TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि

    वित्त वर्ष 2025–26 में 7.7% की आर्थिक वृद्धि ने मोदी सरकार के तहत भारत की मजबूत अर्थव्यवस्था को दी मजबूती, सेवा क्षेत्र और निवेश बने व्यापक विकास के प्रमुख आधार

    भारत की अर्थव्यवस्था

    भारत की अर्थव्यवस्था ने दिखाई मजबूती, GDP ग्रोथ 7.7% पहुंची; अगले साल धीमी पड़ सकती है रफ्तार

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

कमलनाथ ने स्वीकारा कि 1984 में राजीव गांधी के कहने पर गये थे गुरुद्वारा रकाबगंज

Mahima Pandey द्वारा Mahima Pandey
17 January 2019
in मत
कमलनाथ सिख गुरुद्वारा रकाबगंज

PC: Facebook

Share on FacebookShare on X

1984 का सिख विरोधी दंगा तो आपको याद ही होगा जो सिख नरसंहार भी कहा जाता है । देश के कई जगहों पर हिंसा हुई जिसमें सिखों की हत्या की गयी और कांग्रेस पार्टी के दामन पर इसका दाग लगा। कई कांग्रेसी नेताओं पर इस दंगे को भड़काने और हिंसा फैलाने के आरोप लगे। हाल ही में कांग्रेस के एक नेता सज्जन कुमार को इसी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सजा भी सुनाई थी। मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ पर भी इसके आरोप लगे थे लेकिन आज तक उन्हें इसकी कोई सजा नहीं हुई। 1 नवंबर 1984 को गुरुद्वारा रकाबगंज की घटना पर इंडियन एक्सप्रेस के समकालीन रिपोर्टर संजय सूरी ने भी कमलनाथ को भीड़ का नेतृत्व करते और उन्हें सिखों का कत्ल करने का आदेश देते देखा था। उस वक्त की घटना पर कमलनाथ की मौजूदगी को लेकर कई सवाल खड़े उठे थे। रिपोर्ट्स की मानें तो कमलनाथ राजीव गांधी के कहने पर गुरुद्वारा रकाबगंज गये थे लेकिन जब उनसे इस संबंध में साल 2016 में सवाल किया गया था तो उन्होंने इससे साफ़ इंकार कर दिया था लेकिन अब साल 2019 के एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि वो राजीव गांधी के कहने पर गुरुद्वारा रकाबगंज गए थे।

कांग्रेस नेता कमलनाथ और उसके साथियो ने गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पर हमला किया और सैकड़ो सीखो की हत्या की।वही रकाबगंज साहिब जहा हिन्दू धर्म की खातिर बलिदान देने वाले गुरु तेगबहादुर जी का दाह संस्कार हुआ था।मोब लीनचर राजीव गांधी के गुंडों ने उस पवित्र स्थान को भी नही छोड़ा ।

— Tajinder Bagga (Modi Ka Parivar) (@TajinderBagga) August 27, 2018

संबंधितपोस्ट

जब राजीव गांधी ने दूरदर्शन को दिए थे तियानआनमेन स्क्वायर नरसंहार की कवरेज न करने के निर्देश

1984 दंगा आरोपी टाइटलर संग राहुल गांधी ने फहराया तिरंगा, भाजपा बोली–गांधी परिवार को नहीं कोई खेद

दिग्विजय का यू-टर्न और मालेगांव फैसला: कांग्रेस की साख को करारा झटका

और लोड करें

एक नेता से एक जैसे सवाल दो इंटरव्यू में पूछे गये लेकिन दोनों में ही कमलनाथ का जवाब अलग था। इसका मतलब तो साफ़ है कि कमलनाथ या तो तब झूठ बोल रहे थे या आज बोल रहे हैं। दरअसल, हाल ही में कमलनाथ ने द प्रिंट को दिए एक इंटरव्यू में स्वीकार कर लिया कि वो साल 1984 में गुरुद्वारा रकाबगंज पर राजीव गांधी के कहने पर गये थे। इस इंटरव्यू में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि “राजीव गांधी अभी नए नए प्रधानमंत्री बने थे मैं उनके साथ था उसी दौरान एक फ़ोन आता है कि पर गुरुद्वारा रकाबगंज में भारी संख्या में कंग्रेस के लोग इकठ्ठा हुए हैं और हमला करने वाले हैं। तो उन्होंने मुझसे कहा कि तुम तुरंत वहां जाओ और ये सब रोको।” अब जरा कमलनाथ के साल 2016 में बरखा दत्त को दिए एक इंटरव्यू को देखें तो उनके बोल कुछ और ही थे।

साल 2016 में कमलनाथ से जब एनडीटीवी के एक कार्यक्रम में बरखा दत्त ने पूछा था कि आपको किसने गुरुद्वारे भेजा था ? तो कमलनाथ ने कहा, “मैं कांग्रेस के लोगों के साथ बैठा था” इस जवाब के बीच में ही बरखा दत्त सवाल करती हैं कि “क्या राजीव गांधी ने आपको गुरुद्वारा भेजा था?” तो कमलनाथ ने जवाब में कहा, “नहीं, मैं कुछ कांग्रेस के लोगों के साथ कहीं बैठा हुआ था तब किसी को एक फ़ोन आता है फिर वो कहते है हमें जाना चाहिए। मैं गया लेकिन मैं अकेले नहीं गया। मैं दो कांग्रेसी नेता के साथ गया था उनमें से एक हरियाणा के थे और दूसरे यूपी से थे।” इसके बाद बरखा दत्त ने पूछा कि आप वहां करने क्या गये थे? तो कमलनाथ ने कहा कि “मुझे जब सूचना मिली थी तब हम घटनास्थल पर घटना को रोकने गये थे। जब मैं गुरुद्वारा रकाबगंज गया तो वहां 300-400 की भीड़ देखी और फिर लोगों से बातचीत की कि तुम लोग यहां क्या कर रहे हो? जो भी कर रहे हो सब अभी रोक दो । मेरी उनसे कुछ बातचीत हुई जिस वजह से पुलिस को घटनास्थल पर और अधिक सुरक्षा बलों को जुटाने का समय मिल गया।” इसके बाद जब कमलनाथ से सवाल किया गया कि “जब आप घटना स्थल पर थे और वहां दो लोगों को जलाया जा रहा था तो आपने पुलिस को मामले में हस्तक्षेप करने के लिए क्यों नहीं कहा या आपने कोई एक्शन क्यों नहीं लिया? आप चाहते तो भीड़ को काबू कर सकते थे आपके पास शक्ति थी लेकिन आपने ऐसा क्यों नहीं किया?” इस सवाल के जवाब में कमलनाथ ने कहा कि “मैं भीड़ से बातचीत कर रहा था मैंने दो लोगों को जलते हुए देखा ही नहीं। अगर पुलिस ने देखा भी तो मैं कोई पुलिस इंचार्ज नहीं था जो उन्हें कहूं कि मामले में हस्तक्षेप करो या त्वरित कार्रवाई करो। हां पुलिस ने मुझसे कहा भीड़ को काबू में करने के लिए मदद करें लेकिन कोई मेरी नहीं सुन रहा था।” जब उनसे पूछा गया कि कई लोगों ने भीड़ में कांग्रेस के लोगों को देखा तो आपने क्यों नहीं पहचाना? तो कमलनाथ ने कहा “हो सकता है वहां कुछ कांग्रेस के लोग होंगे लेकिन मैंने उन्हें नहीं पहचाना हां भीड़ ने मुझे पहचाना होगा। अब भीड़ में सभी कांग्रेस का कोई होगा जरुरी नहीं। हां वहां मैंने किसी को नहीं पहचाना था लेकिन उन लोगों ने मुझे पहचान लिया था।”

इन शब्दों से साफ़ है कि कमलनाथ का उस समय हुई घटना में कहीं न कहीं हाथ तो था। वो चाहते तो भीड़ को रोक सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इंदिरा गांधी की मौत का बदला लेने का बुखार उस समय कांग्रेस के कार्यकर्ता व नेताओं में इस तरह से चढ़ा था कि उन्होंने इसे उतारने के लिए सिखों का नरसंहार किया था। बार बार उनपर आरोप लगे और बार बार कमलनाथ ने आरोपों को नकार दिया और अब उनके जवाब ये साबित करते हैं कि उनका उस समय की घटना से जुड़ाव जरुर था और शायद राजीव गांधी के कहने पर उन्होंने ऐसा किया था लेकिन हर बार इस बात से उन्होंने इंकार किया लेकिन अब द प्रिंट को दिए इंटरव्यू में इसे स्वीकार भी कर लिया है। ये कमलनाथ के झूठ को भी दर्शाता है कि किस तरह से गांधी परिवार के लिए उन्होंने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया।

बता दें कि संजय सूरी ने अपनी एक किताब 1984: The Anti-Sikh Violence and After में कमलनाथ की उपस्थिति का जिक्र किया है। ये वही सूरी है जिसने कमलनाथ की घटनास्थल पर उपस्थिति की पुष्टि की थी। सूरी के अलावा कमल नाथ की उपस्तिथि की पुष्टि दो वरिष्ठ अधिकारियों, आयुक्त सुभाष टंडन और अतिरिक्त आयुक्त गौतम कौल और एक स्वतंत्र स्रोत ने भी की थी। सभी ने कहा था कि कमलनाथ का भीड़ से कनेक्शन था। उन्होंने इशारा किया और भीड़ ने सुना। जिस भीड़ को दखकर पुलिस ने भी अपने कदम पीछे खींच लिए वो भीड़ कांग्रेस के एक नेता के नियंत्रण में क्यों थी? क्यों भीड़ को पुलिस का डर नहीं था लेकिन कांग्रेस के नेता की बाते मान रही थी। ऐसे में सवाल आज भी उठाये जातें हैं कि अगर कमलनाथ वहां भीड़ को नियंत्रित करने पहुंचे थे तो उन्होंने ऐसा क्यों नहीं किया? बल्कि हिंसा के लिए इशारा किया। क्या सच में कमलनाथ और भीड़ के बीच क्या संबंध थे? गवाहों के बावजूद कमल नाथ को उनके किये की सजा नहीं मिली क्योंकि उन्हें कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त था। आज भी सिख दंगे के पीड़ितों का कहना है कि कमल नाथ को उनके किये की सजा नहीं मिली है।

कांग्रेस ने तो दंगे के आरोपियों को न ही पार्टी से निकाला और न ही कोई क़ानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ने दिया। और तो और साल 2016 में कमलनाथ को पंजाब का पार्टी प्रभारी बनाकर कांग्रेस ने सिखों के ज़ख्मों पर नमक छिड़कने का काम किया था। उस समय कांग्रेस को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। इसके बाद कमलनाथ को इस्तीफा देना पड़ा था। जिस तरह के आरोप कमलनाथ पर लगे थे उन आरोपों को अनदेखा कर कांग्रेस ने पहले कमल नाथ को मध्य प्रदेश कमेटी का मुखिया बनाया था और अब प्रदेश का मुख्यमंत्री बना दिया है ताकि वो प्रदेश में भ्रष्टाचार कर भारी कमाई कर सके और जनता का फायदा उठा सके।  

अब कमलनाथ के इस दो जवाबों ने ये साफ़ कर दिया है कि किस तरह से भ्रष्टाचार, हिंसा, घोटालों के अलावा झूठ की राजनीति ये पार्टी और उसके नेता करते रहे हैं और आज भी कर रहे हैं। 

Tags: कमलनाथराजीव गांधीसिख विरोधी दंगा
शेयर3216ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

लेफ्ट-लिबरल मीडिया ने ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ फिल्म के बारे में फैलाई फर्जी खबरें

अगली पोस्ट

देशद्रोह कानून को लेकर कांग्रेस का दोहरा रवैया, अपने समय में किया इस्तेमाल और अब कर रही हटाने की मांग

संबंधित पोस्ट

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?
मत

हिंदू समाज से एक सीधा प्रश्न: भव्य मंदिर बना सकते हो, तो उन्हें सरकारी कब्जे से स्वतंत्र क्यों नहीं करा सकते?

4 July 2026

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चोरी की घटना ने करोड़ों हिंदुओं को दुखी किया है। जाँच चल रही है। सत्य सामने आना चाहिए और जो...

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता
चर्चित

कॉमेडी के नाम पर अश्लीलता : आखिर कब तक?

29 June 2026

अंग्रेजी भाषा का एक शब्द “कॉमेडी”, कदाचित जिसका अर्थ ‘हास्य की वह विधा है, जिसका उद्देश्य स्वस्थ मनोरंजन और समाज को हँसी के माध्यम से...

Veer Savarkar Congress And Indira Gandhi
चर्चित

इंदिरा गांधी ने किया था सम्मान लेकिन वीर सावरकर से क्यों चिढ़ती है कांग्रेस?

28 May 2026

विनायक दामोदर सावरकर जिन्हें 'स्वातंत्र्यवीर' के रूप में जाना जाता है। वो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के एक प्रमुख क्रांतिकारी थे। उनकी भूमिका और विचारधारा आज...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited