Tag: भगवद्गीता

मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

सनातन दृष्टिकोण में धर्म अधिकारों की नींव है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, गरिमा, विचार और आस्था की स्वतंत्रता दी जाती है, ...

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने ...

सब कुछ भगवान ही करते हैं तो व्यक्ति का क्या? – गीता के 18वें अध्याय में है जवाब, समझिए ‘मोक्ष संन्यास योग’

मुझे क्या करना चाहिए से 'करिष्ये वचनं तव' की एक यात्रा है। श्रीमद्भगवद्गीता का 18वां अध्याय 'मोक्ष संन्यास योग' है। इस अध्याय में ...

समझिए प्रकृति के त्रिगुणों को: भगवद्गीता और उसकी मुख्य अवधारणाएं (भाग 4)

श्रीमद् भागवत गीता का 14वां अध्याय गुणत्रय विभाग योग है। इस अध्याय में श्री कृष्ण भौतिक प्रकृति के तीन गुणों सत्व, रजस एवं ...

ईसाई मिशनरियां, राहुल गांधी और हिंदू विरोधी पादरी: षड्यंत्र समझ लीजिए

जिस व्यक्ति की सोच जितनी विकृत होती है वह उतनी ही विकृत मानसिकता वाले लोगों के साथ पाया जाता है। कांग्रेस के पूर्व ...