TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल चुनाव में ‘बांग्लादेशी’ ट्विस्ट: निशिकांत दुबे के निशाने पर TMC, घुसपैठ के मुद्दे पर छिड़ा सियासी संग्राम

    बंगाल चुनाव में ‘बांग्लादेशी’ ट्विस्ट: निशिकांत दुबे के निशाने पर TMC, घुसपैठ के मुद्दे पर छिड़ा सियासी संग्राम

    2026 विधानसभा एग्जिट पोल: क्या देश में फिर चल रही है NDA की लहर? पाँच राज्यों का पूरा विश्लेषण

    2026 विधानसभा एग्जिट पोल: क्या देश में फिर चल रही है NDA की लहर? पाँच राज्यों का पूरा विश्लेषण

    बिहार में ‘ऑपरेशन क्लीन’: अपराधियों के पास अब सिर्फ दो रास्ते सुधरें या राज्य छोड़ें

    बिहार में ‘ऑपरेशन क्लीन’: अपराधियों के पास अब सिर्फ दो रास्ते सुधरें या राज्य छोड़ें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल में ‘महामुकाबला’: एग्जिट पोल के बाद सुलगती सियासत और बांग्लादेश में मची खलबली

    बंगाल चुनाव में ‘बांग्लादेशी’ ट्विस्ट: निशिकांत दुबे के निशाने पर TMC, घुसपैठ के मुद्दे पर छिड़ा सियासी संग्राम

    बंगाल चुनाव में ‘बांग्लादेशी’ ट्विस्ट: निशिकांत दुबे के निशाने पर TMC, घुसपैठ के मुद्दे पर छिड़ा सियासी संग्राम

    2026 विधानसभा एग्जिट पोल: क्या देश में फिर चल रही है NDA की लहर? पाँच राज्यों का पूरा विश्लेषण

    2026 विधानसभा एग्जिट पोल: क्या देश में फिर चल रही है NDA की लहर? पाँच राज्यों का पूरा विश्लेषण

    बिहार में ‘ऑपरेशन क्लीन’: अपराधियों के पास अब सिर्फ दो रास्ते सुधरें या राज्य छोड़ें

    बिहार में ‘ऑपरेशन क्लीन’: अपराधियों के पास अब सिर्फ दो रास्ते सुधरें या राज्य छोड़ें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    IMF रैंकिंग का भ्रम और भारतीय अर्थव्यवस्था की हकीकत: छठी रैंक महज एक सांख्यिकीय ‘ग्लिच’, तीसरे स्थान की ओर भारत की रफ्तार बरकरार

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    साउथ एशिया का ‘एनर्जी गार्जियन’ बना भारत: संकट के दौर में पड़ोसियों को दी नई जीवनरेखा

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    किस्मत भारत पर मेहरबान: वैश्विक गैस कीमतों में गिरावट से बदला खेल, LPG संकट से उबरने की नई रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    डार्क ईगल का उदय: क्या 15 मिलियन डॉलर की हाइपरसोनिक मिसाइल ईरान के साथ जारी गतिरोध को खत्म कर पाएगी?

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    नौ साल, 516 अधिकारी: मॉरीशस में भारतीय नौसेना की समुद्री कूटनीति की पूरी कहानी

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    बंगाल की खाड़ी में गूंजेगी भारत की ताक़त, पाकिस्तान में ख़लबली : GNSS जैमिंग एक्सरसाइज से बदलेगा युद्ध का भविष्य

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    समझौते की संभावना नहीं, फिर युद्ध की ओर ईरान अमेरिका

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादी पर पाकिस्तान में बड़ा हमला: लश्कर आतंकी अमीर हमजा को मारी गई गोली

    Donald Trump Iran ceasefire

    हॉर्मुज टोल टैक्स: अपनी जान छुड़ाने के लिए ट्रम्प पूरी दुनिया को फिरौती, महंगाई के नए दलदल में बेरहमी से झोंक चुके हैं

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    पीयूष गोयल ने तेज किया GeM का कायाकल्प: AI टूल्स और व्यापक पहुंच के साथ सरकारी खरीद प्रणाली में बड़े सुधार की तैयारी

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    नेहरू की ‘इतिहास दृष्टि’ पर असहज सवाल: डॉ. राकेश कुमार आर्य की ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया की डिस्कवरी’

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    आस्था के साथ ‘जहरीला’ खिलवाड़: वैष्णो देवी के खजाने में मिला नकली चांदी का अंबार, 550 करोड़ की उम्मीद और 30 करोड़ की कड़वी सच्चाई

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    आईपीएल 2026: चेन्नई सुपर किंग्स की दमदार वापसी, कोलकाता नाइट राइडर्स को जीत का इंतजार जारी

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    अंतरिक्ष का ‘बरमूडा ट्रायंगल’: 480 किमी ऊपर सैटेलाइट्स को निगल रहा रहस्यमयी ज़ोन, वैज्ञानिक भी सतर्क

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

जब सरदार पटेल पर मुस्लिम भीड़ ने किया था जानलेवा हमला:  घटना तो दूर 86 वर्षों तक हमलावरों के नाम भी सामने क्यों नहीं आने दिए गए ?

बचुभाई पटेल और जाधव भाई मोदी- इन दोनों नामों को आप अच्छी तरह याद कर लीजिए, क्योंकि अगर 14 मई 1939 को इन दो युवाओं ने अपनी जान देकर मुस्लिम भीड़ से सरदार पटेल की रक्षा नहीं की होती तो देश का इतिहास नहीं भूगोल भी कुछ और होता

Sambhrant Mishra द्वारा Sambhrant Mishra
31 October 2025
in इतिहास, चर्चित
नगीना मस्जिद हमला

सरदार पटेल पर मुस्लिम लीग के द्वारा करवाए गए जानलेवा हमले की जानकारियां छिपा कर रखी गईं

Share on FacebookShare on X

बात वर्ष 1939 की है।अंग्रेजी शासन के ख़िलाफ़ पूरे देशभर में भावनाएं उफान पर थीं जनता न सिर्फ अपने लिए ज्यादा से ज्यादा अधिकारों की माँग कर रही थी बल्कि अंग्रेजों के भारत छोड़ने की माँग भी लगातार तेज़ हो रही थी। गुजरात में भी जनता के अनेकों संगठन और मंडल बन चुके थे। जो राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता की लड़ाई में अपना योगदान दे रहे थे। इसीप्रकार भावनगर में भी भावनगर प्रजा परिषद नाम का एक संगठन जन्म ले चुका था। भावनगर प्रजामंडल का पाँचवाँ अधिवेशन 14–15 मई 1939 को शहर के वाघावाडी रोड स्थित राधा मंदिर के पास मैदान में हुआ। सरदार पटेल इस अधिवेशन के अध्यक्ष चुने गए थे। यह संगठन जनता को राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने और जागरूकता फैलाने में सक्रिय था। इसलिए सरदार पटेल ने अध्यक्ष पद स्वीकार किया और आने की सहमति दी।

नगीना मस्जिद केस: जब मुस्लिम भीड़ ने किया पटेल पर तलवारों से हमला

संबंधितपोस्ट

क्या ‘युवा संकल्प’ बदलेगा बंगाल का भविष्य ? असंतोष…संभावनाएँ और परिवर्तन की दस्तक !

पहचान और राष्ट्रीय चेतना की वैचारिक यात्रा: ‘इंडिया से भारत एक प्रवास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

और लोड करें

14 मई 1939 को पटेल हवाई मार्ग से भावनगर पहुँचे।जहां उनके स्वागत के लिए पहले से ही  भारी भीड़ मौजूद थी। एयरपोर्ट से उन्हें रेलवे स्टेशन तक (लगभग 9 किमी) तक एक शानदार जुलूस में ले जाया जाना था। पूरे रास्ते के दोनों तरफ़ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सरदार भी रेलवे स्टेशन से खुली जीप में सवार हो गए और जुलूस आगे बढ़ चला।

सरदार सड़क के दोनों तरफ खड़े लोगों का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे, लेकिन जब ये यात्रा खार गेट चौक के क़रीब नगीना मस्जिद के सामने पहुंची तो लाठी, भालों, तलवारों और चाक़ुओं से लैस क़रीब 40 से 50 लोगों की भीड़ ने जुलूस पर हमला कर दिया।
ये सभी हमलावर मुस्लिम समुदाय से थे और नगीना मस्जिद के अंदर ही छिपे हुए थे

बचुभाई पटेल और जाधव भाई मोदी नाम के युवाओं ने जान देकर बचाई पटेल की जान

अचानक हुए इस हमले में वहां हड़कम्प मच गया। लेकिन इससे पहले कि हमलावर सरदार पटेल को निशाना बनाते– जीप में सवार दो नवयुवक स्वयंसेवक बच्चू भाई पटेल और जाधव भाई मोदी सरदार को चारों तरफ से घेर कर खड़े हो गए और उन पर होने वाले हमलों को ढाल की तरह ख़ुद पर झेल लिया।
ये हमलावर पटेल को खत्म करने के इरादे से ही पहुंचे थे, लेकिन जब वो उन तक नहीं पहुँच सके तो उन्होने इन युवाओं पर ही पूरी ताक़त के साथ हमला कर दिया।
इस हमले में बच्चू भाई पटेल तो घटनास्थल पर ही वीरगति को प्राप्त हो गए जबकि जाधव भाई मोदी अगले दिन अस्पताल में वीरगति को प्राप्त हुए।

इसके अलावा नानाभाई (नृसिंहप्रसाद) भट्ट को सिर पर गंभीर चोट लगी, मकनजी भाई वालिया और कालूभाई वालिया नाम के दो स्वयंसेवक भी हमलावरों का सामना करते हुए घायल हो गए, जबकि कांग्रेस सचिव आत्माराम भट्ट पर भी चाकू का वार हुआ और उनकी कनपटी के पास गंभीर जख्म हो गया।

इस हमले से हर कोई हैरान रह गया। सरदार पटेल ने भी जुलूस को रोक दिया और घायलों से मिलने तख्तसिंहजी अस्पताल पहुँच गए।

सरदार पटेल को डर था कि कहीं इस हमले की प्रतिक्रिया न हो– इसलिए उन्होने अस्पताल से ही उन्होंने लोगों को संदेश भेजा:
“आज की दुखद घटना से भय या क्रोध की आवश्यकता नहीं है। जिन्होंने जुलूस और निर्दोषों पर हमला किया है, वे अपने विवेक से च्युत होकर पागलपन में पाप कर बैठे हैं। जनता के निर्माण की इमारत निर्दोषों के बलिदान पर खड़ी होती है। सभी शांति बनाए रखें और प्रेमपूर्वक सम्मेलन की सफलता के लिए जुटें।”

पटेल ने पूरी घटना की सूचना टेलीग्राम के ज़रिए गांधीजी को भी दी। गांधीजी ने उत्तर भेजा:

“मैंने टेलीग्राम पढ़ा और स्तब्ध रह गया। ईश्वर हमें मार्ग दिखाए। नानाभाई और अन्य घायल अब स्वस्थ हों, यही प्रार्थना है। विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा है।”

इस घटना ने पूरे भावनगर में दहशत फैला दी, लेकिन अधिवेशन रुका नहीं।

अधिवेशन में पटेल ने कहा:

“हमें आपस में झगड़ना नहीं चाहिए। यदि हमने ऐसे तत्वों को अलग नहीं किया तो ये समाज को निगल जाएंगे। यह क्षणिक क्रोध नहीं, बल्कि पहले से रचा गया षड्यंत्र है।”

रात में आयोजित सभा में भी उन्होंने कहा:

“सामाजिक अव्यवस्था का यह वातावरण केवल भव्यनगर तक सीमित नहीं, पूरे भारत में फैल रहा है। जो वार मुझ पर होने थे, वे बचुभाई, जादवजीभाई और नानाभाई ने झेल लिए। यह मेरे जीवन में पहली घटना नहीं है। ईश्वर मुझे बार–बार बचा लेता है।”

यानी पटेल ने स्वयं ये कहा था कि ये हमला “पूर्व नियोजित” था। वर्ष 1944 में प्रकाशित प्रजामंडल की रिपोर्ट में भी यही बात कही गई।

लेकिन पटेल ने ऐसा क्यों कहा था?
दरअसल इससे पहले मांडवी में भी इसी साल पटेल के एक जुलूस पर हमला हो गया था। और उस हमले में भी मुस्लिम लीग ही शामिल थी, लेकिन क़िस्मत से पटेल को कोई नुक़सान नहीं हुआ था।
सरदार पटेल पर जानलेवा हमले तो हुआ था और अगर दो बहादुर युवा कवच की तरह उनके सामने न आए होते तो शायद देश का इतिहास ही नहीं भूगोल भी कुछ और ही होता।
पटेल राष्ट्रीय स्तर के नेता थे और उनका क़द महात्मा गांधी जैसा ही था, ऐसे में उन पर हमले की ख़बर से अंग्रेजी प्रशासन भी हिल गया।

महराजा कृष्णकुमार सिंह  उस समय भावनगर के राजा थे, उन्होने तत्काल आदेश देकर अपराधियों को दंडित करने की कोशिश की। ख़ुद राज्य के पुलिस प्रमुख छेलभाई डेव ने मामले की जाँच की और दोषियों को सजा दिलाने के लिए बॉम्बे से प्रसिद्ध क्रिमिनल लॉयर के. के. शाह को मुकदमे के लिए बुलाया गया था।

तत्कालीन सेशन जज ने भी फैसला सुनाते हुए इसे एक सोचा समझा, राजनीतिक हमला बताया था। पूरे मामले में कम से कम एक अभियुक्त को सज़ा हुई। पुलिस प्रमुख ने भी अपनी रिपोर्ट राजा को सौंपी — लेकिन सामाजिक सौहार्द और शांति बनाए रखने के नाम पर ये रिपोर्ट कभी भी सार्वजनिक नहीं की गई।

लिहाजा प्रश्न उठते हैं कि आख़िर इस रिपोर्ट में ऐसा क्या था– जिसके सार्वजनिक होने से समाज की शांति–सौहार्द को खतरा पैदा हो जाता ?

आख़िर सजा पाने वाले अभियुक्त की पहचान, उसका नाम कभी सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया ?  क्या वो किसी मज़हब विशेष से संबंध रखता था?

पटेल बार–बार प्रतिक्रिया न देने और सौहार्द–शांति बनाने रखने की अपील क्यों कर रहे थे?

पटेल पर हमले की घटना क्यों दबा दी गई?

क़रीब 86 सालों तक इस पर पर्दा पड़ा रहा, हमलावरों के नाम और उनकी पहचान को गुप्त रखा गया। यहां तक कि जाँच रिपोर्ट्स को भी अलमारी में बंद कर दिया गया। लेकिन अब सरदार पटेल की 150 वीं जयंती पर ये मोदी सरकार ने ये दस्तावेज सार्वजनिक कर दिए हैं, जिसमें इन हमलों का ज़िम्मेदार मुस्लिम लीग को बताया गया है।
इतिहासकार रिजवान कादरी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट की है, जिसमें FIR की तस्वीर भी दिख रही है और इसमें लिखे नाम स्पष्ट रूप से बताते हैं कि हमलावर मुस्लिम समुदाय के थे।

वैसे हैरानी की बात ये भी है कि ‘नगीना मस्जिद हमला’ के नाम से विख्यात इस घटना से संबंधित कोई दस्तावेज, कोई विशेष रिकॉर्ड मौजूद ही नहीं है।

न तो कोर्ट के फैसले से संबंधित दस्तावेज हैं, न एफआईआर मौजूद है और न ही किसी अन्य प्रकार के रिकॉर्ड। जबकि अंग्रेजों ने इससे कहीं पहले की और पुरानी घटनाओं के रिकॉर्ड अच्छी तरह मेंटेन करके रखे थे।
किसी प्रकार के संस्मरणों में, या अन्य जगहों पर भी पटेल पर हुए इस हमले का कोई जिक्र नहीं मिलता।
जबकि सच्चाई ये है कि भावनगर रियासत में सरदार पटेल की हत्या का प्रयास भारतीय इतिहास में अत्यंत शर्मनाक प्रसंग था। और अगर हमलावरों की योजना सफल हो जाती तो शायद 562 रियासतों (जिनमें से 222 केवल काठियावाड़ में थीं) का भारत संघ में विलय कभी न हो पाता।

तब भारत का इतिहास ही नहीं, भूगोल भी पूरी तरह बदला हुआ होता। लेकिन ये भारत का सौभाग्य था कि और ईश्वर की कृपा कि बचुभाई, जादवजी भाई जैसे जाँबाज़ युवकों ने वो वार अपने सीने पर झेल लिए और भारत के भविष्य को बचा लिया।

और अब 86 वर्षों के बाद ये सच्चाई सामने आई है कि आख़िरकार कांग्रेसी सरकारों ने भी पटेल पर हुए हमलों की स्मृति तक को क्यों मिटा दिया?  महात्मा गांधी की हत्या के लिए RSS को कटघरे में खड़ा करने वाला राजनीतिक दल पटेल पर हुए जानलेवा हमले के लिए कभी मुस्लिम लीग की आलोचना क्यों नहीं कर सका?

Tags: Nagina masjid caseSardar Patelएकता दिवसबीजेपीभारतमुस्लिम भीड़मुस्लिम लीगरिजवान कादरीसरदार पटेलस्टैच्यू ऑफ यूनिटी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सरदार पटेल: लौहपुरुष जिन्होंने मातृभूमि के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया

अगली पोस्ट

जब गमछा बना राजनीति का संदेश: पीएम मोदी की प्रतीक-प्रधान चुनावी रणनीति और जनता से सीधा जुड़ाव

संबंधित पोस्ट

आदि कैलाश यात्रा 2026 का आगाज: हिमालय की ऊंचाइयों पर आस्था और सुरक्षा का अद्भुत संगम
चर्चित

आदि कैलाश यात्रा 2026 का आगाज: हिमालय की ऊंचाइयों पर आस्था और सुरक्षा का अद्भुत संगम

1 May 2026

उत्तराखंड की देवभूमि में आज से एक ऐसी यात्रा की शुरुआत हो रही है, जहाँ पैर जमीन पर और रूह बादलों के पार होती है।...

ग्रेट निकोबार परियोजना: सामरिक महत्वाकांक्षा और वैश्विक विमर्श के बीच का संघर्ष
चर्चित

ग्रेट निकोबार परियोजना: सामरिक महत्वाकांक्षा और वैश्विक विमर्श के बीच का संघर्ष

1 May 2026

भारत के सुदूर दक्षिण में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह का एक छोटा सा टुकड़ा आज पूरी दुनिया की सुर्खियों में है। ग्रेट निकोबार...

एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?
चर्चित

एग्जिट पोल का विज्ञान: कैसे तय होते हैं हार-जीत के आंकड़े और क्यों ‘साइलेंट वोटर’ बिगाड़ देता है सारा गणित?

29 April 2026

चुनाव खत्म होते ही हर किसी की जुबान पर एक ही शब्द होता है  'एग्जिट पोल'। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये आंकड़े...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited