TFIPOST English
TFIPOST Global
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
tfipost.in
  • राजनीति
    • सभी
    • चर्चित
    • बिहार डायरी
    • मत
    • समीक्षा
    बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक

    मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट

    थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

    र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है

    धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

    नितिन नबीन

    स्टूडेंट प्रोटेस्ट के बीच BJP का बड़ा प्लान: युवाओं तक पहुंचेगी पार्टी, सांसदों-विधायकों को मिला विशेष जिम्मा

    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • सभी
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
    Bihar Liquor Ban NCAER REPORT

    Bihar Liquor Ban: बिहार को फायदा हुआ या नुकसान? NCAER रिपोर्ट ने उठाए सवाल

    Indian Economy Under Modi Govt Since 2014

    12 साल, 22 सेक्टर और एक तस्वीर: क्या भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर सचमुच बदल गया?

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन

    भारत-जापान शिखर सम्मेलन: पीएम मोदी और जापानी पीएम सनाए ताकाइची ने आर्थिक सुरक्षा, तकनीक और रक्षा सहयोग को दी नई दिशा

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    India’s Infrastructure Boom: What It Means for Businesses and Citizens

    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • सभी
    • आयुध
    • रणनीति
    म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग 30 जून से 3 जुलाई 2026 तक भारत दौर पर थे

    म्यांमार के रेयर अर्थ खनिज, भारत की रणनीति और चीन की चुनौती

    INS 'निपुण' भारतीय नौसेना का दूसरा स्वदेशी Diving Support Vessel (DSV)।

    INS निपुण: नेवी के बेड़े में शामिल होने वाला ये डाइविंग सपोर्ट वेसल इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव

    भारतीय सेना का बड़ा बदलाव: पहले इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स से बदलेगी युद्ध की रणनीति

    ब्रह्मोस मिसाइल

    ब्रह्मोस मिसाइल के जरिए बढ़ी भारत की रक्षा ताकत, वियतनाम से समझौता, इंडोनेशिया के साथ सौदा अंतिम चरण में

    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • सभी
    • AMERIKA
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग

    अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में घर के अंदर अंधाधुंध फायरिंग, कई लोगों की मौत; जांच में जुटी पुलिस

    क्या यूरोप पर 'आक्रमण' शुरू हो चुका है

    क्या यूरोप पर ‘आक्रमण’ शुरू हो चुका है? स्यूटा से उठ रहे वे सवाल जिन्हें अब यूरोप नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर,

    डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे पर लगी मुहर, मार्को रुबियो बोले- जल्द आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा

    अमेरिका-ईरान समझौते का दावा: ट्रंप ने संघर्ष खत्म होने और होर्मुज़ जलडमरूमध्य खुलने की घोषणा की

    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • सभी
    • इतिहास
    • संस्कृति
    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद

    तिरुपति बालाजी की पहली आरती पर विवाद, कर्नाटक सरकार बदलना चाहती है पुराना नियम

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    दिल्ली की एक शाम: जैसे दो घंटे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ बिताए हों

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद

    राम मंदिर चढ़ावा विवाद: महंत धर्मदास बोले- अयोग्य लोगों को जिम्मेदारी देने से हुई गड़बड़ी, देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील

    शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक

    ऑपरेशन सिंदूर: शहीद हुए 6 जवानों के नाम पहली बार सार्वजनिक, राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर हमेशा के लिए दर्ज

    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • सभी
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    ऑनलाइन वीडियो देखने की आदतें कैसे बदल रही हैं: स्ट्रीमिंग से ऑफलाइन एक्सेस तक

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    बिना किसी ऐप के Instagram वीडियो और फोटो कैसे डाउनलोड करें

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    गेमिंग और हमारे देश के नौजवानों का नया रिश्ता: मस्ती से लेकर कमाई तक का पूरा चक्कर

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    Rivalries in Cricket That Still Grab the Globe’s Attention

    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
tfipost.in
tfipost.in
कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
  • अर्थव्यवस्था
  • रक्षा
  • विश्व
  • ज्ञान
  • बैठक
  • प्रीमियम

अरुण जेटली : भाजपा के सबसे संयमित व सबसे गलत समझे गए नेता अब हमारे बीच नहीं रहे

Animesh Pandey द्वारा Animesh Pandey
25 August 2019
in चर्चित, राजनीति
अरुण जेटली

PC: indianexpress

Share on FacebookShare on X

पूर्व वित्त मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेताओं में से एक अरुण जेटली का कल यानी शनिवार की दोपहर निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे, और पिछले 2 वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे। जिन राजनेताओं को सबसे निष्ठावान भाजपा समर्थकों से भी आलोचना झेलनी पड़ती थी, अरुण जेटली उन्ही में से एक थे। वर्तमान सरकार के सबसे बड़े संकटमोचकों में से एक और भारत के सबसे अहम व्यक्तियों में से एक होने के बावजूद अरुण जेटली की सत्ता के गलियारों में बिताए गए दिनों के कारण उन्हे एक चालाक अवसरवादी समझा जाने लगा। वे पीएम मोदी के प्रशासनिक बदलावों में कितना काम आए, और भारत के पुनरुत्थान में में इनकी कितनी अहम भूमिका रही, इसके बारे में जब तक भाजपा समर्थकों को समझ में आया, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

सितंबर 2017 में जब कैबिनेट मंत्रियों की अदला बदली हुई, तब अरुण जेटली की योग्यता खुलकर सामने आई। मनोहर पर्रिकर को गोवा विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री के तौर पर पुनर्नियुक्त किए जाने के बाद से अरुण जेटली वित्त मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय का दोहरा पदभार खुद ही संभाल रहे थे। इसी समय कैबिनेट की अदला–बदली के दौरान कई कनिष्ठ मंत्रियों की पदोन्नति हुई, जिनमें ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल रेल मंत्री बने, पेट्रोलियम संसाधन मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को कैबिनेट रैंक दी गयी और कौशल विकास मंत्रालय का अतिरिक्त पदभार दिया गया और वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण को स्वतंत्र भारत की पहली पूर्णकालिक महिला रक्षा मंत्री के तौर पर नियुक्त किया गया। हालांकि बहुत कम लोगों को इस बात का ज्ञान होगा कि इन सभी मंत्रियों को अरुण जेटली 2014 से ही सरकार के विभिन्न गतिविधियों और तौर से तरीकों के बारे में प्रशिक्षण देते आ रहे थे।

संबंधितपोस्ट

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

WhatsApp पर जिस ‘लोन माफी’ की चर्चा, जानिए क्या है हकीकत ?

धर्मेंद्र प्रधान का संसद में सम्मान के साथ स्वागत, NDA ने दिया एकजुटता का संदेश; इस्तीफे के बाद पहली बार पहुंचे संसद

और लोड करें

कनिष्ठ मंत्रियों को कुशल मंत्रियों में परिवर्तित करने के अलावा अरुण जेटली ने स्वयं को भी एक कुशल मंत्री के तौर पर सिद्ध किया। मोदी सरकार के प्रथम कार्यकाल से ही उन्होंने वित्त मंत्रालय को कुशलतापूर्वक संभाला और कई प्रशासनिक एवं संस्थागत सुधारों के क्रियान्वयन में एक अहम भूमिका निभाई, जिसके कारण 2014 से एक नियमित स्तर पर देश की आर्थिक वृद्धि संभव हो पायी। वित्त मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले विभिन्न एजेंसियों को हर प्रकार की ठगी और वित्तीय घोटालों से निपटने का दायित्व सौंपा गया। अरुण जेटली के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक थी बहुप्रतीक्षित जीएसटी से देश का परिचय, जिससे समूचे देश के लिए एकमुश्त कर प्रणाली संभव हो सके।

जीएसटी एक ऐसा विचार था जो बहुत वर्षों से चर्चा में था, पर जिसके क्रियान्वयन के लिए एक वित्तीय अथवा तकनीकी बुद्धि से ज़्यादा एक राजनीतिक बुद्धि की सख्त आवश्यकता थी, जिसकी कमी अरुण जेटली ने पूरी की। लगभग हर राज्य सरकार और हर राजनीतिक पार्टी को वे मंच पर लाये और उनकी सभी मांगों को समझते हुये उन्होंने इस अहम सुधार के क्रियान्वयन के लिए उन्हें राज़ी किया। इसके अलावा उनके कार्यकाल में RERA और IBC  जैसे अन्य संस्थागत सुधारों को भी पारित कराया गया।

अरुण जेटली ने वित्त मंत्रालय के साथ दो बार रक्षा मंत्रालय का भी पदभार संभाला था, जिसमें उन्होंने कई रक्षा संबंधी अधिग्रहण पर अपनी मुहर लगाई, जो यूपीए सरकार में मानो थम सी गयी थी। दूसरे कार्यकाल में बतौर रक्षा मंत्री उनकी छवि में और इजाफा हुआ, क्योंकि इनके कार्यकाल में कश्मीर मुद्दे पर सरकार के रुख में व्यापक बदलाव देखे गए। पहले कश्मीर में घटनाओं से निपटते वक्त सेना के हाथ बंधे हुये रहते थे। परंतु ‘राजनीतिक शिष्टाचार’ की बेड़ियों से सेना को मुक्त कराने में अरुण जेटली ने भी एक अहम भूमिका निभाई। सेना को घाटी में अलगाववाद पर घातक प्रहार करने के लिए एक निश्चित समय सीमा दी गयी, और इस समय सीमा में सेना ने इस तरह से आतंकियों को दुम दबाकर भागने पर विवश किया, जिसे न पहले कभी देखा गया, न सोचा गया था।

जेटली जी के कार्यकाल में ही भारतीय सेना ने डोकलाम में चीनी सेना की गुंडई के सामने भी अडिग खड़ी रही। जब चीन ने भूटान और चीन के बीच इस विवादास्पद क्षेत्र में सड़क के निर्माण का निर्णय लिया, तो इसके विरोध में भारतीय सेना आगे आई और लगभग दो महीनों तक दोनों सेनाओं में से कोई भी टस से मस नहीं हुआ। चीन को लगा कि उसके गीदड़ भभकियों से एक बार फिर सभी डरकर पीछे हट जाएंगे, लेकिन भारत ने डरना तो दूर की बात, उल्टे चीन के नापाक इरादों को सबके सामने उजागर करके रख दिया। जिस तरह से सेना अपने स्थान पर अडिग रही, उसमें भी अरुण जेटली और उनके विश्वसनीय अफसरों की एक अहम भूमिका थी।

राजनीतिक स्तर पर जेटली जी भले ही 2014 में लोकसभा चुनाव हार गए थे, परंतु यहाँ भी उन्होंने भाजपा के उद्धार में एक अहम भूमिका निभाई। नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश से पहले अरुण जेटली भाजपा और उसके सहयोगी दल जदयू में मध्यस्थ की भूमिका निभाते थे। नितीश कुमार अरुण जेटली से बराबर संपर्क में बने रहते थे और जदयू के भाजपा से अनबन होने के बाद भी वे अरुण जेटली से संपर्क में बने हुये थे।

जुलाई 2017 में अचानक आधी रात को राजद से संबंध तोड़कर दोबारा से बिहार सरकार का गठन हुआ, इसमें आज भी कई विद्वानों में मतभेद हो सकता है, परंतु अधिकांश मीडिया रिपोर्ट्स इस बात पर एकमत है कि ये नितीश कुमार और अरुण जेटली के मधुर सम्बन्धों का ही परिणाम था कि नरेंद्र मोदी के सबसे कट्टर विरोधियों में से एक रह चुके नितीश कुमार को एक बार फिर एनडीए में शामिल करा लिया गया।

यहाँ पर भला हम अरविंद केजरीवाल का किस्सा कैसे भूल सकते हैं? अरविंद केजरीवाल जिस हिट एंड रन राजनीति के लिए पूरे भारत में कुख्यात थे, उस पर लगाम लगाने में अरुण जेटली द्वारा दायर किया गया मानहानि का केस एक अहम पड़ाव बना। जिस तरह ये केस आगे बढ़ा, उसने न केवल दिल्ली के वर्तमान मुख्यमंत्री केजरीवाल को बैकफुट पर धकेल दिया, बल्कि एक उदयमान पार्टी की वास्तविक मानसिकता को सबके समक्ष उजागर करके छोड़ दिया। कभी भाजपा और काँग्रेस के बाद राष्ट्रीय विकल्प समझी जाने वाली आम आदमी पार्टी आज अपने अस्तित्व को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। इस बात से केजरीवाल जैसे नेताओं को एक सीख अवश्य मिली होगी : भारतीय राजनीति में यदि टिकना है, तो किसी और से भिड़ लो, परंतु अरुण जेटली से कभी नहीं।

शायद इसी राजनीतिक सूझबूझ और सही कार्य को सही जगह लागू करने के कारण पीएम मोदी ने अरुण जेटली को अपने वित्त मंत्री के तौर पर चुना था। जेटली का रक्षा मंत्रालय रिक्त पड़ने पर पदभार इसी बात का सूचक है कि पीएम मोदी का उन पर कितना अटूट विश्वास था। ऐसा हर दिन नहीं होता कि आपको एक ऐसे व्यक्ति से मिलने का सौभाग्य हो जो हर अहम प्रस्तावों को पारित करा सके, जो विश्व स्तरीय प्रशासक तैयार कर सके और जो देश के प्रशासन के हर अहम मुद्दे को बिना किसी परेशानी के आसानी से सुलझा सके।

जेटली जी, आप बहुत याद आओगे! ॐ शांति!

Tags: अरुण जेटलीबीजेपीभाजपारक्षा मंत्रीवित्त मंत्रालयवित्त मंत्री
शेयर1ट्वीटभेजिए
पिछली पोस्ट

आज तक की पत्रकार मौसमी सिंह ने खेला विक्टिम कार्ड, TRP के लिए लगाया सेना के जवानों पर गंभीर आरोप

अगली पोस्ट

पहले दीया जलाने से मना किया और अब टिकट विवाद, CM रेड्डी का हिंदू विरोध सिर चढ़कर बोल रहा है

संबंधित पोस्ट

बीजेपी हेडऑफिस में पार्टी के महामंत्री (संगठन) बी.एल.संतोष की अध्यक्षता में त्रिपुरा की बैठक
चर्चित

मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ बीजेपी आलाकमान की बैठकों का दौर, कामकाज की समीक्षा के साथ जवाबदेही तय करने पर जोर

7 August 2026

बड़ी ख़बर दिल्ली से है, जहां बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा की टॉप लीडरशिप के साथ अहम बैठकें की हैं। सूत्रों की...

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट
चर्चित

थाइलैंड से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस, कई यात्री घायल

4 August 2026

एअर इंडिया की थाइलैंड के फुकेत से दिल्ली आ रही एक उड़ान सोमवार को अचानक आए तेज टर्बुलेंस की चपेट में आ गई। टर्बुलेंस इतना...

र्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है
चर्चित

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है, बोलें- जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटूंगा

25 July 2026

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट के पेपर लीक विवाद ने आखिरकार एक बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। पिछले कई हफ्तों से...

और लोड करें

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

I agree to the Terms of use and Privacy Policy.
This site is protected by reCAPTCHA and the Google Privacy Policy and Terms of Service apply.

इस समय चल रहा है

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

Rigvedic Names in Denmark? Nick Collins on India’s Forgotten Links With Europe

00:32:39

INS NIPUN: MEET INDIA’S NEW DSV

00:03:05

POJK ERUPTS IN PROTEST

00:02:53

The Indian Air Force Mission That Broke Pakistan's Backbone at Tiger Hill | Op Safed Sagar

00:58:34

Pakistan’s Plebiscite Claim: The Missing Context of the UN Framework

00:03:23
फेसबुक एक्स (ट्विटर) इन्स्टाग्राम यूट्यूब
टीऍफ़आईपोस्टtfipost.in
हिंदी खबर - आज के मुख्य समाचार - Hindi Khabar News - Aaj ke Mukhya Samachar
  • About us
  • Careers
  • Brand Partnerships
  • उपयोग की शर्तें
  • निजता नीति
  • साइटमैप

©2026 TFI Media Private Limited

कोई परिणाम नहीं मिला
सभी परिणाम देखें
  • राजनीति
    • चर्चित
    • मत
    • समीक्षा
  • अर्थव्यवस्था
    • वाणिज्य
    • व्यवसाय
  • रक्षा
    • आयुध
    • रणनीति
  • विश्व
    • अफ्रीका
    • अमेरिकाज़
    • एशिया पैसिफिक
    • यूरोप
    • वेस्ट एशिया
    • साउथ एशिया
  • ज्ञान
    • इतिहास
    • संस्कृति
  • बैठक
    • खेल
    • चलचित्र
    • तकनीक
    • भोजन
    • व्यंग
    • स्वास्थ्य
  • प्रीमियम
TFIPOST English
TFIPOST Global

©2026 TFI Media Private Limited