TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    बिहार के बाजीगरों के जरिये पश्चिम बंगाल फतह का ताना-बाना बुन रही भाजपा

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं

    कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

    सुप्रीम कोर्ट ने साफ़ किया है कि राष्ट्रपति या गवर्नर को किसी भी तय न्यायिक समयसीमा के भीतर बिलों पर मंजूरी देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

    विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा से बाध्य नहीं हैं राष्ट्रपति और राज्यपाल , प्रेसिडेंट मुर्मू के सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या जवाब दिया, और ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    खनन क्षेत्र में बेहतरीन काम के लिए केंद्र सरकार ने धामी सरकार की तारीफ की

    खनन सुधारों में फिर नंबर वन बना उत्तराखंड, बेहतरीन काम के लिए धामी सरकार को केंद्र सरकार से मिली 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    तेल, हीरे और हिंदुस्तान की नई भू-राजनीति: जब अफ्रीका की धरती पर एक साथ गूंजेगी भारत की सभ्यता, रणनीति और शक्ति की आवाज

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    80% खेती सिंधु पर, तालाब भी नहीं बचे! भारत की जल-नीति और अफगानिस्तान के फैसले ने पाकिस्तान को रेगिस्तान में धकेला, अब न पानी होगा, न रोटी, न सेना की अकड़

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    हमसे दुश्मनी महंगी पड़ेगी: भारत की सतर्कता और बांग्लादेश की गलती, जानें बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर कैसे पड़ रही चोट

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    शिप बेस्ड ISBM लॉन्च के पाकिस्तान के दावे में कितना दम है

    पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

    ऑपरेशन सिंदूर 2:0

    दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

    जैवलिन मिसाइल

    अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

    बांग्लादेश और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मुलाकात

    ‘हसीना’ संकट के बीच NSA अजित डोभाल की बांग्लादेश के NSA से मुलाकात के मायने क्या हैं?

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    दिल्ली ब्लास्ट के बाद पाकिस्तान में हड़कंप: असीम मुनीर की सेना हाई अलर्ट पर, एयर डिफेंस सक्रिय, भारत की ताकत और रणनीति ने आतंकियों और पड़ोसी को किया सतर्क

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    राजनाथ सिंह ने दिखाया आईना, यूनुस को लगी मिर्ची: बांग्लादेश की नई दिशा, भारत की नई नीति

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    आईएनएस सह्याद्री गुआम में: भारत की नौसेना का बहुपक्षीय सामरिक प्रदर्शन, एंटी-सबमरीन युद्ध क्षमता और एशिया-प्रशांत में नेतृत्व

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    ढाका में पाकिस्तानी सक्रियता: यूनुस सरकार, नौसेना प्रमुख की यात्रा और भारत की पूर्वोत्तर सुरक्षा पर खतरे की समीक्षा

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    बी.एन राउ का संविधान निर्माण में बड़ा योगदान है

    क्या बेनेगल नरसिंह राउ थे संविधान के असली निर्माता ? इतिहास ने उनके योगदान को क्यों भुला दिया ?

    26 नवंबर भारतीय संविधान दिवस

    संविधान दिवस: भारतीय चिंतन परंपरा की दृष्टि से संविधान 

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    Fate’s Play: Cultural Games That Echo Ancient Tales of Luck

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निभाई ‘पालकी सेवा’ की रीति

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    क्यों PariPesa भारत रोमांचक एविएटर क्रैश गेम्स का अनुभव लेने के लिए सबसे बेहतरीन जगह है

    भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक विजय: ‘नैफिथ्रोमाइसिन’, कैंसर और डायबिटीज के मरीजों के उम्मीदों को मिली नई रोशनी, जानें क्यों महत्वपूर्ण है ये दवा

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

पाकिस्तान की हवा टाईट करने में भारत का हाथ अफ़ग़ानिस्तान ने थामा, पहला ही प्रहार दमदार

TFI Desk द्वारा TFI Desk
24 June 2017
in अमेरिकाज़
अफ़ग़ानिस्तान मोदी भारत

Image Courtesy: BBC

Share on FacebookShare on X

अभी सिर्फ पिछले हफ्ते ही दिल्ली ने अफ़ग़ानिस्तान से विकसित हो रहे दिल्ली काबुल एयर कॉरिडॉर के रास्ते माल का पहला बेड़ा आते देखा। दूरी भले ही हजारों मीलों की हो, पर इन दो देशों के दिलों में बढ़ती नज़दीकियों को तो पूरी दुनिया देख रही है। हालांकि इस रिश्ते को मजबूत होने में बड़ी लंबी दूरी तय करनी है, पर भारत अफ़ग़ानिस्तान की नयी दोस्ती की शुरुआत तो हुयी है। एक नज़र ज़रा डालते हैं अपने इतिहास पे, जो अपने आप में एक अजूबा है।

कभी आर्यावर्त एवं चाणक्य के समय के अखंड भारत का अभिन्न हिस्सा रहा अफ़ग़ानिस्तान का भारत के साथ बड़ा ही पुराना नाता है। लगभग दो हज़ार वर्षों तक मित्रता की मजबूत मिसाल रही भारत अफ़ग़ानिस्तान की जोड़ी को पिछले कुछ दशकों में मानो किसी की नज़र लग गयी। इसके बावजूद 1980 में अफ़ग़ानिस्तान को भारत ने ही राजनैतिक सहयोग दिया, और दक्षिण एशिया में अफ़ग़ानिस्तान के लोकतान्त्रिक गणराज्य को सहमति देने वाला एकमात्र देश बना।

संबंधितपोस्ट

पाकिस्तान जिस SMASH मिसाइल को बता रहा है ‘विक्रांत किलर’, उसकी सच्चाई क्या है ?

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

अमेरिका ने भारत को बताया “मेजर डिफेंस पार्टनर”, जैवलिन मिसाइल समेत बड़े डिफेंस पैकेज को दी मंजूरी, पटरी पर लौट रहे हैं रिश्ते ?

और लोड करें

भारत और पाकिस्तान की आज़ादी के बाद इन तीनों देशों के बीच के रिश्ते बड़ी तेज़ी से बदलते रहे हैं, जो कभी टूटते, फिर जुडते और फिर टूट जाते। अफ़ग़ानिस्तान पर सोवियट कब्जे ने इस मुल्क में तालिबान जैसे खूंखार और अमानवी आतंकी संगठन का उत्थान देखा, जिसका साया आज भी अफघानियों को रह रह कर डराता है। काबुल-इस्लामाबाद-दिल्ली के त्रिकोण को मशहूर इतिहासकर विलियम डार्लिंपल ने घातक त्रिकोण की संज्ञा भी दी है, और जिसमें से इस्लामाबाद अपनी अहमियत खोता जा रहा है।

अगर हम सदी दर सदी जाकर भारत और अफ़ग़ानिस्तान के रिश्तों के इतिहास को ढूँढे, तो ईसा पूर्व, हम एक ही सभ्यता के वासी थे। शायद इसमें कोई अतिशयोक्ति की महाभारत के समय का गांधार आज का कंधार हो सकता है, और भारतीय यवन संस्कृतियों के संगम की भूमि अफ़ग़ानिस्तान हुआ करती थी। आने वाले सदियों में दोनों सभ्यताओं के शासन ने अफ़ग़ानिस्तान की शक्ल काफी हद तक बदल दी।

7वीं सदी में इस्लाम के आक्रमण के बाद ही हिन्दू और बौद्ध शासन का पतन शुरू हुआ। बाहरी, खासकर अरब, इस क्षेत्र को ‘अल हिन्द’ के नाम से बुलाते थे, जो बाद में चलकर भारत का मध्यकालीन नाम ‘हिंदुस्तान’ बना। 11वीं सदी में गज़नवी के महमूद ने इस क्षेत्र का सम्पूर्ण इस्लामिकरण करने में अहम भूमिका निभाई, और साथ ही साथ स्थानीय इस्लामिक शासकों और भारत के हिन्दू और बौद्ध शासकों के बीच दूरियाँ और तल्ख कर दी।

फिर अफ़ग़ानिस्तान और अरब देशों में काफी गहरी दोस्ती बनी, जो सोविएत आक्रमण तक खूब चली। अगर 20वीं और 21वीं सदी तक छलांग लगाई जाये, तो अफ़ग़ानिस्तान और अफघानियों के लिए आज भी भारत एक विश्वसनीय मित्र है, और अफ़ग़ानिस्तान हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सहयोगी।

सोविएत कब्जे और अमेरिका के तख्तापलट के बंदारबाट के बीच अफ़ग़ानिस्तान को शैतान का अक्स दिखा तालिबान नाम के संगठन में। प्रकृतिक संसाधनों एवं उद्यमी जनता से परिपूर्ण अफ़ग़ानिस्तान पर सालों तक उत्पीड़न और हिंसा का भयानक दौर चलता रहा। अब क्योंकि चीन के पाकिस्तान में दिलचस्पी और अमेरिका के शांति बहाल करने की जुगत से तालिबान लगभग हाशिये पर आ चुका है, अफघानी अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिलती दिख रही है। इसके साथ सबसे बड़ी दुविधा इसका चारों तरफ से ज़मीन से घिरा होना है। भारत और पूर्वी एशियाई देशों में जाने वाले निर्यात पहले पाकिस्तान से निकालने वाली सड़कों के रास्ते होता था, और अब भारत और अफ़ग़ानिस्तान के बीच की बढ़ती नज़दीकियों ने इस रास्ते को ही बंद करवाने पर मजबूर कर दिया।

इसीलिए 2016 में हुयी एक मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी जी और अफ़्घानी राष्ट्रपति अशरफ ग़नी ने मिलकर इस समर्पित एयर कॉरिडॉर की परिकल्पना कर इससे योजनाबद्ध तरीके से अमल में लाया गया।

इसे अमल में पिछले ही हफ्ते लाया गया, जब लगभग 60 टन हींग का काबुल से निर्यात कराया गया, जिसके उपलक्ष्य में पीएम मोदी ने शुभकामना संदेश भी ट्वीट किया। इसी प्लेन ने भारत से वापसी की दवाई, वॉटर पूरिफायर्स सहित। इस कॉरिडॉर से कई फायदे होंगे। भारतीय अर्थव्यवस्था में अस्थायी वस्तुओं की खरीद और सेवन को एक नई उड़ान मिलेगी। स्थानीय व्यापार को इस नए कॉरिडॉर से एक नई दिशा मिलेगी, जिसमें अफ़्घानी उत्पादन से भरपूर एक तैयार बाज़ार मुहैया कराया जाएगा।

लाख हो, सूखे फलियाँ हो, केसर और अदरक, और सेब ही क्यों न हो, इन्हे अफ़ग़ानिस्तान से भारत की ओर आयात किया जाता है, जो उसका दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य है। पहले ज़मीन से घिरी रहने वाली अफ़ग़ानिस्तान के लिए ये एयर कॉरिडॉर न सिर्फ एक ताज़ी हवा का झोंका है, बल्कि भारतीय मदद, जो विशेष साझेदारी अनुबंध के तहत 2011 से दी जा रही है, उसे और मजबूत करता है। इस नए रिश्ते से, जो दिन ब दिन नए आयाम स्थापित कर रही है, एक सधा कदम है पाकिस्तान की अफ़ग़ानिस्तान के अर्थव्यवस्था को उलझाने की मंशा को नाकाम करने में। अब इस लिहाज से पाकिस्तान की पुंगी बजना तो तय है।

लाख हो, या सूखी फलियाँ, केसर हो या अदरक, यहाँ तक की सेब भी अफ़ग़ानिस्तान से भारत की ओर आयातित वस्तुओं में गिना जाता है, जो अफ़ग़ानिस्तान के लिए दूसरा सबसे बड़ा गंतव्य है। ज़मीन से घिरे रहकर कभी पाकिस्तान पर निर्भर रहने वाली अफ़ग़ानिस्तान के लिए ये एयर कॉरिडॉर न सिर्फ ताज़ी हवा का एक झोंका है, बल्कि विशेष साझेदारी अनुबंध, जिसके तहत भारत 2011 से सहायता करता आ रहा है, को भी एक नई ताकत दे रहा है। इन दोनों देशों में बढ़ती नज़दीकियाँ पाकिस्तान के अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था को जकड़ने के मंसूबों पर भी पानी फेर रहा हैं।

जैसा जगजाहिर है, कोई भी कदम जो पाकिस्तान को भारत अफ़ग़ानिस्तान संबंध से बाहर रखता है, उसके अफ़ग़ानिस्तान की नीतियों पर पकड़ रखने के इरादों को नेस्तनाबूद करने में सफल रहता है। 2014 के चुनावों से मिली स्थिरता एवं यूएन और अन्य महत्वपूर्ण देशों की सहायता [जिसमें भारत प्रमुख रूप से शामिल है] से प्रेरित होकर अफ़ग़ानिस्तान ने न सिर्फ पाकिस्तान के संरक्षक रवैये को ठेंगा दिखाया, बल्कि अमृतसर में दिसम्बर 2016 में एक मुलाकात के दौरान पाकिस्तानी हुक्मरानों की खिल्ली भी उड़ाई।

साथ ही साथ, इनहोने पाकिस्तान की 50 करोड़ डॉलर्स की मदद की पेशकश भी ठुकरा दी। इसपे भी जले पर नमक छिड़कते हुये अशरफ ग़नी साहिब ने पाकिस्तान को अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के जरिये हुड़दंग न मचाने की जहां सलाह दी, वहीं उनसे तालिबानियों पर कड़ी कारवाई या उन्हे वार्ता की मेज़ तक लाने का आदेश भी दिया।

द डिप्लोमैट के अनुसार, इस सख्त रवैये से पाकिस्तानी हुक्मरानों में खलबली मची हुई है। बेइज्जती से बचने के लिए विदेशी सलाहकार सरताज अज़ीज़ को इस साहसिक प्रतिक्रिया को ‘भारत की खुशामद करने की चाल’ की संज्ञा देनी पड़ी।

दिल्ली और काबुल ने बेशक अपने सम्बन्धों में कई उतार चढ़ाव देखे हैं, और कभी इस्लामाबाद को खुश करने के पीछे काबुल ने दिल्ली को दरकिनार भी किया था। खूंखार एवं वांछित आतंकवादियों को इस्लामाबाद को सौंपना, भारत को गणमान्य व्यक्ति भेजना बंद करना इनमें प्रमुख थे। पर जब इस्लामी जहर में डूबे पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान के साथ समय समय पर विश्वासघात किया, और भारत ने भी धीरे धीरे अफ़्घानियों की अनदेखी करनी शुरू की, तब जाकर इन्हे भारत के दोस्ती की अहमियत समझ आई, की असल में हर वक़्त साथ देने वाला भारत ही हो सकता है, पाकिस्तान नहीं।

हाल ही में कई ताबड़तोड़ फैसलों ने ये साबित किया की इस्लामाबाद को ठेंगा दिखाकर अफ़ग़ानिस्तान अब दिल्ली की ओर कदम बढ़ा रहा है। सबसे पहले राष्ट्रपति गनी साहिब ने पाकिस्तान ‘को एक अघोषित युद्ध’ रोकने की दरकार की। 2015 के मार्च महीने में राष्ट्रपति गनी से पहले एक अफगानी कंपनी के सीईओ का आगमन हुआ, जिसके बाद जो विशेष साझेदारी अनुबंध ठंडा पड़ गया था, उसे फिर से नया रूप देने का सिलसिला चल पड़ा।

इसके बाद चाहे सुरक्षा के मसले से ही सही, पर पहले अफघान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, और उसके बाद उप विदेश मंत्री के दौरे ने बातचीत का नया दौर शुरू किया। भारत अफघान सम्बन्धों ने एक नयी उड़ान भरी है, और अब दिल्ली – काबुल एयर फ्रेट कॉरिडॉर इसी दिशा में एक स्वागत योग्य कदम है, जिससे न सिर्फ इस क्षेत्र में पाकिस्तान को अलग थलग किया जाएगा, बल्कि उसकी गुंडई को अफ़ग़ानिस्तान से दूर भी कराया जाएगा।

Tags: अफ़ग़ानिस्तानपाकिस्तानभारतमोदी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

लालू-पुत्री मीसा भारती को हो सकती है 7 साल की कैद

अगली पोस्ट

प्रधानमंत्री मोदी की ज़िद ने इस देश की दशा और दिशा बदल दी

संबंधित पोस्ट

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम
अमेरिकाज़

भूमध्यसागर में भारत की दहाड़: आईएनएस त्रिकंद ने बढ़ाया नौसैनिक परचम

15 September 2025

जब भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस त्रिकंद भूमध्यसागर की लहरों पर उतरा, तो यह सिर्फ एक साधारण तैनाती नहीं थी। यह उस भारत की पहचान...

अहमदाबाद में एअर इंडिया फलाइट क्रैश
अमेरिकाज़

एअर इंडिया विमान दुर्घटना: अमेरिकी और ब्रिटिश एजेंसियां भारतीय जमीन पर जांच क्यों कर रही हैं?

19 June 2025

15 जून को  एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होना के बाद  पूरा देश हैरान रह गया और इस हादसे में फ्लाइट...

डोनाल्ड ट्रम्प, बेंजामिन नेतन्याहू, गाज़ा, रीवीएरा
अमेरिकाज़

ट्रम्प के गाज़ा कब्ज़े की योजना का ‘दामाद’ फैक्टर: बम की जगह दिखेगी बिकनी, अरब मुल्क़ों से भी ख़ूब जम रहा कारोबार

13 February 2025

इटालियन में एक शब्द है Riviera (रिवीएरा), जिसका आशय किसी आकर्षक और सुंदर समुद्र-तट वाले क्षेत्र से होता है। यानी, ऐसा समुद्र-तटीय क्षेत्र जो पर्यटकों...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

‘Mad Dog’ The EX CIA Who Took Down Pakistan’s A.Q. Khan Nuclear Mafia Reveals Shocking Details

00:06:59

Dhurandar: When a Film’s Reality Shakes the Left’s Comfortable Myths

00:06:56

Tejas Under Fire — The Truth Behind the Crash, the Propaganda, and the Facts

00:07:45

Why Rahul Gandhi’s US Outreach Directs to a Web of Shadow Controversial Islamist Networks?

00:08:04

How Javelin Missiles Will Enhance India’s Anti-Tank Dominance?

00:06:47
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2025 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2025 TFI Media Private Limited