जब गमछा बना राजनीति का संदेश: पीएम मोदी की प्रतीक-प्रधान चुनावी रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव
मुजफ्फरपुर की धूप तप रही थी, लेकिन मौसम से अधिक गर्मी उस मैदान में थी, जहां हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ...
मुजफ्फरपुर की धूप तप रही थी, लेकिन मौसम से अधिक गर्मी उस मैदान में थी, जहां हजारों लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ...
बात वर्ष 1939 की है।अंग्रेजी शासन के ख़िलाफ़ पूरे देशभर में भावनाएं उफान पर थीं जनता न सिर्फ अपने लिए ज्यादा ...
31 अक्टूबर 2025 को पूरा भारत सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती मना रहा है। लौहपुरुष के रूप में विख्यात सरदार ...
बिहार की राजनीति में चुनावी घोषणापत्र अब केवल कागज पर लिखे वादों का पुलिंदा नहीं, बल्कि रणनीतिक शतरंज की बिसात बन ...
कभी अरविंद केजरीवाल को देखकर लगता था, यह आदमी राजनीति में आया ही इसलिए है कि सत्ता के अहंकार को तोड़ ...
रहस्य जो आज भी जीवित है जब इतिहास की किताबों में लिखा गया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस 1945 में विमान ...
दक्षिण एशिया का भू-राजनीतिक परिदृश्य अब पहले से कहीं ज्यादा बदल चुका है। भारत ने जो रणनीति आखिरी महीनों में अपनाई ...
पाकिस्तान के बहावलपुर में बैठे एक विकृत मस्तिष्क ने फिर से भारतीय सीमाओं की ओर ज़हर उगलना शुरू कर दिया है। ...
Why Reading Shapes Economic Thinking Understanding money doesn’t begin with a paycheck. It starts with a sentence. Reading opens the door ...
कर्नाटक की सिद्धारमैया सरकार के लिए यह क्षण किसी राजनीतिक झटके से कम नहीं है। राज्य की धारवाड़ बेंच ने सरकार ...
भारत में धार्मिक संवेदनाओं का संरक्षण केवल नैतिक या सांस्कृतिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि संविधान और कानून की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस ...
अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के मंच पर एक बार फिर पाकिस्तान ने वही किया, जो वह दशकों से करता आया है। आतंक को ...


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