सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ दत्ता की बुधवार रात माध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, हमलावरों ने उनकी कार का पीछा किया और फिर उसे धीमा होने पर मजबूर किया। इसके बाद उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी और कम से कम चार गोलियां चलाईं।
इस हमले में दत्ता के सीने और सिर में गंभीर गोली लगी। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उनकी जान नहीं बचा सके।
वहीं, उनके ड्राइवर बुद्धदेब भी हमले में घायल हो गए। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज कोलकाता के SSKM Hospital में चल रहा है।
हमला कैसे हुआ
जांचकर्ताओं के अनुसार, हमलावरों ने माध्यमग्राम में वाहन का पीछा किया और फिर उसे घेर लिया। जैसे ही कार की रफ्तार धीमी हुई, उन्होंने बाहर से गोलीबारी शुरू कर दी।
इसके अलावा, गोली लगने से कार की आगे बाईं तरफ की खिड़की तुरंत टूट गई। शीशे पर मिले गोली के निशानों से पता चला कि फायरिंग बहुत नजदीक से की गई थी।
उधर, स्थानीय लोगों ने कई गोलियों की आवाज सुनने की बात कही, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। घटना के तुरंत बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे। वहीं, पुलिस ने इलाके को घेर लिया और अस्पताल के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी।
अब तक पुलिस हमलावरों की पहचान नहीं कर सकी है। हालांकि, हत्या के पीछे के मकसद की जांच जारी है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं तेज
घटना के तुरंत बाद भाजपा ने All India Trinamool Congress पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया। पार्टी नेताओं ने इस हत्या को राज्य में चुनाव बाद हिंसा के बढ़ते मामलों से जोड़ा।
इसके अलावा, भाजपा नेताओं ने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है और घटना की विस्तृत जांच की मांग की।
इसके चलते दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद अशांति जारी
यह घटना पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के बाद जारी हिंसा और अशांति के बीच हुई है। उल्लेखनीय है कि भाजपा ने चुनाव में मजबूत प्रदर्शन किया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल पुराने शासन को समाप्त कर दिया।
तब से राज्य के कई जिलों में हिंसक घटनाओं की खबरें सामने आई हैं।
उदाहरण के तौर पर, भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की न्यू टाउन में हत्या कर दी गई।
इसके अलावा, कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। टॉलीगंज, कस्बा और पानीहाटी में पार्टी कार्यालयों पर हमला किया गया और राजनीतिक पोस्टर फाड़ दिए गए।
वहीं, Election Commission of India ने चुनाव बाद हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं। इसके बाद पुलिस ने विभिन्न जिलों से कई लोगों को गिरफ्तार किया है।
बढ़ता राजनीतिक टकराव
कुल मिलाकर, हाई-प्रोफाइल चुनावी जीतों के लिए पहचाने जाने वाले वरिष्ठ भाजपा सुवेंदु अधिकारी अब अपने सहयोगी की हत्या के बाद गहरे राजनीतिक टकराव का सामना कर रहे हैं।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है, लेकिन पश्चिम बंगाल में हिंसा और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के चलते तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।































