ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजराइल के अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की एक संयुक्त सैन्य हमले में मौत हो गई है।
बताया जा रहा है कि तेहरान में उनके परिसर पर एयरस्ट्राइक की गई, जिसके बाद मलबे में उनका शव मिलने का दावा किया गया। हालांकि ईरान ने अभी तक आधिकारिक तौर पर उनकी मौत की पुष्टि नहीं की है।
इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि खामेनेई के जिंदा न होने के “कई संकेत” मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इजराइल ने ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े कई बड़े अधिकारियों को भी निशाना बनाया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भी इस कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह हमला अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा के लिए जरूरी था।
ये हमले तेहरान और अन्य जगहों पर किए गए। इससे पहले भी जून 2025 में इजराइल और ईरान के बीच 12 दिन तक हवाई संघर्ष हुआ था, जिसमें ईरान के परमाणु ठिकानों और सैन्य अधिकारियों को निशाना बनाया गया था।
खामेनेई 1989 से ईरान के सुप्रीम लीडर थे। उन्होंने यह पद ईरान के संस्थापक Ruhollah Khomeini के बाद संभाला था। ईरान में सुप्रीम लीडर के पास सबसे ज्यादा शक्ति होती है। वे सेना, सरकार और बड़े फैसलों पर अंतिम निर्णय लेते हैं।
दूसरी तरफ, ईरान की सरकारी मीडिया का कहना है कि खामेनेई सुरक्षित हैं और हालात पर नजर रख रहे हैं। ईरान ने इन हमलों को गैरकानूनी बताया है और जवाबी कार्रवाई की है। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने इजराइल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों की ओर मिसाइलें दागीं।
अगर खामेनेई की मौत की पुष्टि होती है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व पर पड़ सकता है। इससे ईरान के अंदर राजनीतिक अस्थिरता बढ़ सकती है और क्षेत्र में तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है।
































