TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    संघ शताब्दी यात्रा: शाखा से समाज तक

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी

    हरियाणा BJP संगठन में कसावट लाने की तैयारी, स्मृति ईरानी ने नेताओं को दी नसीहत, VIP कल्चर छोड़ने को कहा

    पंजाब

    पंजाब में फिर साथ आ सकते हैं BJP और अकाली दल, अमित शाह के बयान के बाद गठबंधन की चर्चा तेज

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद

    पुलिस स्मृति दिवस पर PM मोदी ने पुलिसकर्मियों को किया याद, अमित शाह ने बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    What MCA Data Reveals About India’s Growing LLP and OPC Ecosystem

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    H-1B पर ट्रंप का नया वार: Microsoft से Infosys-TCS तक शिकंजा, भारतीयों के लिए अमेरिका में नौकरियां खत्म ?

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India GDP Growth: World Bank ने FY27 का अनुमान 7.1% किया,महंगा तेल और El Niño से ग्रोथ पर खतरा

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    India-Switzerland Deal: अमेरिका से ट्रेड डील में गतिरोध के बीच 100 अरब डॉलर का निवेश, 10 लाख नौकरियों का प्लान

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    स्टारशील्ड विवाद के बीच भारत का बड़ा दांव: GSAT-7C से कैसे मजबूत होगी वायुसेना की ताकत?

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    1948 में ‘जल उषा’, 2026 में FSS-1: हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड की 78 साल की समुद्री छलांग

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    अमेरिका में मौत का लाइव तमाशा! कौन हैं निदाल हसन, जिन्हें फायरिंग स्क्वाड से दी जाएगी सजा?

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    भारत का JD Vance को करारा जवाब! भारतीय पेशेवरों पर टिप्पणी को बताया ‘बेहद आपत्तिजनक’, H-1B पर भी साफ की तस्वीर

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    विजयादशमी: “संगठन में शक्ति” का प्रतीक

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    घर: संस्कारों की पहली पाठशाला और राष्ट्र निर्माण का आधार

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    एस्ट्रोटॉक vs अन्य ऐप्स: कौन सा है सबसे बेस्ट राशिफल प्लेटफॉर्म?

    नील विद्रोह

    “नील क्रांति का क्रेडिट भी महात्मा गांधी को मिला” जबकि आंदोलन की वास्तविकता कुछ और ही है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    पीएम मोदी मिलें खिलाड़ियों से

    एशियन गेम्स 2026 के पदक विजेता खिलाड़ियों से मिले PM मोदी, 85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मणिपुर में 18 साल पुराना SoO समझौता खत्म, 2,000 से ज्यादा उग्रवादियों पर क्या होगा असर?

Manipur SoO Agreement: कुकी-जो उग्रवादी संगठनों से शांति समझौता क्यों नहीं बढ़ा, अब क्या होगी सुरक्षा बलों की रणनीति?

Abhishek Sharma द्वारा Abhishek Sharma
24 October 2026
in चर्चित
मणिपुर में 18 साल पुराना SoO समझौता खत्म, 2,000 से ज्यादा उग्रवादियों पर क्या होगा असर?
Share on FacebookShare on X

मणिपुर में शांति बहाली की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है। केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और कुकी-जो समुदाय से जुड़े 25 उग्रवादी संगठनों के बीच करीब 18 साल से लागू Suspension of Operations (SoO) समझौते की अवधि 4 सितंबर 2026 को समाप्त हो गई। इसका नवीनीकरण नहीं हुआ है। राज्य के गृह मंत्री कोंथौजम गोविंदास सिंह ने 23 अक्टूबर को स्पष्ट किया कि फिलहाल राज्य में यह समझौता लागू नहीं है। इस घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था, उग्रवादी संगठनों के भविष्य और राज्य में जारी जातीय तनाव को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।

क्या है SoO समझौता और इसकी जरूरत क्यों पड़ी?

SoO का पूरा नाम Suspension of Operations यानी अभियान रोकने की व्यवस्था है। यह सरकार और सशस्त्र संगठनों के बीच संघर्ष कम करने और राजनीतिक बातचीत का रास्ता खोलने के लिए बनाया गया था। इसके तहत सुरक्षा बल संबंधित संगठनों के खिलाफ आक्रामक अभियान रोकते थे, बशर्ते उग्रवादी संगठन तय नियमों का पालन करें।

संबंधितपोस्ट

महिला आरक्षण के लिए फिर संसद बुलाएगी सरकार? लोकसभा सीटें बढ़ाने और परिसीमन पर विशेष सत्र की तैयारी

पीएम मोदी का फेसबुक वीडियो हटने पर सरकार सख्त, मेटा के अधिकारियों को भारत बुलाया

कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार में क्या हुई चर्चा? दो मांगों पर बनी सहमति, एक पर अटकी बात

और लोड करें

इस समझौते की औपचारिक शुरुआत 22 अगस्त 2008 को हुई थी। इसमें केंद्र सरकार, मणिपुर सरकार और दो प्रमुख संगठनात्मक समूहों—कुकी नेशनल ऑर्गनाइजेशन (KNO) तथा यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (UPF)—के बीच सहमति बनी। इसके पीछे उद्देश्य सशस्त्र संघर्ष को सीमित करना और राजनीतिक समाधान की संभावनाएं तलाशना था।

समझौते के तहत पंजीकृत कैडरों को निर्धारित शिविरों में रहना था। हथियारों को तय नियमों के अनुसार शिविरों की निगरानी वाली शस्त्रागार व्यवस्था में रखना, जबरन वसूली और नई भर्ती जैसी गतिविधियों से दूर रहना भी इसकी शर्तों में शामिल था। इसके बदले सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सीमाएं लागू होती थीं और राजनीतिक बातचीत के लिए एक औपचारिक ढांचा उपलब्ध रहता था।

यह समझौता स्थायी शांति समझौता नहीं था। इसे समय-समय पर बढ़ाया जाता रहा। सितंबर 2025 में भी इसे एक साल के लिए आगे बढ़ाया गया था। लेकिन सितंबर 2026 में इसकी अवधि समाप्त होने के बाद अब तक इसे नवीनीकृत नहीं किया गया है।

समझौते के दायरे में कितने उग्रवादी कैडर थे?

इस व्यवस्था के अंतर्गत 25 उग्रवादी संगठन दो प्रमुख समूहों के तहत आते थे। KNO के अंतर्गत 17 संगठन और UPF के अंतर्गत आठ संगठन शामिल थे। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इन संगठनों के कैडरों की संयुक्त संख्या 2,000 से अधिक थी।

इस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य इन सशस्त्र कैडरों को निर्धारित शिविरों तक सीमित रखना था। हथियारों की निगरानी और सुरक्षा बलों के साथ टकराव से बचने के नियम इसी व्यवस्था का हिस्सा थे।

अब समझौते की अवधि समाप्त होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि इन कैडरों की मौजूदा स्थिति क्या है? कितने लोग अभी भी निर्धारित शिविरों में हैं? कितने बाहर हैं? और शिविरों में जमा कराए गए हथियारों की निगरानी किस व्यवस्था के तहत हो रही है?

इन सवालों के जवाब महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि समझौते के खत्म होने से केवल एक दस्तावेज की वैधता समाप्त नहीं हुई है। इससे सशस्त्र संगठनों और सुरक्षा बलों के बीच लंबे समय से लागू व्यवस्था भी बदल गई है।

समझौता खत्म होने के बाद क्या बदलेगा?

SoO समझौते की अवधि समाप्त होने का सीधा अर्थ है कि इसके तहत मिलने वाली सुरक्षा और अभियान रोकने की व्यवस्था अब पहले की तरह लागू नहीं है। सुरक्षा बलों को संबंधित सशस्त्र संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने में समझौते से मिलने वाली पुरानी पाबंदियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर कैडर अपने आप कानून तोड़ने वाला घोषित हो गया है या सुरक्षा बल बिना कानूनी प्रक्रिया के कोई भी कदम उठा सकते हैं। कार्रवाई तथ्यों, कानून और संबंधित सुरक्षा परिस्थितियों के आधार पर होगी।

मणिपुर के गृह मंत्री ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा अभियान किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं रहेंगे। कुकी, मैतेई या नागा समूहों से जुड़े संदिग्ध ठिकानों पर भी कार्रवाई की जा सकती है। सरकार का घोषित उद्देश्य राज्य में कानून-व्यवस्था बहाल करना है।

लेकिन व्यावहारिक चुनौती यह है कि यदि हजारों सशस्त्र कैडरों को निर्धारित शिविरों में रखने वाली व्यवस्था कमजोर पड़ती है, तो उनकी गतिविधियों पर नजर रखना कठिन हो सकता है। यदि हथियारों की निगरानी और कैडरों की पहचान का प्रभावी तंत्र नहीं रहता, तो सुरक्षा संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।

ताजा हिंसा ने क्यों बढ़ाई चिंता?

समझौते के नवीनीकरण पर अनिश्चितता ऐसे समय में आई है, जब मणिपुर में जातीय तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। 19 अक्टूबर को इम्फाल ईस्ट और कांगपोकपी की सीमा के पास सुनुरोक इलाके में तीन मैतेई नागरिकों की हत्या के बाद तनाव बढ़ गया। इस घटना में कुकी उग्रवादी संगठन से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की जांच की जा रही है। आरोपों को अंतिम रूप से साबित होना अभी बाकी है।

इसके बाद सुरक्षा बलों ने कांगपोकपी जिले के साइनाई स्थित एक निर्धारित शिविर में तलाशी अभियान चलाया। गृह मंत्री के अनुसार, वहां मिले 18 लोगों में केवल एक की पहचान पूर्व SoO व्यवस्था के तहत आने वाले कैडर के रूप में हुई। बाकी 17 लोगों को हिरासत में लेकर उनकी पहचान और संगठनात्मक संबंधों की जांच की गई।

यह मामला इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि निर्धारित शिविरों में कैडरों की मौजूदगी और उनकी पहचान समझौते की निगरानी व्यवस्था के अहम हिस्से थे। हालांकि, किसी व्यक्ति की पहचान या किसी संगठन से संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही की जा सकती है।

राजनीतिक विवाद और शांति प्रक्रिया की चुनौती

मणिपुर में SoO समझौते को लेकर लंबे समय से मतभेद रहे हैं। घाटी के कई मैतेई संगठनों ने इसका विरोध किया है। उनका आरोप रहा है कि समझौते से कुकी-जो उग्रवादी संगठनों को ऐसी छूट मिलती है, जिसका इस्तेमाल जातीय संघर्ष के दौरान किया जा सकता है। दूसरी ओर, कुकी-जो संगठनों का पक्ष रहा है कि यह व्यवस्था उन्हें सुरक्षा और राजनीतिक बातचीत का अवसर देती है।

मणिपुर में मई 2023 में शुरू हुई मैतेई-कुकी जातीय हिंसा ने इस विवाद को और गहरा किया। समझौते के नियमों के कथित उल्लंघन और हथियारबंद कैडरों की गतिविधियों को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

अब सरकार के सामने दोहरी चुनौती है। उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी सशस्त्र संगठन कानून से ऊपर न रहे और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। साथ ही, ऐसी स्थिति भी पैदा नहीं होने देनी होगी जिसमें राजनीतिक बातचीत का रास्ता बंद हो जाए और सशस्त्र संघर्ष दोबारा तेज हो जाए।

आगे क्या होगा?

SoO समझौते का नवीनीकरण न होना अपने आप में स्थायी शांति प्रक्रिया का अंत नहीं है, लेकिन इससे मौजूदा व्यवस्था में बड़ा बदलाव जरूर आया है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के सामने अब हथियारों की निगरानी, कैडरों की पहचान, सुरक्षा अभियानों और राजनीतिक संवाद को लेकर स्पष्ट रणनीति बनाने की जरूरत है।

सबसे अहम सवाल यह है कि क्या सरकार नई शर्तों के साथ समझौते को फिर से लागू करेगी या कोई वैकल्पिक व्यवस्था बनाएगी। फिलहाल इसका स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।

मणिपुर में शांति केवल सुरक्षा अभियानों से नहीं लौटेगी। इसके लिए हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई, हथियारों पर प्रभावी नियंत्रण और विभिन्न समुदायों के बीच भरोसा बहाल करना भी जरूरी है। 18 साल पुरानी व्यवस्था के समाप्त होने के बाद असली परीक्षा यही है कि सरकार सुरक्षा के मोर्चे पर सख्ती बरतते हुए राजनीतिक समाधान की संभावनाओं को कैसे बनाए रखती है।

Tags: Kuki National OrganisationManipur SoO AgreementSuspension of OperationsUnited People's Frontकुकी-जो उग्रवादीकेंद्र सरकारपूर्वोत्तर भारतभारत की आंतरिक सुरक्षामणिपुर सरकारमणिपुर सुरक्षामणिपुर हिंसामैतेई-कुकी संघर्ष
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

चीन से मुकाबला आसान नहीं, भारत की रक्षा तैयारियों में कहां है असली कमी?

संबंधित पोस्ट

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?
चर्चित

Haryana Power Crisis : क्या है पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन मॉडल, गुरुग्राम में क्यों हुआ बवाल?

23 October 2026

Haryana Power Crisis : हरियाणा के गुरुग्राम में बिजली संकट ने एक बड़े सवाल को जन्म दिया है कि क्या एक ही इलाके में सरकारी...

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी
चर्चित

सस्ती दवाइयों के देश में महंगा इलाज: हर साल 6 करोड़ परिवार गरीबी की ओर, अस्पतालों की वसूली पर सरकार ने मानी गड़बड़ी

23 October 2026

भारत में हर साल स्वास्थ्य पर होने वाला खर्च अनुमानित छह करोड़ परिवारों को गरीबी रेखा के नीचे धकेल देता है। यह गंभीर चिंता 2020...

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी
चर्चित

भारतीय नौसेना की ताकत बढ़ाने की तैयारी, ₹50,000 करोड़ से बनेंगे 4 बड़े युद्धपोत, जानें इनकी खासियत

22 October 2026

भारतीय नौसेना ने चार बड़े युद्धपोत बनाने की लंबे समय से अटकी योजना को आगे बढ़ा दिया है। नौसेना के उप प्रमुख वाइस एडमिरल अजय...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

INS Samarthak: The Indigenous Warship Built to Do More Than One Job VO:

00:03:01

Why Is India Investing in Underwater Weapons?

00:02:10

How DRDO Is Making India's Military Communications More Secure

00:03:28

How Ice on Aircraft Wings Can Turn Deadly

00:03:19

Indian Army’s New Logistics Plan: Why Bharat Rice Matters

00:04:35
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited