TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

    मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।

    मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश

    मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

    रामपुर में गरजे सीएम

    रामपुर में गरजे सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर साधा निशाना; बोले- पहले विरासत का होता था अपमान, अब विकास और आस्था साथ-साथ

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मौलिक अधिकार: पश्चिमी नहीं, भारतीय ज्ञान परंपरा की देन

भगवद्गीता का लोकसंग्रह का सिद्धांत स्पष्ट करता है कि किसी एक व्यक्ति के अधिकार दूसरों के अधिकारों के विरोध में नहीं हो सकते।

Kashish Mishra द्वारा Kashish Mishra
4 January 2026
in राजनीति
भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

भारत के मौलिक अधिकारों की जड़ें

Share on FacebookShare on X

सनातन दृष्टिकोण में धर्म अधिकारों की नींव है, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, गरिमा, विचार और आस्था की स्वतंत्रता दी जाती है, बशर्ते वह समाज और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करे। यही भावना संविधान में समानता का अधिकार (समता), स्वतंत्रता का अधिकार (वाक्, विचार और आचरण), धार्मिक स्वतंत्रता, तथा जीवन और गरिमा की रक्षा के रूप में परिलक्षित होती है।

बृहदारण्यक उपनिषद (5.7) का उपदेश “आत्मवत् सर्वभूतेषु” और भगवद्गीता का लोकसंग्रह का सिद्धांत स्पष्ट करता है कि किसी एक व्यक्ति के अधिकार दूसरों के अधिकारों के विरोध में नहीं हो सकते। यही संतुलन संविधान में युक्तिसंगत प्रतिबंधों और न्यायिक संरक्षण के माध्यम से स्थापित किया गया है।

संबंधितपोस्ट

फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

हमारा संविधान: मौलिक अधिकारों की संकल्पना हमारे लिए नई नहीं है, ये भारतीय ज्ञान परंपरा का अभिन्न हिस्सा है

और लोड करें

इस प्रकार, संविधान का भाग–III (मौलिक अधिकार) आधुनिक विधिक भाषा में सनातन परंपरा के धर्म, करुणा, समानता और मानव गरिमा के सिद्धांतों को अभिव्यक्त करता है। यहाँ मौलिक अधिकार व्यक्ति को निरंकुश नहीं, बल्कि न्यायप्रिय, कर्तव्यनिष्ठ और राष्ट्रोन्मुख नागरिक बनाते हैं। मौलिक अधिकारों का उद्देश्य भारतीय नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। ये अधिकार गरिमामय जीवन, नागरिक कर्तव्य और राष्ट्रीय चेतना का जीवंत दस्तावेज़ हैं।

हालाँकि, यह भारत के लिए कोई नई अवधारणा नहीं है। इसका प्रतिबिंब प्रारंभ से ही भारतीय सनातन परंपरा में मौजूद रहा है। भारतीय सनातन परंपरा में अधिकारों की अवधारणा हमेशा कर्तव्य, धर्म और मानव गरिमा से जुड़ी रही है।

धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25–28)

धर्म की स्वतंत्रता के अधिकार के अंतर्गत भारत के सभी नागरिकों को किसी भी धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता है। भारतीय ज्ञान परंपरा में धर्म किसी एक पंथ, संप्रदाय या पूजा-पद्धति तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे जीवन को धारण करने वाला सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत माना गया है।

ऋग्वेद का प्रसिद्ध मंत्र (1.164.46) — “एकं सत् विप्रा बहुधा वदन्ति” — स्पष्ट करता है कि सत्य एक है, किंतु उसे अनेक रूपों में अभिव्यक्त किया जा सकता है। यही बहुलतावादी दृष्टि भारतीय सभ्यता में धार्मिक स्वतंत्रता का मूल आधार रही है।

धर्म को मानने, आचरण करने और प्रचार करने की स्वतंत्रता उपनिषदों, बौद्ध–जैन परंपराओं और भक्ति आंदोलन में स्वाभाविक रूप से विद्यमान है। भगवान बुद्ध ने विचारों को थोपने के बजाय सचेत स्वीकृति पर बल दिया। अंगुत्तर निकाय के कालाम सुत्त में “एहि पस्सिको”—“आओ और स्वयं जांचो”—का उल्लेख मिलता है।

जैन परंपरा में अनेकांतवाद ने विचारों के सह-अस्तित्व की भावना को सुदृढ़ किया। भक्ति परंपरा में भी व्यक्ति को अपने ईष्ट, मार्ग और उपासना-पद्धति चुनने की स्वतंत्रता थी, जिससे धर्म व्यक्तिगत आस्था का विषय बना।

धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन की स्वतंत्रता भी भारतीय परंपरा में स्पष्ट रूप से मिलती है। मठ, आश्रम, संघ, विहार और मंदिर स्वायत्त संस्थाओं के रूप में कार्य करते थे, जिनका संचालन उनके अपने नियमों और परंपराओं से होता था। राज्य का हस्तक्षेप धर्म की रक्षा तक सीमित माना गया, न कि धार्मिक नियंत्रण तक। राजाओं को यह शिक्षा दी गई कि शासन न्याय और धर्म के अनुसार हो।

महाभारत के शांति पर्व में कहा गया है—“धर्मेण राज्यं संचरेत्”। अतः संविधान में प्रदत्त धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित सहिष्णुता, बहुलता, विवेक और आध्यात्मिक स्वतंत्रता की आधुनिक संवैधानिक अभिव्यक्ति है, जहाँ धर्म व्यक्तिगत आस्था के साथ-साथ सामाजिक समरसता का साधन भी है।

सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार (अनुच्छेद 29–30)

सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार प्रत्येक भारतीय नागरिक को अपनी संस्कृति, भाषा और लिपि की रक्षा का अधिकार देते हैं, तथा अल्पसंख्यकों को शैक्षिक संस्थाएँ स्थापित करने और उनका प्रशासन करने का अधिकार प्रदान करते हैं। भारतीय ज्ञान परंपरा मूलतः बहुलतावादी और समावेशी रही है, जहाँ विविध भाषाओं, संस्कृतियों और शैक्षिक परंपराओं को समान सम्मान मिला है।

“विविधता में एकता” भारतीय सभ्यता का केंद्रीय तत्व रहा है, जो वैदिक काल से स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। ऋग्वेद में विभिन्न समुदायों, भाषाओं और परंपराओं के सह-अस्तित्व को स्वीकार किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि संस्कृति को एकरूपता नहीं, बल्कि सामंजस्य के रूप में देखा गया।

भाषा और संस्कृति की रक्षा का अधिकार भारतीय परंपरा में स्वाभाविक था। पाली, प्राकृत, अपभ्रंश, तमिल और संस्कृत जैसी अनेक भाषाएँ साथ-साथ विकसित हुईं और न तो राज्य द्वारा दबाई गईं, न समाज द्वारा। भक्ति और सूफी परंपराओं ने स्थानीय भाषाओं और सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को आध्यात्मिक गरिमा प्रदान की, जिससे सांस्कृतिक विविधता और मजबूत हुई।

प्राचीन भारत में शिक्षा संस्थानों की स्थापना और संरक्षण की परंपरा भी अत्यंत विकसित थी। गुरुकुल, मठ, विहार, मदरसे और पाठशालाएँ समुदाय आधारित संस्थान थे, जिनका प्रबंधन विभिन्न संप्रदायों और समूहों द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाता था। नालंदा, तक्षशिला और वल्लभी जैसे विश्वविद्यालयों में बिना भेदभाव के विभिन्न विचारधाराओं और क्षेत्रों के विद्यार्थी अध्ययन करते थे।

इस प्रकार, संविधान में अल्पसंख्यकों को सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार प्रदान करना भारतीय ज्ञान परंपरा में निहित सहिष्णुता, बहुलता और सांस्कृतिक संरक्षण की भावना का आधुनिक संवैधानिक रूप है, जो प्रत्येक समुदाय को अपनी पहचान सुरक्षित रखते हुए राष्ट्रीय एकता में भागीदारी का अवसर देता है।

संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)

संवैधानिक उपचारों का अधिकार यह सुनिश्चित करता है कि मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में प्रत्येक नागरिक न्यायालयों (उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय) का सहारा ले सकता है। सर्वोच्च न्यायालय को मौलिक अधिकारों का संरक्षक कहा गया है।

भारतीय ज्ञान परंपरा में न्याय को केवल शासन का कार्य नहीं, बल्कि धर्म का अनिवार्य अंग माना गया है। उपनिषदों और स्मृतियों में न्याय, धर्म और सत्य को सामाजिक व्यवस्था की नींव कहा गया है।

महाभारत में स्पष्ट कहा गया है—“धर्मेण राज्यं संचरेत्”, अर्थात राज्य का संचालन न्याय और धर्म के अनुसार होना चाहिए, जहाँ धर्म का अर्थ निष्पक्ष न्याय और अधिकारों की रक्षा है।

अधिकारों के उल्लंघन पर न्याय पाने की अवधारणा प्राचीन भारत में भी विद्यमान थी। राजा सर्वोच्च न्यायाधीश माना जाता था, किंतु उसकी न्यायिक शक्ति निरंकुश नहीं थी। सभाएँ, परिषदें, ग्राम सभाएँ और गण–संघ नागरिकों को न्याय प्राप्त करने के वैकल्पिक मंच प्रदान करते थे।

यदि राजा धर्म के विरुद्ध आचरण करता, तो समाज को उसे हटाने का नैतिक अधिकार था—यही राजधर्म का मूल भाव था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में शासकों और अधिकारियों पर नियंत्रण, दंड व्यवस्था और शिकायत निवारण की स्पष्ट व्यवस्थाएँ मिलती हैं, जिन्हें आधुनिक रिट प्रणाली का पूर्वरूप माना जा सकता है। राजा और मंत्रियों की जनता के प्रति जवाबदेही शासन का अनिवार्य कर्तव्य थी।

इस प्रकार, संविधान में प्रदत्त संवैधानिक उपचारों का अधिकार भारतीय ज्ञान परंपरा के न्याय, धर्म, लोककल्याण और जवाबदेह शासन के सिद्धांतों की आधुनिक संवैधानिक अभिव्यक्ति है। इसी कारण डॉ. बी.आर. आंबेडकर ने इसे संविधान की “आत्मा” कहा, क्योंकि इसके बिना अधिकार अर्थहीन हो जाते हैं।

Tags: BR AmbedkarConstitutionFundamental RightsIndianindian knowledgeKnowledge Traditionभगवद्गीतामौलिक अधिकार
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इस्लामी भाईचारे से बड़ा पैसा: यूएई के खिलाफ कार्रवाई को तैयार पाकिस्तानी सेना?

अगली पोस्ट

असहिष्णुता की हिंसा: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास की निर्मम हत्या

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

मोहन भागवत ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं होना चाहिए।
चर्चित

मोहन भागवत बोले- विभाजन के बाद भारत आए लोग ‘शरणार्थी’ नहीं, बल्कि संघर्ष के योद्धा थे

2 July 2026

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को कहा कि 1947 के विभाजन के दौरान पाकिस्तान से भारत आने वाले लोगों को...

मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश
चर्चित

मॉनसून: दिल्ली-एनसीआर में झमाझम बारिश, उत्तर भारत के कई राज्यों में 6 जुलाई तक बारिश का अलर्ट

1 July 2026

उत्तर भारत में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मॉनसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

WHY GEOGRAPHY MAKES INDIA ESSENTIAL TO NEPAL'S ECONOMY | Fuel, Food and Trade | China | Indo-Nepal

00:03:48

Open Borders, Open Lives: India-Nepal's Social and Economic Bond

00:04:03

THE DRONE GENERAL'S LEGACY: HOW GEN DWIVEDI TRANSFORMED THE INDIAN ARMY | UAV

00:04:51

Nepal's Natural Ally: Why India, Not China ? Indo-Nepal

00:04:05

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited