावनी

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और अब फिर से सत्ता में लौटे ट्रंप ने अपने मंच ट्रुथ सोशल पर संदेश दिया है कि मैं चाहता हूं कि यह समझौता इस हफ्ते पूरा हो। समय बहुत कम है। अगर हम जल्दी नहीं बढ़े तो भारी जनहानि होगी। इस वक्तव्य ने पूरे पश्चिम एशिया में हलचल मचा दी। यह स्पष्ट संकेत था कि ट्रंप एक बार फिर मध्य-पूर्व में निर्णायक भूमिका निभाने की इच्छा रखते हैं। वही इलाका जहां उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल में अब्राहम समझौतों के जरिए अरब देशों और इज़रायल के बीच रिश्तों का नया अध्याय खोला था।

संबंधितपोस्ट

ईरान संकट: भारत के लिए स्थिरता ही सही रणनीति

ट्रंप की ईरान को खुली धमकी: कहा- पूरा देश तबाह कर देंगे

ईरान संकट के बीच भारत पहुंचे UAE राष्ट्रपति, पीएम मोदी से अहम रणनीतिक बातचीत

और लोड करें

इस बार ट्रंप की पहल गाज़ा के युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर केंद्रित है। उनके अनुसार, पहले चरण में हमास के कब्जे से इज़रायली बंधकों को छोड़ा जाएगा और इज़रायली सेना सीमित इलाकों से पीछे हटेगी। इसके बाद दूसरा चरण शुरू होगा, गाज़ा के पुनर्निर्माण और स्थायी शांति व्यवस्था पर। ट्रंप के शब्दों में यह योजना चल पड़ी है, तकनीकी टीमें मिस्र में मिल रही हैं और विवरण तय कर रही हैं।

हमास ने दिखाई नरमी

दिलचस्प बात यह है कि महीनों से लड़ाई में उलझे हमास ने पहली बार कुछ नरमी दिखाई है। संगठन ने ट्रंप की योजना के कुछ हिस्सों को स्वीकार करते हुए युद्धविराम, आंशिक वापसी, कैदियों की अदला-बदली और राहत कार्यों की अनुमति जैसी बातों पर सहमति जताई है। लेकिन, उसने यह शर्त रखी है कि इज़रायल आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई न करने की गारंटी दे और गाज़ा से जबरन पलायन या विस्थापन न हो। ट्रंप के अनुसार, यह आंशिक स्वीकृति भी बड़ी उपलब्धि है। उनके शब्दों में यह “शांति की खिड़की” है जो लंबे समय बाद खुली है।

लेकिन, यहीं से नेतन्याहू का संदेह शुरू हो जाता है। इज़रायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इस प्रस्ताव को सावधानी से देखने की बात कही है। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हम बंधकों की रिहाई के बहुत करीब हैं, लेकिन यह अभी अंतिम नहीं है। हमारी सेना गाज़ा में सक्रिय रहेगी और हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण या तो कूटनीतिक रूप से होगा या सैन्य रूप से। नेतन्याहू का यह वक्तव्य इस बात का संकेत था कि इज़रायल किसी जल्दबाज़ी में नहीं है। उन्हें डर है कि जल्दबाजी में किया गया कोई भी समझौता सुरक्षा के मोर्चे पर इज़रायल को कमजोर कर सकता है।

ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हालिया टकराव इस अविश्वास को और स्पष्ट करता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच हुई एक टेलीफोन वार्ता बेहद तनावपूर्ण रही। ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि मुझे समझ नहीं आता कि तुम हमेशा इतने नकारात्मक क्यों रहते हो। यह जीत है, इसे मानो। इस पर नेतन्याहू ने जवाब दिया कि यह कोई जीत नहीं है, यह हमास की रणनीतिक चाल है। यह संवाद दोनों नेताओं के दृष्टिकोण का फर्क दिखाता है, ट्रंप अपने लिए कूटनीतिक जीत चाहते हैं और नेतन्याहू सुरक्षा व घरेलू राजनीति के समीकरण में फंसे हैं।

हालांकि, इज़रायल के भीतर नेतन्याहू पर दबाव बढ़ रहा है। देश के अति-दक्षिणपंथी गुट किसी भी प्रकार के युद्धविराम को कमज़ोरी के रूप में देखते हैं। वहीं, ट्रंप चाहते हैं कि समझौता तुरंत लागू हो ताकि वे इसे अपनी राजनयिक सफलता के रूप में प्रस्तुत कर सकें। उन्होंने कहा कि हम पहले ही बहुत देर कर चुके हैं। हर पल की देरी निर्दोष नागरिकों के लिए मौत का कारण बन रही है।

इस बीच मिस्र फिर से मध्यस्थ की भूमिका में आ चुका है। काहिरा में हमास और इज़रायल के प्रतिनिधि मिले हैं और मिस्र की खुफिया एजेंसियां इस बातचीत की कमान संभाले हुए हैं। हालांकि, मिस्र की भूमिका हमेशा से दोहरी रही है, एक ओर वह इज़रायल की सुरक्षा चिंताओं को समझता है, दूसरी ओर अरब दुनिया में अपनी मध्यस्थता की छवि भी बनाए रखना चाहता है। मिस्र के लिए यह सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता का प्रश्न भी है, क्योंकि गाज़ा की सीमा उसी के साथ लगती है।

ट्रंप की योजना दो चरणों में बंटी है। पहला युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और मानवीय सहायता की बहाली। दूसरा है हमास का पूर्ण निरस्त्रीकरण और गाज़ा का डिमिलिटराइजेशन। यही दूसरा चरण सबसे कठिन है, क्योंकि हमास ने अब तक अपने हथियार डालने से साफ इंकार किया है। नेतन्याहू कहते हैं कि अगर यह राजनीतिक रूप से नहीं होता, तो सैन्य रूप से होगा। जबकि ट्रंप का कहना है कि डिप्लोमेसी से यह भी संभव है, अगर सभी पक्ष गंभीर हों।

कूटनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक ट्रंप की यह योजना उनकी पुरानी पीस टू प्रॉस्पेरिटी नीति से मिलती-जुलती है, लेकिन इस बार उनका ध्यान गाज़ा की सुरक्षा और पुनर्निर्माण पर है। फर्क सिर्फ इतना है कि अब स्थिति कहीं ज्यादा जटिल और राजनीतिक रूप से अस्थिर है। ट्रंप के लिए यह पहल न केवल मध्य-पूर्व में अपनी पकड़ दोबारा स्थापित करने का मौका है, बल्कि घरेलू राजनीति में खुद को वैश्विक शांति निर्माता के रूप में पेश करने का भी प्रयास है।

इजराइल के सामने दुविधा

इज़रायल के लिए यह रणनीतिक दुविधा का दौर है। नेतन्याहू जानते हैं कि अगर वे अमेरिकी दबाव में समझौते की दिशा में बढ़ते हैं तो दक्षिणपंथी सहयोगी उनका साथ छोड़ सकते हैं। अगर वे इंकार करते हैं तो अमेरिका से संबंध बिगड़ सकते हैं। वह अमेरिका, जिसने दशकों तक इज़रायल को हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बचाए रखा है।

वहीं हमास के लिए यह अस्तित्व का प्रश्न है। उसका आंशिक हां, दरअसल समय खरीदने की रणनीति मानी जा रही है। युद्ध से थके नागरिकों के बीच उसे थोड़ी राहत चाहिए, ताकि वह अपनी पकड़ बनाए रख सके। ट्रंप इस स्थिति को एक कूटनीतिक अवसर मान रहे हैं। वह अवसर जो इतिहास में उन्हें फिर डील मेकर के रूप में स्थापित कर सकता है।

फिलहाल काहिरा में बातचीत जारी है। बमों की आवाज़ फिलहाल थमी हुई है, लेकिन भरोसा नहीं लौटा है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर निगाह रखे हुए हैं। ट्रंप की टीम का कहना है कि अगर यह शांति योजना लागू हुई तो 72 घंटों के भीतर बंधकों की रिहाई और मानवीय कॉरिडोर शुरू हो जाएंगे। लेकिन, वास्तविकता यह है कि गाज़ा की धरती पर हर शांति संधि अब तक अस्थायी ही साबित हुई है।

ट्रंप का यह कदम चाहे राजनीतिक महत्वाकांक्षा से प्रेरित हो या वास्तविक चिंता से, इतना तो तय है कि इससे मध्य-पूर्व की भू-राजनीति में नई हलचल पैदा हुई है। नेतन्याहू इसे समय से पहले कीबोर्ड डिप्लोमेसी मानते हैं, जबकि ट्रंप इसे आखिरी मौका कहते हैं। दोनों अपने-अपने कारणों से सही भी हैं, क्योंकि एक तरफ है अमेरिकी चुनावी मौसम का दबाव और दूसरी तरफ है इज़रायल की जमीनी सुरक्षा।

गाज़ा की यह कहानी फिलहाल अधूरी है। लेकिन, यह भी उतना ही सच है कि इस बार मध्य-पूर्व की शांति का खेल अब सिर्फ अरब और यहूदियों के बीच नहीं है। यह अब दो राजनेताओं के बीच की निजी प्रतिस्पर्धा में बदल चुका है, जिनमें से एक अपनी राजनीतिक विरासत बचाना चाहता है और दूसरा अपनी खोई हुई कूटनीतिक महिमा लौटाना।

अगर यह समझौता सच में आगे बढ़ता है तो यह केवल इज़रायल या हमास की जीत नहीं होगी, बल्कि उस उम्मीद की जीत होगी जो हर युद्ध के बीच दबी रहती है कि एक दिन बंदूकें थक जाएंगी और बातचीत जीत जाएगी। लेकिन, इतिहास यह भी कहता है कि मध्य-पूर्व की शांति हमेशा अस्थायी रही है। शायद ट्रंप की यह शांति पहल भी उसी परंपरा का एक नया अध्याय बनने जा रही है, जहां कूटनीति का हर मोड़ फिर किसी नए विस्फोट की प्रस्तावना बन जाता है।

Tags: CeasefireEgyptGazaIsraelPalestineTrump's peace proposalUSअमेरिकाइज़राइलगाजाट्रंप का शांति प्रस्तावफिलीस्तीनमिश्रयुद्ध विराम
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

महाराष्ट्र में धर्मांतरण रैकेट का खुलासा: ‘बिज़नेस’ के नाम पर चल रहा था धर्मांतरण का एजेंडा

अगली पोस्ट

बीजिंग ने नज़रअंदाज़ किया, ‘संयुक्त राष्ट्र’ ने किया उपेक्षित: 75 साल बाद कहां तक पहुंची तिब्बत के अधिकारों की लड़ाई ?

संबंधित पोस्ट

भारत–EU सहयोग को नई गति
भारत

समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

3 February 2026

पिछले सप्ताह भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए “मदर ऑफ ऑल डील्स” ने भले ही सुर्खियाँ बटोरी हों, लेकिन इसी दौरान एक और...

डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा
भारत

अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

2 February 2026

बेंगलुरु की अंतरिक्ष स्टार्टअप कंपनी डिगांतरा इंडस्ट्रीज़ ने सिंगापुर की रक्षा एजेंसी के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया है। इस साझेदारी का मकसद...

भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील
भारत

भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

31 January 2026

भारत और जर्मनी के बीच करीब 8 अरब डॉलर (70 से 72 हजार करोड़ रुपये) के प्रोजेक्ट-75(I) पनडुब्बी समझौते पर मार्च के अंत तक हस्ताक्षर...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited