हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है
सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त ...
सनातन दृष्टि में धर्म ही अधिकारों का आधार है - जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सत्य, जीवन, सम्मान, विचार और आस्था की स्वतंत्रता प्राप्त ...
मौलिक अधिकार (फंडामेंटल राइट्स) भारतीय संविधान की सबसे बड़ी विशेषताओं में से एक हैं। इनका लक्ष्य भारत के नागरिकों को गरिमापूर्ण जीवन जीने ...
भारतीय ज्ञान परंपरा में नागरिकता (Citizenship) का विचार आधुनिक “राज्य–नागरिक” (State–Citizen) ढाँचे से भले अलग रहा हो, पर इसका इतिहास अत्यंत प्राचीन, समृद्ध ...
इतिहास की एक बड़ी विशेषता ये है कि वो नायकों और खलनायकों को परिभाषित करने का जिम्मा आने वाली पीढ़ियों पर छोड़ देता ...
भारत में संविधान दिवस प्रतिवर्ष 26 नवंबर को मनाया जाता है। यह मात्र एक स्मृति-दिवस नहीं, बल्कि उस ऐतिहासिक क्षण का उत्सव है ...
आरएसएस के बाद अब विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने भी भारतीय संविधान की प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्दों को शामिल करने पर ...
उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के सोमवार शाम अचानक दिए गए इस्तीफे के बाद देश की संसदीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव ...
मनु ने न्याय और समानता (justice and equity) की अवधारणाओं पर विशेष बल दिया। उनका मानना था कि जो भी व्यक्ति न्याय का ...
Indian Constitution: तमिलनाडु गवर्नर Vs राज्य सरकार का मामला राष्ट्रपति तक पहुंच गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की एंट्री और चर्चा राष्ट्रपति के ...
उप मुख्यमंत्री का पद कोई संवैधानिक पद नहीं है। संविधान के किसी भी प्रावधान में इसका कोई भी उल्लेख नहीं है। आम जनता ...
दिल्ली के मुख्यमंत्री जो की हंसी का पात्र ही बनते आए हैं इस बार भी उसी रीत को निभाते आए हैं और गृह ...
भारतीय संविधान देश का सबसे स्वीकार्य और साथ ही सबसे पेचीदा दस्तावेज है! इसे स्वीकार करने वाले भी इसे किसी न किसी रूप ...


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