जब-जब, जो-जो होना है, तब-तब सो-सो होता है। दिल्ली की राजनीति के लिए इससे उपयुक्त कथन फिलहाल नहीं हो सकता है। अब तक...
आज के समय में योग का प्रचार-प्रसार पूरे विश्व में हो रहा है। दुनियाभर में आज लोग योग के प्रति जागरूक हैं और...
एक बालक था, चुपचाप-सा, भीरु, जिसे कोई न पूछे। नाम था जय। फिर उसे गौतम नाम का एक साथी मिला। उस बालक और...
कुछ लोगों ने सोशल मीडिया को सटीक ज्ञान और सूचना का संसाधन बना लिया है जबकि ‘सोशल मीडिया’ और कुछ नहीं बल्कि सिर्फ...
‘मुर्दे की आवाज़ नहीं होती, होती तो आज मोतीलाल वोरा चीख-चीख कर कह रहे होते, "हमको फंसा रिया है।" यह कोई आम बात...
केंद्र सरकार ने 400 चार्टर्ड एकाउंटेंट और कंपनी सचिवों (सीएस) के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है, जिन पर मानदंडों और नियमों...
अग्निपथ योजना का हाल कृषि कानून जैसा कतई नहीं होगा कुछ लोगों को ऐसा प्रतीत होता है कि यदि वे तनिक आगजनी करेंगे,...
पैसा ही पैसे को खींचता है संवाद को कुछ लोगों ने अलग ही लेवेल पर ले लिया है। किसी को युवाओं के भविष्य...
संसार में अपशब्दों का आविष्कार इसलिए नहीं हुआ था कि एक व्यक्ति को देख स्वयं ही अपशब्द निकलने लगे। जी हां बात यहां...
लेह और कारगिल जम्मू-कश्मीर के दो जिले थे। मुख्य रूप से यही दो जिले लद्दाख क्षेत्र को प्रदर्शित करते थे। पर, चूँकि ये...
‘जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का शासन’ अब्राहिम लिंकन के इसी नारे के साथ भारत ने जोर-शोर से लोकतंत्र को अपनाया था।...
“जब कुर्बानी दी जाती है तो हमेशा सिपाही की दी जाती है, राजा और राजकुमार तो जिंदा रहते हैं।” मिर्जापुर के इस संवाद...


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