किसी ने सही ही कहा है, व्यक्ति की पांचों उंगलियां और समय कभी एक समान हो ही नहीं सकता। ये कब पलट जाए...
बकरे की अम्मा कब तक खैर मनाएगी! शिवसेना के बारे में अभी तक तो सबकी सोच यही है कि कब तक सत्ता बचेगी...
यही रात अंतिम, यही रात भारी। शिवसेना और महाराष्ट्र सरकार के लिए इन दिनों हर रात अंतिम और हर रात भारी प्रतीत हो...
भोजपुरी में एक कहावत है 'आटा मड़ले आ दुष्ट कड़ले, ठीक रहेला।' कहने का तात्पर्य है की ‘आटे को जितना गूंथेंगे और दुष्ट...
जैसे जैसे महाराष्ट्र के राजनीतिक संकट से लोग परिचित हो रहे हैं, वैसे वैसे लोग ठाकरे परिवार के खोखले दावों और उनके घमंडी...
शरद पवार को राजनीतिक पंडित जितना बड़ा बताते हैं, उतने बड़े वो हैं नहीं. उन्हें चाणक्य की उपाधि दी गई. राजनीतिक रूप से...
‘जहां हम जीतेंगे वहां तो राज करेंगे ही, जहां नहीं जीतेंगे वहां डेफिनिटली राज करेंगे’, प्रतीत होता है कि मोदी-शाह इसी संवाद के...
महाराष्ट्र में तीन पहियों वाली महाविकास अघाड़ी सरकार अपने अंतिम दिन गिनने लगी हैं। अपने ही शिवसेना विधायकों की बगावत के कारण उद्धव...
जब-जब, जो-जो होना है, तब-तब सो-सो होता है। दिल्ली की राजनीति के लिए इससे उपयुक्त कथन फिलहाल नहीं हो सकता है। अब तक...
भाजपा में कभी नेतृत्वविहीनता कि स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है। कांग्रेस और अन्य दल इस स्थिति से इसलिए गुजरते हैं क्योंकि वो एक...
एक वेबसीरीज़ है गेम ऑफ़ थ्रोन्स, उम्मीद है आपने यह वेबसीरीज़ देखी होगी और आपको जॉफ़्री बराथियन नाम का पात्र भी याद होगा...
राइट मैन इन द रॉन्ग पार्टी का असल उदाहरण हिमंता बिस्वा सरमा तब तक थे जब तक वो कांग्रेस के नेता रहे, भाजपा...


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