TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    फ्रांस से 114 राफेल खरीदने की ₹3.25 लाख करोड़ डील को जल्द मिल सकती है DAC की मंज़ूरी

    आखिर क्यों IAF का एक औपचारिक दस्तावेज पाकिस्तान के पूरे प्रोपेगेंडा पर भारी पड़ गया ?

    संभल जिले में पुलिस के डॉग स्क्वॉड की सदस्य मैरी ने एक ब्लाइंड रेप केस सुलझाने में अहम भूमिका निभाई

    संभल में डॉग मैरी ने सुलझाया ब्लाइंड रेप केस, गमछा सूंघकर आरोपी के घर तक पहुंची

    श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता,

    बलिदान दिवस विशेष: डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के ऐतिहासिक भाषणों की प्रासंगिकता

    पीएम मोदी ने कहा भारत सबकी पसंद

    पीएम मोदी : भारत अब केवल दुनिया का हिस्सा नहीं, बल्कि दुनिया की पहली पसंद बन रहा है

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी तेजी से बढ़ रहा

    UPI ने मई में 29.9 लाख करोड़ रुपये के लेनदेन के साथ बनाया नया रिकॉर्ड, भारत में डिजिटल भुगतान व्यवस्था हुई और मजबूत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नौसेना का नेतृत्व करने के बाद अजय कोचर ने वाइस चीफ का पद संभाला

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0

    ऑपरेशन सिंदूर 2.0: सेना प्रमुख ने भारत की अगली सैन्य रणनीति के दिए संकेत, भविष्य के संघर्षों के लिए तैयार हो रही हैं सशस्त्र सेनाएं

    एनडीए के कई पूर्व छात्र देश के बड़े सैन्य

    एनडीए की 150वीं पासिंग आउट परेड आज, 77 साल के इतिहास का खास पल

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    रूसी तेल का आयात

    रूसी तेल का आयात पहले से ज्यादा कर रहा है भारत, 41 देशों से हो रही ऊर्जा खरीद: हरदीप सिंह पुरी

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल,

    तुलसी गबार्ड के इस्तीफे से वॉशिंगटन में सियासी भूचाल, निजी संकट या व्हाइट हाउस का दबाव?

    कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस

    चीन को ‘कैंसर’ बताने पर घिरीं ईयू प्रमुख कैलस, बयान बना वैश्विक कूटनीतिक विवाद

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    महाभारत से जुड़े प्रमुख दृश्य

    महाभारत: श्रीकृष्ण ने पांडवों के लिए मांगे थे ये 5 गांव, आज इन नामों से जाने जाते हैं शहर

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच

    अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच SIT के हाथों में, 200 करोड़ रुपये से अधिक की कथित गड़बड़ी की आशंका

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी के माता-पिता

    लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया

    अयोध्या राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद

    राम मंदिर के चंदे को लेकर विवाद, अखिलेश यादव के आरोपों पर ट्रस्ट ने दिया जवाब

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल

    ड्रोन रूट, स्लीपर सेल और IED का जाल: National Investigation Agency ने 4 राज्यों में पाकिस्तान से जुड़े आतंकी नेटवर्क पर कसा शिकंजा

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    भारत वैश्विक क्रिप्टो रेस में कहाँ खड़ा है?

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    हेयर किट की कीमतें अलग-अलग ब्रांड्स में क्यों बदलती हैं?​

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज शिप

    कैरिबियन प्रिंसेस क्रूज पर नोरोवायरस का हमला: 3116 यात्रियों वाले क्रूज शिप पर 115 लोग बीमार

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

मिलिए शहरी नक्सली गैंग से जिन्होंने पुणे में दलितों के नाम पर अपना उल्लू सीधा किया

Nitesh Kumar Harne द्वारा Nitesh Kumar Harne
6 January 2018
in मत
पुणे नक्सली हिंसा
Share on FacebookShare on X

1 जनवरी 2018 को दलितों की पेशवाओं पर 200 वर्ष पुरानी विजय पर शौर्य दिवस का आयोजन रखा गया था जिसमे कुछ सुनियोजित हिंसा को अंजाम दिया गया और इस घटना को एक सोची समझी चाल के तहत ब्राहमण बनाम दलित के रूप में पेश कर इस जातीय दंगों की आग महाराष्ट्र समेत पूरे देश में लगाई गयी। दलितों को ब्राह्मणों के खिलाफ भड़काकर जातीय दंगे करनेवाले इस कार्यक्रम परत दर परत खुलते ही इसके तार वास्तव में नक्सलवादियों से जुड़ते नजर आ रहे है। यह कार्यक्रम दलितों का शौर्य दिवस तो था लेकिन इसे अर्बन नक्सलियों ने पूरी तरह हाईजैक कर रखा था और एक सुनियोजित षड्यंत्र था।

जैसे-जैसे आयोजकों और मंचासीन लोगों की असलियत खुलती गई, वैसे-वैसे परत-दर-परत इसका खुलासा होता चला गया। भीमा-कोरेगाँव में यह आयोजन प्रतिवर्ष होता है, जिसमें कुछ हजार दलित शामिल होते हैं। लेकिन इस वर्ष लगभग आठ माह पहले से ही तैयारी शुरू की गई थी कि इसमें लाखों लोग शामिल हो पाए। षड्यंत्र कुछ ऐसा रचा गया कि सरकार पर दबाव बनाया जा सके और इस हंगामे को ब्राह्मण बनाम दलित के रूप में दिखाया जाए। अर्बन नक्सली नफरत के इस खेल में खासे माहिर हैं।

संबंधितपोस्ट

Cockroach Janta Party ने दिल्ली प्रदर्शन से पहले तीन प्रवक्ताओं का किया ऐलान, नेताओं की पृष्ठभूमि पर छिड़ी बहस

भारत से नक्सलवाद का अंत: पीएम मोदी के विज़न और अमित शाह के संकल्प की ऐतिहासिक जीत

सॉफ्टवेयर इंजीनियर से कट्टर जिहादी तक: जुबैर की गिरफ्तारी ने खोले अल-कायदा और आईएस के डिजिटल नेटवर्क के पते

और लोड करें

पुणे में दलितों के कार्यक्रम में नजर आये नक्सली समर्थक चेहरे

यह कार्यक्रम सिर्फ दलितों का ही न होकर यह पूर्णतः नक्सलियों के लिए बनाया गया एक कार्यक्रम हो चुका था। इस कार्यक्रम की निमंत्रण पत्रिका पर निगाह डालते ही समझ में आ जाता है कि इस तथाकथित दलित आंदोलन को नक्सलवादियों ने पूरी तरह हाईजैक कर लिया था और इसे परदे के पीछे से फर्जी दलित चिंतकों तथा महिला विरोधी संगठन ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड और कुछ देशविरोधी गतिविधियों में लिप्त ताकतों ने समर्थन दिया हुआ था। एक नजर डालते है निमंत्रण पत्रिका के नामों पर

उमर खालिद : यह वो नाम है जिसे शायद ही देश में कोई हो जो नहीं जनता होगा। उमर खालिद जेएनयु में भारत तेरे टुकड़े होंगे जैसे देशविरोधी नारें लगनेवाले गैंग का मुखिया था। इस घटना के बाद उमर खालिद पर देशद्रोह का केस दर्ज हुआ लेकिन यह जमानत पर बाहर है। उमर खालिद के तार पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद से जुड़े है। कश्मीर में पत्थरबाजी के आकाओं से उमर खालिद की दोस्ती चर्चा में थी। देश भर के विश्वविद्यालयों में अराजकता फैलाने वाले देशविरोधी तत्वों का मास्टरमाइंड उमर खालिद दलितों के शौर्य दिवस के कार्यक्रम किस हैसियत और किस मकसद से शामिल था यह सोचने वाली बात है। जेएनयु काण्ड के बाद उमर खालिद अर्बन नक्सलियों का पोस्टर बॉय बनकर उभरा है।

सुधीर ढवले : यह हाल ही में नक्सलवादी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर नागपुर की सेन्ट्रल जेल में चालीस महीने की कैद काटकर बाहर आया हैं। इसे पुणे के कार्यक्रम में अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।

सोनी सोरी : छत्तीसगढ़ की नक्सल समर्थक स्वघोषित समाजसेविका भी इस कार्यक्रम हिस्सा लेने पुणे पहुंची थी। दलितों के शौर्य दिवस के कार्यक्रम में नक्सल समर्थक को आमंत्रित करने का क्या मकसद था यह विचार करने वाली बात है।

जिग्नेश मेवानी: यह नाम गुजरात चुनाव से निकल कर आया है। जिग्नेश मेवानी आजकल फर्जी अम्बेडकरवादी गैंग का सदस्य है और खुद को दलितों का मसीहा के रूप में स्थापित करने की जुगाड़ में है। हाल ही में गुजरात में जातीय संघर्ष पैदा करके विधायक बना है।  यह अपनी जहरीले भाषण और भड़काऊ बयानबाजी के लिए जाना जाता है। शौर्य दिवस के एक दिन पूर्व हुए यलगार परिषद् में जिग्नेश मेवानी ने सरकार और मोदी के खिलाफ जमकर आग उगली थी। इसने दलितों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने में अहम भूमिका निभायी थी। आजकल जिग्नेश और उमर खालिद के दोस्ती के किस्से काफी चर्चा में है। अर्बन नक्सल की गैंग का सदस्य होने के सरे गुण मौजूद है।

प्रकाश आंबेडकर: यह भारीप बहुजन महासंघ के अध्यक्ष है लेकिन इन्होने खुलेआम नक्सलवादियों का समर्थन किया है। इन्हें नक्सली समाज के दुश्मन नहीं बल्कि मित्र नजर आते है। यह खुलकर नक्सल्वाद का महिमामंडन करते है।  इस कार्यक्रम को परदे के पीछे से अंजाम देनेवालों में यह प्रमुखता से थे। प्रकाश अंबेडकर के रिश्तेदार मिलिंद तेलतुम्बडे, माओवादियों की सेन्ट्रल कमेटी का सचिव है और फिलहाल फरार है।

बी.जी. कोलसे पाटिल : मुम्बई उच्च न्यायालय के भूतपूर्व न्यायाधीश पहले तो महाराष्ट्र में भड़के मराठा आंदोलन को समर्थन दे रहे थे लेकिन वहां फायदा मिलता नहीं देख यह अब माओवादियों से हाथ मिलाने को आतुर है।

मौलाना अजहरी : आल इंडिया पर्सनललॉ बोर्ड के सदस्य है। यह वही संस्था है जो मुस्लिमों के हित की बात करती है लेकिन तीन तलाक और महिला हक़ के खिलाफ है। मौलाना अजहरी जैसे लोग भी पुणे के इस कार्यक्रम का हिस्सा थे।

उल्का महाजन, हर्षाली पोतदार तथा कबीर कला मंच के शिलेदार जो खुद पाँच वर्ष जेल में रहकर बाहर निकले हैं।

ये सभी लोग पुणे आंदोलन के सूत्रधार थे। इसी से समझा जा सकता है कि वास्तव में भीमा-कोरेगाँव का यह प्रदर्शन कतई दलितों का नहीं था, बल्कि शहरी नक्सलवादियों ने इसे पूरी तरह हाईजैक कर लिया था। पुणे के शनिवारवाडा में 31 दिसंबर की शाम एक आमसभा ली गयी थी जिसमे उमर खालिद और जिग्नेश मेवानी ने सरकार, प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और हिन्दुओं के खिलाफ जमकर जहर उगला था। यह वही उमर खालिद है जो साईबाबा नामक नक्सलवादी प्रोफ़ेसर को जमानत मिलने पर उनके स्वागत में नागपुर सेन्ट्रल जेल के बाहर हाजिर था।

अर्बन नक्सलवादियों की सरकार से दुश्मनी के पीछे का सच

पिछले तीन वर्षों में मोदी सरकार ने महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ समेत देश के कई इलाकों में नक्सली आतंकियों का सफाया तो किया ही है, बल्कि बाहर से आने वाली फंडिंग पर भी प्रभावी तरीके से रोक लगा रखी है। नोटबंदी जैसे फैसलों ने नक्सलियों और कश्मीर के पत्थरबाजों की कमर तोड़ रखी है। यही वजह है की इन शहरी नक्सली और आतंकी समर्थित काफी बेचैन है और बिलबिला रहे है। यह नक्सल समर्थित भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग के सरगना आये दिन ऐसे ही किसी घटना, किसी आंदोलन/प्रदर्शन की ताक में रहते हैं ताकि उसमें घुसपैठ करके हंगामा खड़ा किया जाए, सरकार के खिलाफ माहोल बनाया जा सकें और सरकारों को बदनाम करके खुद के लिए चन्दे की जुगाड़ बैठाई जा सके।

फडनवीस सरकार ने दिए जांच के आदेश, जल्द पता चलेगा हिंसा भड़काने के पीछे का मास्टरमाइंड

फडनवीस सरकार ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में जाँच आयोग बैठा दिया है, इससे इस सम्पूर्ण घटना के पीछे कौन लोग थे, उनका उद्देश्य क्या था और उन्हें कहाँ-कहाँ से फंडिंग मिल रही थी, इसकी जाँच होगी। इस घटना से इतना तो तय है की शहरों में घात लगाये बैठे यह अर्बन नक्सली किसी बड़े युद्ध की तैयारी में है। इन्हें पहचानना इसलिए भी मुश्किल है क्यूंकि दलितों के आड़ में यह चर्च फंडिंग के सहारे समाज में हमारे ही बीच छुपे बैठे है। यह अक्सर ऐसे ही किसी घटना और दलित आन्दोलन की रह देखते रहते है की इन्हें मौका मिले और यह इस घटना को अंजाम दे। यह दलितों को और अन्य जातियों को भड़काने और हंगामा कर जातियों में बांटने में माहिर होते है। गुजरात में इसका ताजा उदहारण देखने को मिला था। जिग्नेश मेवानी इसका एकदम नया उदहारण है जिसने ऊना काण्ड के बाद से लगातार दलितों को भड़काने का काम किया है और आखिरकार जातिवाद का जहर गुजरात चुनाव में देखने को मिला। आगे भी इस तरीके की घटनाओं को अंजाम देने की पूरी संभावनाएं है सरकार को चाहिए की ख़ुफ़िया तंत्रों के सहारे ऐसे लोगो पर समय रहते लगाम लगायें।

Tags: कोरेगांवदलितनक्सलवादनक्सलीपुणे
शेयर818ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

कोरेगांव में हुई हिंसा की पीछे का पूरा सच ये रहा

अगली पोस्ट

2018 में होगा हिन्दुओं को तोड़ने का षडयंत्र, क्या आप इसे हरा सकते हैं?

संबंधित पोस्ट

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!
चर्चित

असम में UCC बिल पास: बहुविवाह और ‘लव जिहाद’ पर लगेगा टोटल ब्रेक, सीएम हिमंत का बड़ा कदम!

27 May 2026

उत्तर पूर्व भारत के रणनीतिक और राजनीतिक रूप से सबसे महत्वपूर्ण राज्य असम से एक बेहद बड़ी और युगांतकारी खबर सामने आई है। असम विधानसभा...

Keral Muslim Leauge
इतिहास

मुस्लिम लीग, केरलम् और बहुत कुछ…

19 May 2026

1947 मे भारत के विभाजन के जो अनेक कारक (factors) रहे, उनमे मुस्लिम लीग प्रमुख हैं। मुस्लिम लीग ने ही अलग मुस्लिम राष्ट्र की मांग...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

Pakistan’s Investment Rescue Plan or Another Economic Promise? Munir | Sharif

00:03:41

Gilgit Baltistan's Youth Rising: The Fight for Dignity, Rights and Self Governance

00:03:08

Doklam’s Legacy: How the 2017 Standoff Reshaped Himalayan Security and Border Tensions। Indo china

00:03:11

Inside the Doklam Face-Off: How India Backed Bhutan and Held the Line During the 73 Day Standoff

00:03:11

Why the 2017 Doklam Standoff Became a Major Strategic Wake Up Call For India | Chicken Neck

00:03:11
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited