TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा

    पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    बलिदानी हेमू कालानी: एक किशोर क्रांतिकारी के अदम्य साहस और बलिदान की कथा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    BRICS VS G7

    BRICS बनाम G7: क्या दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन बदल चुका है?

    BRICS 2026 VS 2016

    2016 से 2026 तक BRICS में कितना बदलाव आया? 5 देशों के समूह से 11 देशों की ताकत

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    16 साल बाद ट्रेनर तेजस की डिलीवरी! Mk1 से Mk1A तक क्यों उलझता रहा भारत का स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम?

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    SU 57 India Russia

    भारत को Su-57 की जरूरत कितनी? क्या रूस का 5th Gen Fighter भर पाएगा AMCA का गैप?

    Exercise Pitch Black 2026 in Australia and Exercise Udara Shakti 2026 in Malaysia

    पिच ब्लैक से उदारा शक्ति तक: इंडो पैसेफिक में भारतीय वायु सेना का दम

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    The Moon Is Ours’! ट्रंप के दावे के बीच बड़ा सवाल- क्या कोई देश चांद पर कब्जा कर सकता है

    BRICS 2026 में PM Modi, Putin and Xi Jinping

    BRICS Explained: क्या अमेरिकी डॉलर से दूर जा रही है दुनिया ?

    मोहन भागवत ने न्यू यॉर्क के मेडिसिन स्क्वॉयर गार्डन में संबोधित करते हुए हिंदुत्व और हिंदुस्तान की व्यापक अवधारणा को सामने रखा था

    हिंदुत्व का स्पंदन: मोहन भागवत का वैश्विक संदेश

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    सरस्वती धरोहर विकास बोर्‍ के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच सरस्वती के उद्गम स्थल पर

    मोदी के ‘सेवा संकल्प’ को सरस्वती के पुनरुद्धार से जोड़ रहा हरियाणा, ‘आदि बद्री’ से सभ्यता और संस्कृति को सहेजने की मुहिम

    स्त्री भारतीय स्त्री-विमर्श को पश्चिमी प्रतिमानों के अनुकरण से आगे ले जाकर भारतीय ज्ञान परंपरा के भीतर स्त्री की अवधारणा को पुनः देखने का अवसर प्रदान करती है।

    स्त्री: भारतीय स्त्री-विमर्श और नारीत्व की पुनर्परिभाषा

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    हिन्दू समाज के संगठन, सेवा और समरसता की यात्रा: विश्व हिन्दू परिषद्

    Anil Kakodar Uranium, Thorium, Nuclear energy

    दुनिया में बढ़ेगा यूरेनियम संकट, भारत के लिए थोरियम क्यों जरूरी? अनिल काकोदकर का बड़ा बयान

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    भारत में हेयर रिस्टोरेशन: जल्दबाज़ी वाले समाधानों से ज़्यादा ज़रूरी है सही योजना

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    The Basketball Draw Will Rewrite Every Asian Games Forecast

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Why Sports Betting Exploded Among Cricket Fans in India

    Mostbet Casino in the Czech Republic: What Players Actually Get

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अरुण जेटली : भाजपा के सबसे संयमित व सबसे गलत समझे गए नेता अब हमारे बीच नहीं रहे

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
25 August 2019
in चर्चित, राजनीति
अरुण जेटली

PC: indianexpress

Share on FacebookShare on X

पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेताओं में से एक अरुण जेटली का कल यानी शनिवार की दोपहर निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे, और पिछले 2 वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे। जिन राजनेताओं को सबसे निष्ठावान भाजपा समर्थकों से भी आलोचना झेलनी पड़ती थी, अरुण जेटली उन्ही में से एक थे। वर्तमान सरकार के सबसे बड़े संकटमोचकों में से एक और भारत के सबसे अहम व्यक्तियों में से एक होने के बावजूद अरुण जेटली की सत्ता के गलियारों में बिताए गए दिनों के कारण उन्हे एक चालाक अवसरवादी समझा जाने लगा। वे पीएम मोदी के प्रशासनिक बदलावों में कितना काम आए, और भारत के पुनरुत्थान में में इनकी कितनी अहम भूमिका रही, इसके बारे में जब तक भाजपा समर्थकों को समझ में आया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

सितंबर 2017 में जब कैबिनेट मंत्रियों की अदला बदली हुई, तब अरुण जेटली की योग्यता खुलकर सामने आई। मनोहर पर्रिकर को गोवा विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर पुनर्नियुक्त किए जाने के बाद से अरुण जेटली वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का दोहरा पदभार खुद ही संभाल रहे थे। इसी समय कैबिनेट की अदला–बदली के दौरान कई कनिष्ठ मंत्रियों की पदोन्नति हुई, जिनमें ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल रेल मंत्री बने, पेट्रोलियम संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट रैंक दी गयी और कौशल विकास मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार दिया गया और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण को स्वतंत्र भारत की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्त किया गया। हालांकि बहुत कम लोगों को इस बात का ज्ञान होगा कि इन सभी मंत्रियों को अरुण जेटली 2014 से ही सरकार के विभिन्न गतिविधियों और तौर से तरीकों के बारे में प्रशिक्षण देते आ रहे थे।

संबंधितपोस्ट

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

WhatsApp पर जिस ‘लोन माफी’ की चर्चा, जानिए क्या है हकीकत ?

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

और लोड करें

कनिष्ठ मंत्रियों को कुशल मंत्रियों में परिवर्तित करने के अलावा अरुण जेटली ने स्वयं को भी एक कुशल मंत्री के तौर पर सिद्ध किया। मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल से ही उन्होंने वित्त मंत्रालय को कुशलतापूर्वक संभाला और कई प्रशासनिक एवं संस्थागत सुधारों के क्रियान्वयन में एक अहम भूमिका निभाई, जिसके कारण 2014 से एक नियमित स्तर पर देश की आर्थिक वृद्धि संभव हो पायी। वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न एजेंसियों को हर प्रकार की ठगी और वित्तीय घोटालों से निपटने का दायित्व सौंपा गया। अरुण जेटली के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी बहुप्रतीक्षित जीएसटी से देश का परिचय, जिससे समूचे देश के लिए एकमुश्त कर प्रणाली संभव हो सके।

जीएसटी एक ऐसा विचार था जो बहुत वर्षों से चर्चा में था, पर जिसके क्रियान्वयन के लिए एक वित्तीय अथवा तकनीकी बुद्धि से ज़्यादा एक राजनीतिक बुद्धि की सख्त आवश्यकता थी, जिसकी कमी अरुण जेटली ने पूरी की। लगभग हर राज्य सरकार और हर राजनीतिक पार्टी को वे मंच पर लाये और उनकी सभी मांगों को समझते हुये उन्होंने इस अहम सुधार के क्रियान्वयन के लिए उन्हें राज़ी किया। इसके अलावा उनके कार्यकाल में RERA और IBC  जैसे अन्य संस्थागत सुधारों को भी पारित कराया गया।

अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय के साथ दो बार रक्षा मंत्रालय का भी पदभार संभाला था, जिसमें उन्होंने कई रक्षा संबंधी अधिग्रहण पर अपनी मुहर लगाई, जो यूपीए सरकार में मानो थम सी गयी थी। दूसरे कार्यकाल में बतौर रक्षा मंत्री उनकी छवि में और इजाफा हुआ, क्योंकि इनके कार्यकाल में कश्मीर मुद्दे पर सरकार के रुख में व्यापक बदलाव देखे गए। पहले कश्मीर में घटनाओं से निपटते वक्त सेना के हाथ बंधे हुये रहते थे। परंतु ‘राजनीतिक शिष्टाचार’ की बेड़ियों से सेना को मुक्त कराने में अरुण जेटली ने भी एक अहम भूमिका निभाई। सेना को घाटी में अलगाववाद पर घातक प्रहार करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गयी, और इस समय सीमा में सेना ने इस तरह से आतंकियों को दुम दबाकर भागने पर विवश किया, जिसे न पहले कभी देखा गया, न सोचा गया था।

जेटली जी के कार्यकाल में ही भारतीय सेना ने डोकलाम में चीनी सेना की गुंडई के सामने भी अडिग खड़ी रही। जब चीन ने भूटान और चीन के बीच इस विवादास्पद क्षेत्र में सड़क के निर्माण का निर्णय लिया, तो इसके विरोध में भारतीय सेना आगे आई और लगभग दो महीनों तक दोनों सेनाओं में से कोई भी टस से मस नहीं हुआ। चीन को लगा कि उसके गीदड़ भभकियों से एक बार फिर सभी डरकर पीछे हट जाएंगे, लेकिन भारत ने डरना तो दूर की बात, उल्टे चीन के नापाक इरादों को सबके सामने उजागर करके रख दिया। जिस तरह से सेना अपने स्थान पर अडिग रही, उसमें भी अरुण जेटली और उनके विश्वसनीय अफसरों की एक अहम भूमिका थी।

राजनीतिक स्तर पर जेटली जी भले ही 2014 में लोकसभा चुनाव हार गए थे, परंतु यहाँ भी उन्होंने भाजपा के उद्धार में एक अहम भूमिका निभाई। नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश से पहले अरुण जेटली भाजपा और उसके सहयोगी दल जदयू में मध्यस्थ की भूमिका निभाते थे। नितीश कुमार अरुण जेटली से बराबर संपर्क में बने रहते थे और जदयू के भाजपा से अनबन होने के बाद भी वे अरुण जेटली से संपर्क में बने हुये थे।

जुलाई 2017 में अचानक आधी रात को राजद से संबंध तोड़कर दोबारा से बिहार सरकार का गठन हुआ, इसमें आज भी कई विद्वानों में मतभेद हो सकता है, परंतु अधिकांश मीडिया रिपोर्ट्स इस बात पर एकमत है कि ये नितीश कुमार और अरुण जेटली के मधुर सम्बन्धों का ही परिणाम था कि नरेंद्र मोदी के सबसे कट्टर विरोधियों में से एक रह चुके नितीश कुमार को एक बार फिर एनडीए में शामिल करा लिया गया।

यहाँ पर भला हम अरविंद केजरीवाल का किस्सा कैसे भूल सकते हैं? अरविंद केजरीवाल जिस हिट एंड रन राजनीति के लिए पूरे भारत में कुख्यात थे, उस पर लगाम लगाने में अरुण जेटली द्वारा दायर किया गया मानहानि का केस एक अहम पड़ाव बना। जिस तरह ये केस आगे बढ़ा, उसने न केवल दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री केजरीवाल को बैकफुट पर धकेल दिया, बल्कि एक उदयमान पार्टी की वास्तविक मानसिकता को सबके समक्ष उजागर करके छोड़ दिया। कभी भाजपा और काँग्रेस के बाद राष्ट्रीय विकल्प समझी जाने वाली आम आदमी पार्टी आज अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। इस बात से केजरीवाल जैसे नेताओं को एक सीख अवश्य मिली होगी : भारतीय राजनीति में यदि टिकना है, तो किसी और से भिड़ लो, परंतु अरुण जेटली से कभी नहीं।

शायद इसी राजनीतिक सूझबूझ और सही कार्य को सही जगह लागू करने के कारण पीएम मोदी ने अरुण जेटली को अपने वित्त मंत्री के तौर पर चुना था। जेटली का रक्षा मंत्रालय रिक्त पड़ने पर पदभार इसी बात का सूचक है कि पीएम मोदी का उन पर कितना अटूट विश्वास था। ऐसा हर दिन नहीं होता कि आपको एक ऐसे व्यक्ति से मिलने का सौभाग्य हो जो हर अहम प्रस्तावों को पारित करा सके, जो विश्व स्तरीय प्रशासक तैयार कर सके और जो देश के प्रशासन के हर अहम मुद्दे को बिना किसी परेशानी के आसानी से सुलझा सके।

जेटली जी, आप बहुत याद आओगे! ॐ शांति!

Tags: अरुण जेटलीबीजेपीभाजपारक्षा मंत्रीवित्त मंत्रालयवित्त मंत्री
शेयर1ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

आज तक की पत्रकार मौसमी सिंह ने खेला विक्टिम कार्ड, TRP के लिए लगाया सेना के जवानों पर गंभीर आरोप

अगली पोस्ट

पहले दीया जलाने से मना किया और अब टिकट विवाद, CM रेड्डी का हिंदू विरोध सिर चढ़कर बोल रहा है

संबंधित पोस्ट

टाटा सन्स में फिर बड़ा फैसला: 5 साल और चेयरमैन रहेंगे एन. चंद्रशेखरन, अब Tata Group में क्या बदलेगा?
चर्चित

Tata Sons Row: चंद्रशेखरन परिवार का TVS Motor से क्या कनेक्शन? ₹60 करोड़ के लोन से उठे हितों के टकराव के सवाल

23 September 2026

टाटा समूह के भीतर चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की दोबारा नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद में अब एक नया कारोबारी कनेक्शन सामने आया है। चंद्रशेखरन...

Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान
चर्चित

Trump का IMEC पर बड़ा दांव: ईरान को बायपास कर बदलेगा भारत-यूरोप का रास्ता? क्या है पूरा प्लान

23 September 2026

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे यानी IMEC के लिए समर्थन जताते हुए पश्चिम एशिया की ऊर्जा व्यवस्था को ऐसे रास्तों पर...

पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा
चर्चित

पीएम मोदी दिसंबर में जा सकते हैं कनाडा, भारत-कनाडा ट्रेड डील को साल के अंत तक पूरा करने की तैयारी

23 September 2026

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा कि पीएम मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा कर सकते हैं। दोनों देशों के बीच लंबे...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

India-Russia Relations: Putin की रणनीति और भारत के लिए आगे क्या? | Maj Gen Deepak Mehra (Retd)

00:12:10

The Su-57 Question: Is India Taking a Huge Risk by Waiting for AMCA only ? IAF | Stealth fighter

00:05:37

Beginning Of Saudi Arabia's End ? A Case Study...

00:16:00

₹2 Crore Film, ₹143 Crore Hit: The ‘Hanuman Ansh’ Box Office Shock

00:02:46

Who Is Major Rishabh Sambhyal? The Army Officer Who Became a Social Media Sensation

00:03:34
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited