TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा

    पुतिन ने जताया भारत पर भरोसा, मोदी पर पश्चिमी दबाव को किया खारिज; भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का किया समर्थन

    राजीव गांधी

    जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

    Cockroach Janta Party

    Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

    रुद्रम-2 मिसाइल

    रुद्रम-2 मिसाइल के सफल परीक्षण से भारत की रक्षा ताकत बढ़ी, दुश्मन के रडार सिस्टम को 300 किमी दूर से कर सकती है तबाह

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    $40 अरब का ऐतिहासिक निवेश, सेमीकंडक्टर और एआई: पीएम मोदी की 5 देशों की यात्रा से भारत को क्या हासिल हुआ?

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    ‘अगर मैं गया तो मारा जाऊंगा’, क्या ईरान के डर से बेटे की शादी में नहीं जा रहे ट्रंप, किस बात का खौफ?

    एक फोन कॉल और बढ़ती नाराज़गी—भारत को लेकर ट्रंप क्यों खफा

    अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रूस से तेल आयात जारी रखेगा भारत, ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का सख्त रुख

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    गोवा राज्य स्थापना दिवस

    गोवा राज्य स्थापना दिवस 2025: जानिए इतिहास, महत्व और इस दिन से जुड़ी खास बातें

    1950 में जेल से रिहा किए जाने के बाद सावरकर (चित्र: savarkar.org)

    अंग्रेज़ों की ही नहीं, नेहरू सरकार की कैद में भी महीनों रहे थे सावरकर

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    हर चौथे छात्र ने मांगी अपनी आंसर शीट, CBSE के डिजिटल चेकिंग सिस्टम से उठा भरोसा?

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    मिथिलांचल के लिए ऐतिहासिक दिन: अटल सरकार में मिली थी संवैधानिक पहचान, अब मोदी सरकार में CBSE पाठ्यक्रम में शामिल हुई मैथिली!

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

इसलिए बनाया गया स्मृति ईरानी को सूचना एवं प्रसारण मंत्री

Ajit Datta द्वारा Ajit Datta
21 July 2017
in मत
स्मृति ईरानी लुटयेंस मीडिया
Share on FacebookShare on X

स्मृति ईरानी में वो सारे गुण उपस्थित हैं, जो लुटयेंस मीडिया की आँखों में नासूर है। चालीस की उम्र पार करने से पहले ही इनहोने दो क्षेत्रों में अपने लिए खूब नाम कमा लिया – शो बिज़ और राजनीति, वो भी बिना किसी विरासत या माँ बाप के। लुटयेंस मीडिया तो योग्यता से कोसों दूर भागती है। गांधी परिवार को खुली चुनौती देते हुये इनहोने ‘युवराज’ को इनकी अमेठी वाली गद्दी से 2014 में लगभग हटा ही दिया था, और 2019 में अपना बदला पूरा करने का भी प्रण लिया है।

लुटयेंस मीडिया को गांधी नेहरू परिवार और उनके चमचों ने वर्षों से पाला पोसा, और संरक्षित रखा। इसलिए उनके आधार पर कोई हमला करे, ये उन्हे बर्दाश्त नहीं। सीधे प्रसारण पर ईरानी जी ने बरखा और राजदीप जैसे पत्रकारों तक को नाकों चने चबवाने पर विवश किया। अब भला अपने स्टार चापलूसों की बेइज्जती लुटयेंस मीडिया कैसे बर्दाश्त करे? इनके हिसाब से तो इन हस्तियों [जिनको देखने वाले चौराहे के दमदमा बजाने वालों से भी कम होंगे] को भारत के कोमलांगी सामाजिक बुनियाद का प्रहरी होना चाहिए। साफ शब्दों में कहे तो भारत का प्रतिनिधित्व करने का ठेका इन जैसे कन्दमूलों ने अपनी बपौती समझ ली है। पर स्मृति ईरानी तो इनके उम्मीदों के ठीक विपरीत निकली, बेझिझक और निस्संदेह राष्ट्रवादी।

संबंधितपोस्ट

‘उदयपुर फाइल्स’ को रोकने की अपीलें नाकाम, जानें कब होगी रिलीज

‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ के सेट से वायरल हुई स्मृति ईरानी की तस्वीर, 12 साल बाद टीवी पर तुलसी की वापसी

25 साल बाद ‘तुलसी विरानी’ की वापसी: स्मृति ईरानी फिर बदलेंगी टीवी का चेहरा?

और लोड करें

लुटयेंस मीडिया तो अब भाई अमन की आशा जैसे अभियान चलावे, पाकिस्तानी जिहादियों से खूब प्यार पावे और कभी कभी तो अपने ही सैनिकों की बलि चढ़ा [जैसे बरखा रानी ने कार्गिल और 26/11 में किया था] इन जिहादियों को सहायता भी दिलावे! ऐसे में जिनके स्मृति ईरानी जैसी पहचान हो, तो लुटयेंस मीडिया वालों के हिसाब से इन्हे तो संसद के आसपास भी नहीं फटकना चाहिए, मंत्री बनाना तो बहुत दूर की कौड़ी ठेहरी। पर फिर भी, इन्हे अपने विरोधियों की पुंगी बजाने की ज़िम्मेदारी माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने प्रेम सहित सौंपी है! खेल तो अब शुरू हुआ है!

इसके अलावा की यह निर्णय अपने आप में दैवीय न्याय के समान है, स्मृति ईरानी को जिस उद्देश्य से सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है, वो भी अनदेखा नहीं करना चाहिए।

इससे पहले ये मंत्रालय था श्री वेंकैया नायडू के पास, जो अब भारत के उपराष्ट्रपति बनने के लिए पूरी कमर कस चुके हैं। स्मृति ईरानी को इस मंत्रालय का भार सौंपने के पीछे के प्रमुख कारणों में से एक यह है की नायडू जी ने जिस तरह इस मंत्रालय को संचालित किया था, वो अपेक्षाओं के अनुरूप कहीं भी नहीं ठहरा। इनकी कार्यशैली न देश के काम आई, और न ही सरकार के। ऐसे में एक नयी कार्यशैली, निस्संदेह, आवश्यक प्रतीत हो रही थी।

अटल बिहारी वाजपयी के प्रधानमंत्री बनने से पहले भी नायडू पार्टी की मुख्यधारा के एक अभिन्न अंग रहे है। एक युग से दूसरे युग में आने के बावजूद नायडू बाबू ने पार्टी के पुराने उसूलों की एक आत्मघाती विशेषता को साथ रखा – लुटयेंस मीडिया को ज़रूरत से ज़्यादा ऊंचा दर्जा देना। मोदी, ईरानी या योगी की तरह इन्हे कभी भी इस मीडिया के स्याह पहलू के दर्शन नहीं हुये थे, और न कभी इन्हे इस मीडिया की निराधार और मनहूस बेइज्जती का सामना करना पड़ा था। ऐसे में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की कमान ऐसे व्यक्ति को सौंपना, निस्संदेह मोदी और शाह की चुनिन्दा भूलों में से एक थी।

हमारा खून तो अब भी खौल उठता है, जब हमें याद आता है की कैसे बेधड़क प्रणय रॉय और विष्णु सोम धड़ धड़ाते हुये नायडू के मंत्रालय में घुस आए और एनडीटीवी पर लगा प्रतिबंध हटवा लिया। ये प्रतिबंध इसलिए लगा था क्योंकि अपनी पुरानी रीति के अनुसार, इनहोने पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले में संवेदनशील सूचना मुहैया करा एक तरह से आतंकियों की ही मदद कर रही थी, जिसके कारण लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन उपाध्याय को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा।

ये सही वक़्त है ऐसे मंत्री को सामने लाने का, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बने लुटयेंस मीडिया को समझ सके, और उसी हिसाब से त्वरित कारवाई भी करे।

स्मृति ईरानी की प्रशासनिक और राजनैतिक बुद्धिमता एक प्रमुख कारण है की उन्हे कपड़ा मंत्रालय से ज़्यादा योग्य पद मिलना चाहिए। राजनैतिक रूप से इनहोने 2014 के चुनावों का इस्तेमाल अपने आप को बलि के बकरे से एक राजनैतिक शक्ति में परिवर्तित करने के लिए किया। ठीक है, उन्होने अमेठी से चुनाव नहीं जीता, पर दशकों में पहली बार किसी ने गांधी नेहरू परिवार को उनही के गढ़ में नाकों चने चबवाने पर मजबूर कर दिया। तबसे इस चुनावी क्षेत्र को इनहोने अपनी कर्मभूमि बना ली है। यहाँ ये नियमित रूप से दौरा भी करती है और विकास संबंधी कार्यों को हरी झंडी भी दिलवाती है। मुमकिन है की राहुल गांधी यहाँ से चुनाव ही न लड़ें 2019 में, अगर कुछ भी गैरत हो उनमें।

इनकी बोली का क्या कहना, कई बार संसद में इनहोने अपने विपक्षियों को मुंह छुपाने पर विवश किया है। प्रशासनिक रूप से इन्हे कई लोग असफल कह सकते हैं क्योंकि इनहोने शैक्षणिक क्षेत्र में कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं किए। पर इनके मंत्रालय संभालने पर जिस तरह इनकी शैक्षणिक योग्यता पर विपक्ष ने कीचड़ उछाला है, उसके बावजूद ये अपने शिक्षित, सर्वगुण सम्पन्न और डॉक्टरेट धारक पूर्वजों से तो कहीं बहतर निकली। यकीन नहीं होता न? खुद ही देख लीजिये इनकी उपलब्धियां:

दो साल में इनहोने जो बदलाव किए हैं, उन्हे तो कोई साठ साल में नहीं ला पाया। जिन स्कूलों में एक भी शौचालय नहीं था, वहाँ तक इनहोने शौचालय बनवाए, और बालिकाओं के पंजीकरण के लिए इनहोने विशेष रूप से 2 लाख से ज़्यादा शौचालय बनवाए। सीबीएसई और एनसीईआरटी के जितने भी टेक्स्ट बुक्स हैं, उन सभी के ऑनलाइन संस्करण इनहोने मुफ्त में उपलब्ध करवाए। इनहोने कई  केन्द्रीय विश्वविद्यालय खुलवाए, और भारतीय कॉलेजों को वैश्विक स्तर तक लाने के लिए कई व्यापक सुधार करवाए। आधार कार्ड से छात्रवृत्ति लिंक करवाई गयी, तकनीक और कौशल का उपयोग कर युवाओं को कुशल बनाने की एक सार्थक मुहिम शुरू की गयी, और शायद इनकी सबसे बड़ी उपलब्धि थी एक नई शिक्षण नीति का निर्माण, जो भारत के शिक्षण क्षेत्र की जल्दी ही कायापलट कर देगा। वर्षों के कुप्रबंधन और ठहराव के बाद आखिरकार भारत को इस अनचाहे दलदल से निकालने का एक सुअवसर मिल सकता है, जिसे महज कुछ महीनों में निपटाना हास्यास्पद प्रतीत होगा।

अपनी नयी भूमिका में स्मृति ईरानी को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। चाहे वो एजेंडा चालित फ़ेक न्यूज़ हो, या विषैले टेलिविजन चैनल, या फिर इन लोगों को न्याय की चौखट के लिए एक उचित प्रणाली का अभाव, इनका निवारण करना इनके लिए किसी चुनौती से कम न होगा। पर क्योंकि इनहोने टीवी इंडस्ट्री में कामयाबी की कई सीढ़ियाँ नापी है, और कई खबरी दलालों का डटकर सामना भी किया है, बतौर शिक्षा मंत्री, तो इनके लिए ये कोई नई बात नहीं है। आशा करते हैं की स्मृति जी अपने विपक्षियों को उसी तरह निपटाए जैसे वे करती आई हैं।

Tags: लुटयेंस मीडियासूचना एवं प्रसारण मंत्रालयसूचना एवं प्रसारण मंत्रीस्मृति ईरानी
शेयरट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

सैफ, वरुण और करण जौहर ने बेशर्मियत की हद कर दी

अगली पोस्ट

राष्ट्रपति चुनाव में आडवाणी जी के हाव-भाव देख आपको दया आई? ये पढ़कर नहीं आएगी

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

AIRCRAFT CARRIERS: INDIA’S MOST POWERFUL TOOL OF MARITIME POWER PROJECTION | INS Vikrant |

00:03:22

Rudram 2 Success: Made in India Missile Ready To Crush Enemy Radars| DRDO’s Big Breakthrough

00:03:46

From Runways to Warships: India’s Firefighting Warrior Built for Bases & Battles| IAF | VayuShakti

00:05:40

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited