TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    सरकार ने लॉकडाउन की अफवाहों को किया खारिज, वैश्विक आपूर्ति संकट के दावों को बताया बेबुनियाद

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    भारत ‘दलाल राष्ट्र’ नहीं है : पाकिस्तान मध्यस्थता पर सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर का बयान

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    देहरादून में CM धामी ने देखी ‘द केरला स्टोरी 2’, UCC और धर्मांतरण कानून पर दिया बड़ा बयान

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    वैश्विक संकट के बीच ईंधन कर में कटौती: तेल की कीमतों में उछाल के बीच केंद्र ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    WTO बैठक में भारत की मजबूत पैरवी : न्यायसंगत और विकास-केंद्रित वैश्विक व्यापार ढांचे पर जोर

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    मिडिल ईस्ट जंग: मोदी ने फिर साबित किया है कि ‘डिप्लोमेसी’ के मामले में वो क्यों हैं मिस्टर भरोसेमंद ?

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    The Silent Rise of India’s Comparison Economy

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    “ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत अलर्ट, दो ‘ब्रह्मास्त्र’ तैनात, मिसाइल और ड्रोन के लिए बनेंगे काल”

    बिपिन रावत

    ‘इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड’: जनरल बिपिन रावत का सेना को लेकर देखा गया स्वप्न फ़िलहाल अधूरा ज़रूर है, लेकिन उसने सैन्य सुधार की एक मज़बूत नींव रख दी है

    Indian navy in hormuz and trump

    होर्मुज़ संकट: इधर ट्रम्प चीन से मदद मांग रहे हैं, उधर इंडियन नेवी ‘शिवालिक’ और ‘नंदा’ को साथ लेकर भारत लौट रही है

    भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका

    नारी शक्ति: भारत की रक्षा में महिलाओं की मजबूत भूमिका, सशस्त्र बलों में भी बढ़ी भागीदारी

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    एक गलती और अमेरिकी फिटनेस ऐप ने फ्रांसीसी विमानवाहक पोत की लोकेशन उजागर कर दी।

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    इजरायल का ‘धुरंधर-2’ अंदाज़ : ईरान-लेबनान के बाद सीरिया में तेज़ हमले

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    ईरान संकट के बीच ट्रंप का बड़ा कदम: क्यों हटाई 100 साल पुरानी जोन्स एक्ट की पाबंदी?

    चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    14 मार्च 2005 को चीन ने ताइवान के खिलाफ एंटी-सेसेशन कानून पारित कर अलगाववाद रोकने की दी चेतावनी

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

    राम नवमी पर राम अवतार का पौराणिक संदर्भ

    कालचक्र के पृष्ठों पर रामावतार की पृष्ठभूमि:  चमत्कार से रावण का अंत नहीं, बल्कि संगठित सज्जन शक्ति में देवत्व, प्रत्यक्ष संघर्ष के संचार की अनुपम कथा

    इंक़लाब भगत सिंह

    क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

    Shahidi Diwas

    भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Crazy Time Game tricks: What Really Works and What Doesn’t

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    Exploring Mostbet in Nepal – Making the Most of Bonuses and Taking Your Betting to the Next Level

    सुनील गावस्कर का सनग्रुप से तीखा सवाल

    सुनील गावस्कर का काव्या मारन की टीम से सीधा तीखा सवाल…कहां भारतीयों के खून का पैसा बर्बाद न करें

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    पाकिस्तान के जिस प्लेयर ने उड़ाया था भारतीय सेना का मज़ाक, उसे ख़रीद विवादों में घिरी सनराइजर्स की मालकिन काव्या मारन

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

भारत का अनकहा इतिहास: किसने जीता था झेलम का युद्ध, सिकंदर ने या फिर राजा पुरू ने?

Atul Kumar Mishra द्वारा Atul Kumar Mishra
25 June 2019
in इतिहास
झेलम का युद्ध राजा पुरू
Share on FacebookShare on X

झेलम का युद्ध : राजा पुरु बनाम सिकंदर महान

विश्व का सबसे महान योद्धा, ना भूतो न भविष्यति, जब सिकंदर जिसे यूनानी इतिहासकार सिकंदर द ग्रेट (सिकंदर महान) कह कर संबोधित कहते हैं अपने दिग्विजय अभियान पर निकला था, तब अनेकों साम्राज्य उसके समक्ष नतमस्तक हो गए, कुछ ने आत्मसमर्पण कर दिया और जिन्होंने उससे युद्ध करने का दुस्साहस किया, वे अपनी सेना समेत मारे गए। अंततः सिकंदर ने अपने नेत्र भारत की ओर उठाए। हाडेप्सास यानि झेलम का युद्ध हुआ और परिणाम वही था। सिकंदर ने राजा पुरू को पराजित किया परंतु फिर हुआ उसका हृदय परिवर्तन। महान और भी महान हो गया।

334 BCE का कालखंड था, सिकंदर फारस यानि की वर्तमान ईरान को हरा चुका था। और अब उसका ध्यान भारतभूमि की ओर था। यह वो काल था जब भारत आक्रांताओं के श्मशान के रूप में प्रचलित था। भारत की अकूत सम्पदा तो सबको भाती थी परंतु भारत को पराजित करना, ऐरावत पर आरूढ़ नमूचीहंता इंद्र को पराजित के सदृश दुष्कर था।

संबंधितपोस्ट

कोई सामग्री उपलब्ध नहीं है
और लोड करें

फारसियों ने सिकंदर को इस बात से विदित करवाया कि उनका महानतम राजा साइरस जिसने लगभग सम्पूर्ण विश्व पर अपना आधिपत्य स्थापित किया था वह दो सदी पहले भारत में वधित हुआ था। असीरियन रानी सेमीरमिस ने भारत पर 4 लाख अश्वारोही योद्धाओं के साथ आक्रमण किया था और 20 अश्वारोही योद्धाओं के साथ लौटी थी, बाकी भारतभूमि के वीर योद्धाओं के खडगों द्वारा यमपुरी भेज दिये गए थे।

परंतु सिकंदर निर्भीक योद्धा था। भारत-विजय उसका स्वप्न था। उसने भारत पर अपनी पूरी शक्ति के साथ आक्रमण कर दिया। यह उसके जीवन की एक बड़ी विफलता सिद्ध होने वाली थी।

युद्ध से पहले चलते हैं युद्ध के परिणाम पर, या कहें तो युद्ध के परिणाम की उस कथा पर जो यूनानी इतिहासकारों ने बढ़ चढ़ कर सुनायी है। यूनानी इतिहासकारों के अनुसार, सिकंदर युद्ध तो जीत गया परंतु वह अपने शत्रु पुरू की वीरता से अत्यंत प्रभावित हुआ। वह इतना प्रभावित हुआ की उसने पुरू से जीता हुआ राज्य पुनः उसे लौटा दिया। यही नहीं उसने पुरू को तक्षशिला नरेश आम्भिकुमार का राज्य भी दे दिया। पुरू के साथ हुए युद्ध में आम्भिकुमार सिकंदर की तरफ से लड़ा था।

थोड़ा विचित्र नहीं है? सिकंदर जो एक क्रूर आक्रांता था, जो युद्ध जीतने के लिए किसी भी प्रकार का छल, कपट और प्रपंच कर सकता था अनायास ही वो इतने विशाल हृदय वाला व्यक्ति कैसे बन गया? जिस राजा की सेना ने मैसेडोनिया की सेना को छत-विछत कर डाला था, उसे पुरस्कार देना तर्क संगत तो नहीं लगता? और अगर वास्तविकता में सिकंदर का हृदय इतना विशाल भी हो भी गया हो, फिर भी आम्भिकुमार का राज्य पुरू को देने का तो कोई औचित्य ही नहीं बनता?

इसका मात्र एक ही कारण हो सकता है? यूनानी इतिहासकार सदा से मिथ्या बोलते आयें है। सिकंदर और पुरू का युद्ध तो अवश्य हुआ था परंतु पराजय पुरू की नहीं सिकंदर की हुई थी। महान सिकंदर नहीं पुरू था।
अब आते हैं सिकंदर के एक लघु जीवन परिचय पर:

महान दार्शनिक और सिकंदर के गुरु अरस्तु ने एक बार भविष्यवाणी की थी कि सिकंदर का जन्म विश्वविजेता बनने के लिए हुआ है, परंतु सिकंदर के विश्वविजेता बनने के पथ में सबसे पहले आता था का मैसेडोनिया का राजसिंहासन । उस राजसिंहासन से पहले आते थे उसके सौतेले व चचेरे भाई। पिता की मृत्यु होते ही सिकंदर ने अपने में कुल में हत्याओं की मानो एक वृष्टि सी कर दी। एक के बाद एक अपने सौतेले व चचेरे भाइयों की हत्या करने के पश्चात सिकंदर मेसेडोनिया के सिंहासन पर आसीन हुआ। गृहयुद्ध का विजेता बनने के उपरांत सिकंदर विश्व विजय को प्रस्थान कर गया। निकटवारती राज्यों के विद्रोहियों का दमन करके उसने इरान पर आक्रमण किया, इरान विजित कर सिकंदर ने गोर्दियास और उसके पश्चात बेबीलोन को जीत लिया। उसके बाद वह अफगानिस्तान को जीतता हुआ सिन्धु नदी तक पहुँच गया। सिन्धु पार तक्षशिला था, जहाँ का राजा था आम्भीकुमार, और अम्भिकुमार के निकट झेलम पार फैला था महाराज पुरू का विशाल साम्राज्य। अम्भिकुमार स्वभाव से लोभी और निष्ठाहीन था और उसका महाराज पुरु से पुराना बैर था, सिकंदर को अपने राज्य तक आया देख उसने उससे हाथ मिलाना ही उचित समझा।

अब आते हैं झेलम का युद्ध पर:
राजा पुरु के शत्रु आम्भी की सेना के साथ सिकंदर ने झेलम पार की। राजा पुरू को सिकंदर की सेना की गतिविधियों और अम्भिकुमार के षड्यंत्र की पूरी जानकारी थी। यूनानी इतिहासकार बताते हैं की अगर सिकंदर झेलम नहीं पार कर पाता, तो निःसन्देह पुरू ही विजेता होते परंतु पुरू ने सिकंदर की सेना को झेलम क्यों पार करने दिया उसके पीछे एक बहुत ही रोचक कारण है। राजा पुरू को झेलम नदी के प्रवाह, फैलाव और संकीर्णता की सम्पूर्ण जानकारी थी। उन्हें यह भी ज्ञात था कि नदी कब पार करने के योग्य है और कब नहीं। सिकंदर की सेना ने नदी पार करने का जो समय चुना था वो अत्यंत मूर्खतापूर्ण निर्णय था। नदी पार करने के थोड़े समय पूर्व ही नदी में बाढ़ आ गयी और सिकंदर की बहुत सी सेना उसके चपेट में आ गई।

और जब सिकंदर पुरू के राज्य में पहुंचा तो ऐरावत पर बैठे देवराज इंद्र की तरह पुरू स्वयं उसकी प्रतीक्षा कर रहे थे। महाराज पुरू के पास मद बहाते गजराजों की एक विशाल सेना थी जिसे देख कर मैसेडोनिया के अश्वारोही आतंकित हो उठे। जब राजा पुरू की गजसेना यूनानियों का संहार करने लगी तो सिकंदर भय से आक्रांत हो उठा और उसके सैनिक आतंकित हो उठे। गजसेना के अलावा पुरू की सेना में प्रशिक्षित शूल-सेना की टुकड़ी भी थी जो सात सात फुट के पैने भालों का कुशलपूर्वक संधान करने में दक्ष थे। एक एक भाले से तीन तीन योद्धा मर कर गिरने लगे,ऐसा प्रतीत होता रहा था मानों साक्षात देवाधिदेव भगवान शंकर अपना भयंकर त्रिशूल लेकर युद्ध करने को युद्धभूमि में उतर आए हों।

सिकंदर की सेना के सारे बड़े योद्धा हिन्दू सेना के हाथों मारे गए। सेना के पाँव उखड़ता देख सिकंदर अंगरक्षक एवं अंत: प्रतिरक्षा टुकड़ी को लेकर रणक्षेत्र में घुस गया। राजा पुरु के भाई अमर ने सिकंदर का संधान कर के एक भयंकर भाला फेंका, जिससे सिकंदर का घोड़ा बुकिफाइलस वहीं मर गया और सिकंदर भूमि पर लोटने लगा। विश्वविजेता बनने चला सिकंदर भूमि में लोट रहा था, उसके चारों ओर हाथियों पर सवार पुरू की सेना थी। ऐसे दृश्य की यूनानियों ने स्वप्न में भी कल्पना नहीं की थी। राजा पुरू अपनी खड्ग लेकर सिकंदर के पास आए, अगर वो कोई यवन या गैरहिन्दु शासक होते तो पल भर में सिकंदर को वहीं मार डाला होता परंतु क्षत्रिय धर्म का अक्षरशः पालन करने वाला राजा पुरू ने निःशस्त्र सिकंदर को क्षमा दान देते हुए जीवित छोड़ दिया।
अब हम आते हैं उन साक्ष्यों की ओर जो इस बात का सत्यापन करते हैं की सिकंदर ने पुरू को नहीं वरन पुरू ने सिकंदर को पराजित किया था।

पहला साक्ष्य – जब हदैप्सेस अर्थात झेलम का युद्ध समाप्त हुआ तब यूनानी सेना ने एक आनंदोत्सव का आयोजन किया था जहां वे जम कर नाचे गाये थे। यूनानी इतिहासकार भी यह मानते हैं की झेलम का युद्ध सिकंदर के जीवन का सबसे भीषण युद्ध था जहां उसकी अधिकतर सेना मारी गई थी। इसके विपरीत ईरान और इससस के युद्ध में सिकंदर की विजय सम्पूर्ण भी थी और सरल भी। परंतु ईरान और इससस विजय के पश्चात यूनानी सेना ने कोई आनंदोत्सव नहीं किया था। इसका सीधा साधा अर्थ यह है कि जो सेना जीवित बच गई थी वो अत्यंत प्रसन्न थी और इसलिए उत्सव माना रही थी। ये मेरी कल्पना नहीं बल्कि यूनिवरसिटि ऑफ ह्यूस्टन के प्रोफेसर फ्रैंक ली हॉल्ट द्वारा लिखित किताब “Alexander the Great and the Mystery of the Elephant Medallions” में वर्णित है।
दूसरा साक्ष्य जिसका वर्णन हम पहले ही कर चुके हैं – अगर पुरू पराजित हुए तो उनका सिकंदर ने उनका सम्मान क्यों किया, उनका राज्य क्यों लौटा दिया? ये सिकंदर के स्वभाव के सर्वथा विपरीत आचरण था, और इसका सीधा अर्थ यही था कि पुरू पराजित नहीं वरन विजेता थे।

अब आते हैं तीसरे साक्ष्य पर, पुरू से झेलम का युद्ध के उपरांत सिकंदर सेना समेत तुरंत भारत छोड़ कर भाग खड़ा हुआ, यूनानी इतिहासकारों की माने तो वह और उसकी सेना युद्ध से और युद्ध में थक गया था। ये विश्वविजेता के लक्षण तो नहीं प्रतीत होते। सच्चाई यह है कि उसकी सेना आहत और निरुत्साह थी और विरोध के कगार पर थी।

रशिया के महान सेना-नायक मार्शल ग्रेगरी झुकोव ने भी कहा था की माइसेडोनिया की सेना की भारत में लज्जाजनक पराजय हुई थी।
इन साक्ष्यों, संकेतों और कथनों से साफ है की विश्वविजेता बनने का स्वप्न देख रहा सिकंदर भारत में बुरी तरह पराजित हुआ। राजा पुरू और उनकी सेना ने ना केवल उसे पराजित किया बल्कि आगे युद्ध लड़ने का मनोबल भी तोड़ दिया।

परंतु विडम्बना यह है कि पराजित होने के पश्चात भी इतिहास का नायक बना सिकंदर, महान की उपाधि मिली सिकंदर को। सिकंदर के भारतविजय की कथा इस बात का साक्ष्य है कि मिथ्या बारंबार बोलने पर सत्य प्रतीत होने लगती है। अपने योद्धा का गुणगान करने वाले यूनानी इतिहासकारों की सिकंदर के महिमामंडन की मंशा तो हमे समझ आती है परंतु भारतीय इतिहासकारों ने क्यों कभी इस युद्ध के गूढ रहस्यों को जानने का प्रयत्न नहीं किया, क्यों उन्होंने इस मिथ्या को इतिहास बनने दिया, क्यों उन्होंने राजा पुरू की शौर्य गाथा को इतिहास के एक अध्याय के एक परिच्छेद की एक पंक्ति में सीमित कर दिया। प्रश्न कई हैं और उत्तर एक भी नहीं, परंतु आशा करते हैं कि इस अंक को देखने के बाद आप सिकंदर और पुरू को अलग दृष्टि से देखेंगे।

यह थी कहानी एक सनकी के विश्वविजय अभियान की, कहानी एक विश्वासघाती के विश्वासघात की, कहानी सिकंदर के मानमर्दन की, कहानी राजा पुरू के अदम्य शौर्य की, कहानी भारत के स्वर्णिम इतिहास की और कहानी एक मिथ्या की जिसे सब ने सत्य मान लिया है।

Tags: झेलम का युद्धराजा पुरूसिकंदर
शेयर212ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

एंटिगुआ सरकार ने रद्द की मेहुल चोकसी की नागरिकता, जल्द हो सकता है प्रत्यर्पण

अगली पोस्ट

इन सुपरस्टार्स, फिल्म निर्देशकों और लेखकों ने आपातकाल का विरोध कर पेश किया था बड़ा उदाहरण

संबंधित पोस्ट

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी
इतिहास

राम नवमी: दक्षिण एशिया का प्रमुख त्योहार, जानें रामायण के विश्वव्यापी प्रसार की कहानी

26 March 2026

राम नवमी हिंदू पंचांग के सबसे पवित्र त्योहारों में से एक है, जिसे पूरे भारत में भक्ति और भव्यता के साथ मनाया जाता है। लेकिन,...

इंक़लाब भगत सिंह
इतिहास

क्रांति की अपनी एक अलग परिभाषा थी भगत सिंह की

23 March 2026

लिख रहा हूँ मैं अंजाम जिसका कल आग़ाज आयेगा, मेरे लहू का हर एक कतरा इंक़लाब लायेगा। मैं रहूँ या न रहूँ पर यह वादा हैं...

Shahidi Diwas
इतिहास

भगत सिंह के जीवन के अंतिम 12 घंटों की वो कहानी, जो रोंगटे खड़े कर देती है

23 March 2026

लाहौर सेंट्रल जेल में दिनांक 23 मार्च 1931 के दिन का आरम्भ बड़ा ही सामान्य था लेकिन यह दिन तब तक ही सामान्य रहा जब...

और लोड करें

टिप्पणियाँ 1

  1. Ramesh B Bhatia says:
    4 years पहले

    भारत के इतिहासकारों ने कभी भी भारत के विलक्षण बुद्धि के लेखकों को सन्मान नहीं दिया, भगवान राम ने जीती हुयी लंका का राज्य उसके भाई विभीषण को दे दिया. पर उसको कही महान नहीं बताया. पर सिकंदर ने दिया तो सिकंदर महान कहलाया ?
    रामायण और महाभारत तथा गीता ज्ञान जैसी पुस्तकों की कभी सराहना या उनका गुणगान नहीं किया विश्व के इतिहासकारों ने.. उनको काल्पनिक बताते रहे। हमारे भरतीय ज्ञान, कला, संस्कृति को कभी विश्वस्तरीय महानता नहीं मिली।

    Reply

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

Ethanol, EVs and Solar- How India’s Energy Game Is Changing | Modi on LPG & Crude Oil | war| Hormuz

00:05:21

Truth of IRIS Dena: 8 Days That Changed Narrative | War zone Reality, Not an Indian Navy Exercise

00:08:02

300 Million Euros for SCALP: Strategic Necessity or Costly Dependency on France300

00:04:06

Tejas Mk1A: 19th aircraft coupled but Not Delivered: What Is Holding Back the IAF Induction?

00:07:21

Agni-3 Launch Decoded: Why Test an Active Nuclear Missile That’s Already Deployed?

00:05:05
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited