TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    राघव चड्ढा बनाम AAP: पद हटने के बाद खुला टकराव, बोले- “खामोशी को हार मत समझो”

    राघव चड्ढा बनाम AAP: पद हटने के बाद खुला टकराव, बोले- “खामोशी को हार मत समझो”

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    ममता बनर्जी और ‘इस्लामिक भावनाएं’: चुनावी रणनीति या बंगाल में राजनीतिक ध्रुवीकरण?

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव: उम्मीदवार सूची से ब्राह्मणों की लगभग पूरी अनुपस्थिति

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    दिल्ली में प्रदूषण पर सख्त एक्शन: सीएम रेखा गुप्ता का 2026 क्लीन एयर प्लान लागू

    राघव चड्ढा बनाम AAP: पद हटने के बाद खुला टकराव, बोले- “खामोशी को हार मत समझो”

    राघव चड्ढा बनाम AAP: पद हटने के बाद खुला टकराव, बोले- “खामोशी को हार मत समझो”

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मध्य पूर्व तनाव के बीच रूस का भारत को बड़ा ऊर्जा प्रस्ताव: तेल और गैस आपूर्ति बढ़ाने की पेशकश से बदलती वैश्विक रणनीति

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    पश्चिम एशिया वैश्विक कूटनीति की सबसे कठिन परीक्षा है, प्रधानमंत्री मोदी और भारत इस परीक्षा के लिए कितने तैयार हैं?

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    IAF का ‘एयरबोर्न इंटरनेट’ नेटवर्क: 2,500 स्वदेशी SDR सिस्टम शामिल करने की तैयारी

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    INS अरिधमन लॉन्च की तैयारी: भारत की तीसरी परमाणु पनडुब्बी से बढ़ेगी समुद्री ताकत

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    मेक इन इंडिया को बढ़ावा: सेंसर, टॉरपीडो और रॉकेट से लैस पनडुब्बी रोधी युद्धपोत ‘मालवन’ नौसेना में शामिल

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    अप्रैल से बड़ा फैसला: TP-Link, Hikvision समेत चीनी CCTV कैमरों पर सख्ती की तैयारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    ट्रंप का बड़ा फैसला: अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी को हटाया, अब ‘हिट लिस्ट’ में कौन?

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    क्या अमेरिका नाटो से अलग हो सकता है? ट्रंप के बयान और कानूनी पेचों की पूरी कहानी

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बिना ठोस समझौते के युद्ध विराम का खतरा: क्या ईरान और मजबूत होकर उभरेगा?

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    बगदाद में दिनदहाड़े अमेरिकी पत्रकार का अपहरण, CCTV में कैद सनसनीखेज वारदात

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    हनुमान जयंती 2026: जानिए पवनपुत्र हनुमान के जन्म की पौराणिक कथा

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    सरकारी ईमेल सिस्टम में बड़ा बदलाव: Gmail से Zoho Mail की ओर क्यों बढ़ा भारत?

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    NASA का Artemis II मिशन: SLS रॉकेट के साथ इंसानों की चांद की ओर वापसी

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    लेह में स्पेस जैसा माहौल: गगनयान मिशन के लिए ISRO का ‘मिशन मित्रा’ टेस्ट

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    IPL 2026: पंजाब ने चेन्नई को हराकर प्वाइंट्स टेबल में मारी छलांग, नंबर-1 पर कब्जा

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    जन विश्वास बिल 2026: छोटे अपराधों से मिली राहत, संसद ने पास किया ऐतिहासिक सुधार कानून

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    मिडिल ईस्ट तनाव पर भारत अलर्ट, CCS बैठक में बड़ी रणनीति

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

राष्ट्रपति चुनाव में आडवाणी जी के हाव-भाव देख आपको दया आई? ये पढ़कर नहीं आएगी

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
23 July 2017
in मत
आडवाणी मधोक
Share on FacebookShare on X

20 जुलाई 2017 – भारत के 14वें राष्ट्रपति के नाम पर चल रही चर्चा और कशमकश पर विराम तब लग गया, जब विपक्ष की राज दुलारी, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को तबीयत से धोते हुये, केन्द्रीय सरकार के पूर्व अधिवक्ता और बिहार के पूर्व राज्यपाल, श्री रामनाथ कोविन्द ने राष्ट्रपति भवन का टिकिट 66% वोटों के बहुमत के साथ कटा लिया। 25 जुलाई को डीएवी कॉलेज का यह ओजस्वी अधिवक्ता भारत के 14वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेगा, जिससे एक अनोखी तिकड़ी पूरी होगी – जहां एक राष्ट्रवादी प्रधानमंत्री है, एक राष्ट्रवादी राष्ट्रपति भी है और देश के सबसे महत्वपूर्ण और सबसे बड़े राज्यों में से एक में राष्ट्रवादी मुख्यमन्त्री भी है [जिनहे जल्दी ही एक राष्ट्रवादी उपराष्ट्रपति भी जॉइन करेंगे]

पर जब चुनाव जारी थे, एक फोटो, जिसमें एक आदमी बैलट बॉक्स में अपनी वोटर पर्ची डाल रहा था, वो सोश्ल मीडिया पर आग की तरह फैल गयी और एक साथ आहें और हंसी का पत्र बन गयी। एक समय के इनका चेहरा सहानुभूति का पत्र अवश्य बनता है, और हमें दुख भी होता है, क्योंकि इन्हीं के आशीर्वाद से हमें ये सरकार और इसके सुशासन को देखने का अवसर जो मिला है, और इनका भारतीय लोकतन्त्र में हाल ही में चल रही भारतीय जनता पार्टी के नाम की राष्ट्रवादी लहर की नींव बनाने में बराबर योगदान भी रहा है।आडवाणी मधोक

संबंधितपोस्ट

हमले के दिन संसद में क्या-क्या हुआ?; कैसे रोका गया था लोकतंत्र की आत्मा पर सबसे बड़ा हमला?

संसद हमले की अनसुनी कहानियां; किसने दिल्ली पुलिस को पहले ही दे दी थी इस हमले की जानकारी?

2024 में भी क्यों मायने रखते हैं लाल कृष्ण आडवाणी?

और लोड करें

ऐसे समय में, जब भारतीय राष्ट्रवाद का डंका बज रहा हो [चाहे केंद्र सरकार में ही सही], तो एक बार उस आदमी की दशा देखकर बुरा अवश्य लगेगा, जिनकी वजह से यह दिन देखना भी संभव हुआ है। वो इंसान है भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री, और भारतीय जनता पार्टी के संस्थापकों में से एक, लाल कृष्ण आडवाणी, और आगे जो आप पढ़ेंगे, उससे आपको समझ में आएगा की एक सुलझे हुये किंगमेकर से आज की मुफ़लिसी पर कैसे पहुंचे।

मंगलवार, 8 नवम्बर 1927 को सिंध प्रांत के कराची में एक धनाढ्य परिवार के घर पैदा हुए श्री आडवाणी को किसी प्रकार की कमी न थी। महज 15 साल की उम्र में इन्होनें आरएसएस की सदस्यता ग्रहण की। विभाजन के बाद इन्हे अपने परिवार सहित भारत आना पड़ा, जहां इन्होनें बॉम्बे विश्वविद्यालय के प्रसिद्ध सरकारी विधि महाविद्यालय [जीएलसी] से अपनी वकालत की शिक्षा पूरी की।

हिन्दू राष्ट्रवादियों के साथ इनके संबंध और गहरे होते गए और धीरे धीरे इनका कद इतना बढ़ा की महज 24 वर्षीय आडवाणी भारतीय जन संघ के संस्थापकों में से एक बन गए, जिसे पूर्व कैबिनेट मंत्री और एक तत्पर हिन्दू राष्ट्रवादी, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने स्थापित किया था, जिनहोने कश्मीर को भारत से जोड़ने में अपने प्राण ही अर्पण कर दिये।

आडवाणी मधोक
श्री श्यामा प्रसाद मुख़र्जी

अटल बिहारी वाजपेयी जैसे विश्वसनीय साथी के साथ, धीरे धीरे आडवाणी भारतीय जन संघ की  सीढ़ियाँ चढ़ते गए और 1973 में कानपुर में हुये एक विशेष पार्टी सभा में इन्हे अध्यक्ष के रूप में चुना गया, फिर आपातकाल के बाद बनी जनता पार्टी की सरकार में इन्हे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का भर सौंपा गया। जब जनता पार्टी से वैचारिक मतभेद पर टूटकर भारतीय जनता पार्टी बनी, तो इन्हे आम सचिव के तौर पर 1980-86 तक नियुक्त किया गया। इनकी रथ यात्रा ने ही स्वतंत्र भारत के इतिहास के सबसे बड़े हिन्दू राष्ट्रवादी आंदोलन का आरंभ देखा, यानि राम मंदिर आंदोलन, जिसका अंत 6 दिसम्बर 1992 को अयोध्या में स्थित राम जन्मभूमि मंदिर के परिसर पर बने बाबरी मस्जिद को गिराकर हुआ।

ये तो कुछ भी नहीं है। आडवाणी को भाजपा के नेतृत्व में एनडीए सरकार की पहली सफल पर विवादास्पद सरकार में बतौर गृहमंत्री नियुक्त किया गया। 2002 से 2004 तक ये उपप्रधानमंत्री भी रहे। ऐसे उपलब्धियों के साथ, इस आदमी को कुछ तो मिलना ही चाहिए था, नहीं?

अरे रुकिए, आप गलत भी हो सकते हैं!

राष्ट्रपति चुनाव के लिए एलके आडवाणी की वोट डालते हुये तस्वीर निस्संदेह करुणा से भरी प्रतीत होती हो, पर ये उनके कर्मों का ही फल है, जो अब हिसाब चुकता करने आया है। सच पूछो तो आडवाणी अपने पिछले पापों का हिसाब चुकता कर रहे हैं, जिनके कारण आज वो महज हंसी का पात्र बन चुके हैं। ऐसे में हमें एलके आडवाणी के लिए शर्मिंदा नहीं महसूस करना चाहिए, क्योंकि इनकी सत्ता की भूख ने इनका खुद का नुकसान ही कराया है, फायदा नहीं।

अब ये कैसे? ऐसे……

याद है जब मैंने बताया था की कैसे ये 1973 में जनसंघ के अध्यक्ष बने थे? अब समझ में आता है, बिना नाली में हाथ गंदा किए इन्होनें ये पद नहीं संभाला था। पार्टी अध्यक्ष बनते ही इन्होनें सबसे पहली गलती की उन लोगों को हटाने की, जिन्होंने इस पार्टी को अपने खून पसीने से सींचा था, जैसे इन्होंने बेइज्जती से बलराज मधोक को पार्टी विरोधी कार्यों के इल्ज़ाम में पार्टी से निकाल दिया था।

अब अगर आप ये नहीं जानते की बलराज मधोक कौन है, तो ये भारतीय जन संघ की नींव का एक अहम हिस्सा थे, और आडवाणी से ज़्यादा ऊंचा कद था इनका पार्टी में। गुजरानवाला के एक शरणार्थी, मधोक साब को आडवाणी और वाजपयी की दीनदयाल उपाध्याय और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की हत्याओं की तरफ बेरुखी रास नहीं और इसपर सवाल उठाने पर इन्हे पार्टी से ही निकाल दिया। ये तब हुआ जब इन्होनें ही 1967 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जन संघ को उसकी सबसे ज़्यादा सीटें जिताई थी, जिनकी संख्या 35 तक पहुंची थी।आडवाणी और मधोक

तभी से ये भाजपा के धुर विरोधी बन गए, और आडवाणी और वाजपेयी की कमियाँ निकालने में जुट गए, जिनकी वजह से कंधार कांड जैसी बेइज्जती भी देश को झेलनी पड़ी। मुफ़लिसी और बेइज्जती में ही इनकी मौत हुई थी 2016 में, जब ये 96 वर्ष के थे।

जिस तरह आडवाणी ने मधोक जी के साथ बदसलूकी की थी, जो स्वतन्त्रता के पश्चात देश के हिन्दू राष्ट्रवादियों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत समान थे, उससे इन्हें कुशल और सुयोग्य कार्यकर्ताओं से भी हाथ धोना पड़ा, जैसे गुजरात भाजपा के पूर्व अध्यक्ष शंकर सिंह वाघेला, जिन्होंने तैश में आकार काँग्रेस पार्टी में सदस्यता ग्रहण की और अपने पार्टी और अपना मखौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

तो ऐसे में आश्चर्य नहीं होना चाहिए जब इन्हे भाजपा के नए प्रहरियों, यानी नरेंद्र मोदी और अमित शाह की प्रगति में बाधा बनने के लिए इनहि कारणों से दरकिनार कर दिया जाए।

दूसरी बात, जिस एक वस्तु ने लाल कृष्ण आडवाणी को उनका उचित सम्मान नहीं दिया था, वो था उनका धर्मनिरपेक्षता के प्रति हानिकारक आसक्ति। ये राष्ट्रवादी गुट के हाईकमान के पहले ऐसे नेता होंगे, जो राष्ट्रवादी होने का दावा भी करे, काम भी करे, पर धर्मनिरपेक्षता के लिए अपना मोह न छोड़ पाये। अपनी कट्टर हिन्दू की छवि को धोने के लिए इन्होनें जिन्ना को सलामी देने में भी कोई कसर नहीं छोड़ी। इस टेलीग्राफ रिपोर्ट को देख लीजिये। कौन राष्ट्रवादी अपने सही सोच में जिन्ना की तारीफ कर उन्हे धर्मनिरपेक्ष बताएगा, और उनके मज़ार पर उन्हे नमन करने जाएगा?

अब मेरा मुंह मत खुलवाना, की कैसे इन्होंने नरेंद्र मोदी के रास्ते का कांटा बनने का प्रयास किया था, जब गुजरात के मुख्यमन्त्री होने के नाते इन्होंने अपने सुशासन की नीति को पूरे भारत में लागू करने की ठान ली। बलराज मधोक की तरह आडवाणी ने इनके भी पर कतरने चाहे, इसके बावजूद की ये खुद इसके योग्य नहीं थे, और 2009 में विरोधी लहर के बावजूद भाजपा को मुंह की खानी पड़ी थी। अपना महत्व जताने के लिए इन्होंने तो भाजपा में सारे पदों से भी इस्तीफा देने का प्रयास किया, ताकि मोदी प्रधानमंत्री उम्मीदवार न बन पाये।

आडवाणी वो बला हैं जो खुद तो देश नहीं चला पाएंगे, पर किसी योग्य उम्मीदवार को चलाने भी नहीं देंगे, इसीलिए मोदी शाह की जोड़ी ने इन्हें हर अहम फैसले से दरकिनार करते हुये इन्हे मार्गदर्शक मण्डल में डाल दिया।

तो आज जब कोई खिसियाए हुये आडवाणी को अपना वोट डालते हुये देखता है, जो उनकी हो सकती थी, तो हम सिर्फ सहानुभूति जता सकते है, क्योंकि अगर इन्होंने अपने अंदर के शैतान को हावी नहीं होने दिया होता, तो निस्संदेह इनके सपने सच होते। पर इन्होंने नहीं किया, और आज इन्हें अपनी ही दवाई का स्वाद चखना पद रहा है, और एक अंजान, पर कर्मठ पार्टी कार्यकर्ता को देश का 14वां राष्ट्रपति बनते देख रहा है। ज़िंदगी भी अजीब है, उसी वक़्त आपको गिराती है जब आपको लगता है की आपको सब कुछ समझ में आ गया।

Tags: लाल कृष्ण आडवाणी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

इसलिए बनाया गया स्मृति ईरानी को सूचना एवं प्रसारण मंत्री

अगली पोस्ट

अगर आप गुरुग्राम, नोएडा और नवी मुंबई जैसे शहरों में रह रहे हैं तो इस नए खतरे से सावधान रहें

संबंधित पोस्ट

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व
भारत

‘POJK संकल्प दिवस’: 22 फरवरी 1994 का संसदीय संकल्प और भारत का राष्ट्रीय दायित्व

22 February 2026

भारत के राष्ट्रीय जीवन में कुछ तिथियाँ केवल कैलेंडर की सामान्य तिथियाँ नहीं है, बल्कि वे राष्ट्र की चेतना, उसके संकल्प और उसके ऐतिहासिक दायित्व...

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. Umesh Sukhwani says:
    9 years पहले

    अनिमेष जी!
    आज पश्च दृष्टि में देखें तो निश्चित रूप से उनके कुछ निर्णय गलत लग सकते हैं, परंतु यह भी तथ्य है, कि भारतीय जनता पार्टी के शुरुआती को 90 के दशक में राष्ट्रीय पार्टी के रूप में स्थापित करने में अडवाणी जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी|यहां तक कि प्रधानमंत्री के प्रबल दावेदार होते हुए भी उन्होने कुर्सी अटल जी के लिए छोड़ दी थी|
    2002 के गोवा के पार्टी अधिवेशन में नरेंद्र मोदी की पैरवी पूरी तरह से की और उन्हें गुजरात मुख्य मंत्री पद से हटने नहीं दिया, जो अटल जी हटाना चाहते थे|
    अब आज की अगर बात करें, अडवाणी जी ने प्रधानमंत्री बनने की चाह में छद्म धर्म निरपेक्षता को अपनाया, पर आजकल मोदी जी और अमित शाह जो किसको खुश करने के लिए छद्म धर्म निरपेक्षता का चोला ओढ़े हुए हैं जो गौ हत्या के विरोध में कोई बयान नहीं देते लेकिन गौ रक्षकों को गुंडा बटा देते हैं| ये कैसा सत्ता का मोह है, कि JKPDP के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए लिखित में उनको आश्वासन दे देते हैं कि संविधान में J&K के विशिष्ट राज्य के स्तर को नहीं छुआ जाएगा (मतलब धारा 370 को हटाया नहीं जाएगा)| ऐसा करना तो अपनी ही पार्टी के संस्थापक पंडित दीन दयाल उपाध्याय के बलिदान का मज़ाक उड़ाने के बराबर है और किसी भी धोखे से कम नहीं है|फिर भी हम आज मोदीजी के बारे में बात करते समय लिहाज की एक मर्यादा को पार नहीं करते, तो अडवाणी जी के लिए इस तरह की भाषा का प्रयोग करना निश्चित रूप से भर्त्सना का पत्र है|

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited