TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    SFDR तकनीक इन दोनों समस्याओं का समाधान करती है

    SFDR टेस्ट: भारत की ‘स्वदेशी मीटियोर’ कैसे बदलने वाली है BVR कॉम्बैट का पूरा समीकरण

    बंगाल सीएम ममता बेनर्जी खुद करेंगी करेगी कोर्ट में सवाल

    सुप्रीम कोर्ट पहुंची बंगाल सीएम ममता बनर्जी, खुद लड़ सकती हैं अपना केस

    दिल्ली में लापता महिलाओं की बढ़ती संख्या

    2026 की शुरुआत में दिल्ली में लापता मामलों में तेज़ उछाल, महिलाओं की संख्या सबसे अधिक

    बुद्ध ग्रां प्री की वापसी की संभावनाएं

    भारत में फ़ॉर्मूला 1 की वापसी की उम्मीदें तेज़, बुद्ध सर्किट पर फिर दौड़ सकती हैं रेस कारें

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    अडानी ग्रुप इटली के लियोनार्दो के साथ स्वदेशी समानों से बनाएगा हेलिकॉप्टर

    भारत में हेलिकॉप्टर उत्पाद बढ़ेगा, अदानी ग्रुप ने लियोनार्दो के साथ की पहल ,स्वदेशी को दिया जाएगा बढ़ावा

    युवाओॆ का बजट

    युवा चेतना को लेकर क्या कहता है 2026–27 का यूनियन बजट ?

    भारत-यूरोपीय संघ समझौता वैश्विक व्यापार के लिए बड़ा अवसर

    पीएम मोदी-ट्रम्प के बीच बातचीत के बाद भारत पर अमेरिकी टैरिफ घट कर हुआ 18%

    वित्त मंत्री ने देश का रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ से बढ़ाकर ₹7.85 लाख करोड़ कर दिया है

    रक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा फोकस: बजट 2026–27 की रणनीति

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    डिंगातारा सिंगापुर के साथ मिलकर करेगा उपग्रहों की सुरक्षा

    अंतरिक्ष मलबे से निपटने के लिए भारतीय स्टार्टअप डिंगातारा और सिंगापुर की साझेदारी

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील

    भारत-जर्मनी की मेगा सबमरीन डील जल्द! समुद्र में बढ़ेगी भारत की ताकत

    MSME और ड्रोन उद्योग पर राहुल गांधी के बयान, BJP ने किया खंडन

    मेक इन इंडिया पर राहुल गांधी की आलोचना, भाजपा का पलटवार

    ravikota

    एलसीए मैन’ रवि कोटा संभालेंगे एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की जिम्मेदारी, उत्पादन और सुधार पर रहेगा फोक्स

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    भारत–EU सहयोग को नई गति

    समुद्री निगरानी को मजबूत करता भारत, यूरोपीय संघ को दी IFC-IOR तक पहुंच

    एलन मस्क को भारत से बड़ा झटका

    एलन मस्क को झटका : भारत ने स्टारलिंक के GEN-2 सैटेलाइट सिस्टम को किया खारिज

    तिब्बत में चीनी नियंत्रण के दावों की समीक्षा

    तिब्बत का इतिहास और चीन का दावा: “प्राचीन शासन” मिथक पर सवाल

    भारत तीसरा एशियाई देश बना

    भारत तीसरा एशियाई देश बना जिसने यूरोपीय संघ के साथ सुरक्षा और रक्षा साझेदारी पक्की की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    के एम करियाप्पा अनुशासन के प्रतीक

    फील्ड मार्शल के .एम. करियाप्पा : अनुशासन और देशभक्ति की मिसाल

    10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    इतिहास की गवाही: 10 फिल्में जो होलोकॉस्ट और नाजी क्रूरता को दर्शाती हैं

    नेहरू अपने निजी अकाउंट में जमा कराना चाहते थे कुछ खजाना!

    नेताजी की आजाद हिंद फौज के खजाने का क्या हुआ? क्यों खजाने की लूट पर जांच से बचते रहे जवाहर लाल नेहरू ?

    भारतीय संविधान और मौलिक अधिकार

    हमारा संविधान: मौलिक अधिकार बाहर से नहीं आए, इनकी संकल्पना भारतीय ज्ञान परंपरा में सदियों से मौजूद है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    आतंक के खिलाफ बड़ा कदम: J&K में 5 सरकारी कर्मचारियों की सेवा समाप्त

    जम्मू कश्मीर में 5 सरकारी कर्मचारी सेवा से बर्खास्त , जानें क्यों मनोज सिन्हा ने लिया यह फैसला?

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    The Rise of Live Dealer Games in Asia: Why Players Prefer Real-Time Interaction

    शोले फिल्म में पानी की टंकी पर चढ़े धर्मेंद्र

    बॉलीवुड का ही-मैन- जिसने रुलाया भी, हंसाया भी: धर्मेंद्र के सिने सफर की 10 नायाब फिल्में

    नीतीश कुमार

    जेडी(यू) के ख़िलाफ़ एंटी इन्कंबेसी क्यों नहीं होती? बिहार में क्यों X फैक्टर बने हुए हैं नीतीश कुमार?

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कमलनाथ ने स्वीकारा कि 1984 में राजीव गांधी के कहने पर गये थे गुरुद्वारा रकाबगंज

Mahima Pandey द्वारा Mahima Pandey
17 January 2019
in मत
कमलनाथ सिख गुरुद्वारा रकाबगंज

PC: Facebook

Share on FacebookShare on X

1984 का सिख विरोधी दंगा तो आपको याद ही होगा जो सिख नरसंहार भी कहा जाता है । देश के कई जगहों पर हिंसा हुई जिसमें सिखों की हत्या की गयी और कांग्रेस पार्टी के दामन पर इसका दाग लगा। कई कांग्रेसी नेताओं पर इस दंगे को भड़काने और हिंसा फैलाने के आरोप लगे। हाल ही में कांग्रेस के एक नेता सज्जन कुमार को इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी। मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पर भी इसके आरोप लगे थे लेकिन आज तक उन्हें इसकी कोई सजा नहीं हुई। 1 नवंबर 1984 को गुरुद्वारा रकाबगंज की घटना पर इंडियन एक्सप्रेस के समकालीन रिपोर्टर संजय सूरी ने भी कमलनाथ को भीड़ का नेतृत्व करते और उन्हें सिखों का कत्ल करने का आदेश देते देखा था। उस वक्त की घटना पर कमलनाथ की मौजूदगी को लेकर कई सवाल खड़े उठे थे। रिपोर्ट्स की मानें तो कमलनाथ राजीव गांधी के कहने पर गुरुद्वारा रकाबगंज गये थे लेकिन जब उनसे इस संबंध में साल 2016 में सवाल किया गया था तो उन्होंने इससे साफ़ इंकार कर दिया था लेकिन अब साल 2019 के एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वो राजीव गांधी के कहने पर गुरुद्वारा रकाबगंज गए थे।

कांग्रेस नेता कमलनाथ और उसके साथियो ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पर हमला किया और सैकड़ो सीखो की हत्या की।वही रकाबगंज साहिब जहा हिन्दू धर्म की खातिर बलिदान देने वाले गुरु तेगबहादुर जी का दाह संस्कार हुआ था।मोब लीनचर राजीव गांधी के गुंडों ने उस पवित्र स्थान को भी नही छोड़ा ।

— Tajinder Bagga (Modi Ka Parivar) (@TajinderBagga) August 27, 2018

संबंधितपोस्ट

1984 दंगा आरोपी टाइटलर संग राहुल गांधी ने फहराया तिरंगा, भाजपा बोली–गांधी परिवार को नहीं कोई खेद

दिग्विजय का यू-टर्न और मालेगांव फैसला: कांग्रेस की साख को करारा झटका

कांग्रेस के पीछे कॉर्पोरेट का पैसा? भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने इंदिरा गांधी पर लगाया यह आरोप

और लोड करें

एक नेता से एक जैसे सवाल दो इंटरव्यू में पूछे गये लेकिन दोनों में ही कमलनाथ का जवाब अलग था। इसका मतलब तो साफ़ है कि कमलनाथ या तो तब झूठ बोल रहे थे या आज बोल रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कमलनाथ ने द प्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में स्वीकार कर लिया कि वो साल 1984 में गुरुद्वारा रकाबगंज पर राजीव गांधी के कहने पर गये थे। इस इंटरव्यू में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि “राजीव गांधी अभी नए नए प्रधानमंत्री बने थे मैं उनके साथ था उसी दौरान एक फ़ोन आता है कि पर गुरुद्वारा रकाबगंज में भारी संख्या में कंग्रेस के लोग इकठ्ठा हुए हैं और हमला करने वाले हैं। तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम तुरंत वहां जाओ और ये सब रोको।” अब जरा कमलनाथ के साल 2016 में बरखा दत्त को दिए एक इंटरव्यू को देखें तो उनके बोल कुछ और ही थे।

साल 2016 में कमलनाथ से जब एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बरखा दत्त ने पूछा था कि आपको किसने गुरुद्वारे भेजा था ? तो कमलनाथ ने कहा, “मैं कांग्रेस के लोगों के साथ बैठा था” इस जवाब के बीच में ही बरखा दत्त सवाल करती हैं कि “क्या राजीव गांधी ने आपको गुरुद्वारा भेजा था?” तो कमलनाथ ने जवाब में कहा, “नहीं, मैं कुछ कांग्रेस के लोगों के साथ कहीं बैठा हुआ था तब किसी को एक फ़ोन आता है फिर वो कहते है हमें जाना चाहिए। मैं गया लेकिन मैं अकेले नहीं गया। मैं दो कांग्रेसी नेता के साथ गया था उनमें से एक हरियाणा के थे और दूसरे यूपी से थे।” इसके बाद बरखा दत्त ने पूछा कि आप वहां करने क्या गये थे? तो कमलनाथ ने कहा कि “मुझे जब सूचना मिली थी तब हम घटनास्थल पर घटना को रोकने गये थे। जब मैं गुरुद्वारा रकाबगंज गया तो वहां 300-400 की भीड़ देखी और फिर लोगों से बातचीत की कि तुम लोग यहां क्या कर रहे हो? जो भी कर रहे हो सब अभी रोक दो । मेरी उनसे कुछ बातचीत हुई जिस वजह से पुलिस को घटनास्थल पर और अधिक सुरक्षा बलों को जुटाने का समय मिल गया।” इसके बाद जब कमलनाथ से सवाल किया गया कि “जब आप घटना स्थल पर थे और वहां दो लोगों को जलाया जा रहा था तो आपने पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करने के लिए क्यों नहीं कहा या आपने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया? आप चाहते तो भीड़ को काबू कर सकते थे आपके पास शक्ति थी लेकिन आपने ऐसा क्यों नहीं किया?” इस सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि “मैं भीड़ से बातचीत कर रहा था मैंने दो लोगों को जलते हुए देखा ही नहीं। अगर पुलिस ने देखा भी तो मैं कोई पुलिस इंचार्ज नहीं था जो उन्हें कहूं कि मामले में हस्तक्षेप करो या त्वरित कार्रवाई करो। हां पुलिस ने मुझसे कहा भीड़ को काबू में करने के लिए मदद करें लेकिन कोई मेरी नहीं सुन रहा था।” जब उनसे पूछा गया कि कई लोगों ने भीड़ में कांग्रेस के लोगों को देखा तो आपने क्यों नहीं पहचाना? तो कमलनाथ ने कहा “हो सकता है वहां कुछ कांग्रेस के लोग होंगे लेकिन मैंने उन्हें नहीं पहचाना हां भीड़ ने मुझे पहचाना होगा। अब भीड़ में सभी कांग्रेस का कोई होगा जरुरी नहीं। हां वहां मैंने किसी को नहीं पहचाना था लेकिन उन लोगों ने मुझे पहचान लिया था।”

इन शब्दों से साफ़ है कि कमलनाथ का उस समय हुई घटना में कहीं न कहीं हाथ तो था। वो चाहते तो भीड़ को रोक सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इंदिरा गांधी की मौत का बदला लेने का बुखार उस समय कांग्रेस के कार्यकर्ता व नेताओं में इस तरह से चढ़ा था कि उन्होंने इसे उतारने के लिए सिखों का नरसंहार किया था। बार बार उनपर आरोप लगे और बार बार कमलनाथ ने आरोपों को नकार दिया और अब उनके जवाब ये साबित करते हैं कि उनका उस समय की घटना से जुड़ाव जरुर था और शायद राजीव गांधी के कहने पर उन्होंने ऐसा किया था लेकिन हर बार इस बात से उन्होंने इंकार किया लेकिन अब द प्रिंट को दिए इंटरव्यू में इसे स्वीकार भी कर लिया है। ये कमलनाथ के झूठ को भी दर्शाता है कि किस तरह से गांधी परिवार के लिए उन्होंने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया।

बता दें कि संजय सूरी ने अपनी एक किताब 1984: The Anti-Sikh Violence and After में कमलनाथ की उपस्थिति का जिक्र किया है। ये वही सूरी है जिसने कमलनाथ की घटनास्थल पर उपस्थिति की पुष्टि की थी। सूरी के अलावा कमल नाथ की उपस्तिथि की पुष्टि दो वरिष्ठ अधिकारियों, आयुक्त सुभाष टंडन और अतिरिक्त आयुक्त गौतम कौल और एक स्वतंत्र स्रोत ने भी की थी। सभी ने कहा था कि कमलनाथ का भीड़ से कनेक्शन था। उन्होंने इशारा किया और भीड़ ने सुना। जिस भीड़ को दखकर पुलिस ने भी अपने कदम पीछे खींच लिए वो भीड़ कांग्रेस के एक नेता के नियंत्रण में क्यों थी? क्यों भीड़ को पुलिस का डर नहीं था लेकिन कांग्रेस के नेता की बाते मान रही थी। ऐसे में सवाल आज भी उठाये जातें हैं कि अगर कमलनाथ वहां भीड़ को नियंत्रित करने पहुंचे थे तो उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? बल्कि हिंसा के लिए इशारा किया। क्या सच में कमलनाथ और भीड़ के बीच क्या संबंध थे? गवाहों के बावजूद कमल नाथ को उनके किये की सजा नहीं मिली क्योंकि उन्हें कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त था। आज भी सिख दंगे के पीड़ितों का कहना है कि कमल नाथ को उनके किये की सजा नहीं मिली है।

कांग्रेस ने तो दंगे के आरोपियों को न ही पार्टी से निकाला और न ही कोई क़ानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ने दिया। और तो और साल 2016 में कमलनाथ को पंजाब का पार्टी प्रभारी बनाकर कांग्रेस ने सिखों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया था। उस समय कांग्रेस को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके बाद कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था। जिस तरह के आरोप कमलनाथ पर लगे थे उन आरोपों को अनदेखा कर कांग्रेस ने पहले कमल नाथ को मध्य प्रदेश कमेटी का मुखिया बनाया था और अब प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया है ताकि वो प्रदेश में भ्रष्टाचार कर भारी कमाई कर सके और जनता का फायदा उठा सके।  

अब कमलनाथ के इस दो जवाबों ने ये साफ़ कर दिया है कि किस तरह से भ्रष्टाचार, हिंसा, घोटालों के अलावा झूठ की राजनीति ये पार्टी और उसके नेता करते रहे हैं और आज भी कर रहे हैं। 

Tags: कमलनाथराजीव गांधीसिख विरोधी दंगा
शेयर3216ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

लेफ्ट-लिबरल मीडिया ने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म के बारे में फैलाई फर्जी खबरें

अगली पोस्ट

देशद्रोह कानून को लेकर कांग्रेस का दोहरा रवैया, अपने समय में किया इस्तेमाल और अब कर रही हटाने की मांग

संबंधित पोस्ट

बांग्लादेश
चर्चित

हिंदू दीपू दास की इस्लामी भीड़ के हाथों बर्बर हत्या उस्मान हादी हत्याकांड का ‘साइड इफेक्ट’ नहीं है, ये मजहबी कट्टरता को आत्मसात कर चुके बांग्लादेश का नया सच है

20 December 2025

बांग्लादेश इस समय गहरी अस्थिरता से गुज़र रहा है। दुर्भाग्य से ये अस्थिरता सिर्फ राजनैतिक नहीं है, ये नैतिक और सामाजिक भी है। अलग भाषाई...

ऑपरेशन सिंदूर 2:0
मत

दिल्ली धमाका और PoK के नेता का कबूलनामा: क्या भारत के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का समय आ गया है?

21 November 2025

पाकिस्तान एक आतंकी मुल्क है और इसमें शायद ही किसी को कोई संशय हो, ख़ुद पाकिस्तान के मित्र भी न सिर्फ इसे अच्छी तरह जानते...

शशि थरूर पीएम की तारीफ कर अपनी ही पार्टी के अंदर निशाने पर आ गए हैं
चर्चित

कांग्रेस का नया नियम यही है कि चाहे कुछ भी हो जाए पीएम मोदी/बीजेपी का हर क़ीमत पर विरोध ही करना है?

21 November 2025

कांग्रेस के नेता देश ही नहीं विदेशों में भी जाकर लोकतंत्र बचाने की दुहाई देते रहते हैं। लेकिन जब बारी आंतरिक लोकतंत्र की आती है...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

India’s Swadesi ‘Meteor’: Word’s Most Lethal BVR Missile | Gandiv| SFDR | DRDO

00:06:48

Between Rafale and AMCA; Where Does the Su-57 Fit | IAF| HAL | Wings India

00:06:10

Pakistan’s Rafale Narrative Ends at Kartavya Path| Sindoor Formation Exposes the BS022 Claim | IAF

00:09:35

If US Says NO, F-35 Can’t Fly: The Hidden Cost of Imports | Make In India

00:06:15

Republic Day Shock: India’s Hypersonic Warning to the World| DRDO | HGV | Indian Army

00:05:24
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited