इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मंच पर पहुंचे और उन्होंने अपने खास और विनम्र अंदाज में बंगाल की जनता को नमन किया। पीएम मोदी ने जनता की ओर सिर झुकाकर सम्मान व्यक्त किया, जिसे वहां मौजूद लोगों ने भावनात्मक और यादगार पल के रूप में देखा। उनका यह अंदाज बिल्कुल वैसा ही था जैसा उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत के बाद संसद भवन में प्रवेश करते समय दिखाया था, जब उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर को नमन किया था।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री के चेहरे पर खुशी और संतोष साफ दिखाई दे रहा था। मंच पर मौजूद लोगों ने इस दृश्य को तालियों के साथ स्वागत किया। यह पल न केवल शपथ ग्रहण समारोह को खास बना गया, बल्कि इसे राजनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
समारोह में बड़ी संख्या में नेता, कार्यकर्ता और आम लोग मौजूद थे। शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण को लेकर समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर को बंगाल की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है।
पूरे आयोजन ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और नेताओं का पहला कर्तव्य जनता का सम्मान करना है।