यूरोप से “लतियाये” गए सोरोस!
अराजकता के अघोषित मठाधीश जॉर्ज सोरोस एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, परन्तु इस बार अलग कारणों से. इनके 'Open Border ...
अराजकता के अघोषित मठाधीश जॉर्ज सोरोस एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है, परन्तु इस बार अलग कारणों से. इनके 'Open Border ...
फ़िल्मी जगत में अक्सर हमने अनुभव किया है कि जो दिखता है, आवश्यक नहीं वही हो. ऑन स्क्रीन जो हीरो हो, आवश्यक नहीं ...
११ अगस्त भारतीय फिल्म उद्योग के लिए किसी वरदान से कम नहीं रहा है. इसका लाभ केवल सन्नी पाजी ने ही नहीं, अपितु ...
Unacademy पुनः चर्चा के केंद्र में है, और इस बार भी गलत कारणों से! अभी इनके एक ट्यूटर की निजी कुंठा का दुःख ...
जब वस्तुनिष्ठ रिपोर्टिंग की बात आती है तो टाइम्स नाउ में उतार-चढ़ाव का अपना उचित हिस्सा है। परन्तु इस बार टाइम्स नाउ ने ...
सुबह का भूला अगर शाम को घर आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते. यही बात जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी ...
एक समय था जब भारत में करप्शन आम दिनचर्या सामान था. आज तो करप्शन का उल्लेख सुनते ही लोगों के कान खड़े हो ...
पिछड़ों का उत्थान कई पार्टियों के लिए 'तुरुप का इक्का' रहा है, खासकर बिहार जैसे राज्य में, जहां प्रगति के वादे अक्सर जमीनी ...
मल्लिकार्जुन खड़गे: किसी व्यक्ति के विरोध में आप किस स्तर तक जा सकते हैं? उसका मौखिक विरोध करेंगे, नहीं तो दो दो हाथ ...
खेल हो या नॉर्मल दुनिया, अप्रत्याशित मोड़ अस्वाभाविक नहीं होते। लेकिन जब हाल ही में एशियाई खेलों से विनेश फोगाट के बाहर होने ...
जर्मनी ने संसार को तीन 'अद्वितीय रत्न' दिए, जिन्होंने वैश्विक इतिहास में त्राहिमाम मचाने में कोई प्रयास अधूरा नहीं छोड़ा. इनमें से दो, ...
Gyanvapi Survey: एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर के आसपास की सच्चाई सामने आने वाली है, क्योंकि इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने ...


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